Tag: Market cap

  • भारती एयरटेल ने रचा इतिहास, मार्केट कैप में HDFC बैंक को पीछे छोड़ बनी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

    भारती एयरटेल ने रचा इतिहास, मार्केट कैप में HDFC बैंक को पीछे छोड़ बनी देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल ने बाजार पूंजीकरण के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़ते हुए देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। इस बदलाव ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींचा है, क्योंकि लंबे समय से बैंकिंग सेक्टर की मजबूत उपस्थिति के बीच यह एक महत्वपूर्ण उलटफेर माना जा रहा है।

    18 मई को बाजार में कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में तेजी देखने को मिली और कीमतें बढ़कर नए स्तरों के करीब पहुंच गईं। इस तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया, जबकि HDFC बैंक का मूल्यांकन इससे थोड़ा नीचे रह गया। हालांकि दिन के अंत में हल्की गिरावट के साथ दोनों कंपनियों के आंकड़ों में अंतर कम जरूर हुआ, लेकिन बाजार की चाल ने यह स्पष्ट कर दिया कि एयरटेल फिलहाल मजबूत स्थिति में है।

    पिछले एक सप्ताह में एयरटेल के शेयरों में करीब 10 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। इसके विपरीत HDFC बैंक के शेयरों में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त देखने को मिली है और पिछले कुछ महीनों में इसमें दबाव भी बना रहा है। बैंक के नेतृत्व और आंतरिक बदलावों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है, जिसके कारण इसके शेयरों पर असर पड़ा है।

    हालांकि एयरटेल ने इस उपलब्धि के साथ भले ही बाजार मूल्यांकन में बढ़त हासिल की हो, लेकिन इसके हालिया वित्तीय नतीजों में मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की तुलना में घटा है, लेकिन इसके बावजूद राजस्व में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। मोबाइल सेवाओं से होने वाली आय में सुधार और ग्राहकों की बढ़ती संख्या ने कंपनी के कुल कारोबार को मजबूती प्रदान की है। प्रति उपयोगकर्ता औसत आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि कंपनी अपने ग्राहकों से बेहतर रिटर्न हासिल कर रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल का बढ़ता मार्केट कैप केवल टेलीकॉम सेक्टर की मजबूती ही नहीं, बल्कि कंपनी के डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की रणनीति का भी परिणाम है। कंपनी आने वाले समय में डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है और ऑप्टिकल फाइबर तथा डिजिटल सेवाओं में भी बड़े निवेश की तैयारी में है। इसके साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सेक्टर में भी कंपनी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है और बाजार पूंजीकरण के मामले में पहले स्थान पर मजबूती से कायम है। एयरटेल की यह उपलब्धि हालांकि महत्वपूर्ण है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ इसे प्रतिस्पर्धी सेक्टरों में बदलते रुझानों का संकेत मान रहे हैं, जहां टेलीकॉम और डिजिटल कंपनियां तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं।

    कुल मिलाकर यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में सेक्टर आधारित शक्ति संतुलन में हो रहे परिवर्तन को दर्शाता है, जहां पारंपरिक बैंकिंग दिग्गजों को अब नई पीढ़ी की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।

  • बाजार में उछाल से बड़ी कंपनियों को फायदा, चार दिग्गजों की वैल्यू में भारी बढ़ोतरी

    बाजार में उछाल से बड़ी कंपनियों को फायदा, चार दिग्गजों की वैल्यू में भारी बढ़ोतरी

    नई दिल्ली
    शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान आई तेजी का सीधा असर देश की बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर देखने को मिला। बाजार में सकारात्मक रुझान के चलते निवेशकों की धारणा मजबूत हुई, जिससे शीर्ष कंपनियों के मार्केटकैप में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    इस अवधि में बाजार लगातार हरे निशान में बंद हुआ, जिससे प्रमुख सूचकांकों में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़त देखने को मिली। इसका असर यह हुआ कि देश की टॉप कंपनियों में शामिल चार कंपनियों के कुल मूल्यांकन में बड़ा उछाल दर्ज किया गया, जबकि कुछ अन्य कंपनियों के बाजार मूल्य में गिरावट भी देखी गई।

    बढ़ोतरी दर्ज करने वाली कंपनियों में टेलीकॉम, आईटी और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियां प्रमुख रहीं। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे इनके मार्केटकैप में हजारों करोड़ रुपए की वृद्धि हुई। यह संकेत देता है कि बाजार में इन सेक्टरों को लेकर भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।

    दूसरी ओर, कुछ बड़ी बैंकिंग और कंज्यूमर कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट देखने को मिली। इसका कारण बाजार में मुनाफावसूली और कुछ सेक्टरों में दबाव माना जा रहा है। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार में स्थिरता और सकारात्मक रुझान बना रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों की ओर अधिक है, जिससे कुछ कंपनियों को फायदा मिल रहा है जबकि कुछ दबाव में हैं। आने वाले समय में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

  • टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2025… Rs 5.5 लाख करोड़ घटा मार्केट कैप


    नई दिल्ली।
    2025 का साल टाटा ग्रुप (Tata Group) की कई कंपनियों के लिए अच्छा नहीं रहा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (Tata Consultancy Services Limited-TCS), ट्रेंट लिमिटेड, दी इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड (IHCL), वोल्टास और तेजस नेटवर्क लिमिटेड के शेयरों में इस साल 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। जिसकी वजह से ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों को मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपये घट गया है।


    घटकर कितना हुआ मार्केट कैप

    टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप अब घटकर 25.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है। 31 दिसंबर 2024 को समूह की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 31.09 लाख करोड़ रुपये रहा था। जोकि 17.76 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।


    किन कंपनियों को हुआ अधिक नुकसान

    टाटा ग्रुप की धाकड़ कंपनी टीसीएस के शेयरों की कीमतों में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। ग्रुप के मार्केट कैप की गिरावट में इस अकेली कंपनी 3.10 लाख करोड़ रुपये का योगदान है। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 27 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। दो साल में टाटा ग्रुप की इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 11 प्रतिशत लुढ़क गया है।

    ट्रेंट लिमिटेड के शेयरों की कीमतों में इस साल 41 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस कंपनी का मार्केट कैप एक लाख करोड़ रुपये घट गया है।

    इन कंपनियों का बुरा हाल
    IHCL के शेयरों की कीमतों में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। तेजस नेटवर्क लिमिटेड के मार्केट वैल्यू में 2025 में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के शेयरों का भाव 25 से 26 प्रतिशत गिरा है। टाटा टेलीसर्विसेज, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल होटल्स लिमिटेड, नेल्को लिमिटेड के शेयरों का भाव 38 प्रतिशत तक गिरा है।


    इन कंपनियों के शेयरों में उछाल

    टाइटन कंपनी लिमिटेड, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और टाटा स्टील के शेयरों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। ग्रुप के मार्केट कैप में इन कंपनियों का योगदान 1 लाख करोड़ रुपये का योगदान है।