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  • क्या बोल्डनेस और रोमांस के दम पर हिट होगी यश की नई फिल्म?

    क्या बोल्डनेस और रोमांस के दम पर हिट होगी यश की नई फिल्म?


    नई दिल्ली ।
    दक्षिण भारतीय फिल्मों के जाने-माने अभिनेता यश की आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ अपनी रिलीज से पूर्व ही मीडिया और सोशल मीडिया पर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। हालांकि, इस बार फिल्म की चर्चा का मुख्य कारण केवल इसका भारी-भरकम बजट या नामचीन स्टारकास्ट नहीं, बल्कि इसके टीज़र, ट्रेलर और गानों में दिखाया जा रहा बोल्ड और इंटीमेट कंटेंट है। हाल ही में जारी हुए ‘मदहोश’ गाने में यश और अभिनेत्री तारा सुतारिया की रोमांटिक केमिस्ट्री को काफी आक्रामक तरीके से पेश किया गया है। इसके बाद से ही फिल्म जगत और दर्शकों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या मेकर्स फिल्म की वास्तविक कहानी और एक्शन के बजाय केवल सेंसुअस कंटेंट के दम पर प्रचार हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

    फिल्म के प्रचार के लिए जारी किए गए शुरुआती टीज़र में यश को ब्राज़ीलियाई मॉडल बीट्रिज टाउफेनबाख के साथ दिखाया गया था। इसके बाद जारी हुए ‘तबाही’ गाने में कियारा आडवाणी के साथ उनके कई विवादित और इंटीमेट सीन्स देखने को मिले, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई थी। अब तारा सुतारिया के साथ जारी नया वीडियो इस बात की पुष्टि करता है कि फिल्म का प्रचार अभियान मुख्य रूप से बोल्ड रोमांस के इर्द-गिर्द बुना गया है। आज के डिजिटल दौर में जहां कुछ सेकेंड की वायरल क्लिप्स किसी फिल्म का रुख तय करती हैं, वहां इस तरह का प्रमोशनल पैटर्न व्यावसायिक दृष्टि से एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    हालांकि, आधिकारिक जानकारियों के अनुसार गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह फिल्म केवल रोमांस तक सीमित नहीं है। इसे 1950 से 1970 के दशक के बीच ड्रग्स और गोल्ड माफिया की पृष्ठभूमि पर आधारित एक विशाल गैंगस्टर एक्शन ड्रामा बताया जा रहा है। फिल्म में यश का किरदार एक बेहद खतरनाक और भावनात्मक गैंगस्टर का है, जिसमें पावर स्ट्रगल और फैमिली ड्रामा के तत्व मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके बावजूद, अब तक की प्रचार सामग्री में कहानी के मूल संघर्ष को पीछे रखते हुए केवल रोमांटिक तत्वों को प्रमुखता दी गई है, जिससे दर्शकों का ध्यान इसके वास्तविक कथानक से थोड़ा भटक रहा है।

    भारतीय सिनेमा में यह कोई नया प्रयोग नहीं है जहां किसी फिल्म के टीज़र या गानों में बोल्डनेस का इस्तेमाल कर चर्चा बटोरी जाए और मुख्य फिल्म का विषय पूरी तरह भिन्न हो। ‘तबाही’ गाने पर हुए भारी विवाद और ट्रोलिंग के बावजूद मेकर्स इसी शैली में प्रचार को आगे बढ़ा रहे हैं। आगामी 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म का असली प्रदर्शन इसकी पटकथा पर निर्भर करेगा। फिलहाल, निर्माताओं द्वारा अपनाई गई यह आक्रामक और बोल्ड मार्केटिंग नीति फिल्म को लगातार चर्चा के केंद्र में बनाए रखने में पूरी तरह सफल सिद्ध हो रही है।

  • CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

    CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त


    नई दिल्ली /उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकली, मिलावटी खाद और उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि डीएपी, यूरिया या किसी भी प्रकार की खाद में मिलावट कर किसानों के साथ धोखा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम NSA जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें प्रदेश में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों की मेहनत और फसलों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

    खाद की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और उसका पारदर्शी वितरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सहकारिता और कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी जिलों की सीधी निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीएपी, यूरिया और पोटाश केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। ओवर रेटिंग, जबरन टैगिंग या खाद के साथ अन्य सामान बेचने जैसी शिकायतें बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएंगी।

    औचक निरीक्षण और सख्त जवाबदेही

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खाद की दुकानों, सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों पर नियमित और औचक निरीक्षण करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या कालाबाजारी सामने आती है तो तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर खुले रूप से विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कृत्रिम खाद संकट पैदा करने या किसानों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी।

    प्रदेश में खाद की वर्तमान स्थिति

    बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में खाद की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।यूरिया की बात करें तो सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन का भंडार मौजूद है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र के पास 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र के पास 2.30 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं एनपीके उर्वरक में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक है।

    किसानों को न हो कोई परेशानी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और इस समय गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा रहा है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और समय पर उन्हें जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।