Tag: Mandsaur

  • MP: मंदसौर में फसल बीमा राशि बहुत कम मिलने से किसानों में आक्रोश… किया प्रदर्शन

    MP: मंदसौर में फसल बीमा राशि बहुत कम मिलने से किसानों में आक्रोश… किया प्रदर्शन


    मंदसौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर जिले (Mandsaur district) की दलौदा तहसील में सोमवार शाम खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि (Crop Insurance Amount) को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उन्हें फसल नुकसान के बदले मात्र 55 से 60 रुपए प्रति बीघा तक की बीमा राशि मिली है, जो बेहद कम है। सैकड़ों किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर बीमा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

    किसानों ने बताया कि उन्हें फसल नुकसान के बाद उचित मुआवजे की उम्मीद थी, लेकिन इतनी कम राशि मिलने से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बीमा कंपनी के अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए बीमा राशि का दोबारा मूल्यांकन कर उचित भुगतान करने की मांग की।

    प्रदर्शन के दौरान ग्राम बेहपुर के किसानों ने एक अलग ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदसौर जिले के अधिकांश गांवों में खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि वितरित हो चुकी है, लेकिन बेहपुर के किसानों को अब तक कोई राशि नहीं मिली है।

    बेहपुर के किसानों के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके गांव में खरीफ फसल को भारी नुकसान हुआ था। उनके आसपास के गांवों के किसानों को बीमा राशि मिल गई है, लेकिन बेहपुर के किसानों को इस लाभ से वंचित रखा गया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।

    मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में किसानों ने मांग की है कि बीमा कंपनी को निर्देश दिए जाएं कि ग्राम बेहपुर सहित जिन किसानों को अब तक फसल बीमा राशि नहीं मिली है, उन्हें जल्द से जल्द पात्रता के अनुसार भुगतान किया जाए। साथ ही, जिन किसानों को बेहद कम राशि मिली है, उनके मामलों की पुनः जांच कर उचित मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में तहसीलदार बृजेश मालवीय ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

  • MP: मंदसौर में प्राचार्य के तबादले का विरोध…. छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, झुका प्रशासन

    MP: मंदसौर में प्राचार्य के तबादले का विरोध…. छात्रों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, झुका प्रशासन


    मंदसौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर (Mandsaur) के लदुना (Laduna) स्थित सांदीपनी विद्यालय (Sandipani Vidyalaya) के प्रभारी प्राचार्य (Principal-in-Charge) के तबादले के विरोध में छात्रों ने लदुना-सीतामऊ मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन ने छात्रों से बातचीत कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया।

    छात्रों ने लदुना-सीतामऊ मार्ग पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया, जिसके बाद प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी को पुनः विद्यालय का प्रभार सौंप दिया गया।

    जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी को उनकी मूल पदस्थापना नाटाराम वापस भेजने के आदेश जारी किए गए थे। वे सांदीपनि विद्यालय का प्रभार संभाल रहे थे। इस आदेश की जानकारी मिलते ही विद्यालय के छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


    लदुना-सीतामऊ रोड पर आवागमन बाधित हुआ

    छात्रों ने विरोध स्वरूप लदुना-सीतामऊ रोड पर जाम लगा दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर सीतामऊ थाना प्रभारी और तहसीलदार मोहित सिनम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश के बाद छात्रों ने सड़क से जाम हटा लिया, लेकिन विद्यालय के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन जारी रखा।

    छात्रों का तर्क था कि अजीत त्रिपाठी के प्रभारी प्राचार्य बनने के बाद विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और पढ़ाई के माहौल में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। छात्रों ने उनके तबादले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आदेश को निरस्त कर उन्हें विद्यालय में बनाए रखने की मांग की।


    आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया

    लगभग दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए छात्रों को स्थिति स्पष्ट की।

    तहसीलदार मोहित सिनम ने छात्रों को बताया कि अजीत त्रिपाठी को उनकी मूल पदस्थापना के साथ-साथ सांदीपनि विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

  • विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत, 6 सितंबर को होगा भव्य छप्पन भोग महोत्सव

    विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत, 6 सितंबर को होगा भव्य छप्पन भोग महोत्सव


