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  • साइकिल चलाओ फिट रहो देश को मजबूत बनाओ मांडविया और गंभीर ने युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र

    साइकिल चलाओ फिट रहो देश को मजबूत बनाओ मांडविया और गंभीर ने युवाओं को दिया फिटनेस मंत्र


    नई दिल्लीनई दिल्ली में रविवार को आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल इवेंट में फिटनेस और खेलों को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना और फिटनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। बड़ी संख्या में बच्चों युवाओं और अलग अलग उम्र के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और साइकिलिंग के साथ कई अन्य खेल गतिविधियों में भी भागीदारी की।

    केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस दौरान युवाओं को खास तौर पर मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संडे ऑन साइकिल का यह 88वां संस्करण है और देशभर में अब तक 25 हजार से ज्यादा स्थानों पर इसका आयोजन किया जा चुका है। उनके मुताबिक साइकिल चलाने को लेकर देश में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और यह अभियान धीरे धीरे एक जुनून और पैशन का रूप ले रहा है। उन्होंने साइकिलिंग को व्यायाम का बेहतरीन माध्यम बताते हुए कहा कि इससे व्यक्ति खुद को फिट रखने के साथ पर्यावरण और यातायात से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में भी योगदान दे सकता है।

    मांडविया ने युवाओं से अपील की कि वे रोजाना कम से कम एक घंटे मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहने की कोशिश करें। इस समय को साइकिल चलाने या किसी अन्य खेल गतिविधि में लगाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। उनका संदेश खास तौर पर ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बच्चों और युवाओं के बीच स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है और शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम होता जा रहा है।

    कार्यक्रम में गौतम गंभीर ने भी फिटनेस को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने फिट इंडिया अभियान को सरकार की एक बेहतरीन पहल बताते हुए कहा कि जिस तरह देश के लोग स्वस्थ होंगे उसी तरह देश मजबूत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। गंभीर ने फिटनेस को किसी एक दिन या आयोजन तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक अभियान के रूप में देखने की जरूरत बताई। उन्होंने युवाओं और इस अभियान से जुड़े लोगों से अपील की कि वे फिटनेस का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।

    गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ नागरिक किसी भी मजबूत देश की नींव होते हैं। उनके अनुसार फिटनेस को केवल खेल खेलने या व्यायाम करने तक सीमित नहीं समझना चाहिए बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। नियमित खेल गतिविधियां व्यक्ति को सक्रिय रखने के साथ अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती हैं।

    जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों और अतिथियों का सम्मान किया। मुख्य अतिथि गौतम गंभीर के अलावा पहलवान और अभिनेता संग्राम सिंह तथा अभिनेत्री मुधरिमा तुली भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों का फूल और बुके देकर स्वागत किया गया।

    साइकिलिंग के अलावा कार्यक्रम में कई अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने इसे सामूहिक फिटनेस उत्सव का रूप दिया। आयोजन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिट रहना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण से भी जुड़ा विषय है। मांडविया और गंभीर की अपील ने युवाओं को खेल और नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के अभियान को नई ऊर्जा दी।

  • साइकिल पर सवार हुए BRICS देश, मांडविया और रक्षा खडसे ने किया नेतृत्व; युवाओं को दिया फिट और स्वस्थ रहने का

    साइकिल पर सवार हुए BRICS देश, मांडविया और रक्षा खडसे ने किया नेतृत्व; युवाओं को दिया फिट और स्वस्थ रहने का


    नई दिल्ली। विशाखापत्तनम में रविवार को फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का अनोखा संगम देखने को मिला। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया तथा युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने BRICS Friendship Cycling Event का नेतृत्व किया। यह कार्यक्रम Fit India Sundays on Cycle के 87वें संस्करण के तहत आयोजित किया गया। खास बात यह रही कि BRICS युवा और खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान हुए इस आयोजन में कई सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी साइकिल चलाकर दोस्ती सहयोग और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    साइकिलिंग कार्यक्रम में मिस्र इथियोपिया इंडोनेशिया संयुक्त अरब अमीरात ईरान और दक्षिण अफ्रीका के मंत्री तथा विभागीय प्रमुखों ने हिस्सा लिया। अलग अलग देशों के प्रतिनिधियों का एक साथ साइकिल चलाना BRICS देशों के बीच सहयोग और आपसी मित्रता का प्रतीक बना। इस सप्ताह Fit India Sundays on Cycle की थीम उन्नत भारत अभियान रखी गई थी। आयोजन के जरिए फिटनेस को केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य से जोड़ने के बजाय पर्यावरण संरक्षण ईंधन की बचत और स्वस्थ समाज के निर्माण से भी जोड़ा गया।

