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  • NEET पेपर लीक कांड में CBI का बड़ा खुलासा, पुणे के लेक्चरर कुलकर्णी को बताया मास्टरमाइंड

    NEET पेपर लीक कांड में CBI का बड़ा खुलासा, पुणे के लेक्चरर कुलकर्णी को बताया मास्टरमाइंड


    नई दिल्ली।
    नीट यूजी पेपर लीक मामले (NEET-UG Paper leak case) ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद एक बड़े नाम का खुलासा हुआ है, जिसे इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपी पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni.) पुणे के एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में तैनात है। आरोप है कि उसने परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता का दुरुपयोग करते हुए पेपर लीक और नकल से जुड़ा एक नेटवर्क तैयार किया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, पीवी कुलकर्णी की भूमिका केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं थी। उसने कुछ छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं भी चलाईं। इन कक्षाओं में कथित तौर पर परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके संभावित उत्तरों पर फोकस किया जाता था। बताया जा रहा है कि ये कोचिंग क्लासेस पुणे स्थित उनके आवास पर ही चलाई जाती थीं, जहां सीमित और चयनित छात्रों को ही प्रवेश दिया जाता था। इस गतिविधि ने परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

    शुरुआती जांच में क्या आया सामने
    CBI की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क अकेले एक व्यक्ति की ओर से नहीं चलाया जा रहा था, बल्कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा था, जो परीक्षा से पहले ही छात्रों तक गोपनीय जानकारी पहुंचाने की कोशिश करता था। इसी वजह से NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है और प्रशासन पर भी सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

    फिलहाल इस मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और CBI अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार और जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल परीक्षा घोटाले का है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है।

  • MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार

    MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इंटरस्टेट ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क (Interstate Drug Smuggling Network) का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल (Bhopal) के एक स्कूल का प्रिंसिपल इस नेटवर्क का सरगना निकला। लग्जरी लाइफ का शौकीन यह प्रिंसिपल थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। उसे दो लड़कियों के साथ इंदौर में गिरफ्तार किया गया है।

    इंदौर में शिक्षा की गरिमा को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब भोपाल के एक स्कूल के प्रिंसिपल अबान शकील को कनाड़िया पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौकीन अबान शकील दरअसल नशे के इंटरस्टेट नेटवर्क का अहम किरदार निकला, जो थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है और पूछताछ में कई अन्य तस्करों के नाम सामने आए हैं। इससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।


    इवेंट कंपनी की आड़ में पार्टियों का आयोजन

    कनाड़िया पुलिस ने नेटवर्क के सरगना वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा को दो युवतियों के साथ धर दबोचा। डीपीएस स्कूल बायपास के पास संदिग्ध इको स्पोर्ट कार से पकड़े गए इस गिरोह के पास से एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह इवेंट कंपनी की आड़ में हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन कर, वहीं से युवाओं को महंगे दामों में एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे किया जाता था, ताकि शक की सुई उन पर न जाए।


    पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। गिरफ्तार युवतियों ने कबूल किया कि वे बड़े क्लबों और पार्टियों में जाकर युवाओं को एमडी ड्रग्स की पुड़िया महंगी कीमत पर बेचती थीं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार इंदौर के कई क्लबों और ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे शहर के नाइट लाइफ नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    32 लाख रुपए की सामग्री जब्त

    पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो लग्जरी वाहन, थार और इको स्पोर्ट सहित करीब 32 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है। पुलिस रिमांड में आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी और किन-किन बार व क्लब संचालकों की इसमें भूमिका है।


    थार गाड़ी से तस्करी करता था प्रिंसिपल

    पुलिस ने सबसे पहले भोपाल निवासी अबान शकील को गिरफ्तार किया। आरोपी एक स्कूल का प्रिंसिपल है और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन बताया गया है। जांच में सामने आया कि वह थार गाड़ी से एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। आरोपी के पास से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई।अबान शकील से पूछताछ के दौरान पुलिस को वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा नामक तस्कर के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद थाना कनाड़िया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वैभव शर्मा को दो लड़कियों के साथ एमडी ड्रग्स सहित गिरफ्तार किया।


    बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार से हो रही थी सप्लाई

    पुलिस को डीपीएस स्कूल बायपास के पास बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट्स कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। कार की जांच करने पर चालक भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एमडी ड्रग्स मिली। पुलिस जांच में कार में बैठी दो लड़कियों नेहा उर्फ रिशु झा (मुंबई निवासी) और अलीशा मसीह उर्फ जैनी (रतलाम निवासी) के पास से भी एमडी ड्रग्स बरामद की गई। दोनों ने कबूल किया कि वे क्लब और बार पार्टियों में महंगे दामों पर ड्रग्स सप्लाई करती थीं।

    गोवा और अन्य राज्यों तक फैला नेटवर्क
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इवेंट कंपनी के नाम पर बड़ी पार्टियों का आयोजन करते थे और इन्हीं पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे रखा जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार गोवा सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। आरोपी वहां के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इंदौर के कई क्लब संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


    इंदौर पुलिस की लोगों से अपील

    चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कनाड़िया में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड लेकर यह पता लगाया जाएगा कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थीं और किन-किन क्लबों में सप्लाई होती थी। इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट

    26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट


    मुंबई। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पैरवी के लिए अपनी पसंद के वकीलों के नाम की सूची अदालत को सौंप दी है। यह लिस्ट पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क कर यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।
    राणा ने दिल्ली और राजधानी के बाहर के करीब 10 वकीलों के नाम सूची में दिए हैं।

    सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी पसंद का वकील नियुक्त करना चाहता है। अदालत ने एनआईए को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है, ताकि वकीलों की सहमति से अदालत को अवगत कराया जा सके। इससे पहले, अदालत ने राणा को अपने परिवार से वकील की नियुक्ति को लेकर बातचीत के लिए कॉल सुविधा देने की इजाजत दी थी। फिलहाल राणा को लीगल एड काउंसिल के तौर पर अधिवक्ता पीयूष सचदेवा उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन राणा ने अपनी पसंद के वकील रखने की इच्छा जताई थी।
    आतंकी हमले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    इसके बाद, पीयूष सचदेवा को मामले से मुक्त कर दिया गया है। राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान उसने अधिवक्ता एमएस खान का नाम विशेष रूप से अपनी पसंद के वकीलों में शामिल बताया। एनआईए ने आतंकी हमले के मामले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर रखा है। मुख्य आरोपपत्र दिसंबर 2011 में दाखिल किया गया था, जबकि जुलाई 2025 में एक पूरक आरोपपत्र पेश किया गया था।

  • रहमान डकैत की मौत असल जिंदगी में इस तरह हुई 'धुरंधर' फिल्म में दिखाए गए तथ्य से था अलग

    रहमान डकैत की मौत असल जिंदगी में इस तरह हुई 'धुरंधर' फिल्म में दिखाए गए तथ्य से था अलग


    नई दिल्ली । फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत की मौत को एक अलग तरीके से दिखाया गया है लेकिन असल जिंदगी में उनका अंत काफी अलग था। फिल्म में यह दिखाया गया है कि रणवीर सिंह जो कि रहमान डकैत का किरदार निभा रहे हैं एसपी चौधरी असलम संजय दत्त के साथ मिलकर उन्हें धोखा देते हैं और इस साजिश में वह रहमान को मार डालते हैं। हालांकि असल में रहमान डकैत की मौत इस तरह नहीं हुई थी।

    रहमान डकैत की असल मौत की कहानी

    रहमान डकैत जिनका असली नाम सरदार अब्दुल रहमान बलोच था की मौत के पीछे एक अलग साजिश थी। एक पाकिस्तानी पुलिस अफसर शकीमुद्दीन ने एक पॉडकास्ट में रहमान की मौत का असली कारण बताया। उन्होंने कहा “रहमान डकैत की एक बार अपने चेहरे पर गंभीर चोट लग गई थी जिससे उसका चेहरा खराब हो गया। वह इलाज के लिए ईरान गया था। वहीं एक पीपल्स पार्टी के सीनियर नेता ने एसपी चौधरी असलम से कहा था कि ‘रहमान को मैनेज करो वह चुनाव लड़ने वाला है।

