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  • जब मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच पहले पंच को लेकर अटक गई शूटिंग, निरहुआ ने बीच में आकर सुलझाया मामला

    जब मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच पहले पंच को लेकर अटक गई शूटिंग, निरहुआ ने बीच में आकर सुलझाया मामला


    नई दिल्ली ।
    बिग बॉस 20 के एक एपिसोड में आम्रपाली दुबे ने भोजपुरी सिनेमा के दो चर्चित कलाकारों मनोज तिवारी और रवि किशन से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों कलाकारों के बीच फाइट सीन को लेकर ऐसी स्थिति बन गई थी कि काफी देर तक शूटिंग शुरू ही नहीं हो पाई। दोनों इस बात पर सहमत नहीं हो रहे थे कि सीन में सबसे पहला पंच कौन मारेगा। आखिरकार अभिनेता और भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने बीच में आकर ऐसा रास्ता निकाला, जिससे दोनों कलाकारों का सीन भी हो गया और शूटिंग आगे बढ़ सकी।

    यह किस्सा आम्रपाली ने मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी से बातचीत के दौरान सुनाया। उन्होंने बताया कि फिल्म में मनोज तिवारी ने पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया था, जबकि रवि किशन की भूमिका एक गुंडे की थी। कहानी के मुताबिक दोनों के बीच फाइट का दृश्य फिल्माया जाना था। लेकिन सीन की शुरुआत में पहला पंच किसकी तरफ से होगा, इसे लेकर दोनों कलाकार अपनी-अपनी बात पर कायम रहे।

    आम्रपाली के मुताबिक मनोज तिवारी का कहना था कि उन्होंने पुलिस का किरदार निभाया है, इसलिए पहला वार पुलिस की तरफ से होना चाहिए। दूसरी ओर रवि किशन भी अपनी भूमिका और संवाद के आधार पर तर्क दे रहे थे। उनका कहना था कि जब उनके किरदार का संवाद ही ऐसा है कि उसके बिना वहां पत्ता तक नहीं हिलता, तो फिर पहला पंच उन्हें कैसे मारा जा सकता है। इस बात को लेकर शूटिंग लंबे समय तक रुकी रही।

    मामला आगे बढ़ता नहीं दिखा तो दिनेश लाल यादव निरहुआ ने बीच में आने का फैसला किया। आम्रपाली ने बताया कि निरहुआ ने दोनों कलाकारों से कहा कि वह दोनों के बीच आकर उन्हें रोकने की भूमिका निभाएंगे। इसके बाद फाइट सीन में मनोज तिवारी और रवि किशन के बजाय दोनों के पंच निरहुआ को लगेंगे। इस सुझाव के बाद शूटिंग आगे बढ़ी और मौजूद लोगों ने निरहुआ के इस समाधान की सराहना की।

    आम्रपाली ने यह किस्सा उस समय सुनाया, जब बिग बॉस 20 के घर में दिन की शुरुआत खाने को लेकर आम्रपाली दुबे और माही विज के बीच विवाद से हुई थी। दोनों के बीच किचन में खाना बनाने को लेकर बहस हुई। आम्रपाली ने कहा कि जब वह किचन में खाना बना रही हों तो उन्हें किसी तरह की दखलअंदाजी पसंद नहीं है।

    इसके बाद घर में कैप्टेंसी टास्क भी हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को पुरुष और महिला टीमों में बांटा गया। पहले राउंड के दौरान अरिश्फा खान और स्काउट के बीच विवाद हो गया। अरिश्फा ने स्काउट के गेमिंग प्रोफेशन को लेकर सवाल उठाए, जिसके जवाब में स्काउट ने उनके डांस वीडियो का जिक्र किया। इसके बाद युंग भी स्काउट के समर्थन में आ गए और दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई।