    कार्यक्रम के दौरान मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का Fit India Movement देशभर में लगातार विस्तार कर रहा है। उनके मुताबिक देश में 18 हजार से ज्यादा स्थानों पर Fit India Sundays on Cycle के जरिए युवा और आम लोग साइकिल चलाकर फिटनेस का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने साइकिलिंग को बेहतरीन व्यायाम बताते हुए कहा कि इससे शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रखने के साथ प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने में भी मदद मिलती है। साइकिल का ज्यादा इस्तेमाल ट्रैफिक पर दबाव कम करने में भी उपयोगी हो सकता है।

    मांडविया ने फिटनेस को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज बनता है और स्वस्थ समाज ही खुशहाल तथा मजबूत देश की नींव तैयार करता है। उन्होंने लोगों से प्रत्येक रविवार साइकिल चलाने और अपनी फिटनेस को प्राथमिकता देने की अपील की। BRICS देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की और पूरे भारत में फिटनेस अभियान को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की।

    Fit India Sundays on Cycle का 87वां संस्करण देश के अलग अलग हिस्सों में आयोजित किया गया। नई दिल्ली के अलावा लेह कारगिल और पोर्ट ब्लेयर जैसे स्थानों पर भी लोगों ने साइकिलिंग और फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत की शपथ भी ली। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।

    नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में सुबह साढ़े पांच बजे से फिटनेस कार्यक्रम शुरू हुआ जिसमें एक हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। यहां योग जुम्बा और रस्सी कूदने जैसी गतिविधियों के बाद इंडिया गेट के आसपास पांच किलोमीटर की साइकिल रैली आयोजित की गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग अलग उम्र के लोगों ने कार्यक्रम में उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन स्थल पर कैरम शतरंज बैडमिंटन रस्साकशी और बाधा दौड़ जैसी गतिविधियों के लिए विशेष गेम जोन भी तैयार किया गया था।

    Fit India Sundays on Cycle युवा मामले और खेल मंत्रालय की पहल है जिसे Cycling Federation of India राहगिरी फाउंडेशन और MY Bharat के सहयोग से आयोजित किया जाता है। यह अभियान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करना और साइकिलिंग को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। विशाखापत्तनम का BRICS Friendship Cycling Event इसी अभियान को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने वाला विशेष आयोजन बन गया।

  • 18 हजार से ज्यादा जगहों पर फिटनेस का संदेश: BRICS Friendship Sunday on Cycle में शामिल हुए खेल मंत्री मांडविया

    18 हजार से ज्यादा जगहों पर फिटनेस का संदेश: BRICS Friendship Sunday on Cycle में शामिल हुए खेल मंत्री मांडविया

    नई दिल्ली।  विशाखापत्तनम में रविवार को फिटनेस और भारत की वैश्विक खेल पहल का अनोखा संगम देखने को मिला। भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित बैठकों के बीच केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने BRICS Friendship Sunday on Cycle कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस खास आयोजन के जरिए फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में साइकिल चलाकर लोगों को नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित किया गया। मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया अभियान को देशभर में लगातार मजबूती मिल रही है और रविवार को आयोजित होने वाला यह साइकिलिंग अभियान युवाओं के बीच फिटनेस को जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मांडविया ने कहा कि विशाखापत्तनम में ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर आयोजित BRICS Friendship Sunday on Cycle का यह संस्करण विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि देशभर में 18000 से अधिक स्थानों पर Sunday on Cycle कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए युवाओं और आम लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उनका कहना था कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए बेहद प्रभावी व्यायाम है और इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    मांडविया ने साइकिलिंग को केवल फिटनेस से जोड़कर नहीं देखा बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलती है। इससे ईंधन की बचत होती है और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में योगदान मिलता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के नागरिकों का स्वस्थ और फिट रहना जरूरी है। स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज बनता है और स्वस्थ समाज ही मजबूत और फिट राष्ट्र की नींव तैयार करता है।

