Tag: massive fire

  • ईरान के मिसाइल हमले से इजरायल के केमिकल प्लांट में लगी भीषण… जहरीली गैस के रिसाव का खतरा

    ईरान के मिसाइल हमले से इजरायल के केमिकल प्लांट में लगी भीषण… जहरीली गैस के रिसाव का खतरा


    येरुशलम।
    युद्ध को बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिशों के बीच ईरान और इजरायल (Iran and Israel War) ने एक दूसरे पर भीषण हमले जारी रखे हैं। ईरान ने दक्षिणी इजरायल (Southern Israel.) में रविवार को एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल से हमला (Missile attack Chemical plant) किया। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई है। इससे इलाके में जहरीले रिसाव का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, इजरायल ने रविवार तड़के तेहरान पर बमबारी की।


    चीनी कंपनी का हिस्सा है प्लांट

    चीनी स्वामित्व वाले सिनजेंटा ग्रुप का हिस्सा एडीएएमए ने कहा कि संयंत्र को हुए नुकसान की सीमा का अभी पता नहीं चल पाया है। कृषि रसायनों और फसल सुरक्षा सामग्री बनाने वाली कंपनी एडीएएमए ने कहा कि उसके ‘मख्तेशिम प्लांट’ पर हमला किया गया है। फिलहाल जांच कर रहे हैं कि सीधे मिसाइल गिरी है या इंटरसेप्ट की गई मिसाइल का मलबा गिरा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    इजरायल की ‘अग्नि शमन एवं बचाव सेवा’ ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद दक्षिणी इजरायल के एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई, जहां कई रासायनिक और औद्योगिक संयंत्र स्थित हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह आग हवा में मार गिराई गई मिसाइल के मलबे से लगी है।

    लोगों से दूर रहने का आग्रह
    विभाग ने जनता से नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया है क्योंकि वहां जहरीले रसायन मौजूद हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 34 टीमें काम कर रही हैं। विभाग ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से 800 मीटर की दूरी के बाहर जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। बयान में कहा गया, आस-पास के निवासियों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियां और वेंटिलेशन बंद रखने और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जब तक कि घटना पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पा लिया जाता।


    हमले के बाद दिखा आग और काला धुआं

    दमकल सेवा द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में आग का बड़ा गोला और भारी काला धुआं दिखाई दे रहा है, जबकि अग्निशमन कर्मी आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले, इजरायली सेना ने कहा था कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगाया है। नियोत होवाव क्षेत्र दक्षिणी इजरायल के सबसे बड़े शहर बीयर शेवा से लगभग 13 किमी दूर स्थित है। इस क्षेत्र में कई इजरायली सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं। पिछले सप्ताहांत, ईरानी मिसाइलों ने अराद और डिमोना के दक्षिणी शहरों पर हमला किया था, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह अब तक इजरायली धरती पर अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के सबसे भीषण हमलों में से एक था।


    कुवैत में सैन्य शिविर पर हमला, 10 सैनिक घायल

    उधर ईरान ने कुवैत में भी सैन्य शिविर पर हमला किया है। जिसमें 10 सैनिक घायल हुए हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुवैत के हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे गए हैं। हमले में शिविर में काफी नुकसान हुआ है।


    ईरान के इस्फहान के विश्वविद्यालय पर हमला

    इजरायल ने ईरान के बीच शहर इस्फहान में स्थित इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर रविवार को हवाई हमले किए। यह दूसरी बार है जब इस विश्वविद्यालय पर हमला हुआ। यूनिवर्सिटी ने फार्स न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा कि दोपहर करीब 2 बजे(स्थानीय समय) विश्वविद्यालय को दूसरी बार निशाना बनाया गया। यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट पर हुए इस हमले से कई दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और यूनिवर्सिटी के चार कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं।


    ईरान जवाबी हमले की धमकी दी

    ईरान ने विश्वविद्यालय पर हमले के जवाब में इजरायल और अमेरिका की यूनिवर्सिटी पर हमले की धमकी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के विश्वविद्यालय की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई, तो ईरान इस इलाके में मौजूद इजरायली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाएगा। अमेरिका के कई कॉलेजों, जिनमें जॉर्जटाउन, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और नॉर्थवेस्टर्न के कैंपस कतर और संयुक्त अरब अमीरात में हैं।

