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  • ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात

    ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि किसी भी उत्पाद पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखना केवल एक कारोबारी पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने भारतीय उद्यमियों से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि आज दुनिया में ‘ब्रांड इंडिया’ तेजी से भरोसे और उत्कृष्टता का पर्याय बन रहा है।

    ‘मेड इन इंडिया’ का मतलब सिर्फ उत्पाद नहीं, देश की पहचान
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्यमियों के लिए गुणवत्ता केवल व्यावसायिक मानक नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है। जब कोई उत्पाद ‘मेड इन इंडिया’ के नाम से वैश्विक बाजार में पहुंचता है, तो वह पूरे देश की छवि को दर्शाता है।

    अंबूर की कंपनी का दिया उदाहरण
    पीयूष गोयल ने तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन के दौरान अकील ने उन्हें एक रोचक अनुभव सुनाया।

    अकील के अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर ह्यूगो बॉस ब्रांड का एक प्रीमियम जूता खरीदा। जब उसने जूते का लेबल देखा तो उस पर ‘Made in India’ लिखा था। यह जूता अंबूर स्थित उनकी कंपनी में तैयार किया गया था।

    रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर

    गोयल ने कहा कि अकील पनारुना जैसे उद्यमी केवल वैश्विक ब्रांडों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद नहीं बना रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित कर रहे हैं। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की भी सराहना की।

    भारत-यूके व्यापार समझौते से बढ़ेंगे अवसर

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के माध्यम से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे और ‘ब्रांड इंडिया’ को और मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि अकील जैसे उद्यमी दुनिया को यह दिखा रहे हैं कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के मामले में किसी से कम नहीं हैं।

    निवेश और सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

    पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने एशिया हाउस और कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में भारत के मजबूत विनिर्माण तंत्र, निवेश के नए अवसरों और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

    इसके अलावा उन्होंने यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC) के सदस्यों के साथ भी संवाद किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, व्यापार विस्तार और साझा विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    गोयल ने विश्वास जताया कि भारतीय उद्यमियों की गुणवत्ता और नवाचार की बदौलत ‘मेड इन इंडिया’ आने वाले समय में वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बनाएगा।

  • मेड इन इंडिया केवल पहचान नहीं बल्कि भारत की प्रतिष्ठा है पीयूष गोयल ने उद्यमियों को दिया गुणवत्ता का मंत्र

    मेड इन इंडिया केवल पहचान नहीं बल्कि भारत की प्रतिष्ठा है पीयूष गोयल ने उद्यमियों को दिया गुणवत्ता का मंत्र


    नई दिल्ली । भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और इसी दिशा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्यमियों को गुणवत्ता और विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। उनका कहना है कि किसी भी उत्पाद पर मेड इन इंडिया लिखा होना केवल निर्माण स्थल की जानकारी नहीं बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा और विश्वास का प्रतीक होता है। इसलिए हर भारतीय निर्माता की जिम्मेदारी है कि वह ऐसा उत्पाद तैयार करे जिस पर दुनिया बिना किसी संकोच के भरोसा कर सके।

    पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योगों की सफलता केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि उनका लक्ष्य विश्व स्तरीय गुणवत्ता हासिल करना भी होना चाहिए। जब कोई भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचता है तब वह अपने साथ देश की छवि और भारतीय उद्योग की क्षमता भी लेकर जाता है। ऐसे में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता भारत की वैश्विक साख को प्रभावित कर सकता है।

    उन्होंने तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी मुलाकात लंदन में आयोजित एक कारोबारी कार्यक्रम के दौरान हुई। अकील ने उन्हें बताया कि एक विदेशी ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय ब्रांड का जूता खरीदा और जब उसने उस पर लगा लेबल देखा तो उस पर मेड इन इंडिया लिखा हुआ था। यह जूता उनकी कंपनी में तैयार किया गया था। इस अनुभव ने यह साबित किया कि भारतीय निर्माता अब दुनिया के बड़े ब्रांडों के भरोसेमंद साझेदार बन चुके हैं।