    दरअसल भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी के तहत 22 और 23 अगस्त को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा मंत्रियों और खेल मंत्रियों की बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। बैठकों का मुख्य उद्देश्य युवा मामलों और खेल के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।

    केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इन बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी इन महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल हैं। 23 अगस्त को होने वाली ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों के खेल मंत्री और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान खेलों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की जा रही है।

    भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय लचीलेपन नवाचार सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण रखा गया है। इस थीम में लोगों को केंद्र में रखते हुए मानवता को प्राथमिकता देने की सोच दिखाई देती है। ऐसे में BRICS Friendship Sunday on Cycle जैसे कार्यक्रम भारत की फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की पहल को अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने का माध्यम भी बन रहे हैं। इससे फिट इंडिया अभियान को नई ऊर्जा मिलने के साथ युवाओं को खेल और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश को भी मजबूती मिलती है।

  • देशसेवा और फिटनेस का संगम, राष्ट्रपति मुर्मु ने सोल्जरथॉन व NCC साइक्लोथॉन का किया शुभारंभ

    देशसेवा और फिटनेस का संगम, राष्ट्रपति मुर्मु ने सोल्जरथॉन व NCC साइक्लोथॉन का किया शुभारंभ


    नई दिल्ली। देश में फिटनेस राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में शनिवार को कई प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन परिसर से पीबीजी सोल्जरथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जबकि केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 की शुरुआत कर युवाओं को अनुशासन फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। इन आयोजनों ने देशवासियों विशेषकर युवाओं में देशभक्ति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित पीबीजी सोल्जरथॉन का आयोजन सैनिकों के साथ दौड़ें सैनिकों के लिए दौड़ें विषय पर किया गया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के साहस समर्पण और बलिदान को सम्मान देना तथा आम नागरिकों और सैनिकों के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करना था। इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल और इस अभियान के संरक्षक जनरल वीके सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैनिकों और आम नागरिकों ने भाग लेकर एक साथ दौड़ लगाई और राष्ट्रीय ध्वज के साथ देश के वीर जवानों के प्रति अपना सम्मान और समर्थन व्यक्त किया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि सोल्जरथॉन केवल एक दौड़ नहीं बल्कि नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास और सम्मान का मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं पर दिन रात देश की रक्षा करते हैं और उनके साहस तथा त्याग को सम्मान देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों को सैनिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।

    दूसरी ओर भारत की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में 79 एनसीसी कैडेट शामिल हुए जिन्होंने अनुशासन फिटनेस और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। कार्यक्रम में ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम की उपस्थिति ने युवाओं का उत्साह और बढ़ा दिया।

    मनसुख मांडविया ने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं बल्कि अनुशासन नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा की पाठशाला है। उन्होंने कहा कि आज के युवा विकसित भारत के सबसे मजबूत आधार हैं और उनकी ऊर्जा देश के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने युवाओं से फिट रहने समाज के प्रति जिम्मेदार बनने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

    मैरी कॉम ने भी युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एनसीसी की वर्दी केवल कपड़ा नहीं बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन मेहनत और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण हैं तथा युवा इन्हीं मूल्यों को अपनाकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

    इसी क्रम में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 84वें संस्करण का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज के प्रति जागरूक करना था।

    इन सभी आयोजनों ने यह संदेश दिया कि फिट शरीर अनुशासित जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। सैनिकों के सम्मान से लेकर युवाओं की भागीदारी तक दिल्ली में आयोजित ये कार्यक्रम देशभक्ति सामाजिक एकता और स्वस्थ भारत के संकल्प को नई मजबूती देने वाले साबित हुए।

  • भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक दिन अनाहत सिंह ने जीता विश्व जूनियर खिताब टूटा मिस्र का 13 साल का दबदबा

    भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक दिन अनाहत सिंह ने जीता विश्व जूनियर खिताब टूटा मिस्र का 13 साल का दबदबा


    नई दिल्ली। भारतीय स्क्वैश को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाते हुए 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने ऐसा इतिहास रच दिया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। कनाडा के ओंटारियो में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर अनाहत इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी इस शानदार उपलब्धि पर पूरे देश में खुशी की लहर है और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने भी उन्हें विशेष बधाई देते हुए इसे भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण पल बताया है।

    फाइनल मुकाबले में भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी और विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद अनाहत सिंह ने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को एकतरफा मुकाबले में 11-3 11-7 और 11-9 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान अनाहत ने शानदार तकनीक आत्मविश्वास और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

    इस ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया पर अनाहत की उपलब्धि की सराहना करते हुए लिखा कि इतिहास रच दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर अनाहत सिंह को हार्दिक बधाई। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।

    अनाहत की इस जीत ने भारतीय स्क्वैश के कई वर्षों के इंतजार को भी समाप्त कर दिया। वर्ष 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद पहली बार कोई भारतीय महिला खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची और अब 21 साल बाद भारत को इस प्रतियोगिता का चैंपियन भी मिला है। इसके साथ ही मिस्र के खिलाड़ियों का 13 वर्षों से चला आ रहा दबदबा भी समाप्त हो गया जो इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है।

    स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भी अनाहत की इस सफलता को भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक मोड़ बताया है। अधिकारियों का मानना है कि 2028 ओलंपिक में स्क्वैश को शामिल किए जाने से पहले यह जीत भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगी और देश में इस खेल की लोकप्रियता भी बढ़ाएगी।

    अनाहत सिंह ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने मिस्र की बारब सामेह को चार गेम तक चले मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इसी जीत के साथ वह 21 वर्षों बाद विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनी थीं। इसके बाद फाइनल में भी उन्होंने अपना शानदार फॉर्म बरकरार रखा और विश्व चैंपियन बनने का सपना साकार कर लिया।

    अनाहत की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वह वर्ष 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी के बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली गैर मिस्र खिलाड़ी भी बन गई हैं। उनकी यह सफलता भारतीय खेल जगत के लिए नई उम्मीद और नई प्रेरणा लेकर आई है। अब देश को उम्मीद है कि अनाहत आने वाले वर्षों में सीनियर स्तर पर भी भारत के लिए कई अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाएंगी।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में गूंजा 'चीयर 4 भारत', खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ग्लासगो में गूंजा 'चीयर 4 भारत', खेल मंत्री मांडविया ने भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला


    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आगाज से पहले स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए ‘चीयर 4 भारत’ अभियान की शानदार शुरुआत हुई। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय के साथ साइकिलिंग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और दुनिया को फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने कहा कि फिटनेस केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ आज वैश्विक स्तर पर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय का आभार जताते हुए कहा कि ‘चीयर 4 भारत’ अभियान के माध्यम से प्रवासी भारतीय एकजुट होकर भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।

    खेल मंत्री ने साइकिलिंग को पर्यावरण संरक्षण और ट्रैफिक जाम की समस्या का प्रभावी समाधान बताते हुए कहा कि यह फिट रहने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वस्थ समाज और विकसित भारत के निर्माण के लिए नियमित व्यायाम और फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

    कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त पेरियासामी कुमारन भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हुई है। फिट इंडिया मूवमेंट ने लोगों में स्वास्थ्य के प्रति नई जागरूकता पैदा की है और आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय खिलाड़ी इस बार भी कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करेंगे और पदकों की संख्या में बढ़ोतरी करेंगे। साथ ही उन्होंने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भी उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि भारत उस आयोजन की सफल मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत 124 सदस्यीय दल के साथ हिस्सा ले रहा है। भारतीय खिलाड़ी आठ खेलों और पांच पैरा स्पोर्ट्स स्पर्धाओं में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत पुरुष और महिला लॉन बाउल प्रतियोगिताओं से करेगा। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद के बीच ‘चीयर 4 भारत’ अभियान ने भारतीय दल को वैश्विक मंच पर मजबूत समर्थन और नया उत्साह देने का काम किया है।

