Tag: Manoj Bajpayee

  • Netflix की सस्पेंस फिल्म ‘गजब रात’ में भोपाल का जलवा, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से ऑपरेशन थिएटर तक शूट हुए अहम सीन

    Netflix की सस्पेंस फिल्म ‘गजब रात’ में भोपाल का जलवा, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से ऑपरेशन थिएटर तक शूट हुए अहम सीन


    भोपाल। बॉलीवुड की क्राइम थ्रिलर फिल्म गजब रात में भोपाल की लोकेशंस ने खास जगह बनाई है। अभिनेता मनोज बाजपेयी की इस फिल्म के कई महत्वपूर्ण और रहस्य से भरे दृश्य शहर के मानसरोवर मेडिकल कॉलेज और एमजीयू हॉस्पिटल परिसर में फिल्माए गए हैं। फिल्म की आधी से ज्यादा शूटिंग इन्हीं परिसरों में पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल के गलियारों से लेकर इमरजेंसी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर तक कई जगहों को फिल्म की कहानी के मुताबिक इस्तेमाल किया गया है। इससे भोपाल के स्थानीय लोगों और संस्थान से जुड़े विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।

    फिल्म में अस्पताल का माहौल कहानी के सस्पेंस और जांच-पड़ताल वाले हिस्सों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। अभिनेता मनोज बाजपेयी के किरदार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और कॉरिडोर में तेजी से भागते हुए तथा मामले की गुत्थी सुलझाने की कोशिश करते हुए दिखाया गया है। इन दृश्यों में अस्पताल का वास्तविक परिसर कहानी को प्रभावशाली पृष्ठभूमि देता है। फिल्म में इस्तेमाल की गई इन लोकेशंस के कारण भोपाल के दर्शकों के लिए पर्दे पर अपने शहर की जगहों को पहचानना भी खास अनुभव बन गया है।

    मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चीफ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इंजीनियर गौरव तिवारी के मुताबिक फिल्म के कई महत्वपूर्ण दृश्य एमजीयू हॉस्पिटल और मानसरोवर मेडिकल कॉलेज परिसर में शूट किए गए हैं। शूटिंग के दौरान संस्थान के विभिन्न हिस्सों को फिल्म की जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया गया। इससे परिसर को बड़े पर्दे पर देखने की उत्सुकता बढ़ी है। स्थानीय स्तर पर भी फिल्म की शूटिंग को लेकर चर्चा हो रही है क्योंकि शहर की इमारतें और आसपास के क्षेत्र फिल्म के दृश्यों में नजर आते हैं।

    फिल्म के लिए अस्पताल के कई अलग-अलग हिस्सों में कैमरा लगाया गया। इनमें ऑपरेशन थिएटर मरीजों के वार्ड अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस क्षेत्र फार्मेसी पैरामेडिकल लैब और अस्पताल का रिसेप्शन शामिल हैं। इसके अलावा लंबे कॉरिडोर और परिसर के गार्डन में भी दृश्य फिल्माए गए। इन जगहों को कहानी के हिसाब से इस्तेमाल कर फिल्म के माहौल को रहस्यमयी और वास्तविक बनाने की कोशिश की गई। अस्पताल जैसी लोकेशन क्राइम थ्रिलर में कहानी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ किरदारों की गतिविधियों को विश्वसनीय रूप देने में भी मदद करती है।

    भोपाल में फिल्मों की शूटिंग होने से शहर की लोकेशंस को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका मिलता है। जब किसी फिल्म में स्थानीय संस्थानों और परिचित जगहों को दिखाया जाता है तो वहां रहने वाले लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ जाती है। गजब रात में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज और एमजीयू हॉस्पिटल की मौजूदगी इसी वजह से चर्चा में है। संस्थान से जुड़े लोगों के लिए भी यह अनुभव खास है कि उनके परिसर में फिल्माए गए दृश्य अब दर्शकों तक पहुंच रहे हैं।

