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  • कॉलोनियों में घुसा पानी, मथुरा समेत कई जिलों में बरसात का असर

    कॉलोनियों में घुसा पानी, मथुरा समेत कई जिलों में बरसात का असर


    उत्तर प्रदेश । उत्तर प्रदेश में लगातार बदलते मौसम ने एक बार फिर तबाही और राहत दोनों के हालात पैदा कर दिए हैं। तड़के हुई मूसलाधार बारिश के चलते आगरा में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहे, जहां कुछ ही घंटों की बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव हो गया, सड़कें धंस गईं और वाहनों के फंसने की घटनाएं सामने आईं।

    आगरा में सबसे बड़ा हादसा उस समय हुआ जब एक फुटपाथ और सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। देखते ही देखते करीब 25 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसमें ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली समा गई। वहीं, सड़क किनारे खड़ी कारें और अन्य वाहन भी गड्ढों में फंस गए या पलट गए। छीपीटोला इलाके में बारिश के दबाव से एक मकान भी गिर गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

    शहर की कई कॉलोनियों में पानी घुस जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों के अंदर तक पानी भर गया और सड़कों पर घुटनों तक जलजमाव देखने को मिला। हालात इतने खराब हो गए कि कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना पड़ा।

    इसी तरह मथुरा में भी देर रात हुई बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु घुटनों तक पानी में चलते नजर आए। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी बाधित हुआ, हालांकि नमी के कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी जारी है, हालांकि यह धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके बावजूद अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो 5 जून तक पूरे उत्तर प्रदेश को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी यूपी में छिटपुट बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

    लखनऊ के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल लू का खतरा नहीं है और आने वाले दिनों में भी तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना कम है। हालांकि बारिश के कारण कहीं राहत है तो कहीं बाढ़ जैसे हालात ने चिंता बढ़ा दी है।

    कुल मिलाकर यूपी में मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश से हुई तबाही ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।