    गोयल ने कहा कि ऐसे उद्यमी केवल कारोबार नहीं कर रहे बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि फ्लोरेंस शू कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया है और पर्यावरण संरक्षण के लिए आधुनिक तथा टिकाऊ तकनीकों को भी अपनाया है। इस तरह के प्रयास भारत के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी मजबूत करते हैं।

    उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच और मजबूत होगी। ऐसे समय में भारतीय कंपनियों के लिए गुणवत्ता नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को लगातार बेहतर बनाना बेहद जरूरी है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान कायम रख सकें।

    केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने लंदन में कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। इन बैठकों में भारत की मजबूत विनिर्माण क्षमता निवेश के अवसर और भविष्य की साझेदारियों पर विस्तार से विचार किया गया। उनका मानना है कि भारत आज दुनिया के सबसे भरोसेमंद निवेश और विनिर्माण केंद्रों में तेजी से उभर रहा है।

    उन्होंने सभी भारतीय उद्यमियों का आह्वान किया कि वे हर उत्पाद को उत्कृष्ट गुणवत्ता के साथ तैयार करें ताकि मेड इन इंडिया पूरी दुनिया में विश्वास उत्कृष्टता और गर्व का पर्याय बन सके। उनका विश्वास है कि यदि उद्योग जगत इसी सोच के साथ आगे बढ़ेगा तो ब्रांड इंडिया आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में और अधिक मजबूत स्थान हासिल करेगा।

  • वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय ऑटो सेक्टर चमका, मई में 4.4 लाख वाहन बिके..

    वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय ऑटो सेक्टर चमका, मई में 4.4 लाख वाहन बिके..

    नई दिल्ली । देश के ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की गति को नई मजबूती प्रदान की है। मई 2026 में यात्री वाहन बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होने के बाद केंद्र सरकार ने इसे देश की बढ़ती आर्थिक क्षमता, मजबूत उपभोक्ता विश्वास और विनिर्माण क्षेत्र की सफलता का संकेत बताया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा निरंतर गति पकड़ रही है और विभिन्न क्षेत्रों में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

    मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में बताया कि मई 2026 के दौरान देश में लगभग 4.4 लाख यात्री वाहनों की बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 23 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि ऐसे समय में दर्ज की गई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार संबंधी चुनौतियों का माहौल बना हुआ है।

    पीयूष गोयल के अनुसार इस उपलब्धि में देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बाजार में मजबूत प्रदर्शन करते हुए बिक्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इन कंपनियों की बेहतर बिक्री ने पूरे ऑटोमोबाइल उद्योग को सकारात्मक दिशा दी है।

    मंत्री ने कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं का घरेलू स्तर पर निर्मित वाहनों पर बढ़ता भरोसा देश के विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का सकारात्मक परिणाम बताते हुए कहा कि इस पहल ने देश में औद्योगिक उत्पादन, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही भारतीय कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी अधिक सक्षम बनाया है।

    उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में दिखाई दे रही यह प्रगति केवल बिक्री के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक संरचना में हो रहे व्यापक बदलावों की भी झलक प्रस्तुत करती है। तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता में विस्तार और उपभोक्ताओं की बढ़ती क्रय शक्ति जैसे कारकों ने इस क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान की है।

    इस बीच देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने भी मई महीने में नया रिकॉर्ड कायम किया है। कंपनी ने घरेलू बाजार में डीलरों को 1,90,337 यात्री वाहन भेजे, जो उसके इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री मानी जा रही है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही कंपनी ने अप्रैल में स्थापित अपने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती वाहन बिक्री से जुड़े आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता मांग की मजबूती का संकेत देते हैं। यदि आने वाले महीनों में यह रुझान जारी रहता है तो ऑटोमोबाइल क्षेत्र देश के आर्थिक विकास में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मजबूत मांग, बढ़ते निवेश और विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार के बीच भारत का ऑटो उद्योग आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