    मनोज बाजपेयी अपनी गंभीर अभिनय शैली और जटिल किरदारों के लिए पहचाने जाते हैं। क्राइम और इनवेस्टिगेशन पर आधारित इस फिल्म में अस्पताल के भीतर फिल्माए गए सस्पेंस से भरे दृश्य कहानी की रहस्यमय परतों को सामने लाते हैं। भोपाल की लोकेशंस ने फिल्म को वास्तविक परिवेश देने में योगदान दिया है। आधे से ज्यादा शूटिंग शहर के इन संस्थानों में होने की जानकारी के बाद फिल्म और भोपाल के बीच जुड़ाव भी चर्चा का विषय बन गया है। अब स्थानीय दर्शकों की दिलचस्पी इस बात में है कि फिल्म में उनके शहर की कौन-कौन सी जगहें दिखाई देती हैं और कहानी में इन लोकेशंस की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

  • Netflix की नई रिलीज से सजेगा फेस्टिव वीक, 20 से 23 अक्टूबर तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन; जानें किस दिन क्या होगा रिलीज

    Netflix की नई रिलीज से सजेगा फेस्टिव वीक, 20 से 23 अक्टूबर तक मिलेगा भरपूर मनोरंजन; जानें किस दिन क्या होगा रिलीज


    नई दिल्ली। ओटीटी पर फिल्में और वेब सीरीज देखने के शौकीनों के लिए यह सप्ताह खास रहने वाला है। नेटफ्लिक्स पर 20 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच सात फिल्मों और सीरीज की रिलीज की जानकारी सामने आई है। इस सूची में श्रीदेवी की चर्चित फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से लेकर मनोज बाजपेयी की गजब रात तक शामिल हैं। वहीं हॉरर थ्रिलर क्राइम और रोमांस पसंद करने वाले दर्शकों के लिए भी अलग-अलग तरह का कंटेंट उपलब्ध होगा। त्योहारों के इस मौसम में दर्शक घर बैठे अपनी पसंद की फिल्में और सीरीज देख सकेंगे। आइए जानते हैं इस सप्ताह नेटफ्लिक्स पर क्या खास आने वाला है और किस दिन आप इन्हें देख पाएंगे।

    1. इंग्लिश विंग्लिश

    श्रीदेवी की शानदार अदाकारी वाली फिल्म इंग्लिश विंग्लिश 20 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर आने वाली है। साल 2012 में रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी शशि नाम की एक घरेलू महिला के इर्दगिर्द घूमती है। शशि अपने परिवार के बीच सम्मान और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करती है। अंग्रेजी भाषा में कमजोर होने के कारण उसे कई बार असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद वह अंग्रेजी सीखने का फैसला करती है और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। फिल्म रिश्तों आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का खूबसूरत संदेश देती है।

    2. गली बॉय

    रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की फिल्म गली बॉय भी 20 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है। साल 2019 में आई यह फिल्म मुंबई की गलियों से निकलकर रैप की दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखने वाले एक युवा की कहानी है। फिल्म में संघर्ष गरीबी पारिवारिक दबाव और अपने सपनों को पूरा करने की जिद को दिखाया गया है। संगीत और दमदार अभिनय के कारण यह फिल्म युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है।

    3. द लास्ट हाउस ऑन द लेफ्ट

    हॉरर और रिवेंज ड्रामा पसंद करने वालों के लिए द लास्ट हाउस ऑन द लेफ्ट 21 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म की कहानी एक परिवार और उसके साथ घटने वाली भयावह घटनाओं के इर्दगिर्द घूमती है। इसमें बदले और हिंसा की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म उन दर्शकों को पसंद आ सकती है जिन्हें तनाव और रोमांच से भरपूर कहानियां देखना अच्छा लगता है।

