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  • 5 जुलाई से बदलेगी मंगल की चाल, ज्योतिषीय गणना के अनुसार इन चार राशियों पर मंडराएगा आर्थिक और मानसिक संकट, रहें बेहद सतर्क

    5 जुलाई से बदलेगी मंगल की चाल, ज्योतिषीय गणना के अनुसार इन चार राशियों पर मंडराएगा आर्थिक और मानसिक संकट, रहें बेहद सतर्क

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन को मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना गया है। इसी कड़ी में शौर्य, साहस, पराक्रम और शारीरिक शक्ति के कारक माने जाने वाले उग्र ग्रह मंगल का एक बड़ा नक्षत्र गोचर होने जा रहा है। आगामी 5 जुलाई 2026, रविवार की आधी रात 12 बजकर 01 मिनट पर मंगल ग्रह रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और वे 24 जुलाई 2026 तक इसी स्थिति में गतिमान रहेंगे। यद्यपि मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन कई राशियों के लिए शुभ और प्रगतिशील परिणाम लेकर आएगा, परंतु ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चार ऐसी विशेष राशियां भी हैं जिनके जातकों के लिए यह गोचर अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और कष्टदायी साबित हो सकता है। इस अवधि में प्रभावित जातकों को विशेष रूप से बड़े फैसले लेने से बचने, अनियंत्रित क्रोध पर काबू रखने और आर्थिक मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    इस खगोलीय गोचर से प्रभावित होने वाली पहली मुख्य राशि वृष है। वृष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन जीवन में कई तरह की विपरीत परिस्थितियां और चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है। इस दौरान इन्हें अपने आर्थिक मामलों में विशेष रूप से सतर्कता बनाए रखनी होगी। खर्चों की अधिकता के कारण संचित धन पानी की तरह बह सकता है, जिससे बजटीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। इसके अतिरिक्त, कार्यस्थल या ऑफिस में सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहकर धैर्यपूर्वक समस्याओं का समाधान खोजना ही इस समय हितकर रहेगा।

    द्वितीय प्रभावित राशि तुला है, जिसके जातकों के लिए मंगल का रोहिणी नक्षत्र में जाना प्रतिकूल समय की शुरुआत का संकेत है। इस अवधि में जातक अपनी ऊर्जा, कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में एक अप्रत्याशित कमी महसूस कर सकते हैं। इसके साथ ही, स्वभाव में अकारण ही आक्रामकता और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान किसी भी तरह का महत्वपूर्ण अथवा रणनीतिक निर्णय जल्दबाजी में लेने से भारी नुकसान हो सकता है। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए अपने रिश्तों में अहंकार या ‘इगो’ को बिल्कुल भी आड़े न आने दें और अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सजग रहें।

    इस सूची में तीसरी प्रभावित राशि मकर है, जिसके जातकों के लिए मंगल का यह नक्षत्र गोचर बड़ी आर्थिक क्षति का मुख्य कारक बन सकता है। मकर राशि वाले लोगों को इस समय सीमा के भीतर किसी भी तरह के नए निवेश या बड़े वित्तीय लेन-देन से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए। अनापेक्षित और अनावश्यक खर्चों में भारी वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र या व्यापार में किसी भी बाहरी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें, अन्यथा विश्वासघात या बड़ा धोखा मिलने की पूरी संभावना है। इस कठिन दौर में मानसिक तनाव को स्वयं पर हावी न होने दें और अपनी सोच को सकारात्मक बनाए रखें।

    चौथी और अंतिम प्रभावित राशि मीन है, जिसके जातकों के लिए मंगल का यह गोचर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिकूल और कठिन परिस्थितियां उत्पन्न करने वाला साबित होगा। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम भरे कार्यों, सट्टेबाजी या लॉटरी जैसे निवेशों से पूरी तरह दूर रहना ही समझदारी होगी। पारिवारिक संबंधों में वैचारिक मतभेद के कारण तनाव और कड़वाहट बढ़ने के प्रबल संकेत हैं। यह संपूर्ण समय मीन राशि के जातकों के लिए अत्यंत धैर्य, संयम और विवेक से काम लेने का है। लापरवाही बरतने पर गंभीर धन हानि और मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है।

  • मंगल और शनि की शत्रुता से इन तीन राशियों में बढ़ सकती है झड़प और विवाद वृषभ वृश्चिक और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क

    मंगल और शनि की शत्रुता से इन तीन राशियों में बढ़ सकती है झड़प और विवाद वृषभ वृश्चिक और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क


    नई दिल्ली। फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में होने वाला मंगल गोचर ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। 23 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। कुंभ राशि शनि की मानी जाती है और मंगल और शनि के बीच शत्रुता का भाव होने के कारण यह गोचर वृषभ वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल साहस ऊर्जा पराक्रम और क्रोध का कारक ग्रह है जबकि शनि कर्म अनुशासन और धैर्य का प्रतिनिधित्व करता है। जब मंगल शनि की राशि में प्रवेश करता है तो स्वभाव में उग्रता और परिस्थितियों में टकराव की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गोचर व्यक्तिगत पेशेवर और पारिवारिक जीवन में असंतुलन ला सकता है।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए पेशेवर मोर्चे पर दबाव बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद का सामना करना पड़ सकता है। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। संयम और धैर्य से काम लेना जरूरी है नहीं तो गुस्से पर नियंत्रण न रखने से बनाए हुए कार्य बिगड़ सकते हैं।

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए पारिवारिक और निजी रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। मानसिक बेचैनी और चिड़चिड़ापन निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है। संपत्ति वाहन और साझेदारी से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है। छोटी बातों को तूल देने से रिश्तों में दूरी पैदा हो सकती है।

    कुंभ राशि में मंगल के गोचर से जातकों में ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा लेकिन अत्यधिक आत्मविश्वास और जल्दबाजी टकराव और नुकसान का कारण बन सकती है। बिना सोच-समझे फैसले लेने से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है इस समय शांत रहना और संवाद में संयम बरतना आवश्यक है।

    ज्योतिषियों के अनुसार यह गोचर अस्थायी है लेकिन प्रभाव को कम करने के लिए सोच-समझकर निर्णय लेना क्रोध पर नियंत्रण रखना और जोखिम भरे कदमों से बचना जरूरी है। इससे पेशेवर पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन में असंतुलन को रोका जा सकता है।