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  • सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.

    सोने-चांदी के दामों में जोरदार उछाल, निवेशकों की मांग बढ़ी.


    नई दिल्ली। शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange यानी MCX पर सोने के भाव 500 रुपये से अधिक बढ़ गए और चांदी के भाव में 9,000 रुपये से भी अधिक की उछाल दर्ज की गई। सुबह के शुरुआती कारोबार में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 525 रुपये बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह मई डिलीवरी वाली चांदी में 9,547 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद भाव 2,77,500 रुपये तक जा पहुंचा। हालांकि दिन के मध्य में थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में तेजी की लहर मजबूत बनी रही।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की इस तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक तनाव मुख्य कारण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशकों की चिंताएं और वैश्विक बाजार में सॉलिडिटी की तलाश ने कीमती धातुओं में मांग बढ़ा दी है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते हुए सोने-चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    विशेष रूप से चांदी की कीमत में इतनी तेज बढ़ोतरी देखी गई है कि यह फिर से 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के पार चली गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता रहा तो यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है। सोने में निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण एमसीएक्स पर सोने के कारोबार में भी जोरदार तेजी बनी रही।

    इस तेजी का असर सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि ज्वेलरी मार्केट और स्थानीय सोने-चांदी व्यापारियों के भाव में भी असर दिखा। व्यापारियों ने कहा कि खरीदारी में तेजी के चलते कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषकर त्योहार और शादी के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में इतनी तेज बढ़ोतरी आम लोगों के बजट को प्रभावित कर सकती है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशक भावों में अचानक उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। हालांकि सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोना और चांदी हमेशा आकर्षक रहे हैं, लेकिन मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण उतार-चढ़ाव अधिक देखने को मिल रहा है।

    इस बीच, घरेलू वायदा बाजार में एमसीएक्स के आंकड़े बताते हैं कि सोना और चांदी में तेजी की शुरुआत सुबह के शुरुआती कारोबार से ही हुई थी और निवेशकों ने इसी लहर का फायदा उठाया। अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का भाव लगातार बढ़कर 1,60,234 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया जबकि मई डिलीवरी वाली चांदी ने 2,77,500 रुपये प्रति किलो का स्तर छू लिया।

    वैश्विक निवेशकों की नजरों में बढ़ते तनाव और टैरिफ अस्थिरता ने सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश का प्रमुख साधन बना दिया है। इसलिए घरेलू बाजार में भी तेजी की यह लहर मजबूत बनी हुई है। निवेशक और व्यापारी इस उछाल का लाभ उठाने की रणनीति बना रहे हैं।

  • शेयर बाजार गिरा लेकिन निवेशकों का भरोसा बना, जनवरी में खुले 36.2 लाख नए डीमैट खाते

    शेयर बाजार गिरा लेकिन निवेशकों का भरोसा बना, जनवरी में खुले 36.2 लाख नए डीमैट खाते


    नई दिल्ली। जनवरी महीने में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया। एनएसडीएल और सीडीएसएल के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में कुल 36.2 लाख नए डीमैट खाते खोले गए। यह पिछले 16 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है और सितंबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा महीना है जब नए डीमैट खातों की संख्या 30 लाख से अधिक रही, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और बाजार में उनकी दिलचस्पी को दर्शाता है।

    दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान प्रमुख शेयर सूचकांक कमजोर रहे। सेंसेक्स में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई जबकि निफ्टी करीब 3.1 प्रतिशत नीचे आया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते 2025 की शुरुआत बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हालांकि इस अस्थिरता ने खुदरा निवेशकों को रोक नहीं पाया।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार की हालिया गिरावट ने कई कंपनियों के शेयरों को सस्ते स्तर पर ला दिया। लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशक इसे अवसर मानते हैं। इस गिरावट का फायदा उठाकर कई खुदरा निवेशकों ने जनवरी में सस्ते शेयरों में निवेश किया। WealthMills Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बाथिनी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और आसान खाता खोलने की प्रक्रिया ने नए निवेशकों को बाजार से जोड़ने में मदद की है।

    यदि पिछले महीनों के आंकड़ों को देखें तो तस्वीर और स्पष्ट हो जाती है। सितंबर 2024 में नए डीमैट खाते 4.55 मिलियन थे, इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच यह क्रमशः 3.45 मिलियन, 3.15 मिलियन और 3.26 मिलियन पर आया। जनवरी 2025 में गिरावट तेज हुई और नए खाते घटकर 2.83 मिलियन हुए। फरवरी और मार्च में क्रमशः 2.26 मिलियन और 1.84 मिलियन नए खाते खुले। यह संकेत देता है कि उस समय निवेशकों का भरोसा कमजोर था।

