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  • ओडिशा में एटीएम चोरी का हैरान करने वाला तरीका, थार से मशीन उखाड़ ले गए बदमाश, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात से पुलिस अलर्ट

    ओडिशा में एटीएम चोरी का हैरान करने वाला तरीका, थार से मशीन उखाड़ ले गए बदमाश, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात से पुलिस अलर्ट

    नई दिल्ली । ओडिशा के बालासोर जिले में एटीएम चोरी की एक अनोखी और सुनियोजित वारदात सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार तड़के कुछ बदमाश एक काले रंग की महिंद्रा थार में सवार होकर एक एटीएम कियोस्क के बाहर पहुंचे और बेहद कम समय में पूरी मशीन को उखाड़कर अपने साथ ले गए। घटना का तरीका इतना अलग था कि आसपास के लोगों के साथ-साथ पुलिस भी प्रारंभिक जांच में हैरान रह गई।

    बताया जा रहा है कि घटना देर रात करीब दो बजे की है। पांच से अधिक बदमाश पहले एटीएम कियोस्क का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने मजबूत रस्सी की मदद से पूरी एटीएम मशीन को वाहन से बांध दिया। कुछ ही क्षणों में वाहन की ताकत से मशीन को उसकी जगह से उखाड़ लिया गया और उसे सड़क पर घसीटते हुए वहां से फरार हो गए। पूरी कार्रवाई बेहद तेजी और सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।

    बदमाश एटीएम मशीन को शहर से दूर एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां मशीन को तोड़कर उसमें रखी नकदी निकाल ली। नकदी लेकर फरार होने से पहले उन्होंने क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन को सड़क किनारे छोड़ दिया। बाद में स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मशीन की स्थिति देखकर स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने केवल नकदी निकालने के उद्देश्य से पूरी योजना बनाई थी।

    घटना की पूरी वारदात एटीएम कियोस्क में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कई संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं, जो वाहन की मदद से मशीन उखाड़ते और उसे लेकर जाते नजर आते हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के इलाकों में लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि बदमाशों के आने और भागने के पूरे रास्ते का पता लगाया जा सके।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी पहले से पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। उन्होंने एटीएम की लोकेशन, आसपास की गतिविधियों और मौके की परिस्थितियों का पहले से अध्ययन किया होगा। घटना के समय इलाके में लोगों की आवाजाही बेहद कम थी, जिसका फायदा उठाकर बदमाश बिना किसी विरोध के अपनी योजना को सफल बनाने में कामयाब रहे।

    पुलिस ने आसपास के जिलों और पड़ोसी क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया है। संदिग्ध वाहन और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि अपराधियों तक जल्द पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर एटीएम सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अकेले और कम निगरानी वाले एटीएम केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, मजबूत अलार्म सिस्टम और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से इस वारदात में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • ट्रेनों में चोरी कर देशभर में फरार होता था शातिर चोर, इंदौर जीआरपी ने दबोचा, 15 लाख के जेवर बरामद

    ट्रेनों में चोरी कर देशभर में फरार होता था शातिर चोर, इंदौर जीआरपी ने दबोचा, 15 लाख के जेवर बरामद


    मध्य प्रदेश: के इंदौर में रेलवे पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर लंबे समय से पुलिस को चकमा देने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी न केवल कई राज्यों में सक्रिय था, बल्कि वारदात के बाद अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए हवाई यात्रा का सहारा भी लेता था।

    रेलवे पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान उत्तराखंड निवासी जितेंद्र चावला उर्फ जीतू के रूप में हुई है। उस पर देश के विभिन्न हिस्सों में चोरी की अनेक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं। हाल ही में उसने अहमदाबाद से इंदौर आ रही ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला का पर्स चोरी कर लिया था। पर्स में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण रखे हुए थे, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई थी। घटना सामने आने के बाद पीड़िता ने रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए कई राज्यों में फैले सीसीटीवी नेटवर्क का सहारा लिया गया। जांच दल ने फरीदाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बदायूं सहित विभिन्न शहरों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रैकिंग और लगातार निगरानी के आधार पर आखिरकार आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पुलिस ने उसे नीमच क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। इनमें सोने का हार, कंगन, अंगूठियां और अन्य कीमती गहने शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद आभूषणों की पहचान संबंधित पीड़िता द्वारा की गई है। इससे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं।

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह अपने महंगे शौक और आलीशान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। भीड़भाड़ वाली ट्रेनों और लंबी दूरी की यात्राओं को वह अपना आसान निशाना बनाता था। यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर वह कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग करता था। वह फेसबुक के माध्यम से विभिन्न महिलाओं और युवतियों से संपर्क स्थापित करता था। दोस्ती बढ़ाने के बाद वह अलग-अलग शहरों में उनसे मिलने जाता और इसी दौरान क्षेत्र की रेकी कर चोरी की संभावनाएं तलाशता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरीके से कई राज्यों में अपना नेटवर्क तैयार किया था।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी और संपत्ति संबंधी अपराध प्रमुख रूप से शामिल हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उसकी गतिविधियों की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब उसके पुराने मामलों का रिकॉर्ड जुटा रही हैं ताकि अन्य लंबित अपराधों का भी खुलासा किया जा सके।

    रेलवे पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय चोरी की कई घटनाओं का पर्दाफाश हो सकता है। साथ ही यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि रेल यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान और आभूषणों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।

  • प्रेम विवाह के बाद बढ़े पारिवारिक विवाद का खूनी अंजाम, यूट्यूबर शेख महबूब की चाकुओं से गोदकर हत्या

    प्रेम विवाह के बाद बढ़े पारिवारिक विवाद का खूनी अंजाम, यूट्यूबर शेख महबूब की चाकुओं से गोदकर हत्या

    नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोशल मीडिया से पहचान बनाने वाले 30 वर्षीय यूट्यूबर और इलेक्ट्रीशियन शेख महबूब की हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। चांदी मसूद नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय महबूब की दिनदहाड़े धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और रिश्तों में लंबे समय से चल रहे तनाव को अहम कारण माना जा रहा है।

    घटना गोलकोंडा थाना क्षेत्र के कुमारवाड़ी इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार शेख महबूब शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तेजी से अपने घर में प्रवेश किया, लेकिन हमलावर भी उनके पीछे-पीछे घर के अंदर पहुंच गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर सामने आया है कि घर के भीतर पहुंचते ही आरोपियों ने महबूब पर हमला बोल दिया। हमले में चाकुओं सहित अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि मारपीट के दौरान लोहे की रॉड और व्यायाम उपकरणों का भी उपयोग किया गया। लगातार किए गए हमलों के कारण महबूब गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई।

    स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की पत्नी के भाई शेख सोहेल का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया है। इसके अलावा दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी आशंका व्यक्त की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि घटना पूर्व नियोजित हो सकती है, इसलिए हत्या के पीछे की परिस्थितियों और संभावित साजिश की भी गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार शेख महबूब ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। बताया जा रहा है कि विवाह को लेकर दोनों परिवारों के कुछ सदस्यों के बीच मतभेद थे। विवाह के बाद दंपति को एक संतान भी हुई, लेकिन पारिवारिक रिश्तों में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। पुलिस इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हमलावरों की गतिविधियों और घटना के क्रम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपियों की भूमिका और घटना की पूरी साजिश का खुलासा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश और साक्ष्य संग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी गई है।