  • फिट इंडिया अभियान का हिस्सा संडे ऑन साइकिल, अक्षय कुमार के साथ मांडविया ने बताए अनुभव

    फिट इंडिया अभियान का हिस्सा संडे ऑन साइकिल, अक्षय कुमार के साथ मांडविया ने बताए अनुभव


    नई दिल्ली । केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रेरणा साझा करते हुए बताया कि इस पहल की नींव उनके स्कूल जीवन के दो शिक्षकों से मिली सीख पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बचपन में दो शिक्षक रोजाना कई किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल आते थे, और उनकी यही अनुशासन भरी दिनचर्या आज भी उन्हें प्रेरित करती है।

    मांडविया ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक 19 सेकंड का वीडियो साझा किया, जिसमें वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ बातचीत करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने अपने शिक्षकों का जिक्र करते हुए बताया कि उनमें से एक शिक्षक अब 92 वर्ष के हैं और दूसरे 94 वर्ष के, लेकिन उनकी जीवनशैली आज भी प्रेरणादायक है।

    उन्होंने कहा कि इन्हीं अनुभवों से प्रेरित होकर उन्होंने संडे ऑन साइकिल जैसी पहल को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाना और साइकिलिंग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुधार पर केंद्रित है, बल्कि मोटापे की समस्या से निपटने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है।

    मांडविया और अक्षय कुमार दोनों ही रविवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां फिटनेस और योग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

    गौरतलब है कि संडे ऑन साइकिल अभियान की शुरुआत दिसंबर 2024 में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य हर रविवार देशभर में लोगों को एक साथ जोड़कर फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।

  • केंद्रीय मंत्री की स्वीकृति: पंजाब विश्वविद्यालय में आधुनिक एथलेटिक ट्रैक और ग्रामीण खेल केंद्रों का विकास

    केंद्रीय मंत्री की स्वीकृति: पंजाब विश्वविद्यालय में आधुनिक एथलेटिक ट्रैक और ग्रामीण खेल केंद्रों का विकास

    नई दिल्ली । केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पंजाब विश्वविद्यालय में ओलंपिक स्तर के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा केंद्रीय मंत्री को प्रस्तुत किए गए विस्तृत सुझावों के बाद आया है। प्रस्ताव में देशभर में खेल संस्कृति के विकास और युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाने के लिए कई पहलुओं पर जोर दिया गया।

    इस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को प्रत्येक राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, राष्ट्रीय स्तर पर खेल उत्कृष्टता केंद्र और मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने के सुझाव भी प्रस्तुत किए। इसके अलावा, ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की खोज और उन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उपायों पर भी चर्चा हुई।

    विशेष रूप से, ABVP ने 2036 ओलंपिक की तैयारियों के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें खिलाड़ियों के लिए स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा, स्पोर्ट्स सामग्री बैंक, राष्ट्रीय डिजिटल एथलीट पोर्टल और ‘माई भारत’ वालंटियर्स के मानदेय में वृद्धि जैसी सिफारिशें शामिल थीं। इन सभी सुझावों को केंद्रीय मंत्री ने गंभीरता से लिया और कई मामलों में सरकार द्वारा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    पंजाब विश्वविद्यालय में ओलंपिक मानक के सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की स्थापना इस चर्चा की प्रमुख उपलब्धि मानी जा रही है। निर्माण कार्य की प्रक्रिया को अगले दो से तीन महीनों में तेज़ गति से आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रैक न केवल छात्रों और एथलीटों के प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाएगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारत की तैयारी को भी मजबूत करेगा।

    सरकारी अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ‘स्पोर्ट्स सामग्री बैंक’ स्थापित करने की योजना की भी सराहना की। यह पहल खिलाड़ियों को आवश्यक खेल उपकरण और संसाधन प्रदान करने में मदद करेगी। मंत्रालय ने बताया कि इस दिशा में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    ABVP का मानना है कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी संपत्ति है और इसे खेल के माध्यम से सशक्त बनाने से न केवल खेल क्षेत्र में बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान मिलेगा। आधुनिक खेल अवसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की ओर तेजी से बढ़ सकता है।

