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  • Mansukh Mandaviya बोले-2036 ओलंपिक होस्ट करने के लिए देश कर रहा पूरा प्रयास

    Mansukh Mandaviya बोले-2036 ओलंपिक होस्ट करने के लिए देश कर रहा पूरा प्रयास


    नई दिल्ली । केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने साफ संकेत दिए हैं कि भारत अब वैश्विक खेल आयोजनों में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश का अगला बड़ा लक्ष्य Olympic Games 2036 की मेजबानी हासिल करना है और इसके लिए हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
    कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 से मिलेगी मजबूती
    मांडविया ने बताया कि भारत को Commonwealth Games 2030 की मेजबानी मिल चुकी है। यह आयोजन गुजरात के Ahmedabad में होगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के सफल आयोजन से भारत की दावेदारी और मजबूत होगी और ओलंपिक 2036 की मेजबानी का रास्ता आसान हो सकता है।
    IOC की शर्तें पूरी करने पर फोकस
    भारत ने 2036 ओलंपिक के लिए बोली लगा दी है और अब ध्यान International Olympic Committee की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने पर है। सरकार बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और प्रबंधन प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर रही है।
    स्पोर्ट्स इकोसिस्टम हो रहा मजबूत
    खेल मंत्री ने कहा कि देश में खेलों का इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। Fit India Movement और Khelo India जैसी योजनाओं से युवाओं को खेलों में भागीदारी के अधिक अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, स्पोर्ट्स गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए नए कानूनों पर भी काम किया जा रहा है।
    2010 के बाद फिर बड़ा मौका
    भारत में आखिरी बार Commonwealth Games 2010 का आयोजन दिल्ली में हुआ था। अब 20 साल बाद अहमदाबाद में फिर से यह बड़ा आयोजन होने जा रहा है, जो देश की खेल क्षमता और संगठन कौशल को दुनिया के सामने पेश करेगा।
    अगले 10 साल में टॉप-10 स्पोर्ट्स देशों में शामिल होने का लक्ष्य
    मांडविया ने भरोसा जताया कि आने वाले दशक में भारत दुनिया के शीर्ष 10 खेल देशों में शामिल हो सकता है। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग, सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर देने पर जोर दिया जा रहा है।
    अहमदाबाद बन सकता है ओलंपिक हब
    सरकार की योजना है कि कॉमनवेल्थ गेम्स की तरह ही ओलंपिक 2036 का आयोजन भी अहमदाबाद में कराया जाए। इसके लिए शहर को वैश्विक स्तर की खेल नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • फॉर्मूला 1 की भारत वापसी की तैयारी: सरकार ने शुरू की पहल, जल्द मिल सकती है खुशखबरी

    फॉर्मूला 1 की भारत वापसी की तैयारी: सरकार ने शुरू की पहल, जल्द मिल सकती है खुशखबरी


    नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश के खेल प्रेमियों को बड़ी उम्मीद दी है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि भारत में दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता फॉर्मूला 1 की वापसी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और यह 2027 से पहले देश में दोबारा आयोजित हो सकती है। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत को अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बनाना है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

    खेल मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि फॉर्मूला 1 की वापसी को लेकर ट्रैक और तकनीकी स्तर की कई अहम बाधाएं दूर कर ली गई हैं। उनके अनुसार अगले छह महीनों में बाकी तैयारियों को भी पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार चाहती है कि लंबे अंतराल के बाद भारत एक बार फिर दुनिया के सबसे तेज और रोमांचक रेसिंग इवेंट की मेजबानी करे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में संबंधित एजेंसियां और खेल मंत्रालय मिलकर तेजी से काम कर रहे हैं ताकि समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।

    भारत में पहले भी फॉर्मूला 1 का आयोजन हो चुका है, जब 2011 से 2013 के बीच ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में इंडियन ग्रां प्री का आयोजन किया गया था। यह ट्रैक प्रसिद्ध डिजाइनर हरमन टिल्के द्वारा तैयार किया गया था और इसे दुनिया के बेहतरीन रेसिंग ट्रैकों में गिना जाता है। शुरुआती तीन सीजन में सेबेस्टियन वेट्टल ने रेड बुल रेसिंग के लिए लगातार जीत दर्ज कर दबदबा बनाया था, जिससे भारत में इस खेल को काफी लोकप्रियता मिली थी।

    हालांकि 2013 के बाद यह आयोजन भारत में बंद हो गया था। इसके पीछे मुख्य कारण टैक्स संबंधी विवाद, आयोजन की भारी लागत और प्रशासनिक चुनौतियां बताई जाती हैं। इसके बाद यह रेस फॉर्मूला 1 कैलेंडर से पूरी तरह बाहर हो गई। अब सरकार का दावा है कि पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थायी रूप से भारत में हो सकें।

    खेल मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल फॉर्मूला 1 ही नहीं बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों जैसे मोटोजीपी को भी भारत में लाने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे देश में खेल संस्कृति मजबूत होगी, युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और भारत की वैश्विक पहचान और भी सशक्त होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी होती है तो इससे खेल पर्यटन, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही, भारत वैश्विक खेल मानचित्र पर एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कर सकेगा। खेल प्रेमियों में इस घोषणा के बाद उत्साह देखा जा रहा है और सभी को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

    खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी की तैयारियां चल रही हैं और 2027 से पहले रेस दोबारा हो सकती है। सरकार ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रही है, जिससे भारत फिर से इंटरनेशनल मोटरस्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र बन सके।