    4. नोबडी वांट्स दिस सीजन 3

    रोमांस और रिश्तों पर आधारित सीरीज नोबडी वांट्स दिस का तीसरा सीजन 22 अक्टूबर को आने वाला है। कहानी जोआन और नोआ के रिश्ते को आगे बढ़ाती है। दोनों के साथ रहने और अपने संबंध को मजबूत बनाने की कोशिशों के बीच कई चुनौतियां सामने आती हैं। सीरीज में प्यार के साथ व्यक्तिगत विचारों और रिश्तों की जटिलताओं को भी दिखाया गया है।

    5. सर्वाइविंग हरिकेन ओटिस

    23 अक्टूबर को आने वाली यह स्पेनिश फिल्म वास्तविक घटना पर आधारित है। इसकी कहानी मैक्सिको में आए विनाशकारी हरिकेन ओटिस और उससे प्रभावित लोगों के अनुभवों पर केंद्रित है। प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों के संघर्ष और मुश्किल हालात से उबरने की कोशिशों को इसमें दिखाया गया है। फिल्म डब भाषाओं में भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।

    6. डोरोथी

    तमिल क्राइम थ्रिलर डोरोथी भी 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर दस्तक देने वाली है। फिल्म में कीर्ति सुरेश और ऋषिकांत जैसे कलाकार नजर आएंगे। इसकी कहानी बचपन के दो दोस्तों के इर्दगिर्द घूमती है। अपराध और रहस्य से जुड़े घटनाक्रम कहानी को आगे बढ़ाते हैं। दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रशंसकों के लिए यह इस सप्ताह का खास विकल्प हो सकती है।

    7. गजब रात

    मनोज बाजपेयी की फिल्म गजब रात 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। इसकी कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी के इर्दगिर्द बताई गई है जो रिश्वतखोरी के जरिए कमाई करता है। फिल्म में एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं और उनके कारण बदलती परिस्थितियों को दिखाया गया है। मनोज बाजपेयी अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं और ऐसे में उनकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता रह सकती है।

    कुल मिलाकर नेटफ्लिक्स पर इस सप्ताह अलग-अलग पसंद के दर्शकों के लिए मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद होंगे। जहां इंग्लिश विंग्लिश और गली बॉय जैसी फिल्में भावनाओं और संघर्ष की कहानी दिखाएंगी वहीं द लास्ट हाउस ऑन द लेफ्ट और डोरोथी रोमांच पसंद करने वालों को आकर्षित कर सकती हैं। हालांकि रिलीज की तारीखें और उपलब्ध भाषाएं देखने से पहले नेटफ्लिक्स पर संबंधित शीर्षक की जानकारी जरूर जांच लें।

  • ‘गांधी एंड माय मदर’ की पहली झलक सामने, मनोज बाजपेयी और वहीदा रहमान की जोड़ी ने खींचा ध्यान

    ‘गांधी एंड माय मदर’ की पहली झलक सामने, मनोज बाजपेयी और वहीदा रहमान की जोड़ी ने खींचा ध्यान

    नई दिल्ली: गांधी जयंती के खास मौके पर फिल्म ‘गांधी एंड माय मदर’ की पहली झलक सामने आई है। फिल्म की नई तस्वीरों में उस दौर और माहौल की झलक देखने को मिल रही है, जिसमें इसकी कहानी आधारित है। फिल्म का निर्देशन सुधीर मिश्रा ने किया है। सामने आई तस्वीरों के जरिए दर्शकों को फिल्म की दुनिया और उसके वातावरण की शुरुआती झलक मिली है। यह फिल्म महात्मा गांधी के जीवन और उनकी विरासत से जुड़ी हुई है। हालांकि, फिल्म की कहानी से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में तस्वीरों के जरिए दर्शकों को फिलहाल फिल्म के दौर, माहौल और इसके विषय की एक शुरुआती झलक ही देखने को मिली है।

