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  • मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत का बेंगलुरु तक विस्तार, हासन, उडुपी और कारवार होते हुए चलेगी नई सेवा

    मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत का बेंगलुरु तक विस्तार, हासन, उडुपी और कारवार होते हुए चलेगी नई सेवा


    नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक कर दिया है। अब यह ट्रेन हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु और मडगांव के बीच चलेगी। बदली हुई व्यवस्था के तहत ट्रेन नई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी। इस विस्तार की जानकारी केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की ओर से दी गई। नई व्यवस्था से इस रेल मार्ग पर यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा के बीच रेल संपर्क को विस्तार मिलेगा।

    कर्नाटक से आने वाले केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बताया कि मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को अब बेंगलुरु तक बढ़ाया गया है। ट्रेन हासन, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। कुमारस्वामी कर्नाटक की मांड्या लोकसभा सीट से सांसद हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग और इस्पात मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते यात्री यातायात के साथ पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार होते हुए बेंगलुरु तथा मडगांव को जोड़ने वाली वंदे भारत सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।

    कुमारस्वामी ने अपने बयान में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध पर रेल मंत्री की ओर से तुरंत और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई। इसके बाद मौजूदा मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार बेंगलुरु तक किया गया है। अब यह ट्रेन बदली हुई समय-सारणी के साथ ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। नई व्यवस्था में हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार के रास्ते बेंगलुरु और मडगांव को जोड़ा गया है।

    कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और बेंगलुरु, तटीय कर्नाटक तथा गोवा को एक-दूसरे के करीब लाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन, क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों और राज्यों के बीच आपसी संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। मडगांव-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के बेंगलुरु तक विस्तार के साथ इस रेल मार्ग से जुड़े यात्रियों को अब नई सेवा के जरिए यात्रा का विकल्प मिलेगा।

    रेल सेवा के इस विस्तार में बेंगलुरु से मडगांव के बीच हासन, मंगलुरु, उडुपी और कारवार को जोड़ा गया है। मौजूदा ट्रेन सेवा को विस्तार देने के साथ इसका नाम और ट्रेन नंबर भी बदला गया है। नई व्यवस्था में ट्रेन नंबर 26655/26656 यशवंतपुर-मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत एक्सप्रेस के तौर पर सेवा संचालित होगी। इसके लिए बेहतर समय-सारणी तय की गई है। इस विस्तार को यात्रियों की बढ़ती जरूरतों, पर्यटन, धार्मिक यात्रा, शिक्षा और व्यापार के लिए इस मार्ग के महत्व से जोड़कर देखा गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए यात्रियों की सुविधा के साथ क्षेत्रीय गतिविधियों और राज्यों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

  • ‘वंदे मातरम्’ विवाद में सोनिया गांधी के खिलाफ बीजेपी ने मंगलुरु पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की

    ‘वंदे मातरम्’ विवाद में सोनिया गांधी के खिलाफ बीजेपी ने मंगलुरु पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की


    नई दिल्ली । कर्नाटक के मंगलुरु में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता विकास पुत्तूर ने सोनिया गांधी के खिलाफ उर्वा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान से जुड़ी है।

    बीजेपी नेता का आरोप है कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने के समय सोनिया गांधी का व्यवहार राष्ट्रगीत के प्रति सम्मानजनक नहीं था। शिकायत में कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर व्यवधान पैदा करने और गीत के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाया गया है।

    विकास पुत्तूर ने पुलिस से मामले की जांच करने और शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों और गीतों के सम्मान से संबंधित मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

    यह विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के बाद सामने आया। कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ था। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि गीत के दौरान कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता बातचीत करते हुए दिखाई दिए और उनका रवैया उचित नहीं था। इसी आधार पर बीजेपी ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताया है।

    मामले को लेकर बीजेपी नेता ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत पर कार्रवाई करते समय किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस और राज्य सरकार की ओर से मामले में कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं।

    हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस की ओर से मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाया जाता है, यह स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल शिकायत के आधार पर लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गीत है और इसके साथ देश के स्वतंत्रता संघर्ष की ऐतिहासिक स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। इसी कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके सम्मान और प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया अक्सर महत्वपूर्ण बन जाती है।

    मंगलुरु में दर्ज शिकायत ने इस मुद्दे को कर्नाटक की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना दिया है। एक तरफ बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर कोई कानूनी उल्लंघन बनता है या नहीं।