    मंदसौर । मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में सावन माह को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर पहुंचने लगा है। भगवान पशुपतिनाथ की पारंपरिक राजसी शाही सवारी इस वर्ष 24 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां काली आरती मंडल और मंदिर समिति ने शुरू कर दी हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख मार्ग भगवान पशुपतिनाथ के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान होंगे।

    भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मंदसौर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी प्रतीक मानी जाती है। वर्ष 1996 से लगातार चली आ रही इस परंपरा का श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व है। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान का राजसी स्वरूप सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करता है। रास्ते भर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत करते हैं और विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संस्थाएं जगह-जगह मंच बनाकर आरती और स्वागत कार्यक्रम आयोजित करती हैं।

    आयोजन समिति के अनुसार सावन माह के दौरान प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक भगवान पशुपतिनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और विशेष अभिषेक किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन अनुष्ठानों में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिर परिसर में पूरे सावन माह तक भक्ति और आस्था का विशेष वातावरण बना रहेगा।

    शाही सवारी से एक दिन पहले 23 अगस्त को भव्य वाहन रैली निकाली जाएगी। इस रैली के माध्यम से श्रद्धालुओं को शाही सवारी में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा और पूरे शहर में धार्मिक उत्सव का माहौल तैयार किया जाएगा। इसके बाद 24 अगस्त को भगवान पशुपतिनाथ की राजसी शाही सवारी निर्धारित मार्गों से होकर निकलेगी। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन भी व्यापक तैयारियां करेगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    सावन माह के धार्मिक आयोजनों का समापन भी विशेष तरीके से किया जाएगा। 6 सितंबर को भगवान पशुपतिनाथ को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित कर भव्य छप्पन भोग महोत्सव आयोजित होगा। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रसादी वितरण भी किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर छप्पन भोग का प्रसाद ग्रहण करेंगे।

    मंदिर समिति का कहना है कि सभी धार्मिक आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे अनुशासन बनाए रखते हुए आयोजनों में शामिल हों और धार्मिक गरिमा का पालन करें। सावन के इस पावन अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ की नगरी एक बार फिर शिवभक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर होने जा रही है।

  • MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप

    MP: मंदसौर के शामगढ़ GRP थाना प्रभारी गिरफ्तार…. तस्कर को अफीम सप्लाई करने का आरोप


    नीमच।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemuch) में 1.50 किलोग्राम अफीम की खेप तस्कर (Opium consignment Smuggler) को सप्लाई करने के आरोप में मंदसौर जिले (Mandsaur district) के शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी (GRP Station In-charge) को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि 7 जुलाई को एक तस्कर 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस एक्ट में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि 1.50 किलो अफीम उसे आरोपी थाना प्रभारी से हासिल की थी। आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

    जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि 7 जुलाई को मंगल सिंह नामक तस्कर को 4.50 किलोग्राम अफीम के साथ एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के पास ड्रग्स रखने या उसके परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला था।


    थाना प्रभारी से खरीदी थी अफीम

    जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि सिंह से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अलग-अलग लोगों से कम कीमत पर अफीम खरीदकर उसे अधिक कीमत पर दूसरे तस्करों को बेचता था। आरोपी ने यह भी बताया कि उससे बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम में से 1.50 किलोग्राम अफीम उसे मंदसौर जिले के शामगढ़ के जीआरपी थाना प्रभारी से हासिल की थी।


    थाना प्रभारी अरेस्ट

    जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव के अनुसार, आरोपी तस्कर मंगल सिंह के बयान और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर जीआरपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद कन्हैयालाल भाटी को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जिसने अभियोजन की गुहार पर उन्हें दो दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
    पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी थाना प्रभारी से पूछताछ कर के पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अफीम की आपूर्ति और तस्करी के नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। मंगल सिंह से बरामद 4.50 किलोग्राम अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 22 से 23 लाख रुपये आंकी गई है। गौरतलब है कि नीमच भी अफीम उत्पादक क्षेत्र है। इस वजह से स्थानीय स्तर पर इस ड्रग्स की कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है।