    ‘गांधी एंड माय मदर’ में महात्मा गांधी के जीवन को केवल इतिहास और राजनीति के नजरिए से दिखाने के बजाय उनके जीवन के निजी और मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। फिल्म में उस समय के माहौल और रिश्तों को कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। सामने आई तस्वीरों में भी इसी पृष्ठभूमि की झलक दिखाई देती है। फिल्म की कहानी और घटनाक्रम को लेकर अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। इसलिए तस्वीरों से फिल्म की पूरी कहानी का अंदाजा लगाना संभव नहीं है। फिलहाल सामने आई झलक से इतना स्पष्ट है कि फिल्म गांधी के जीवन से जुड़े कम चर्चित और मानवीय पहलुओं को पर्दे पर प्रस्तुत करने की कोशिश करेगी।

    फिल्म की स्टारकास्ट में मनोज बाजपेयी और दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके अलावा दिव्या दत्ता और सौरभ शुक्ला भी फिल्म का हिस्सा हैं। सुधीर मिश्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में गहराई वाले किरदारों और जटिल रिश्तों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। सामने आई तस्वीरों में कलाकारों के साथ फिल्म के दौर से जुड़ा वातावरण भी दिखाई दे रहा है। गांधी जयंती के मौके पर पहली झलक सामने आने से फिल्म की कहानी और कलाकारों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

    फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है। फिल्म की कहानी, बाकी किरदारों और घटनाक्रम को लेकर भी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध तस्वीरों में फिल्म के कालखंड और उसके माहौल को प्रमुखता से दिखाया गया है। मनोज बाजपेयी और वहीदा रहमान जैसे अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी फिल्म की स्टारकास्ट को खास बनाती है। दिव्या दत्ता और सौरभ शुक्ला भी इस फिल्म का हिस्सा हैं। अब फिल्म की कहानी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी और रिलीज डेट की घोषणा का इंतजार है।

  • “फिल्मों के बड़े बजट सिर्फ PR का हिस्सा हैं” – मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान, रामायण और वाराणसी पर फिर छिड़ी बहस

    “फिल्मों के बड़े बजट सिर्फ PR का हिस्सा हैं” – मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान, रामायण और वाराणसी पर फिर छिड़ी बहस


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में इन दिनों दो बड़ी फिल्मों-Ranbir Kapoor की ‘रामायण’ और Priyanka Chopra की फिल्म ‘वाराणसी’-को लेकर जबरदस्त चर्चा है। दोनों फिल्मों के कथित बजट को लेकर सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री तक लगातार बहस चल रही है। इसी बीच मनोज बाजपेयी ने इन चर्चाओं को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिल्मों के बड़े बजट की बातें अक्सर “पीआर का जरिया” बन जाती हैं और पिछले कई वर्षों से यह ट्रेंड लगातार बढ़ा है। उनका कहना है कि दर्शकों को इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि किसी फिल्म का बजट कितना है, बल्कि यह देखना चाहिए कि फिल्म उन्हें पसंद आई या नहीं।

    “दर्शकों को सिर्फ फिल्म से मतलब होना चाहिए”
    मनोज बाजपेयी ने कहा कि आजकल दर्शक एयरपोर्ट या सार्वजनिक जगहों पर उनसे फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नंबर तक पूछते हैं। इस पर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वे कई बार लोगों को डांट भी देते हैं। उनके अनुसार, “अगर बॉक्स ऑफिस का पैसा दर्शकों के बैंक अकाउंट में नहीं जा रहा, तो उन्हें इसकी चिंता क्यों करनी चाहिए?” उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से प्रोड्यूसर्स और मेकर्स का मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दर्शकों का फिल्म से सिर्फ इतना संबंध होना चाहिए कि उन्हें फिल्म पसंद आई या नहीं।

    4000 करोड़ और 1400 करोड़ के बजट पर चर्चा
    इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा ‘रामायण’ के बजट की हो रही है, जिसे लगभग 4000 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। यह फिल्म दो भागों में बनाई जा रही है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। वहीं ‘वाराणसी’ का बजट करीब 1400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिससे यह भी बड़े पैमाने की फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। इन आंकड़ों ने फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस को जन्म दे दिया है-क्या इतने बड़े बजट वास्तव में जरूरी हैं या यह सिर्फ प्रचार का हिस्सा हैं?

