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  • भोपाल से लापता 6 साल का मासूम मथुरा में मिला सुरक्षित, अकेले ट्रेन में पहुंचा, 100 से ज्यादा जवानों की मेहनत लाई रंग

    भोपाल से लापता 6 साल का मासूम मथुरा में मिला सुरक्षित, अकेले ट्रेन में पहुंचा, 100 से ज्यादा जवानों की मेहनत लाई रंग

    मध्य प्रदेश।  की राजधानी भोपाल से लापता हुए छह वर्षीय मासूम अंश मैना के सुरक्षित मिलने से उसके परिवार के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। चार दिनों तक चली व्यापक तलाश और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के बाद बच्चे को उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया कि समय पर की गई सतर्कता और समन्वित कार्रवाई किसी भी चुनौतीपूर्ण मामले में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।

    जानकारी के अनुसार अंश अपनी मां के साथ भोपाल के रॉयल मार्केट क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल आया था। उसकी मां का उपचार चल रहा था। मंगलवार सुबह अस्पताल परिसर से बाहर निकलने के बाद बच्चा वापस नहीं लौटा, जिसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच में बच्चा एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के साथ दिखाई दिया। पुलिस ने उस व्यक्ति तक पहुंचकर पूछताछ की तो पता चला कि दोनों कुछ दूरी तक साथ रहे थे, लेकिन बाद में अलग हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की गतिविधियों का क्रमवार पता लगाने के लिए शहरभर के कैमरों और स्थानीय सूचनाओं का सहारा लिया।

    जांच में सामने आया कि अंश नवबहार सब्जी मंडी क्षेत्र से अलग होने के बाद अकेले ही आगे बढ़ता रहा। वह शहर के कई व्यस्त इलाकों से गुजरते हुए करीब चार किलोमीटर तक पैदल चलता रहा। इसके बाद वह भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पहुंच गया। स्टेशन के निगरानी कैमरों की फुटेज में बच्चा अकेले प्लेटफॉर्म पर घूमते और बाद में पातालकोट एक्सप्रेस में सवार होते हुए दिखाई दिया।

    जैसे ही पुलिस को यह महत्वपूर्ण सुराग मिला, रेलवे अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल को तत्काल अलर्ट जारी किया गया। ट्रेन के संभावित मार्ग और स्टेशनों की जानकारी साझा की गई ताकि बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढा जा सके। विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित करते हुए रेलवे नेटवर्क के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।

    इसी दौरान मथुरा रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की नजर ट्रेन में अकेले बैठे एक बच्चे पर पड़ी। पूछताछ और प्रारंभिक सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि वह भोपाल से लापता अंश ही है। जवानों ने उसे तत्काल सुरक्षा में लिया और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं शुरू की गईं।

    भोपाल पुलिस की एक टीम मथुरा पहुंची और स्थानीय बाल कल्याण अधिकारियों के सहयोग से बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर वापस भोपाल लाई। अधिकारियों के अनुसार बच्चे के साथ किसी प्रकार की आपराधिक घटना या अपहरण जैसी स्थिति के संकेत नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वह भटकते हुए रेलवे स्टेशन पहुंच गया था और अनजाने में ट्रेन में सवार हो गया।

    इस पूरे अभियान में शहर के कई थानों की पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य संबंधित एजेंसियों के 100 से अधिक अधिकारियों एवं जवानों ने भाग लिया। लगातार चार दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बच्चे का सुरक्षित मिलना न केवल परिवार के लिए राहत भरी खबर है, बल्कि यह पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता तथा समन्वित कार्यप्रणाली का भी महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

  • वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान: प्रेमानंद महाराज के लिए भावुक अपील, CJP और धार्मिक मुद्दों पर भी रखी खुली राय

    वृंदावन में हिमांगी सखी का बड़ा बयान: प्रेमानंद महाराज के लिए भावुक अपील, CJP और धार्मिक मुद्दों पर भी रखी खुली राय






    नई दिल्ली। मथुरा के वृंदावन में मंगलवार को वैष्णव किन्नर अखाड़ा की जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए और परिक्रमा कर आस्था प्रकट की। दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उन्हें वर्तमान समय का एक प्रभावशाली भक्ति संत बताया। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज कम समय में जिस तरह लोगों के बीच लोकप्रिय हुए हैं, वह भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का बड़ा उदाहरण है।

    हिमांगी सखी ने भावुक होते हुए कहा कि वे अपने ठाकुर जी से प्रार्थना करेंगी कि संत प्रेमानंद महाराज की उम्र उन्हें मिल जाए, ताकि वे लंबे समय तक समाज को भक्ति मार्ग पर प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों की आज के समय में बहुत आवश्यकता है जो लोगों को आध्यात्मिकता और सकारात्मक दिशा दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखकर उनका मन भावुक हो जाता है और भक्ति भाव और मजबूत होता है।