    छात्र संगठन ने सरकार के सकारात्मक आश्वासनों का स्वागत किया और कहा कि शीघ्र और प्रभावी निर्णयों से देश में खेल संस्कृति को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही यह पहल युवाओं और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं भविष्य में देश की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाने में निर्णायक साबित होंगी।

    पंजाब विश्वविद्यालय में इस उच्च स्तरीय ट्रैक के निर्माण से राज्य और देश दोनों में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के अवसर मिलेंगे। इस परियोजना से न केवल छात्रों और एथलीटों का विकास होगा बल्कि खेल क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • मार्च से पहले पीएफ से यूपीआई लिंक, एटीएम से भी निकलेगा पैसा; प्रोसेस होगा और आसान…

    मार्च से पहले पीएफ से यूपीआई लिंक, एटीएम से भी निकलेगा पैसा; प्रोसेस होगा और आसान…


    नई दिल्ली/केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रोविडेंट फंड (PF) से जुड़ी नई डिजिटल पहल का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 से पहले कर्मचारी अपने पीएफ खाते को UPI और एटीएम से लिंक कर सकेंगे। इसका मतलब यह होगा कि भविष्य में पीएफ निकालना अब पहले से कहीं आसान और डिजिटल हो जाएगा।

    पीएफ निकालने की मौजूदा प्रक्रिया में कठिनाई

    आज की तारीख में पीएफ निकालने के लिए कर्मचारियों को कई फॉर्म भरने और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार लोग फार्म भरते-भरते थक जाते हैं और प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। मनसुख मांडविया ने कहा कि यही परेशानी ध्यान में रखकर सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। अब कर्मचारी अपने पीएफ का 75 प्रतिशत हिस्सा बिना किसी वजह के निकाल सकेंगे।

    क्यों रखा जाएगा 25 प्रतिशत पीएफ?

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएफ में 25 प्रतिशत राशि इसलिए सुरक्षित रखी जाएगी ताकि कर्मचारियों की नौकरी की निरंतरता बनी रहे। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी 7 महीने काम करने के बाद पूरी राशि निकाल लेता है और बाद में नई नौकरी ज्वाइन करता है, तो उसकी पीएफ कंटिन्यूटी टूट जाती है। वहीं पेंशन के लिए 10 साल की लगातार नौकरी जरूरी होती है। 25 प्रतिशत राशि जमा रहने से कर्मचारी पेंशन के लिए पात्र बने रहेंगे और नई नौकरी मिलने तक सुरक्षा भी मिलती है।

    एटीएम और यूपीआई से पीएफ निकासी कैसे होगी

    मनसुख मांडविया ने बताया कि सरकार ने पीएफ खाते को बैंक खाता, आधार और यूएन से पहले ही जोड़ दिया है। अब इसमें डेबिट कार्ड और एटीएम फंक्शनैलिटी जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसका मतलब यह है कि मार्च 2026 से पहले कर्मचारी सीधे एटीएम से अपने पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। इसके अलावा, पीएफ खाते को UPI से भी लिंक किया जा सकेगा। इससे कर्मचारियों को डिजिटल प्लेटफार्म पर पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा मिलेगी और उन्हें कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। मंत्री ने कहा कि यह फैसला कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाने और डिजिटल सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

    सरल और डिजिटल भविष्य की ओर

    पीएफ से जुड़े यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ा लाभ हैं। अब उन्हें बैंक, ऑफिस या सरकारी विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। डिजिटल प्लेटफार्म और एटीएम के माध्यम से कभी भी, कहीं भी पीएफ निकालने की सुविधा उपलब्ध होगी। यह नई पहल सरकारी सेवाओं को और पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    सरकार की तैयारी और अगला कदम

    मनसुख मांडविया ने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना केवल शुरुआत है। भविष्य में और भी डिजिटल सुधार किए जाएंगे, जिससे पीएफ खाताधारकों को तेजी से और सुरक्षित तरीके से पैसा निकालने की सुविधा मिले। यह पहल कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।