    फिल्मों के बिजनेस पर भी उठे सवाल
    मनोज बाजपेयी ने यह भी कहा कि 500-600 करोड़ या हजारों करोड़ रुपये के आंकड़ों पर दर्शकों को ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, फिल्म के बिजनेस का असर केवल प्रोड्यूसर्स और निवेशकों पर पड़ता है, आम दर्शकों पर नहीं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आजकल फिल्मों के बजट और कमाई के आंकड़े कई बार चर्चा बढ़ाने और फिल्म को सुर्खियों में बनाए रखने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

    दिवाली और 2027 में रिलीज की तैयारी
    ‘रामायण’ का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने की संभावना है, जिसे डायरेक्टर Nitesh Tiwari निर्देशित कर रहे हैं। वहीं ‘वाराणसी’ फिल्म 2027 में रिलीज होने की उम्मीद है, जिसका निर्देशन S. S. Rajamouli कर रहे हैं। दोनों फिल्मों को लेकर पहले से ही दर्शकों में भारी उत्साह है और अब बजट विवाद ने इन प्रोजेक्ट्स को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

    मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर इस बहस को हवा दे गया है कि क्या भारतीय सिनेमा में बढ़ते बजट वाकई गुणवत्ता का संकेत हैं या सिर्फ मार्केटिंग रणनीति। फिलहाल, दर्शक इन बड़ी फिल्मों की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

  • ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा

    ‘घूसखोर पंडित’ विवाद पर अभिनेता का बयान, धमकियों का किया खुलासा


    नई दिल्ली। अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘गवर्नर’ को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन उनकी विवादित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है। फिल्म के टाइटल को लेकर हुए भारी विरोध और कानूनी विवाद के बीच अब मनोज बाजपेयी ने पहली बार विस्तार से बताया है कि इस पूरे मामले ने उन्हें और उनके परिवार को किस तरह प्रभावित किया।

    दरअसल, इस साल की शुरुआत में एक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अपने 2026 कंटेंट लाइनअप की घोषणा की थी, जिसमें मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ भी शामिल थी। फिल्म का नाम सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। कई संगठनों, सामाजिक समूहों और राजनीतिक नेताओं ने इस टाइटल पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद अदालत और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। बाद में अदालत के निर्देश और बढ़ते विरोध को देखते हुए मेकर्स ने फिल्म का टाइटल वापस लेने और बदलने का फैसला किया।

    हाल ही में पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि फिल्म की टीम को इस तरह के बड़े विवाद की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह महसूस हुआ कि बड़ी संख्या में लोग फिल्म के नाम से आहत हैं, मेकर्स ने सिर्फ दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। मनोज के मुताबिक अगर किसी रचनात्मक कार्य से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसे सुधारने में कोई हर्ज नहीं है।

    उन्होंने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए किसी फिल्म का टाइटल बदलना कोई बड़ी बात नहीं होती। उनके अनुसार फिल्म निर्माता और लेखक कई नए और बेहतर नाम सोच सकते हैं। इसलिए फिल्म के नाम को लेकर उनकी ओर से कभी कोई जिद नहीं थी।

    हालांकि विवाद का सबसे कठिन पहलू वह था जब यह व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया। मनोज बाजपेयी ने खुलासा किया कि इस दौरान उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, गालियां और धमकियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, कई लोगों ने उनके परिवार को भी इस विवाद में घसीटना शुरू कर दिया, जिससे उनके परिजन परेशान और चिंतित हो गए थे।

