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  • योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर

    योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर


    मध्यप्रदेश । मंदसौर के नूतन स्टेडियम में रविवार को International Yoga Day 2026 के अवसर पर भव्य जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसके तहत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता और कलेक्टर अदिति गर्ग उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी योगाभ्यास में भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता में दिए गए योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के योग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया।

    इस आयोजन की विशेषता यह रही कि जैन संत प्रणमय सागर ने स्वयं मंच पर योगासन कराए और उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक संतुलन का भी साधन है।

    योगाभ्यास के बाद सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।

    सांसद सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद और महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों में योग का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे आधुनिक समय में वैश्विक पहचान मिली है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 के बाद योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और आज करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।

    सांसद ने किसानों से जैविक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की भी अपील की, यह कहते हुए कि “जब भूमि स्वस्थ होगी तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।”

    कुल मिलाकर, मंदसौर का यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश का भी सुंदर समावेश देखने को मिला।

  • मंदसौर के फतेहगढ़ में फोरलेन पर स्क्रैप लदा वाहन पलटा, बड़ा हादसा टला

    मंदसौर के फतेहगढ़ में फोरलेन पर स्क्रैप लदा वाहन पलटा, बड़ा हादसा टला


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में सोमवार को एक सड़क हादसा उस समय हो गया जब स्क्रैप से भरा एक लोडिंग वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया। यह घटना फतेहगढ़ क्षेत्र में महू–नीमच फोरलेन हाईवे पर हुई।

    जानकारी के अनुसार, वाहन क्रमांक MP13 GA 3596 दलौदा से स्क्रैप सामग्री लेकर फतेहगढ़ स्थित टीएमटी फैक्ट्री की ओर जा रहा था। रास्ते में अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया, जिसके बाद लोडिंग वाहन सड़क पर पलट गया।

    वाहन में भारी मात्रा में स्क्रैप भरा होने के कारण पलटने के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई और यातायात प्रभावित हुआ।

    हादसे के समय चालक कालू वाहन में ही मौजूद था, जिसे इस दुर्घटना में मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसकी मदद की। राहत की बात यह रही कि चालक गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और उसकी जान बच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए वाहन को हटाया गया और सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया, जिससे हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय आसपास कोई अन्य वाहन मौजूद नहीं था, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।

    बताया जा रहा है कि वाहन वसीम नामक व्यक्ति का है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर चालक का नियंत्रण खोना ही हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

  • बीड़ी नहीं दी तो युवक पर चाकू से हमला, मंदसौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप

    बीड़ी नहीं दी तो युवक पर चाकू से हमला, मंदसौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप


    मध्य प्रदेश । मंदसौर जिले के दलौदा कस्बे में शनिवार रात एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बीड़ी मांगने और उसे देने से इनकार करने के बाद शुरू हुई कहासुनी चाकूबाजी तक पहुंच गई। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कुमारवाड़ा निवासी 23 वर्षीय विजय नाथ शनिवार रात दलौदा कृषि उपज मंडी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर चाय पीने गया था। इसी दौरान वहां सिराज नामक युवक भी पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, सिराज ने विजय से बीड़ी मांगी, लेकिन विजय ने उसे बीड़ी देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में मामूली कहासुनी के रूप में शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में उग्र हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर सिराज ने विजय पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान विजय ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसके हाथ में गंभीर चोट लग गई। घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भीड़ एकत्र हो गई।

    स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवक की मदद की और उसे दलौदा थाने पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी चोटों का इलाज किया। परिजनों के मुताबिक, चाकू का वार काफी गहरा था, जिसके कारण घायल युवक के हाथ में सात से आठ टांके लगाने पड़े। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद की वजह बीड़ी मांगने और उसे देने से इनकार करना था। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।

    एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती आक्रामकता किस तरह गंभीर अपराधों का रूप ले रही है। सामाजिक स्तर पर भी ऐसे मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि मामूली विवादों का हिंसा में बदलना कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है। वहीं घायल युवक के परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • नदी में पहुंचे प्लास्टिक कचरे पर चला सफाई अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    नदी में पहुंचे प्लास्टिक कचरे पर चला सफाई अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश


    मध्य प्रदेश । मंदसौर में शिवना नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर चल रहा जनअभियान लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में संचालित शिवना शुद्धिकरण अभियान रविवार को अपने 128वें दिन में प्रवेश कर गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रमदानियों, समाजसेवियों और पर्यावरण प्रेमियों ने नदी तट पर पहुंचकर सफाई कार्य में हिस्सा लिया और नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया।

    हाल ही में हुई बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ बहकर शिवना नदी में पहुंच गए थे। नदी के किनारों और उथले हिस्सों में यह कचरा जमा हो गया था, जिससे नदी की स्वच्छता और प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होने लगा था। इसी को ध्यान में रखते हुए रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया।

    श्रमदानियों ने नदी में उतरकर प्लास्टिक कचरा, गाद और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला। कई घंटों तक चले इस अभियान के दौरान लगभग एक ट्रॉली कचरा एकत्र किया गया। इसके बाद एकत्रित अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, ताकि दोबारा यह सामग्री नदी या आसपास के क्षेत्रों को प्रदूषित न कर सके।

    अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि शिवना नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि मंदसौर की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसकी स्वच्छता और संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लगातार हो रहे श्रमदान से न केवल नदी का स्वरूप बदल रहा है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।

    अभियान के दौरान मौजूद सोनाली जैन ने बताया कि शिवना शुद्धिकरण अभियान का उद्देश्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले इस अभियान में शामिल होकर अपने शहर और नदी के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।

    रविवार को आयोजित श्रमदान में विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। अभियान में हेमराज खाबिया, रमेश सोनी, सुरेश सेजपुरिया, रफत पयामी, इष्टा भाचावत, सुनीता बंडी, राखी सत्रावाला, कौशल्या त्रिवेदी, सुनीता माली, राजनारायण लाड़, विकास दशोरा, अंसार मेव, ऋषिराज लाड़ और कनिष्क सोनी सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे।

    लगातार 128 दिनों से बिना रुके चल रहा यह अभियान अब केवल सफाई कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सफल मॉडल बनता जा रहा है। श्रमदानियों के समर्पण और नागरिकों के सहयोग से शिवना नदी के तटों पर स्वच्छता और सुंदरता लौटती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग भी इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल मान रहे हैं।

    शिवना शुद्धिकरण अभियान यह संदेश दे रहा है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर किसी लक्ष्य के लिए कार्य करें, तो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण सुधार की दिशा में उल्लेखनीय बदलाव संभव है।

  • मंदसौर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत: पलवई फंटे पर देर रात हादसा, 2 लोग गंभीर घायल

    मंदसौर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत: पलवई फंटे पर देर रात हादसा, 2 लोग गंभीर घायल


    मंदसौर। जिले के पलवई फंटे पर मंगलवार देर रात करीब 11:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी वाहनों की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

    दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल
    हादसे में घायल पहले बाइक सवार की पहचान हेमंत शर्मा (50 वर्ष), पिता रामगोपाल शर्मा, निवासी गुर्जरबर्डिया के रूप में हुई है। वह अपने गांव से बासाखेड़ी की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक को सुनील दमामी (40 वर्ष), पिता मांगीलाल, निवासी नेतावली चला रहे थे, जो गुर्जरबर्डिया की ओर जा रहे थे। पलवई फंटे के मोड़ पर दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

    टक्कर के बाद सड़क पर गिरे सवार, मचा हड़कंप
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार हवा में उछलकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। दोनों घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर लिया है।

    सिर में गंभीर चोटें, कई टांके लगाए गए
    डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। सिर में गहरे घाव होने के कारण कई टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल दोनों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

    स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल
    इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलवई फंटे पर रात के समय अक्सर अंधेरा और मोड़ के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है।

  • दवा स्टॉक में गड़बड़ी की आशंका, औचक निरीक्षण में रिकॉर्ड खंगाले गए

    दवा स्टॉक में गड़बड़ी की आशंका, औचक निरीक्षण में रिकॉर्ड खंगाले गए


    मध्य प्रदेश । मंदसौर जिले में दवाओं के सुरक्षित, पारदर्शी और नियमानुसार विक्रय को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औषधि विभाग ने अपनी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को बीपीएल चौराहा क्षेत्र स्थित कई मेडिकल संस्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिससे दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों में मौजूद दवाओं के स्टॉक, उनकी एक्सपायरी डेट, तथा नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की गहन जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि शेड्यूल-एच1 श्रेणी की दवाओं का रिकॉर्ड नियमों के अनुसार संधारित किया जा रहा है या नहीं।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए, रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश
    निरीक्षण के दौरान बीपीएल चौराहा स्थित श्रीजी मेडिकल से दवाओं के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इसके साथ ही सिटी मेडिकल और वीर फार्मा को निर्देश दिया गया है कि वे शेड्यूल-एच1 दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े सभी रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर संबंधित संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने मौके पर मौजूद सभी मेडिकल संचालकों को स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए।

    सीतामऊ में पहले मिली थीं अनियमितताएं, दो मेडिकल फर्मों को नोटिस
    सीएमएचओ डॉ. चौहान ने बताया कि इससे पहले सीतामऊ तहसील में किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के आधार पर पूजा मेडिकोज और मां आशापुरा मेडिकल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे प्राप्त जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    नशे के रूप में दवाओं के दुरुपयोग पर सख्ती
    औषधि विभाग द्वारा सीतामऊ तहसील के सभी मेडिकल संचालकों की एक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाए और बिना चिकित्सकीय परामर्श किसी भी दवा का वितरण न किया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी मेडिकल स्टोर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

    निगरानी और निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा
    सीएमएचओ ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य अवैध दवा कारोबार और दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना है। साथ ही दवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना भी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलेभर में इस तरह के औचक निरीक्षण और निगरानी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

  • कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका

    कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में महू-नीमच हाईवे पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग से जा टकराई। हादसे में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा करीब रात 12 बजे चौपाटी इलाके के पास हुआ। कार नीमच से मंदसौर की ओर आ रही थी, तभी चालक ने तेज रफ्तार में नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे डिवाइडर की रेलिंग में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में सवार दोनों युवक सुवासरा के रहने वाले थे। हादसे के बाद वे बुरी तरह वाहन में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।

    घायलों की पहचान सुवासरा निवासी कालू सिंह और प्रताप सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर टोल एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और दोनों युवकों के नशे में होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    हादसे के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को पुलिस थाने भिजवाया गया है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल, ड्राइवर मौके से फरार

    सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल, ड्राइवर मौके से फरार


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में बेलारा और पलेवना गांव के बीच शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय किसान पर्वत लाल (निवासी कामलिया) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वंदना गोड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    जानकारी के मुताबिक, वंदना गोड़ ड्यूटी खत्म कर मंदसौर लौट रही थीं। रास्ते में उन्हें गांव के किसान पर्वत लाल मिले, जिन्होंने लिफ्ट देने की बात स्वीकार की और दोनों एक ही बाइक से रवाना हुए। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    बताया जा रहा है कि जैसे ही बाइक बेलारा और पलेवना के बीच पहुंची, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि किसान सड़क पर गिर पड़े और ट्रक का पहिया उनके चेहरे के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वंदना गोड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसान को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला का इलाज जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था और नशे की हालत में होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के बाद चालक ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

    पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच पिपलियामंडी थाना पुलिस कर रही है।

  • मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने

    मंदसौर मर्डर मिस्ट्री पत्नी और प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश हत्या के बाद खुद ही पहुंच गए थाने


    मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर चालाकी से उसे गुमशुदा दिखाने की कोशिश की।

    जानकारी के अनुसार आरोपी पंकज चौधरी और मृतक की पत्नी धापुबाई के बीच पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस संबंध की जानकारी जब पति धनराज नाथ को लगी तो उसने इसका विरोध किया और पत्नी को कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन यह बात दोनों को नागवार गुजरी और उन्होंने रास्ते से हटाने के लिए धनराज की हत्या की साजिश रच डाली।

    योजना के तहत 10 अप्रैल की शाम पंकज चौधरी मोटरसाइकिल से धनराज के घर पहुंचा और उसे भरोसे में लेकर अपने साथ खेत पर ले गया। वहां पहुंचकर उसने पहले उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए उसने शव के टुकड़े किए और पेट्रोल पंप से डीजल लाकर उसे जला दिया।

    इतना ही नहीं आरोपी ने शव को बोरे में भरकर जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर खेत में दफना दिया ताकि किसी को भनक न लगे। हत्या के बाद भी दोनों आरोपियों ने अपनी चालाकी जारी रखी और भानपुरा थाने पहुंचकर खुद ही धनराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी ताकि शक से बचा जा सके।

    हालांकि तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने जब जांच तेज की और मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल खंगाले तो मामला संदिग्ध लगा। सख्त पूछताछ में पंकज चौधरी ने आखिरकार हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस खेत तक पहुंची और वहां से शव के अवशेष बरामद किए गए। मौके पर एफएसएल टीम ने भी जांच की और साक्ष्य एकत्रित किए गए।

    घटना का खुलासा होते ही मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गरोठ भानपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजन आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की गहन जांच की मांग पर अड़े रहे। करीब 8 घंटे तक चला यह प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।

    पुलिस ने इस मामले में पंकज चौधरी और धापुबाई के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है बल्कि यह भी दिखाती है कि निजी रिश्तों में उपजे विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं।

  • पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

    पीपल के पेड़ से उड़ा मधुमक्खियों का छत्ता, मंदसौर में दशा माता पूजा में भगदड़ और 15 घायल

    मंदसौर के नई आबादी क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब सांसद सुधीर गुप्ता के निवास क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास दशा माता की पूजा के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। लगभग 50 महिलाएं पीपल के पेड़ के नीचे पूजा कर रही थीं कि अचानक पेड़ पर लगे मधुमक्खी के छत्ते से मधुमक्खियां उड़ने लगीं और महिलाओं पर हमला कर दिया।

    इस हमले में करीब 15 महिलाएं घायल हुईं। दो महिलाओं की स्थिति गंभीर थी जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अन्य घायल महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मधुमक्खियों के अचानक हमले से पूजा अधूरी रह गई और महिलाओं में भगदड़ मच गई।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी इस छत्ते को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पूरी तरह से हटा नहीं पाई गई थी। इसके कारण आज फिर से मधुमक्खियों का हमला हुआ। अभी भी वहां पेड़ पर दो-तीन मधुमक्खी के छत्ते लगे हैं जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।

    सांसद के निवास क्षेत्र में यह घटना सुरक्षा और पूजा स्थल पर सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने घायल महिलाओं की देखभाल में सहयोग किया और मंदिर प्रांगण की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही।

    मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि पूजा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के छत्ते से उड़ने से भगदड़ मच गई और सभी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक मेडिकल सहायता मुहैया कराई।

    घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मधुमक्खियों के छत्ते हटाने और पूजा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।