    गार्ड ने कहा, अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस इलाके में मौजूद उसकी यूनिवर्सिटीज सुरक्षित रहें, तो उसे सोमवार(30 मार्च) को दोपहर 12 बजे तक ईरानी यूनिवर्सिटीज पर हुई बमबारी की निंदा करनी चाहिए। उसने यह भी मांग की कि अमेरिका, इजरायल को ईरानी यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमला करने से रोके। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने शनिवार को बताया था कि दर्जनों यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमले हुए हैं।


    यूएई पर दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलें

    संयुक्त अरब अमीरात पर रविवार को ईरान ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दांगी, जबकि 42 ड्रोन ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।हालांकि इन सभी एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।


    बंदर ए खमीर बंदरगाह पर हमला, पांच मारे गए

    ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर-ए-खमीर पर हुए हमले में पांच लोग मारे गए और दो पोत भी नष्ट हो गए। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियान के तहत लेबनान में भी ठिकानों पर हमला किया। रविवार की सुबह सेना ने बताया कि लेबनान में लड़ाई के दौरान उसका एक सैनिक मारा गया।


    ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एल्युमीनियम संयंत्र पर हमले किए, आठ घायल

    ईरानी सेना ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में दुनिया के दो सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादकों के संयंत्रों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। ईरान ने इन उद्योगों को अमेरिकी सेना से जुड़ा हुआ बताया। एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (ईजीए) ने कहा कि ईरान के हमले में छह लोग घायल हो गए और उसके संयंत्र को काफी नुकसान पहुंचा, जबकि बहरीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि दूसरे हमले में एल्युमीनियम बहरीन के दो कर्मचारी घायल हो गए।

  • Delhi में मटियाला गांव के मछली बाजार में लगी भीषण आग… 400 झुग्गियां जलीं

    Delhi में मटियाला गांव के मछली बाजार में लगी भीषण आग… 400 झुग्गियां जलीं


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) के मटियाला गांव (Matiala Village) के मछली बाजार (Fish market) में बुधवार देर रात को भीषण आग (Massive Fire) लग गई। इस आगजनी में लगभग 300 से 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। दमकल विभाग को रात करीब 11:50 बजे आग लगने की सूचना मिली। करीब 23 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

    पुलिस हेड कांस्टेबल रामरतन ने बताया कि आग बहुत करीब आ गई थी, मात्र दो-तीन फीट की दूरी तक। उस समय हमें पता चला कि उस तरफ एक कार खड़ी थी और आग उसके बहुत करीब पहुंच गई थी। मैं वहां गया और कुछ अन्य लोग मेरे साथ आए। उन्होंने पत्थर से कार का शीशा तोड़ दिया और शीशा तोड़ने के बाद कार को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।


    नोएडा के कंपनी में भीषण आग, कुछ लोग जख्मी

    उधर, नोएडा के थाना फेस 1 के अंतर्गत बी 40 सेक्टर 4 नोएडा स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी में भीषण आग लग गई। इस कंपनी में बिजली का मीटर बनाए जाने का काम होता है। वीरवार सुबह अचानक लगी आग के कारणों का पता नहीं चला है। सूचना मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस बल और फायर बिग्रेड की मदद से आग बुझाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ व्यक्ति घायल हुए हैं जो अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस उच्चाधिकारी और सीएफओ गौतमबुद्धनगर मौके पर मौजूद है। आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • ईरान की राजधानी तेहरान के एक बाजार में लगी भीषण आग… मची अफरा-तफरी

    ईरान की राजधानी तेहरान के एक बाजार में लगी भीषण आग… मची अफरा-तफरी


    तेहरान।
    ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान (Tehran) से एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को तेहरान के पश्चिमी इलाके, जन्नत आबाद (Jannat Abaad) में स्थित एक बाजार में अचानक भीषण आग (Market Massive Fire) लग गई। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन जैसे ही आग की सूचना मिली, बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए। दमकल की कई टीमों को मौके पर भेजा गया है और आग बुझाने के प्रयास जारी हैं।


    आग की लपटें और काले धुएं ने मचाई दहशत

    तेहरान की आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी मोहम्मद बेहनिया ने बताया कि अब तक इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, आग इतनी भयंकर थी कि उसकी लपटें और काले धुएं के घने बादल शहर के कई हिस्सों से स्पष्ट रूप से देखे जा रहे थे। यह आग जन्नत आबाद इलाके के एक शॉपिंग सेंटर में लगी, जो सैकड़ों दुकानों और छोटे-छोटे स्टॉल से भरा हुआ था।


