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  • जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

    जंग और वैश्विक तनाव के बीच चमके भारतीय मिडकैप स्टॉक्स, Suzlon और BHEL समेत कई कंपनियों ने दिया जोरदार रिटर्न

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध जैसे हालात और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। इसके बावजूद भारतीय बाजार में कुछ मिडकैप कंपनियों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को चौंका दिया है। खासतौर पर ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी दर्ज की गई है।

    बाजार में कमजोरी और भारी बिकवाली के माहौल के बावजूद कुछ मिडकैप शेयरों ने 20 प्रतिशत से लेकर 51 प्रतिशत तक की तेजी दिखाई है। इन कंपनियों में BHEL, Suzlon Energy, Thermax, Premier Energies और Ola Electric Mobility जैसी कंपनियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन शेयरों में आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि निवेशक फिलहाल उन सेक्टरों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिनका सीधा संबंध ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से है।

    भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL इस रैली में सबसे आगे दिखाई दी है। कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ते निवेश तथा सरकारी परियोजनाओं से कंपनी को मजबूत समर्थन मिल रहा है।

    वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की चर्चित कंपनी Suzlon Energy ने भी बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। पवन ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की सक्रियता और स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है, हालांकि लंबे समय के उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं।

    Thermax और Premier Energies जैसी कंपनियों को भी बढ़ती ऊर्जा मांग और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों पर बढ़ते फोकस का फायदा मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का ध्यान रिन्यूएबल और ऊर्जा दक्षता आधारित कंपनियों की ओर मोड़ दिया है। इसी कारण इन कंपनियों के शेयरों में भी लगातार मजबूती बनी हुई है।

    इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र से जुड़ी Ola Electric Mobility ने भी इस दौरान तेज रिकवरी दिखाई है। हालांकि कंपनी के शेयर पहले दबाव में थे, लेकिन बाजार में सुधार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर के प्रति बढ़ते भरोसे ने इसमें तेजी वापस ला दी।

    विशेषज्ञों का मानना है that वैश्विक तनाव के दौर में निवेशक ऐसे सेक्टरों में अवसर तलाशते हैं जो भविष्य की जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े हों। यही वजह है कि रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

    कुल मिलाकर, बाजार में अस्थिरता और वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय मिडकैप सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों ने यह साबित किया है कि मजबूत बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं वाली कंपनियां कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।

  • चुनावी रुझानों का असर बाजार पर, सेंसेक्स 700 अंक उछला, बंगाल कंपनियों में जबरदस्त तेजी

    चुनावी रुझानों का असर बाजार पर, सेंसेक्स 700 अंक उछला, बंगाल कंपनियों में जबरदस्त तेजी

    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में आज का दिन निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक रहा, जहां कारोबार की शुरुआत से ही मजबूती का रुख देखने को मिला। जैसे-जैसे चुनावी रुझानों से जुड़ी खबरें सामने आती गईं, बाजार में तेजी और अधिक मजबूत होती चली गई।

    सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 700 अंक से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी मजबूत उछाल के साथ ऊपर चढ़ा। यह तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार में चौतरफा तेजी का माहौल बन गया, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।

    विशेष रूप से उन कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली जिनका जुड़ाव पश्चिम बंगाल से माना जाता है। इन कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के कारण कई स्टॉक्स में तेज उछाल आया और कुछ शेयरों में अच्छी प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। इससे पूरे बाजार में सकारात्मक माहौल बन गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी रुझानों का असर बाजार पर तुरंत दिखाई दे सकता है, लेकिन यह प्रभाव आमतौर पर अल्पकालिक होता है। लंबे समय में बाजार की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर अधिक निर्भर करती है।

    कारोबार की शुरुआत भी मजबूती के साथ हुई थी, जहां प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुले और दिनभर तेजी बनाए रखी। आईटी और रियल्टी सेक्टर में खासतौर पर खरीदारी देखी गई, जबकि अन्य सेक्टर भी सकारात्मक रुख में बने रहे।

  • भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी

    भारत अमेरिका समझौते ने बदली बाजार की चाल सेंसेक्स निफ्टी में शानदार तेजी


    नई दिल्ली :भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में मजबूत तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर साझा बयान सामने आने के बाद निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिन के अंत में सेंसेक्स 485.35 अंक की तेजी के साथ 84,065.75 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 173.60 अंक चढ़कर 25,867.30 पर पहुंच गया।

    कारोबार के दौरान लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पीएसयू बैंक रियल्टी इंडिया डिफेंस मेटल फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान जोखिम लेने की ओर दिखाई दिया जिससे बाजार को व्यापक समर्थन मिला।

    सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एसबीआई टाइटन टाटा स्टील अल्ट्राटेक सीमेंट इटरनल बीईएल कोटक महिंद्रा बैंक ट्रेंट इंडिगो एमएंडएम एलएंडटी अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स में मजबूत तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को ऊपरी स्तरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड आईटीसी एनटीपीसी आईसीआईसीआई बैंक इन्फोसिस एचडीएफसी बैंक टेक महिंद्रा और मारुति जैसे शेयरों में दबाव देखा गया और ये शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इसके बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही।