    हालांकि अप्रैल 2025 से धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। अप्रैल में 2.22 मिलियन, मई में 2.17 मिलियन, जून में 2.53 मिलियन और जुलाई में 2.98 मिलियन नए खाते खुले। अगस्त और सितंबर में यह आंकड़ा थोड़ा नरम रहा। अक्टूबर से दिसंबर तक फिर तेजी देखने को मिली और जनवरी 2026 में यह उछाल 3.62 मिलियन तक पहुंच गया।

    इस उछाल ने साबित कर दिया कि भारतीय खुदरा निवेशक अब पहले से ज्यादा जागरूक और साहसी हो चुके हैं। वे बाजार में गिरावट को डर के बजाय अवसर मान रहे हैं। डिजिटलाइजेशन, आसान खाता खोलने की प्रक्रिया और ऑनलाइन निवेश के विकल्प ने निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई है। बाजार की अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है, और यह संकेत देता है कि शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेशक लगातार बढ़ रहे हैं।

  • भारत में गोल्ड ETF में 98% उछाल, दुनिया भर के निवेशक सोने की ओर खिंचे

    भारत में गोल्ड ETF में 98% उछाल, दुनिया भर के निवेशक सोने की ओर खिंचे


    नई दिल्ली। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में भारत के गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में 2.49 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया। यह दिसंबर 2025 के 1.25 अरब डॉलर से 98 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी है। यह लगातार आठवां महीना है जब गोल्ड ETF में निवेश बढ़ रहा है।

    2025 का निवेश सिलसिला जारी

    साल 2025 में मार्च और मई को छोड़कर हर महीने गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा। पूरे साल 2025 में कुल 4.68 अरब डॉलर का निवेश आया, जो 2024 के 1.29 अरब डॉलर से 262 प्रतिशत अधिक है। तुलना करें तो 2023 में यह केवल 310 मिलियन डॉलर और 2022 में महज 33 मिलियन डॉलर था।

    वैश्विक स्तर पर भी रिकॉर्ड

    दुनियाभर में भी निवेशकों ने सोना ETF में पैसा लगाना जारी रखा। जनवरी में वैश्विक सोना ETF में 19 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो अब तक का सबसे मजबूत मासिक फंड फ्लो है। सोने की कीमतों में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ, वैश्विक सोना ETF में प्रबंधित संपत्ति 669 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो पिछले महीने से 20 प्रतिशत अधिक है। वैश्विक होल्डिंग भी 120 टन बढ़कर 4,145 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

    एशिया ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

    एशियाई गोल्ड ETF में जनवरी में 10 अरब डॉलर का निवेश आया, जो 2025 के मासिक औसत से काफी अधिक है। यह क्षेत्र लगातार पांचवें महीने निवेश में वृद्धि दिखा रहा है और अब तक का सबसे मजबूत मासिक प्रवाह दर्ज किया है।

    सभी क्षेत्रों में बढ़त
    जनवरी में उत्तरी अमेरिका और एशिया ने वैश्विक मांग को बढ़ावा दिया। उत्तरी अमेरिका में दूसरा सबसे बड़ा मासिक फ्लो दर्ज किया गया, जबकि एशिया ने अपना सर्वाधिक मासिक प्रवाह देखा। यूरोप में भी भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों के बावजूद निवेश उल्लेखनीय रहा।

    गिरावट के बावजूद निवेश जारी

    सोने की कीमतों में कुछ गिरावट के बावजूद, यूरोप को छोड़कर सभी क्षेत्रों में 30 जनवरी और 2 फरवरी को शुद्ध निवेश जारी रहा। निवेशकों ने कीमतों में गिरावट का फायदा उठाते हुए खरीदारी जारी रखी।

    निवेश को सहारा देने वाले कारक
    जनवरी में निवेश को शुरुआती कीमतों में तेजी, अमेरिका और ईरान, ग्रीनलैंड और यूरोप में भू-राजनीतिक तनावों ने सहारा दिया। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर अपरिवर्तित रखने के बावजूद, केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता और नए फेड चेयर केविन वॉर्श की नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी रही। इसके साथ ही ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों ने गोल्ड ETF की मांग बनाए रखी।