    इस विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना भी है। शिकायतकर्ता ने हाई कोर्ट जाने की बात कहकर मामले को आगे कानूनी स्तर पर ले जाने का संकेत दिया है। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं।

    फिलहाल मामले का केंद्र 15 अगस्त के कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के दौरान हुए कथित व्यवहार पर है। पुलिस जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। तब तक सोनिया गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे के रूप में ही देखे जा रहे हैं।

  • बॉलीवुड में 34 साल पूरे होने पर शाहरुख खान का भावुक अंदाज, बचपन की यादें साझा कर मैंगलुरु में फैंस संग मनाया यादगार जश्न

    बॉलीवुड में 34 साल पूरे होने पर शाहरुख खान का भावुक अंदाज, बचपन की यादें साझा कर मैंगलुरु में फैंस संग मनाया यादगार जश्न

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार शाहरुख खान ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 34 वर्ष पूरे होने का जश्न मैंगलुरु में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रशंसकों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने अभिनय सफर की यादों को ताजा किया, बचपन से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया और मंच पर अपने लोकप्रिय गीतों पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

    शाहरुख खान ने वर्ष 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। पहली ही फिल्म से उन्हें व्यापक पहचान मिली और इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों के जरिए खुद को हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में स्थापित किया। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, एक्शन, ड्रामा और सामाजिक विषयों पर आधारित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं।

    मैंगलुरु में आयोजित समारोह के दौरान शाहरुख खान ने स्थानीय दर्शकों का कन्नड़ भाषा में अभिवादन किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ सराहा। उन्होंने कहा कि इस शहर से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है और यहां लौटना हमेशा उनके लिए यादगार अनुभव होता है। उनके सहज और आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम को और अधिक खास बना दिया।

    कार्यक्रम के दौरान शाहरुख ने अपनी बचपन की एक चर्चित तस्वीर भी साझा की। इस तस्वीर में वह छोटे बच्चे के रूप में बाल्टी में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीर का जिक्र करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि यह उनके बचपन की सबसे यादगार तस्वीरों में से एक है और यह मैंगलुरु में ही खींची गई थी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इस तस्वीर से जुड़ी यादों को साझा किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

    शाहरुख खान ने केवल बातचीत तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मंच पर अपने प्रसिद्ध गीतों पर प्रस्तुति देकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने ‘छम्मक छल्लो’ पर डांस किया और फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के कुछ प्रतिष्ठित दृश्यों और अंदाज को भी दोहराया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

    मैंगलुरु शाहरुख खान के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हालांकि उनका जन्म नई दिल्ली में हुआ, लेकिन बचपन के शुरुआती वर्ष उन्होंने इसी शहर में बिताए थे। यही कारण है कि इस स्थान से उनका भावनात्मक रिश्ता आज भी कायम है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस जुड़ाव का उल्लेख करते हुए अपने बचपन की कई यादों को भी साझा किया।

    फिल्मी करियर के साथ-साथ शाहरुख खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। खास बात यह है कि इसमें वह पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। फिल्म में कई अन्य चर्चित कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    तीन दशक से अधिक समय तक लगातार दर्शकों का मनोरंजन करने वाले शाहरुख खान आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली सितारों में गिने जाते हैं। मैंगलुरु में आयोजित यह समारोह केवल उनके फिल्मी सफर का उत्सव नहीं था, बल्कि उन लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक भावनात्मक अवसर बन गया, जिन्होंने वर्षों से उनकी फिल्मों और अभिनय को अपना भरपूर प्यार दिया है।

  • अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 2.77 करोड़ की उगाही का आरोप, यूथ कांग्रेस नेता समेत दो गिरफ्तार

    अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 2.77 करोड़ की उगाही का आरोप, यूथ कांग्रेस नेता समेत दो गिरफ्तार

    नई दिल्ली । कर्नाटक के मंगलुरु में एक कारोबारी से करोड़ों रुपये की कथित जबरन वसूली के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पुलिस ने एक व्यापारी को ब्लैकमेल कर लगभग 2.77 करोड़ रुपये वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार मामला केवल आर्थिक उगाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुनियोजित धोखाधड़ी, मानसिक दबाव और फर्जी घटनाक्रम रचने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यूथ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी निजाम और उसके सहयोगी जितेश के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर व्यापारी को पहले निजी और संवेदनशील सामग्री के आधार पर निशाना बनाया गया। आरोप है कि व्यापारी की अश्लील तस्वीरों और वीडियो का उपयोग कर उसे ब्लैकमेल किया गया तथा बदनामी का डर दिखाकर बड़ी रकम की मांग की गई।