    घूस लेते हुए क्लर्क गिरफ्तार

    वहीं एक अन्य मामले में एमपी लोकायुक्त पुलिस ने आगर जिले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय के एक क्लर्क को रिटायर अधिकारी के बकाया भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, आगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंड्या के रूप में हुई है।

  • मंदसौर में मुहर्रम की पारंपरिक चौकी निकली, इमाम हुसैन की शहादत को किया याद

    मंदसौर में मुहर्रम की पारंपरिक चौकी निकली, इमाम हुसैन की शहादत को किया याद


    मध्यप्रदेश । मंदसौर शहर में मुहर्रम के पावन अवसर पर बुधवार रात पारंपरिक चौकी श्रद्धा, अनुशासन और अकीदत के साथ निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे मार्ग पर धार्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां लोगों ने शांति, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को आत्मसात किया।

    इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम विशेष महत्व रखता है। यह महीना कर्बला की उस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है, जिसमें हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी शहादत आज भी त्याग, सब्र, साहस और इंसानियत की मिसाल मानी जाती है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मुहर्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

    मंदसौर में भी वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार ताजियों के आयोजन से पहले चौकी निकाली जाती है। बुधवार रात यह चौकी शेखा चौक क्षेत्र से प्रारंभ हुई। धार्मिक जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ बोराबाखल, सम्राट मार्केट और घंटाघर क्षेत्र पहुंचा। देर रात लगभग 12:30 बजे मंडी गेट पर चौकी का समापन हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह और अनुशासन देखने लायक था।

    चौकी के दौरान अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक करतब लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। युवाओं ने अपनी कला, संतुलन और शारीरिक दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रकार के पारंपरिक खेल और युद्धक कलाओं से जुड़े करतबों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

    आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस विभाग के अधिकारी और जवान पूरे मार्ग पर तैनात रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की और यातायात सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा। सुरक्षा व्यवस्था के चलते पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ।

    मुस्लिम समाज की ओर से भी स्वयंसेवकों की विशेष टीम तैनात की गई थी। इन स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि मुहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि त्याग, सत्य और इंसानियत के मूल्यों को याद करने का अवसर भी है।

    चौकी के सफल आयोजन के साथ शहर में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इमाम हुसैन की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया और समाज में शांति, एकता तथा मानवता के मूल्यों को मजबूत करने की अपील की।

  • मंदसौर में नीट परीक्षा की तैयारियां पूरी, 4 केंद्रों पर जैमर-सीसीटीवी और बायोमेट्रिक व्यवस्था रहेगी अनिवार्य

    मंदसौर में नीट परीक्षा की तैयारियां पूरी, 4 केंद्रों पर जैमर-सीसीटीवी और बायोमेट्रिक व्यवस्था रहेगी अनिवार्य


    मध्यप्रदेश । मंदसौर जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के सफल और पारदर्शी आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को कलेक्टर अदिति गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के एग्जाम कोऑर्डिनेटर और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा का आयोजन पूरी सतर्कता, पारदर्शिता और सुगमता के साथ किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    जिले में इस वर्ष नीट परीक्षा चार प्रमुख केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इनमें लाल बहादुर शास्त्री उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय और राजीव गांधी शासकीय महाविद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1,240 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन ने सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

    कलेक्टर ने बताया कि विद्यार्थियों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जबकि परीक्षा दोपहर 2 बजे से आयोजित होगी। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर सुचारू प्रवेश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अभिभावकों के लिए भी अलग वेटिंग एरिया तैयार किया जाएगा, ताकि परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न हो।

    परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से संचालित रहेंगे और कंट्रोल रूम से उनकी लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर बायोमेट्रिक ई-मशीनों के माध्यम से अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे और उनकी कार्यशीलता की पूर्व जांच भी की जाएगी।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी निर्धारित स्थानों पर ही की जाएगी। दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग दल भी तैनात रहेगा, जो लगातार केंद्रों के आसपास निगरानी करेगा।

    स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मेडिकल स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और पावर बैकअप सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

    कलेक्टर अदिति गर्ग ने सभी सेंटर कोऑर्डिनेटर और अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी भी केंद्र पर संसाधनों या व्यवस्थाओं की कमी दिखाई दे तो उसकी जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

  • जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश का नया अवसर, 8 औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू

    जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश का नया अवसर, 8 औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू


    मध्य प्रदेश । मंदसौर जिले के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल को क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही मंदसौर के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे के कारण उद्योगपतियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। पहले चरण में विकसित सभी औद्योगिक भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग को देखते हुए अनुपयोगी भूमि का विकास कर आठ नए प्लॉट तैयार किए गए हैं। इन भूखंडों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू होने से उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, फेज-1 में उपलब्ध कराए गए आठ नए प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं, जबकि छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किए गए हैं। इन पर मुख्य रूप से लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन भूखंडों की उपलब्धता से स्थानीय उद्यमियों के साथ-साथ बाहरी निवेशकों को भी व्यवसाय विस्तार का अवसर मिलेगा।

    एमपीआईडीसी द्वारा प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसमें जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है। प्रदेश सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रमों का सकारात्मक असर अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर जैसे कृषि प्रधान जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।

    जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता यहां उपलब्ध आधुनिक आधारभूत सुविधाएं हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जल उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बना दिया है। यही कारण है कि यहां उद्योग स्थापित करने के लिए लगातार मांग बढ़ रही है। उद्योगों के विस्तार से न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    वर्तमान में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में विकसित 136 औद्योगिक प्लॉट पूरी तरह आवंटित हो चुके हैं। यहां संचालित 78 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा फेज-2 का विकास कार्य भी तेजी से जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    एमपीआईडीसी के अधिकारियों का मानना है कि मध्यप्रदेश तेजी से निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। संतुलित क्षेत्रीय विकास की नीति के तहत छोटे जिलों में भी औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। जग्गाखेड़ी में नए भूखंडों की उपलब्धता इसी रणनीति का हिस्सा है, जो भविष्य में मंदसौर को औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश का नया अवसर, 8 औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू

    जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश का नया अवसर, 8 औद्योगिक प्लॉटों की ई-बिडिंग शुरू


    मध्य प्रदेश । मंदसौर जिले के जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने यहां आठ नए औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल को क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही मंदसौर के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे के कारण उद्योगपतियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। पहले चरण में विकसित सभी औद्योगिक भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग को देखते हुए अनुपयोगी भूमि का विकास कर आठ नए प्लॉट तैयार किए गए हैं। इन भूखंडों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू होने से उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, फेज-1 में उपलब्ध कराए गए आठ नए प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं, जबकि छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किए गए हैं। इन पर मुख्य रूप से लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन भूखंडों की उपलब्धता से स्थानीय उद्यमियों के साथ-साथ बाहरी निवेशकों को भी व्यवसाय विस्तार का अवसर मिलेगा।

    एमपीआईडीसी द्वारा प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसमें जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है। प्रदेश सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रमों का सकारात्मक असर अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर जैसे कृषि प्रधान जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।

    जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता यहां उपलब्ध आधुनिक आधारभूत सुविधाएं हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जल उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बना दिया है। यही कारण है कि यहां उद्योग स्थापित करने के लिए लगातार मांग बढ़ रही है। उद्योगों के विस्तार से न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    वर्तमान में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में विकसित 136 औद्योगिक प्लॉट पूरी तरह आवंटित हो चुके हैं। यहां संचालित 78 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा फेज-2 का विकास कार्य भी तेजी से जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    एमपीआईडीसी के अधिकारियों का मानना है कि मध्यप्रदेश तेजी से निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। संतुलित क्षेत्रीय विकास की नीति के तहत छोटे जिलों में भी औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। जग्गाखेड़ी में नए भूखंडों की उपलब्धता इसी रणनीति का हिस्सा है, जो भविष्य में मंदसौर को औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • मंदसौर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, ढाई घंटे प्रदर्शन के बाद विभाग को सौंपा ज्ञापन

    मंदसौर में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, ढाई घंटे प्रदर्शन के बाद विभाग को सौंपा ज्ञापन