    बाद में ईशा रिखी ने स्काउट को चुप रहने के लिए कहा, जिससे वह नाराज हो गए और भावुक होकर रोने लगे। इसके बाद कैमरे के सामने स्काउट ने कहा कि अगर गलती उनकी है तो उन्हें घर से निकाल दिया जाए, लेकिन अगर गलती दूसरे पक्ष की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह एपिसोड में जहां घर के सदस्यों के बीच विवाद देखने को मिला, वहीं आम्रपाली द्वारा सुनाया गया मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ से जुड़ा पुराना किस्सा भी चर्चा में रहा।

  • मनोज बाजपेयी ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ कर समाज पर सवाल उठाए

    मनोज बाजपेयी ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ कर समाज पर सवाल उठाए

    नई दिल्ली । मनोज बाजपेयी ने तुकाराम मुंढे के काम की तारीफ करते हुए कहा कि आज के दौर में पूरी ईमानदारी और लगन से अपनी जिम्मेदारी निभाने वाला व्यक्ति भी लोगों के लिए असाधारण बन जाता है। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी का अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभाना अब लोगों को इतना प्रभावित करता है कि वह व्यक्ति चर्चा में आकर सेलिब्रिटी जैसा बन जाता है।

    महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख तुकाराम मुंढे इन दिनों अपने काम करने के तरीके और सख्त रवैये को लेकर चर्चा में हैं। खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता की वजह से उन्हें लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा देखने को मिल रही है। उनके काम की सराहना करने वालों में अब अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम भी जुड़ गया है।

    मनोज बाजपेयी ने कहा कि समाज में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले लोगों को देखकर लोगों का हैरान होना अपने आप में सोचने वाली बात है। उनके मुताबिक जब किसी अधिकारी को एक जिम्मेदारी सौंपी जाती है और वह व्यक्ति बिना किसी समझौते के अपना काम करता है, तो आज के समय में उसका इस तरह चर्चा में आना समाज की बदलती सोच को भी दिखाता है।

    अभिनेता ने उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी या तुकाराम मुंढे जैसे अधिकारी जब अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाते हैं, तो लोग उन्हें अलग नजर से देखने लगते हैं। उनका मानना है कि कर्तव्य के प्रति निष्ठा सामान्य व्यवस्था का हिस्सा होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यही बात लोगों को असाधारण लगने लगी है।

    तुकाराम मुंढे को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच भी लगातार चर्चा रही है। उनके सख्त प्रशासनिक रवैये और काम के प्रति गंभीरता को लेकर उन्हें रियल लाइफ हीरो तक कहा जा रहा है। मनोज बाजपेयी की टिप्पणी इसी चर्चा के बीच सामने आई है और इससे अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जारी सार्वजनिक बहस को और बल मिला है।

    वहीं मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म लास्ट मैन इन टावर को लेकर भी चर्चा में हैं। फिल्म का निर्देशन बेन रेखी ने किया है और इसमें मनोज बाजपेयी के साथ दिव्या दत्ता और बोमन ईरानी जैसे कलाकार नजर आएंगे। यह फिल्म लेखक अरविंद अडिगा के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है।

    फिल्म में मनोज बाजपेयी एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक का किरदार निभा रहे हैं, जिसे मास्टरजी के नाम से जाना जाता है। कहानी एक ऐसी इमारत के निवासियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक बड़े बदलाव को लेकर लोगों के बीच मतभेद पैदा हो जाते हैं। मनोज बाजपेयी का किरदार अपनी कम्युनिटी की इच्छा के विपरीत फैसला लेता है, जिसके बाद इमारत में रहने वाले लोगों के बीच तनाव बढ़ता है।

    लास्ट मैन इन टावर 11 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म को लेकर मनोज बाजपेयी के प्रशंसकों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। अभिनेता इससे पहले कई अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आ चुके हैं और अपनी अभिनय क्षमता के लिए लंबे समय से दर्शकों के बीच पहचान रखते हैं।

    तुकाराम मुंढे की कार्यशैली पर मनोज बाजपेयी की टिप्पणी ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि क्या आज के समय में ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करना ही किसी अधिकारी को आम लोगों की नजर में खास बना देता है। उनके बयान का केंद्र यही विचार रहा कि अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाना किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।