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  • भारत मंडपम के ब्रिक्स मीडिया सेंटर में देशी-विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद के साथ वैश्विक व्यंजनों की खास व्यवस्था

    भारत मंडपम के ब्रिक्स मीडिया सेंटर में देशी-विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय स्वाद के साथ वैश्विक व्यंजनों की खास व्यवस्था

    नई दिल्ली ।दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देश-विदेश से पहुंचे मेहमानों और पत्रकारों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। मीडिया सेंटर में भारतीय व्यंजनों के साथ अलग-अलग देशों और क्षेत्रों के पसंदीदा वैश्विक व्यंजन भी परोसे जा रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी आईटीसी होटल्स की ओर से संभाली जा रही है।

    शिखर सम्मेलन के लिए तैयार किए गए मेन्यू में भारतीय स्वाद को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके साथ ही चाइनीज और वेस्टर्न कुजीन को भी शामिल किया गया है, ताकि अलग-अलग देशों से आने वाले प्रतिभागियों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन मिल सके। मेन्यू तैयार करते समय अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की विविध पसंद को ध्यान में रखा गया है।

    आईटीसी की कॉर्पोरेट शेफ मनीषा के अनुसार, सम्मेलन के दौरान आईटीसी के विभिन्न ब्रांड्स के व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें बुखारा, दम पुख्त, दक्षिण तथा कबाब एंड करीज जैसे ब्रांड्स के व्यंजन शामिल हैं। पिछले डेढ़ दिन से इन व्यंजनों को प्रतिभागियों के सामने पेश किया जा रहा है, ताकि वे भारतीय पाक परंपरा के अलग-अलग स्वाद का अनुभव कर सकें।

    मनीषा ने बताया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए भोजन तैयार करना एक चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, लेकिन यह देश के व्यंजनों को सामने रखने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले जी20 और एआई समिट जैसे बड़े आयोजनों में भी आईटीसी की ओर से भोजन परोसा गया था। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व की बात है।

    उन्होंने बताया कि आईटीसी के पूरे भारत में करीब 140 होटल हैं और बड़े आयोजनों के दौरान अलग-अलग स्थानों से विशेषज्ञ शेफ को एक साथ लाया जाता है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक शेफ मेन्यू तैयार करने और भोजन बनाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    आईटीसी होटल के एरिया शेफ राजदीप कपूर ने भी मेहमानों का भारतीय भोजन का आनंद लेने के लिए स्वागत किया। वहीं, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आईटीसी होटल्स के प्रतिनिधि रजनीश मल्लर ने बताया कि मीडिया सेंटर में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मीडिया से जुड़े लोग मौजूद हैं। उनके अनुसार, मेन्यू को इस तरह तैयार किया गया है कि भारतीय व्यंजनों की विशेषता के साथ वैश्विक स्वाद और पसंद को भी जगह मिल सके।

    मेन्यू में भारतीय भोजन और आरामदायक भोजन के विकल्पों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के व्यंजनों को शामिल करने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों से आए मेहमानों की भोजन संबंधी पसंद को ध्यान में रखते हुए विविध विकल्प उपलब्ध कराना है।

    आईटीसी की स्थापना 1910 में इंपीरियल टोबैको कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के नाम से हुई थी। वर्ष 1970 में इसका नाम इंडिया टोबैको कंपनी लिमिटेड किया गया और 1974 में कंपनी का नाम बदलकर आईटीसी लिमिटेड कर दिया गया। कंपनी के होटल कारोबार की शुरुआत 1975 में चेन्नई में पहली प्रॉपर्टी के साथ हुई थी।

    वर्तमान में आईटीसी होटल्स और वेलकम होटल जैसे ब्रांड्स के तहत 150 से अधिक प्रॉपर्टीज संचालित की जाती हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी कंपनी की पाक कला से जुड़ी टीम भारतीय व्यंजनों और वैश्विक कुजीन के जरिए मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था संभाल रही है।

  • मध्यप्रदेश में चार IAS अधिकारियों का तबादला, गृह से पर्यटन और खनिज से उच्च शिक्षा विभाग में बदली जिम्मेदारी

    मध्यप्रदेश में चार IAS अधिकारियों का तबादला, गृह से पर्यटन और खनिज से उच्च शिक्षा विभाग में बदली जिम्मेदारी

    मध्यप्रदेश: में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर फेरबदल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 अगस्त 2026 को चार भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत अधिकारियों को गृह, उच्च शिक्षा, पर्यटन और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी पदस्थापनाएं अस्थाई रूप से स्थानापन्न पद पर की गई हैं और यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

    तबादला आदेश के अनुसार 2012 बैच की IAS अधिकारी भारती जाटव ओगरे को नई जिम्मेदारी दी गई है। वे इससे पहले खनिज साधन विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें उच्च शिक्षा विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नई पदस्थापना 17 जून 2026 को जारी पुराने आदेश में संशोधन के तहत की गई है।

    2013 बैच की IAS अधिकारी मनीषा सेतिया की जिम्मेदारी में भी बदलाव किया गया है। वे अब तक गृह विभाग में अपर सचिव के रूप में कार्य कर रही थीं। नए आदेश के तहत उन्हें गृह विभाग से हटाकर पर्यटन विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पर्यटन विभाग के प्रशासनिक कामकाज में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

    इसी क्रम में 2016 बैच की IAS अधिकारी शुचिस्मिता सक्सेना को भी नई जिम्मेदारी मिली है। वे पहले लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें गृह विभाग में उप सचिव बनाया गया है। गृह विभाग राज्य प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां उनकी नई पदस्थापना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    2017 बैच के IAS अधिकारी विवेक कुमार को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वे फिलहाल पदस्थापना का इंतजार कर रहे थे। अब उन्हें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नई पदस्थापना के बाद विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में उनकी भूमिका तय होगी।

    सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है। आदेश पर मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतियां संबंधित अधिकारियों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों को भेजी गई हैं। इनमें राज्यपाल कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग तथा मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली सहित संबंधित विभाग शामिल हैं।

    गृह, उच्च शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। खासतौर पर गृह विभाग में अधिकारी स्तर पर बदलाव होने से विभागीय कामकाज की जिम्मेदारियों का नया वितरण हुआ है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग में नई पदस्थापना से शिक्षा प्रशासन से जुड़े कार्यों में नई भूमिका तय होगी।

    पर्यटन विभाग में मनीषा सेतिया की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और विभिन्न पर्यटन स्थलों की सुविधाओं को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। दूसरी ओर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में विवेक कुमार की नियुक्ति ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    सरकार की ओर से इन तबादलों के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार यह प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की नवीन पदस्थापना है। अब संबंधित अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों के अनुसार विभागों में कार्यभार संभालेंगे और उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद विभागीय कामकाज में बदलाव दिखाई देगा।