    मध्य प्रदेश । मंदसौर में स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को शहर के सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर बड़ी संख्या में नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। दोपहर 12:15 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन लगभग 2:30 बजे तक चला, जिसमें लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

    प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने किया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना के बाद क्षेत्र के अनेक उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है। आम लोगों की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।

    प्रदर्शनकारियों का सबसे बड़ा आरोप यह था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उनकी बिजली खपत में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई, फिर भी बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहे हैं। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने मांग की कि ऐसे सभी मामलों की जांच कर बिलों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और जहां आवश्यक हो, वहां संशोधित बिल जारी किए जाएं।

    स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मीटर रीडिंग, पल्स रेट और बिल तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं के बीच पर्याप्त जानकारी नहीं है। पारदर्शिता के अभाव में लोगों के मन में भ्रम और अविश्वास की स्थिति बन रही है। कई उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शन के दौरान सोलर ऊर्जा उपभोक्ताओं की समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। दीपक सिंह गुर्जर ने कहा कि कई लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर सोलर प्लांट स्थापित किए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके हजारों रुपये के बिजली बिल आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सोलर ऊर्जा अपनाने के बाद भी राहत नहीं मिल रही, तो ऐसी योजनाओं का लाभ आम उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा।

    प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटरों को हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग भी की। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था लोगों को सुविधा देने के बजाय नई परेशानियां खड़ी कर रही है। साथ ही बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने और शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था बनाने की मांग भी रखी गई।

    प्रदर्शन के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि 18 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। इसके अलावा 30 जून से पहले एक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद आवश्यक होने पर बिलों में संशोधन भी किया जाएगा।

    हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 30 जून तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ऐसे में अब सभी की निगाहें विभाग द्वारा किए जाने वाले सुधारात्मक कदमों पर टिकी हुई हैं।

  • मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी

    मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी


    मध्यप्रदेश । मंदसौर शहर में 31 दिसंबर 2025 की रात हुई सनसनीखेज डबल मर्डर और आत्महत्या की घटना की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब पांच महीने तक चली विस्तृत जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि राजस्थान के निम्बाहेड़ा निवासी सराफा कारोबारी विकास सोनी ने सोना कारोबारी दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या की थी तथा इसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

    पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर की रात विकास सोनी स्कूटी से मंदसौर स्थित गोल चौराहा क्षेत्र में दिलीप जैन के घर पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उस समय घर में रेखा जैन मौजूद थीं। कुछ देर बाद दिलीप जैन भी घर पहुंच गए। पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, तीनों के बीच सामान्य बातचीत हुई और उन्होंने साथ बैठकर चाय-नाश्ता भी किया।

    जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय बाद दिलीप जैन और विकास सोनी के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान कथित रूप से विकास सोनी ने पहले हथियार निकालकर फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद उसने चाकू से हमला कर दिया।

    फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दिलीप जैन पर कई बार चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर नीचे पहुंचीं रेखा जैन पर भी आरोपी ने हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी कुछ समय तक घर में ही मौजूद रहा और बाद में कथित रूप से अपनी कनपटी पर गोली मार ली। बैलिस्टिक और फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई कि घटनास्थल से बरामद हथियार और गोली का संबंध आरोपी से था। गोली घर की छत में धंसी हुई मिली थी, जिसे जांच के दौरान जब्त किया गया।

    सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से पिस्टल, चाकू, कारतूस, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस ने आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच में आरोपी की आवाजाही स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई, जबकि किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी सामने नहीं आई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या और आत्महत्या की इस घटना के पीछे मुख्य कारण कारोबारी लेन-देन से जुड़ा विवाद था। हालांकि कथित बकाया राशि और आर्थिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका नहीं मिली।

    मामले में दर्ज अपराध की जांच पूरी कर पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। अब अदालत में खात्मा प्रतिवेदन (क्लोजर रिपोर्ट) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है।

    इस दर्दनाक घटना ने दो परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया। एक ओर जैन दंपती के बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच इस निष्कर्ष की पुष्टि करते हैं कि यह मामला दोहरी हत्या और उसके बाद आत्महत्या का है।