    बाजार में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जारी साझा बयान को माना जा रहा है। रविवार सुबह जारी इस बयान के अनुसार भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा कई उत्पादों पर ड्यूटी को शून्य रखा गया है। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है और इसी उम्मीद ने बाजार को नई ऊर्जा दी।

    लार्जकैप शेयरों के साथ साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 938.45 अंक की तेजी के साथ 60,441.15 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 447.25 अंक चढ़कर 17,385.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी व्यापक आधार पर रही।

    एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने बाजार की चाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बाजार की शुरुआत मजबूत रही थी हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बाद बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में निफ्टी 25,867 के स्तर पर बंद हुआ।

    उन्होंने आगे बताया कि निफ्टी के लिए 25,970 से 26,000 का स्तर एक अहम रुकावट है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करता है तो आने वाले सत्रों में 26,200 और 26,400 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं गिरावट की स्थिति में 25,780 से 25,750 के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है।कुल मिलाकर भारत अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है और निवेशकों को आगे भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नजर आ रही है।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 943 अंकों की तेजी के साथ बंद

    शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 943 अंकों की तेजी के साथ बंद


    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी दिखाई और दिन के अंत में मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,666.46 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,088.40 पर पहुंच गया।

    बाजार में इस तेजी का नेतृत्व इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटो सेक्टर के शेयरों ने किया। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी इन्फ्रा 2.26 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 2.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.04 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.04 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 1.88 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 1.87 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।हालांकि आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी 0.47 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

    लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 546.80 अंक या 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,667.60 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,523.35 के स्तर पर पहुंच गया।सेंसेक्स के 30 शेयरों में पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति सुजुकी प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, टीसीएस, ट्रेंट, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक नुकसान में बंद हुए।

    एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक दे के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद निफ्टी में मजबूत उछाल देखने को मिला है, हालांकि व्यापक ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है। उनका कहना है कि इंडेक्स अभी भी 200 डीएमए से नीचे है और किसी भी तेजी का इस्तेमाल लीवरेज पोजीशन घटाने और शॉर्ट पोजीशन बनाने में करना चाहिए। निफ्टी के लिए 25,200 का स्तर रुकावट और 24,900 का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है।

    गौरतलब है कि मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत कमजोर रही थी। सेंसेक्स 167 अंक की गिरावट के साथ खुला था और निफ्टी भी लाल निशान में था, लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजार ने वापसी करते हुए हरे निशान में कारोबार शुरू कर दिया।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त


    नई दिल्ली । साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन शुक्रवार 2 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही खरीदारी का दबाव बना रहा और बीएसई सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक चढ़कर 85350 के पार कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 26250 के स्तर पर पहुंच गया। आज के कारोबार में बैंकिंग ऑटो और मेटल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर हरे निशान में रहे जबकि केवल 6 शेयर लाल निशान में थे। निफ्टी 50 के अधिकांश शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

    सेक्टोरल प्रदर्शन

    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में लगातार खरीदारी हुई जिससे सेक्टर मजबूती के साथ बंद हुआ। ऑटो सेक्टर में भी मांग मजबूत रही जिससे प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़े। मेटल सेक्टर में भी सकारात्मक रुख देखा गया।इसके विपरीत FMCG सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव रहा और यह सेक्टर लाल निशान में बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनिंदा सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग और घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII की खरीद ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

    वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
    वैश्विक बाजारों में आज मिले-जुले संकेत मिले। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.29 प्रतिशत बढ़कर 4268 पर पहुंचा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.37 प्रतिशत गिरकर 50339 पर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 26205 पर बंद हुआ जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 3968 पर कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों में 1 जनवरी को डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत गिरकर 48063 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट और S&P 500 में क्रमशः 0.76 और 0.74 प्रतिशत की कमजोरी रही।

    निवेशकों की गतिविधि

    आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकोंFII ने लगभग 3268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII ने 1525 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34349 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि DIIs ने लगभग 79620 करोड़ रुपये की खरीदारी की। नवंबर 2025 में भी घरेलू निवेशकों की खरीद ने बाजार को मजबूती दी थी।

    पिछले कारोबारी दिन का हाल

    साल के पहले कारोबारी दिन 1 जनवरी 2026 को बाजार लगभग सपाट बंद हुआ था। सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 85189 पर और निफ्टी 17 अंकों की बढ़त के साथ 26147 पर बंद हुआ था।कुल मिलाकर आज के कारोबार में घरेलू निवेशकों के भरोसे और सेक्टोरल खरीदारी के दम पर बाजार में मजबूती देखी गई। आगे की चाल वैश्विक संकेतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी। निवेशक बैंकिंग और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर नजर बनाए रख सकते हैं जबकि FMCG में मुनाफावसूली का दबाव जारी रह सकता है।