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  • मंगल-बुध की लाभकारी युति से बनेगा त्रिएकादश राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे कमाई और तरक्की के रास्ते

    मंगल-बुध की लाभकारी युति से बनेगा त्रिएकादश राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे कमाई और तरक्की के रास्ते


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनकी आपसी स्थिति को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जब दो प्रभावशाली ग्रह शुभ संबंध बनाते हैं तो इसका असर अलग-अलग राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिलता है। मंगल और बुध के बीच बनने वाला विशेष संबंध कुछ राशियों के लिए आर्थिक, करियर और कारोबार के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस योग को लाभ-दृष्टि योग या त्रिएकादश राजयोग कहा जाता है।

    मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और नेतृत्व का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और गणना से संबंधित ग्रह है। दोनों के शुभ संबंध से निर्णय क्षमता, कामकाज और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जाती है। खासतौर पर नौकरी, कारोबार, निवेश और आय के मामलों में कुछ राशियों को नए अवसर मिल सकते हैं।

    मेष राशि: आय के नए स्रोत बनने के संकेत

    मेष राशि के जातकों के लिए मंगल-बुध का यह योग आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन, वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारी से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।

    लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के भी योग बन सकते हैं। यदि किसी को उधार दिया हुआ धन वापस आने का इंतजार है तो उसमें सकारात्मक प्रगति हो सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि: करियर में बढ़ेगा मान-सम्मान

    मिथुन राशि वालों के लिए यह योग करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और काम करने के तरीके की सराहना हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिलने के साथ करियर में आगे बढ़ने के अवसर भी मिल सकते हैं।

    पारिवारिक जीवन में चल रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। घर या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई पुराना मामला भी समाधान की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास मजबूत रहेगा और महत्वपूर्ण फैसले लेने में मदद मिलेगी।

    सिंह राशि: मेहनत का मिलेगा पूरा फायदा

    सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। मेहनत का परिणाम मिलने और कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनने के संकेत हैं।

    इस दौरान लिए गए सही फैसले भविष्य की योजनाओं को नई दिशा दे सकते हैं। निवेश और आर्थिक योजनाओं में सोच-समझकर कदम उठाने से फायदा मिल सकता है। लगातार प्रयास करने वाले जातकों को अपनी मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता भी मजबूत रह सकती है।

    तुला राशि: नौकरी और कारोबार में नए मौके

    तुला राशि के जातकों के लिए मंगल-बुध का यह योग खासा लाभकारी माना जा रहा है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। कोई महत्वपूर्ण डील या समझौता भविष्य में अच्छा लाभ दे सकता है।

    नौकरीपेशा लोगों के लिए भी करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे लोगों को सकारात्मक खबर मिल सकती है। नई नौकरी तलाश रहे जातकों को भी अच्छा प्रस्ताव मिलने की संभावना है। अटका हुआ धन वापस आने और आय बढ़ने के योग बन सकते हैं। साथ ही जीवन में सुख-सुविधाओं में वृद्धि होने के संकेत हैं।

    मंगल-बुध की युति क्यों मानी जाती है खास?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल ऊर्जा, साहस, नेतृत्व और कार्यक्षमता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि बुध बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और गणना से जुड़ा ग्रह है। ऐसे में दोनों के बीच शुभ संबंध बनने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता और कामकाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    हालांकि, किसी भी ग्रह योग का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली, लग्न, ग्रहों की स्थिति और संबंधित भावों पर निर्भर करता है। इसलिए इन भविष्यवाणियों को सामान्य ज्योतिषीय संकेत के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

  • मंगल बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों को करियर-धन से जुड़े मामलों में मिलेगा लाभ

    मंगल बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों को करियर-धन से जुड़े मामलों में मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत में मंगल की चाल में बदलाव होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ नक्षत्र परिवर्तन का भी राशियों पर प्रभाव पड़ता है। मंगल 2 सितंबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाले पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 सितंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। मंगल और गुरु की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए शुभ मानी जा रही है। इस अवधि में करियर, कारोबार, धन और संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं।

    मेष राशि

    मंगल का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के लोगों के लिए आर्थिक लिहाज से फायदेमंद रह सकता है। अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। कारोबारियों को काम के विस्तार का मौका मिल सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से किसी काम के लिए किए जा रहे प्रयास भी सफल हो सकते हैं।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल का यह बदलाव परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत ला सकता है। पुरानी पारिवारिक परेशानियों का समाधान निकलने की उम्मीद है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। मकान, जमीन या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। करियर में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग भी मिल सकता है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कार्यक्षेत्र में नए अवसर लेकर आ सकता है। काम में आ रही बाधाएं कम हो सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पद मिलने के योग बन सकते हैं। अधिकारियों की ओर से आपके काम की तारीफ हो सकती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