    सुबह के समय लगी आग, विक्रेताओं और ग्राहकों में अफरातफरी

    आग सुबह करीब 10 बजे जन्नत आबाद शोमाली इलाके के एक बड़े बाजार में लगी। इस दौरान बाजार में विक्रेता और ग्राहक दोनों मौजूद थे। जैसे ही आग फैलने लगी, वहां मौजूद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। दमकल विभाग को तुरंत सूचित किया गया और वे घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।


    दमकलकर्मियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी

    घटना के बाद, दमकलकर्मियों ने बताया कि आग बहुत तेज़ी से फैल रही थी और मौके पर पहुँचने के बाद वे तुरंत कई दिशाओं से आग को काबू करने का प्रयास करने लगे। सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दमकल टीमें घटनास्थल पर पहुंची और कई मोर्चों से अग्निशमन कार्य शुरू किया।


    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

    इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में बाजार से उठता हुआ घना काला धुंआ और लपटों की ऊंची लहरें साफ देखी जा सकती हैं। आसपास के आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों में अफरातफरी का माहौल है। तेहरान के नागरिकों को यह दृश्य बेहद डरावना प्रतीत हो रहा है।


    राहत कार्य जारी, स्थिति नियंत्रण में

    हालांकि अब तक किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, राहत कार्य जारी है और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक इस घटना में घायलों या संभावित मौतों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है और अतिरिक्त जानकारी बाद में जारी की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि आग को आसपास की इमारतों और आवासीय क्षेत्रों में फैलने से रोकने पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

  • नागालैंड की जुको घाटी में भीषण आग…3 दिन में मणिपुर की सर्वोच्च चोटी माउंट ईसो तक पहुंची

    नागालैंड की जुको घाटी में भीषण आग…3 दिन में मणिपुर की सर्वोच्च चोटी माउंट ईसो तक पहुंची


    काहिमा।
    नागालैंड (Nagaland) की ज़ुको घाटी (Dzuko Valley) में पिछले तीन दिनों से लगी भीषण जंगल की आग (Massive forest fire.) अब मणिपुर (Manipur) की सबसे ऊंची चोटी माउंट ईसो (Highest peak Mount Iso) तक फैल गई है, जिससे इस जैव-विविधता संपन्न क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। सॉन्ग-सॉन्ग यूथ एंड स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (SSYSO) के स्वयंसेवक और आसपास के गांवों के निवासी आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके में आग की तीव्रता प्रयासों पर भारी पड़ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवा स्वयंसेवकों के लगातार प्रयासों के बावजूद आग तेजी से आगे बढ़ रही है।

    राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। हालांकि, कई स्थानीय नेताओं ने मणिपुर के राज्यपाल से अपील की है कि आग पर काबू पाने के लिए तत्काल विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया जाए। SSYSO के एक सदस्य ने कहा, “स्थिति भयावह है। हमें उचित संसाधनों और उपकरणों के साथ सरकारी हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है। हमारे सीमित साधन आग से निपटने के लिए बहुत पर्याप्त नहीं है।” पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह मणिपुर के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा सकती है और पूरे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ सकती है।


    2020 और 2021 में भी लगी थी भीषण आग

    यह पहली बार नहीं है जब ज़ुको घाटी और माउंट ईसो क्षेत्र को ऐसी तबाही का सामना करना पड़ा है। दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच भी एक भीषण आग ने इस क्षेत्र की वनस्पतियों के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उस समय तेज हवाओं ने आग बुझाने के प्रयासों में काफी बाधा डाली थी। मणिपुर के सेनापति जिले और नागालैंड के कोहिमा जिले की सीमा पर 2,452 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ज़ुको घाटी अपनी अनूठी जैव-विविधता के लिए जानी जाती है, जिसमें दुर्लभ ‘ज़ुको लिली’ भी शामिल है। यह क्षेत्र पूर्वोत्तर हिमालय में एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक गलियारे के रूप में भी काम करता है।


    2024 में मणिपुर में लगभग 17.8 हजार हेक्टेयर वन नष्ट

    आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, मणिपुर हाल के वर्षों में भारत के सबसे अधिक आग की चपेट में आने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। अप्रैल 2025 की शुरुआत में, राज्य में मात्र सात दिनों के भीतर जंगल की आग की 1,424 घटनाएं दर्ज की गईं, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद देश में तीसरे स्थान पर थीं। अकेले 2024 में, मणिपुर ने लगभग 17.8 हजार हेक्टेयर प्राकृतिक वन खो दिए, जिससे वातावरण में अनुमानित 91 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ।