    जांच अधिकारियों के अनुसार शुरुआत में व्यापारी से 35 लाख रुपये मांगे गए थे। आरोपियों ने कथित रूप से वीडियो सार्वजनिक करने और परिवार तक पहुंचाने की धमकी दी थी। सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते व्यापारी ने रकम का भुगतान कर दिया। हालांकि इसके बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई और कथित तौर पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

    मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित ने सहायता के लिए निजाम से संपर्क किया। व्यापारी को उम्मीद थी कि वह विवाद सुलझाने में मदद करेगा, लेकिन पुलिस का दावा है कि निजाम भी कथित उगाही की पूरी योजना में शामिल था। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर व्यापारी पर दबाव बनाए रखने के लिए एक और साजिश रची।

    पुलिस के अनुसार मई 2024 में व्यापारी को यह विश्वास दिलाया गया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है। आरोपियों ने कथित तौर पर एक फर्जी सुसाइड नोट का हवाला दिया, जिसमें व्यापारी का नाम होने की बात कही गई। इसके साथ ही मौत और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें दिखाकर यह साबित करने का प्रयास किया गया कि घटना वास्तविक है। व्यापारी को यह भी बताया गया कि उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है।

    गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के भय से व्यापारी लगातार पैसे देता रहा। पुलिस का दावा है कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच विभिन्न माध्यमों से कुल 2.77 करोड़ रुपये की उगाही की गई। इस दौरान पीड़ित मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी की आशंका में आरोपियों की मांगें पूरी करता रहा।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जीवित देखा। जिस व्यक्ति को वह मृत समझ रहा था, उसे सामने देखकर उसे पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने उरवा पुलिस स्टेशन पहुंचकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित रैकेट में अन्य लोग भी शामिल थे।

    गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। सोशल मीडिया पर विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों और नेताओं के साथ आरोपी की तस्वीरें साझा की जा रही हैं। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल पूरा ध्यान आरोपों की सत्यता, वित्तीय रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच पर केंद्रित है।

  • कर्नाटक में झारखंड के मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में पीटा, महिला ने बचाया; 4 आरोपियों पर मामला दर्ज

    कर्नाटक में झारखंड के मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में पीटा, महिला ने बचाया; 4 आरोपियों पर मामला दर्ज


    झारखंड । कर्नाटक के मंगलुरु में एक झारखंड के प्रवासी मजदूर को कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में चार लोगों ने बेरहमी से पीटा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना रविवार को मंगलुरु के बाहरी इलाके कुलूर में हुई, जहां आरोपियों ने मजदूर से उसकी नागरिकता को लेकर सवाल किए और पहचान पत्र दिखाने की मांग की। झारखंड के दिलजान अंसारी पिछले 10 से 15 वर्षों से काम की तलाश में मंगलुरु में रह रहे थे। वह हर साल चार से छह महीने शहर में काम करते हैं।
    अंसारी ने आरोपियों को बार-बार बताया कि वह भारतीय नागरिक हैं, लेकिन आरोपियों ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया और उन्हें बांग्लादेशी समझते हुए लगातार परेशान किया। आरोपी अपने शक के आधार पर अंसारी के साथ अपमानजनक व्यवहार करते रहे। इस दौरान एक स्थानीय महिला ने उनकी मदद की और उन्हें आरोपियों के चंगुल से बचाया हालांकि, डर के कारण अंसारी ने शुरू में पुलिस से संपर्क नहीं किया और बिना शिकायत के घर लौट गए। लेकिन बाद में स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
    मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि दिलजान अंसारी भारतीय नागरिक हैं और काम के सिलसिले में मंगलुरु आए थे। पुलिस ने कुलूर के निवासी सागर, धनुष, लालू उर्फ रतीश और मोहन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं और जांच जारी है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि देश में प्रवासी श्रमिकों के प्रति भेदभाव और असहिष्णुता का क्या स्तर है, खासकर उन पर जो बाहरी राज्य से आकर काम करते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगे से ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।