    धनु राशि

    धनु राशि के लोगों के लिए यह अवधि नई शुरुआत के लिहाज से बेहतर साबित हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने की संभावना है। जीवनसाथी और परिवार का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और निवेश के नए अवसर सामने आ सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने से भी राहत मिल सकती है।

    मीन राशि

    मीन राशि के जातकों के लिए मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में जाना सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। कामकाज की बाधाएं दूर होने से तनाव कम हो सकता है। नौकरी और रोजगार से जुड़े मामलों में तरक्की के योग बन सकते हैं। इस दौरान किसी खास व्यक्ति से मुलाकात भी भविष्य में लाभ दे सकती है।

    मंगल के नक्षत्र परिवर्तन को क्यों माना जा रहा खास?

    ज्योतिषीय मान्यताओं में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और संपत्ति का कारक माना गया है। वहीं पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। ऐसे में मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए नई शुरुआत, प्रगति और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है।

  • आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय

    आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है, जबकि राहु को छाया ग्रह कहा गया है। अब मंगल राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र बदलाव, उथल-पुथल और मानसिक तनाव से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में मंगल की उग्र ऊर्जा के कारण कुछ राशियों के लिए यह अवधि चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

    मंगल 2 सितंबर तक आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों को आर्थिक, करियर, पारिवारिक और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को सतर्क रहना होगा।

    मेष राशि
    मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में इस अवधि में गुस्सा और जल्दबाजी बढ़ सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। जल्दबाजी में लिया गया आर्थिक फैसला नुकसान करा सकता है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को वाणी और धन से जुड़े मामलों में संयम रखना होगा। गुस्से में कही गई बात रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है। अचानक होने वाले खर्च से बजट प्रभावित हो सकता है। इस दौरान किसी को उधार देने में सावधानी बरतें।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों को मानसिक तनाव और कार्यक्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर ध्यान दें। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लोगों को इस दौरान गुप्त विरोधियों और विवादों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कानूनी और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूरी जांच के बाद ही कदम उठाएं। जोखिम वाले निवेश से दूरी रखना बेहतर होगा।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों को पारिवारिक और आर्थिक मामलों में संयम रखना होगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। अचानक होने वाला बड़ा खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है, इसलिए लेन-देन में सावधानी बरतें।

    अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल की उग्रता को शांत रखने के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करने की भी परंपरा है। बड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचें और जरूरी मामलों में अनुभवी लोगों की सलाह लें।

  • राहु 2 अगस्त को बदलेंगे नक्षत्र, मंगल के प्रभाव से मेष समेत इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    राहु 2 अगस्त को बदलेंगे नक्षत्र, मंगल के प्रभाव से मेष समेत इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। सावन माह की शुरुआत के साथ ही ग्रह-नक्षत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को राहु अपने स्वामित्व वाले शतभिषा नक्षत्र से निकलकर मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में राहु को अप्रत्याशित परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। ऐसे में यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए करियर, धन और सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है।

    धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं, जो साहस, ऊर्जा और भूमि से जुड़े कार्यों के कारक माने जाते हैं। इसलिए राहु का यह गोचर कई लोगों के लिए उन्नति और आर्थिक लाभ के संकेत दे रहा है।

    मेष राशि
    मेष राशि के स्वामी मंगल होने से राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने लगेंगे। नया कारोबार या नया प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। विदेश यात्रा, विदेशी व्यापार या दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ने की भी संभावना है।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए यह समय संपत्ति और निवेश के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है। जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना साकार हो सकती है। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने के योग हैं। प्रतियोगी परिस्थितियों में सफलता मिलने और विरोधियों पर बढ़त बनाने के संकेत भी हैं।

    कुंभ राशि
    धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध कुंभ राशि से भी माना जाता है। ऐसे में राहु का यह परिवर्तन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। टेक्नोलॉजी, रिसर्च और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से अटका धन मिलने की संभावना भी बन सकती है।

    राहु के शुभ प्रभाव के लिए करें ये उपाय
    – शनिवार के दिन पक्षियों को बाजरा या सप्तधान्य खिलाएं।
    – नियमित रूप से ‘ॐ रां राहवे नमः’ मंत्र की एक माला का जाप करें।
    – भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।

  • अगस्त के पहले सप्ताह में चाल बदलेंगे मंगल, 4 राशियों की खुलेगी किस्‍मत, जाने क्‍या होगा लाभ?

    अगस्त के पहले सप्ताह में चाल बदलेंगे मंगल, 4 राशियों की खुलेगी किस्‍मत, जाने क्‍या होगा लाभ?