    पॉलिटिकल ट्रैप में फंसा रहमान डकैत

    शकीमुद्दीन ने आगे बताया “एसपी चौधरी असलम ने रहमान डकैत से ईरान में संपर्क किया और कहा कि अगर वह राजनीति में उतरना चाहता है तो वह उसे सूबाई असेंबली के टिकट के लिए बात कर सकते हैं। रहमान ने एसपी चौधरी से कहा ‘हां अगर आप कहें तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।’ एसपी चौधरी ने उसे कराची बुलाया और कहा कि ‘तुम्हें टिकट मिल जाएगा। यह एक पॉलिटिकल ट्रैप था।

    मौत की साजिश

    जब रहमान डकैत कराची पहुंचे तो एसपी चौधरी ने उन्हें सिंधी वडेरे के डेरे पर बुलाया। वहीं रहमान डकैत को मार डाला गया। यह पूरी साजिश एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा थी जिससे एसपी चौधरी ने उन्हें धोखा दिया और उनकी हत्या कर दी।

    फिल्म में बदलाव

    ‘धुरंधर’ फिल्म में इस कहानी को क्रिएटिव फ्रीडम के तहत थोड़ा बदला गया है। फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार रहमान डकैत का भरोसा जीतता है और फिर एसपी चौधरी असलम के साथ मिलकर उसे धोखा दे देता है। लेकिन असल जिंदगी में मामला राजनीतिक था और धोखा देने के पीछे पॉलिटिकल मंशाएं थीं। फिल्म ‘धुरंधर’ ने रहमान डकैत की मौत को मनोरंजन के हिसाब से प्रस्तुत किया है लेकिन असल जीवन में उनका अंत काफी जटिल और राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़ा हुआ था। यह कहानी दिखाती है कि कैसे सत्ता और राजनीति के खेल में लोगों की जान चली जाती है और यह भी कि फिल्मों और असल जिंदगी के बीच बहुत अंतर हो सकता है।

  • रंजीत ने अक्षय खन्ना के Fa9la डांस पर दिखाया अपना अंदाज  बोले- "लड़कियां मुझे नचाती रहती हैं

    रंजीत ने अक्षय खन्ना के Fa9la डांस पर दिखाया अपना अंदाज बोले- "लड़कियां मुझे नचाती रहती हैं


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड के मशहूर विलेन एक्टर रंजीत ने हाल ही में अक्षय खन्ना के Fa9la डांस स्टेप को अपनाया और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। यह डांस अक्षय खन्ना के फिल्म धुरंधर के एंट्री सॉन्ग से वायरल हो गया है और अब इसी ट्रेंड को फॉलो करते हुए रंजीत ने अपने डांस वीडियो को शेयर किया। रंजीत ने यह वीडियो अपनी पोती दीया के जन्मदिन पर शूट किया जहां दीया ने उन्हें इस डांस को करने के लिए उत्साहित किया।

    रंजीत के इस वीडियो में वह Fa9la गाने पर अपने खास अंदाज में डांस करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए रंजीत ने लिखा “लड़कियां तो मुझे नचाती ही रहती हैं। अब देखो मेरी 6 साल की पोती दीया ने क्रेजी बनाकर अपने जन्मदिन पर डांस कराया और मुझे पसंद आया। आप लोग भी बच्चों के साथ ऐसा ही करो- फिट रहोगे।”

    रंजीत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और उनके फैंस इसे खूब पसंद कर रहे हैं। यूजर्स ने रंजीत के लुक और डांस की सराहना की और उन्हें असली स्टार बताया। कुछ यूजर्स ने तो मजाक में यह भी कहा कि रंजीत अपने दौर के ‘फिल्मी रहमान डकैत’ थे और अब उनके डांस स्टेप्स भी उतने ही पॉपुलर हो रहे हैं। रंजीत का यह वीडियो साबित करता है कि उम्र केवल एक संख्या है और खुद को एंटरटेन करने का तरीका कभी पुराना नहीं होता। इस वीडियो से एक बार फिर यह भी दिखा कि रंजीत अब भी बॉलीवुड इंडस्ट्री का एक अहम हिस्सा हैं।