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  • सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा

    सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर आज उज्जैन में: स्वच्छ भारत मिशन और आरडीएसएस योजना की करेंगे समीक्षा


    मध्यप्रदेश । उज्जैन शुक्रवार को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर शहर के दौरे पर पहुंचेंगे। दोनों नेता विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ-साथ राज्य की महत्वपूर्ण विकास और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर दौरे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई देंगे। इसके बाद वे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ इंदौर में निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और वहां से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। दोनों नेताओं के शाम करीब 4:30 बजे उज्जैन पहुंचने की संभावना है।

    उज्जैन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में कपिला गौशाला का दौरा भी प्रस्तावित माना जा रहा है। प्रशासन ने दोनों नेताओं के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।

    दौरे का मुख्य केंद्र प्रशासनिक संकुल भवन में आयोजित होने वाली दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकें रहेंगी। पहली बैठक शाम 6 बजे आयोजित होगी, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में चल रहे कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई अभियान और जनभागीदारी के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी।

    इसके बाद दूसरी बैठक पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) को लेकर होगी। इस बैठक में प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने, बिजली नुकसान कम करने, अधोसंरचना विकास और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

    केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी को देखते हुए इन बैठकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रदेश में चल रही प्रमुख योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के साथ आगामी कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

    उज्जैन में होने वाली ये बैठकें न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश में स्वच्छता, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं को गति देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बैठकों से कई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय होगी।

  • 20 जून को होगा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन, 30 मिनट में तय होगा सफर; सिंहस्थ-2028 को मिलेगी नई रफ्तार

    20 जून को होगा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमि पूजन, 30 मिनट में तय होगा सफर; सिंहस्थ-2028 को मिलेगी नई रफ्तार


    मध्यप्रदेश । मालवा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में इस परियोजना का भूमि पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से शामिल होंगे। इस परियोजना को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    करीब 48.10 किलोमीटर लंबे इस एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत कराया जाएगा। इसकी अनुमानित निर्माण लागत लगभग 1,089 करोड़ रुपए है। परियोजना का उद्देश्य इंदौर और उज्जैन के बीच तेज, सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।

    भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और बैठक व्यवस्था जैसी सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं।

    ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण के बाद इंदौर से उज्जैन की दूरी महज 30 से 35 मिनट में तय की जा सकेगी। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच बढ़ते ट्रैफिक और यात्रा समय की समस्या को देखते हुए यह परियोजना एक बड़ी राहत साबित होगी। इससे मौजूदा हाईवे पर वाहनों का दबाव भी कम होगा और यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगी।

    धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। उज्जैन में महाकाल मंदिर, महाकाल लोक और सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ हवाई और व्यावसायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। नया कॉरिडोर दोनों शहरों को आधुनिक और तेज संपर्क मार्ग से जोड़कर श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक वर्ग को बड़ी सुविधा देगा।

    परियोजना का प्रारंभ इंदौर के पित्र पर्वत क्षेत्र के पास से होगा और इसका अंतिम छोर उज्जैन के सिंहस्थ बायपास क्षेत्र तक रहेगा। यह सड़क भविष्य में यातायात की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए विस्तार योग्य भी होगी। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

    सरकार ने निर्माण एजेंसी को परियोजना पूरा करने के लिए लगभग 24 महीने का समय दिया है। लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 से पहले यह कॉरिडोर पूरी तरह तैयार हो जाए ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे मालवा क्षेत्र के धार्मिक, आर्थिक और पर्यटन विकास के नए कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर, इंदौर एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

  • भोपाल में पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर होगी बैठककेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल

    भोपाल में पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर होगी बैठककेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल


    भोपाल । भोपाल में 20 दिसंबर को पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रीमनोहर लाल खट्टरसहित मध्य प्रदेशदिल्लीउत्तर प्रदेशमहाराष्ट्रऔर छत्तीसगढ़ के शहरी विकास मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य इन राज्यों में शहरी विकास के रोडमैप को तैयार करना है और इसके साथ ही विभिन्न शहरी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा करना है।

    बैठक का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया जाएगा। इसमें पांचों राज्य अपने नवाचारोंशहरी विकास योजनाओंऔर केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी चर्चा करेंगे। मध्य प्रदेश की ओर से पीएम आवासलीगेसी वेस्टऔर शहरी विकास योजनाओं पर किए गए कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा।

    इसके अलावाइस बैठक में भूमि विकास नियमों में संशोधनग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास पर भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। खासकर20 दिसंबर से भोपाल में मेट्रो का संचालन आम लोगों के लिए शुरू हो जाएगाजिसका लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवसुभाष नगर मेट्रो डिपो या एम्स मेट्रो स्टेशन जाकर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    भोपाल मेट्रो की शुरुआत

    भोपाल मेट्रो के पहले चरण में 7.5 किलोमीटर लंबा ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर शुरू किया जाएगा। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक होगा। इस मेट्रो रूट के शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा समय भी काफी घट जाएगा।सूत्रों के अनुसारप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं।
    कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश मेट्रो कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा हैऔर इस कार्यक्रम में शहरी विकास के क्षेत्र में नई दिशा निर्धारित की जाएगी।भोपाल में 20 दिसंबर को पांच राज्यों के शहरी विकास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगीजिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा होगी। साथ हीभोपाल मेट्रो का लोकार्पण भी इसी दिन होगाजो शहर में यात्रा के नए दौर की शुरुआत करेगा।