    मनोज ने कहा कि जब उन्हें धमकियां मिल रही थीं तब भी वह लगातार यात्रा कर रहे थे और अपने काम में व्यस्त थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जब किसी व्यक्ति के परिवार को निशाना बनाया जाता है, तब स्थिति दुखद हो जाती है। अभिनेता ने कहा कि ऐसे लोगों के प्रति उन्हें गुस्से से ज्यादा सहानुभूति महसूस होती है।

    उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना पूरी जानकारी के राय बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। मनोज का कहना है कि आज कई लोग किसी विषय को समझने से पहले ही निष्कर्ष निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़े-लिखे और समझदार व्यक्ति हैं तथा किसी मुद्दे को गहराई से समझने में विश्वास रखते हैं। लेकिन जो लोग बिना तथ्य जाने राय बना लेते हैं, उनसे बहस करने में न तो उनकी रुचि है और न ही समय।

    गौरतलब है कि विवाद के बाद फिल्म का मूल टाइटल वापस ले लिया गया था और नए नाम की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। वहीं मनोज बाजपेयी की नई फिल्म ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज होने वाली है, जिससे उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं।

    इस पूरे विवाद पर मनोज बाजपेयी का बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी विषय पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझना कितना जरूरी है।

  • मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म के टाइटल पर क्यों मचा बवाल? लोग कर रहे नाम बदलने की मांग

    मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म के टाइटल पर क्यों मचा बवाल? लोग कर रहे नाम बदलने की मांग


    नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स ने मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म घूसखोर पंडित का पहला लुक जारी कर दिया है। मनोज बाजपेयी एक पुलिसवाले की भूमिका में फैंस को काफी एंटरटेन करने वाले हैं। हालांकि, फिल्म की पहली झलक के साथ ही फिल्म के टाइटल को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। लोग टाइटल को बदलने की मांग कर रहे हैं।

    टाइटल पर क्यों मच रहा बवाल

    फिल्म का टाइटल है घूसखोर पंडित। जैसे ही टाइटल वायरल हुआ लोग कहने लगे कि ये टाइटल समाज के एक वर्ग को टारगेट कर रहा है। एक यूजर ने एक्स पर लिखा- हेलो नेटफ्लिक्स इंडिया, पंडितों और ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत फैलाने को नॉर्मल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं आपको कोर्ट में मिलूंगा।

    नाम बदलने की हो रही मांग

    एक दूसरे यूजर ने लिखा- मैं तो ब्राहम्ण भी नहीं हूं, लेकिन ब्राहम्णों के प्रति इतनी नफरत ये तो बहुत ज्यादा हो गया। सोचिए आप घूसखोर दलित या घूसखोर मुस्लिम जैसा टाइटल रखें और फिर सोचें कि क्या रिएक्शन होता। एक ने लिखा- बेहद शर्मनाक, अपनी कट्टरता फैलाने के लिए एक ऐसा समाज चुना जो सॉफ्ट टारगेट हैं। इसे अभी बदलिए या फिर बैन के लिए तैयार हो जाइए।

    क्या बोल रहे सोशल मीडिया यूजर्स

    एक ने लिखा- आपने घूसखोर पंडित नाम रखा, क्या आपके अंदर फिल्म का नाम घूसखोर मुस्लिम रखने की है? इसे बदलो या फिर मास बॉयकॉट के लिए तैयार हो जाओ। एक ने लिखा- ये लोग शो का नाम कुछ भी रख सकते थे, लेकिन एक नेरेटिव सेट करने के लिए उन्होंने खासकर ये नाम चुना। ये ठीक कैसे हो सकता है? शायद, इन्हें सबक सिखाने के लिए हमें इनका बहिष्कार करना शुरू कर देना चाहिए।

    फिल्म के बारे में जानिए

    फिल्म की बात करें तो फिल्म में मनोज बाजपेयी अजय दिक्षीत का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म को रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है। वहीं, इस फिल्म को लिखा है नीरज पांडे ने।फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, श्रद्धा दास और किकू शारदा जैसे कलाकार नजर आएंगे।