  • भारत बना वैश्विक पूंजी का सबसे भरोसेमंद ठिकाना, दीर्घकालिक निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभरी भारतीय अर्थव्यवस्था: पीयूष गोयल

    भारत बना वैश्विक पूंजी का सबसे भरोसेमंद ठिकाना, दीर्घकालिक निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभरी भारतीय अर्थव्यवस्था: पीयूष गोयल

    नई दिल्ली । वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत ने खुद को दुनिया के सबसे विश्वसनीय निवेश गंतव्यों में स्थापित किया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा लगातार भारत की ओर बढ़ रहा है और दुनिया भर की दीर्घकालिक पूंजी अब भारतीय अर्थव्यवस्था में नए अवसर तलाश रही है।

    मुंबई में आयोजित ‘सिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हाल के दिनों में न्यूयॉर्क और टोरंटो के प्रमुख निवेशकों तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों से यह स्पष्ट हुआ है कि भारत को लेकर वैश्विक निवेशकों का दृष्टिकोण पहले से अधिक सकारात्मक हुआ है। उन्होंने कहा कि अब चर्चा इस बात पर नहीं होती कि भारत में निवेश किया जाए या नहीं, बल्कि इस बात पर केंद्रित होती है कि निवेशक भारत की विकास यात्रा में कितनी जल्दी और कितनी व्यापक भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में भी यह स्थिति बरकरार रहने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन, कारोबार करने में आसानी, आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल तकनीकों के विस्तार और वैश्विक व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय निवेश समुदाय के बीच स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    गोयल ने कहा कि भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलने की क्षमता दिखाई है। वैश्विक स्तर पर उत्पन्न संकटों के दौरान भी देश ने अपनी आर्थिक नीतियों और व्यावसायिक रणनीतियों को समय के अनुरूप ढालते हुए विकास की गति बनाए रखी। यही कारण है कि आज भारत व्यापार, निवेश और औद्योगिक विस्तार के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

    उन्होंने अपनी हालिया कनाडा यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत का अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल उनके साथ गया था। वहां विभिन्न पेंशन फंड, बीमा कंपनियों और संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में गहरी रुचि दिखाई। साथ ही भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    न्यूयॉर्क में प्रमुख निवेश कंपनियों और लगभग 50 वैश्विक व्यवसायिक संस्थाओं के साथ हुई चर्चाओं का हवाला देते हुए गोयल ने कहा कि भारत को अब एक भरोसेमंद वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र, स्थिर कारोबारी साझेदार और सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून का शासन, निर्णायक नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और 140 करोड़ से अधिक लोगों का विशाल उपभोक्ता आधार भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।

    भारत में सफल विदेशी निवेश के उदाहरण देते हुए मंत्री ने हुंडई और जेसीबी जैसी कंपनियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने उस समय भारत में निवेश किया था जब बुनियादी ढांचा और औद्योगिक क्षमताएं आज की तुलना में काफी सीमित थीं। इसके बावजूद उन्होंने यहां दीर्घकालिक निवेश से उल्लेखनीय लाभ अर्जित किया और अपने वैश्विक कारोबार का विस्तार किया।

    गोयल ने कहा कि भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि नवाचार, डिजाइन, अनुसंधान और उन्नत विनिर्माण का उभरता हुआ वैश्विक केंद्र भी बन रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा का भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि भविष्य की तकनीकों और नए औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के लिए भारत व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है।

  • भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्थिर सुधार, अप्रैल में PMI ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन

    भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्थिर सुधार, अप्रैल में PMI ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन

    नई दिल्ली।भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लगातार मजबूती की ओर बढ़ रहा है और ताजा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि औद्योगिक गतिविधियों में स्थिर सुधार देखा जा रहा है। अप्रैल महीने में मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई बढ़कर 54.7 पर पहुंच गया, जो पिछले महीने के 53.9 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से नए ऑर्डर में बढ़ोतरी, उत्पादन में तेजी और रोजगार के अवसरों में सुधार के कारण सामने आई है।
    अप्रैल के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। खासकर निर्यात के क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है, जहां पिछले कई महीनों की तुलना में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसका संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे उद्योग जगत को नई ऊर्जा मिल रही है।
    हालांकि, इस सकारात्मक रुझान के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और अनिश्चितताओं, विशेषकर मध्य पूर्व में चल रहे हालात, का असर लागत पर दिखाई दे रहा है। इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई है, जिससे उत्पादन खर्च में भी इजाफा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही आउटपुट कीमतों में भी तेजी देखी गई है, जो पिछले कई महीनों में सबसे अधिक मानी जा रही है।
    इसके बावजूद उत्पादन गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं। कंपनियों ने बताया है कि घरेलू मांग और विज्ञापन गतिविधियों ने बिक्री और उत्पादन को समर्थन दिया है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा का दबाव और कुछ ग्राहकों द्वारा ऑर्डर को अंतिम रूप देने में देरी के कारण विकास की गति थोड़ी प्रभावित हुई है।
    उद्योग जगत के प्रतिभागियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद भविष्य को लेकर भरोसा बना हुआ है। कंपनियां आने वाले महीनों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हैं और नए निवेश तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। हालांकि, इस विश्वास में पिछले महीने की तुलना में हल्की कमी जरूर देखी गई है, लेकिन यह अभी भी एक सकारात्मक स्तर पर बना हुआ है।
    कुल मिलाकर भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर एक स्थिर और मजबूत विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। घरेलू मांग, निर्यात में सुधार और उत्पादन गतिविधियों की निरंतरता इस वृद्धि के प्रमुख आधार हैं। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो आने वाले समय में इस क्षेत्र में और भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
  • खंडवा में प्रशासन का बड़ा खुलासा: चर्बी से नकली घी-आइसक्रीम बनाने वाला अवैध कारखाना पकड़ा

    खंडवा में प्रशासन का बड़ा खुलासा: चर्बी से नकली घी-आइसक्रीम बनाने वाला अवैध कारखाना पकड़ा

    खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जिला प्रशासन ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए अवैध तरीके से संचालित हो रहे कारखाने का पर्दाफाश किया है। यहां पशुओं की चर्बी से नकली घी और आइसक्रीम बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। संयुक्त टीम ने मौके से भारी मात्रा में सामग्री जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

    शुक्रवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट, नगर निगम, खाद्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मोघट थाना क्षेत्र के इमलीपुरा वार्ड स्थित बेगम पार्क के पास दबिश दी। संकरी गलियों में बने कमरों की तलाशी के दौरान टीम को एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य मिले।

    कार्रवाई के दौरान 79 टीन कनस्तरों और 9 नीले ड्रमों में भरा चर्बी से बना नकली घी बरामद किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में बोरे भरकर पशुओं के अवशेष भी मिले। प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृत पशुओं की चर्बी, खाल और हड्डियों का इस्तेमाल कर घी तैयार किया जा रहा था, जिसे बाजार में सप्लाई किया जाता था।

    मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पूरे परिसर को सील कर दिया और जब्त सामग्री के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। पशु चिकित्सा विभाग ने भी चर्बी और अन्य अवशेषों के नमूने लेकर यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है कि किन पशुओं का उपयोग किया गया।

    इस मामले में आरोपी अनवर कुरैशी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं स्थानीय विधायक ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अवैध कारोबार से लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने दोषियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।

    प्रशासन का कहना है कि पूरे जिले में इस तरह के अन्य अवैध ठिकानों की भी जांच की जाएगी, ताकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस तरह के खतरनाक नेटवर्क पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।