    नई दिल्ली। अगस्त के पहले सप्ताह में ग्रहों की चाल में होने वाला बड़ा बदलाव कई राशियों के जीवन पर असर डालने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल 2 अगस्त 2026 की रात 10:59 बजे वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल 18 सितंबर 2026 तक मिथुन राशि में रहेंगे। इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर आर्थिक और करियर के लिहाज से लाभकारी रहेगा। आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के जीवन में यह गोचर सकारात्मक बदलाव ला सकता है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। पढ़ाई या काम के सिलसिले में यात्रा के योग बन सकते हैं। मित्रों और करीबी लोगों का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे।

    मकर राशि
    मकर राशि के लोगों को परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने और अनावश्यक विवादों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहने के साथ तरक्की के योग भी बनेंगे।

  • 2 अगस्त को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे मंगल, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    2 अगस्त को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे मंगल, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल 2 अगस्त को रात 10:59 बजे मिथुन राशि में गोचर करेंगे। मंगल 18 सितंबर तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे। मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषविदों के मुताबिक इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन मिथुन, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। इस दौरान करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि
    मंगल का आपकी राशि में प्रवेश आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को नई मजबूती दे सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों से लाभ मिलने के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों की कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है, साथ ही नई जिम्मेदारियां या प्रोजेक्ट मिलने की संभावना भी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और अचानक धन लाभ के अवसर भी बन सकते हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा, जिससे मानसिक संतोष बना रहेगा। लंबे समय से अटके मामलों में प्रगति होने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने का साहस बढ़ सकता है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर करियर के लिहाज से लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे। यदि घर, जमीन या वाहन खरीदने की योजना लंबे समय से बनी हुई है तो यह समय अनुकूल रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के साथ पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के भी संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और निवेश से लाभ मिलने की संभावना बनी रहेगी।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों के लिए मंगल का राशि परिवर्तन नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी तथा आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। लाभदायक यात्राओं के संकेत भी मिल रहे हैं। किसी प्रतिष्ठित संस्था या बड़ी कंपनी से आकर्षक प्रस्ताव मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहेगा।

    (नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य सूचना देना है।)

  • हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व

    हिंदू नववर्ष पर नीम-मिश्री खाने की परंपरा क्यों? जानिए वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व


    नई दिल्ली। भारतीय परंपरा में गुड़ी पड़वा और उगादी के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत बेहद खास मानी जाती है। इस बार 19 मार्च से नवसंवत्सर की शुरुआत हो रही है। इस दिन सुबह पूजा के बाद नीम की पत्तियां और मिश्री या गुड़ खाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है जिसका गहरा धार्मिक दार्शनिक और वैज्ञानिक महत्व है।

    नीम और मिश्री जीवन का संतुलन

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नववर्ष के पहले दिन नीम और मिश्री का सेवन जीवन के कड़वे और मीठे अनुभवों का प्रतीक है। नीम का कड़वा स्वाद जीवन की चुनौतियों संघर्ष और कठिनाइयों को दर्शाता है वहीं मिश्री की मिठास सुख सफलता और खुशियों का संकेत देती है। यह परंपरा सिखाती है कि जीवन में सुख दुख दोनों का संतुलन जरूरी है और हर परिस्थिति को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

    पौराणिक महत्व

    शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा ने चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को सृष्टि की रचना की थी। इसी कारण इस दिन को नववर्ष और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की जाती है।

    आयुर्वेदिक दृष्टि से भी लाभकारी

    आयुर्वेद के अनुसार मौसम बदलने के समय यानी बसंत से गर्मी में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नीम की पत्तियों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। वहीं मिश्री शरीर को ऊर्जा देती है और नीम की कड़वाहट को संतुलित करती है।

    कैसे किया जाता है सेवन

    कई जगहों पर नीम की कोमल पत्तियों को मिश्री गुड़ इमली या कच्चे आम के साथ मिलाकर खाया जाता है। इसे नववर्ष की शुभ शुरुआत और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

    इस वर्ष कौन होगा राजा और मंत्री?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिस दिन नववर्ष शुरू होता है उसी दिन का ग्रह उस वर्ष का राजा माना जाता है। इस बार नववर्ष गुरुवार को पड़ रहा है इसलिए गुरु ग्रह वर्ष के राजा होंगे जबकि मंगल ग्रह को मंत्री माना गया है।इसके अलावा इस वर्ष चंद्र देव सेनापति मेघाधिपति और फलधिपति रहेंगे। गुरु ग्रह नीरसाधिपति धनाधिपति और सस्याधिपति भी होंगे जबकि बुध धान्याधिपति और शनि रसाधिपति माने गए हैं। कुल मिलाकर हिंदू नववर्ष पर नीम मिश्री खाने की परंपरा केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि जीवन दर्शन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गहरा संदेश भी देती है।