    90 प्रतिशत जंगल की आग मानवीय कारणों से

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 90 प्रतिशत जंगल की आग मानवीय कारणों से लगती है, जो अक्सर वन क्षेत्रों के किनारे रहने वाले समुदायों द्वारा भूमि साफ करने जैसे उद्देश्यों के लिए लगाई जाती है। पारंपरिक ‘झूम खेती’ ने भी इस समस्या को बढ़ाया है। इस पहाड़ी इलाके के दुर्गम होने और तेज हवाओं के कारण आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण है। स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को हवाई सहायता के साथ तैनात करने की अपील की है। चूंकि प्रभावित क्षेत्र मणिपुर-नागालैंड सीमा पर स्थित है, इसलिए स्थानीय समुदायों ने इस बात पर जोर दिया है कि आग को नियंत्रित करने के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वित कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • केरल के त्रिशूर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी भीषण आग, 500 से अधिक बाइकें जलकर राख

    केरल के त्रिशूर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लगी भीषण आग, 500 से अधिक बाइकें जलकर राख


    त्रिशूर।
    केरल (Kerala) के त्रिशूर में रेलवे स्टेशन (Thrissur Railway Station) के पार्किंग क्षेत्र में रविवार को आग लग जाने से सैकड़ों दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। पुलिस की प्राथमिकी में कहा गया है कि लगभग 500 दोपहिया वाहन (500 Two-Wheelers Burnt) जलकर खाक हो गए, लेकिन दक्षिणी रेलवे (Southern Railway) ने अपने बयान में कहा कि लगभग 250 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि पार्किंग क्षेत्र में सुबह छह बजकर 20 मिनट पर आग लगी और इस संबंध में अग्निशमन विभाग को छह बजकर 40 मिनट पर जानकारी मिली।

    शुरू में पुलिस और दमकल कर्मियों को संदेह जताया कि बिजली के तार से निकली चिंगारी किसी ढके हुए दोपहिया वाहन पर गिरने से आग लगी होगी। हालांकि, रेलवे ने अपने बयान में दावा किया कि आग ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) या रेलवे के किसी विद्युत उपकरण से नहीं लगी थी। रेलवे ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग खड़े दोपहिया वाहनों में से किसी एक से लगी। अधिकारियों का अनुमान है कि शेड में लगभग 500 दोपहिया वाहन खड़े थे, जिनमें से अधिकतर इस घटना में जलकर खाक हो गए।


    5 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

    अधिकारियों ने बताया कि पांच दमकल गाड़ियां भेजी गईं और सुबह करीब 7.45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक आग फैलने और आगे नुकसान होने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गये। अधिकारी ने कहा कि आग जिस जगह लगी, उसके पास रेलवे पटरी पर एक इंजन खड़ा था लेकिन रेलवे ने उसे कोई बड़ा नुकसान होने की पुष्टि नहीं की। अधिकारी ने बताया कि दोपहिया वाहनों के अलावा टिन की चादरों से ढका पूरा शेड भी आग में क्षतिग्रस्त हो गया।

    दमकल अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने आग लगने के सटीक कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पार्किंग क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में था। हालांकि, आग में सीसीटीवी कंट्रोल यूनिट और हार्ड डिस्क क्षतिग्रस्त हो गई, जिन्हें स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। त्रिशूर पश्चिम पुलिस ने आग लगने की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बाइक के साथ कैश भी जला

    प्राथमिकी के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में पार्किंग सुविधा संचालित करने का ठेका रखने वाली अश्वथी एंटरप्राइजेज की पार्किंग शुल्क छापने वाली मशीन समेत लगभग 500 दोपहिया वाहन आग में जलकर खाक हो गए। प्राथमिकी में यह भी बताया गया है कि अश्वथी एंटरप्राइजेज के कर्मचारियों के दो मोबाइल फोन और 10000 रुपये नकद भी आग में नष्ट हो गए।

    राज्य पुलिस प्रमुख आर ए चंद्रशेखर ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस घटना के मद्देनजर केरल में सशुल्क पार्किंग सुविधाओं पर आग संबंधी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। चंद्रशेखर ने कहा कि प्रारंभिक बयानों से संकेत मिलता है कि संभव है की एक इलेक्ट्रिक लाइन से निकली चिंगारी के कारण आग लगी लेकिन इसकी पुष्टि के लिए जांच की जरूरत है।