    इस दौरान उन्होंने हाल के दिनों में चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर भी अपनी राय रखी। हिमांगी सखी ने कहा कि यह युवाओं द्वारा उठाया गया एक प्रतीकात्मक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज में व्याप्त गंदगी, भ्रष्टाचार और कमियों को उजागर करना बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जैसे जीव जिस तरह गंदगी की मौजूदगी का संकेत देते हैं, उसी तरह यह आंदोलन भी व्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बदलाव के लिए आलोचना और सवाल जरूरी हैं, और यदि कोई समूह कमियों को उजागर कर रहा है तो उसे सकारात्मक तरीके से देखा जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन को मर्यादा और कानून के दायरे में रहकर ही आगे बढ़ना चाहिए।

    इसके बाद उन्होंने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। हिमांगी सखी ने कहा कि देश में कई धार्मिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहे हैं, जिन्हें संवाद और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए हल किया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञानवापी, भोजशाला और अन्य विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए ताकि समाज में अनावश्यक तनाव न बढ़े।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन और न्याय व्यवस्था मिलकर काम करें तो ऐसे संवेदनशील मुद्दों को आसानी से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में अदालत के फैसले आ चुके हैं, लेकिन कई मुद्दे अब भी लंबित हैं, जिन पर जल्द निर्णय की आवश्यकता है।

    अपने बयान के अंतिम हिस्से में उन्होंने कहा कि वे सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी अपने विचार व्यक्त करेंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाना है।

    वृंदावन में उनके इस दौरे और बयानों के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया है, जबकि कुछ ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखा है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

  • मथुरा: नेशनल हाईवे पर 4 किमी लंबा जाम, भीषण गर्मी में 4 घंटे तक फंसे रहे लोग; रेलवे पुल निर्माण बना वजह

    मथुरा: नेशनल हाईवे पर 4 किमी लंबा जाम, भीषण गर्मी में 4 घंटे तक फंसे रहे लोग; रेलवे पुल निर्माण बना वजह

    मथुरा। दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर रविवार को भीषण जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे पुल निर्माण कार्य के चलते हाईवे का एक हिस्सा संकरा हो जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

    जाम थाना हाईवे क्षेत्र से शुरू होकर रिफाइनरी तक फैल गया, जिसमें कई वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए। रविवार होने के कारण हाईवे पर वाहनों का दबाव भी अधिक था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    भीषण गर्मी और उमस के बीच जाम में फंसे लोग परेशान होते रहे। खासकर छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग पानी और छांव की तलाश करते नजर आए, जबकि वाहनों की लंबी कतारें सड़क पर लगातार बढ़ती रहीं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे थाना के पास रेलवे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण सड़क संकरी हो गई है और ट्रैफिक का दबाव बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है। रविवार को स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराने का प्रयास किया। हालांकि जाम पूरी तरह खत्म होने में काफी समय लग गया।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान वैकल्पिक मार्ग और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • मथुरा अधिक मास मेला: व्यवस्था, सत्यापन और सुरक्षा को लेकर उठा मुद्दा, प्रशासन से सख्ती की मांग

    मथुरा अधिक मास मेला: व्यवस्था, सत्यापन और सुरक्षा को लेकर उठा मुद्दा, प्रशासन से सख्ती की मांग



    नई दिल्ली। मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में लगने वाले तीन वर्ष में एक बार आयोजित होने वाले अधिक मास मेले (Adhik Maas Mela) को लेकर इस बार प्रशासनिक और धार्मिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मेले की व्यवस्थाओं को लेकर कुछ अहम सुझाव और चिंताएं साझा की हैं।

    पत्र में कहा गया है कि मेले के दौरान सभी दुकानदारों और व्यापारियों का सख्त सत्यापन होना चाहिए, ताकि आयोजन की शुचिता और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। साथ ही यह भी मांग की गई है कि केवल सत्यापित और नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाए।

    आयोजकों का कहना है कि गोवर्धन क्षेत्र में लगने वाला यह धार्मिक मेला लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। पत्र में मेले की पारंपरिक और धार्मिक गरिमा बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

    स्थानीय प्रशासन ने अभी इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पत्र सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अधिकारियों के अनुसार मेले की तैयारी पहले से ही सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखकर की जा रही है।

    गोवर्धन क्षेत्र में यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें देशभर से श्रद्धालु और व्यापारी शामिल होते हैं।

  • वृंदावन में भक्ति का रंग: ग्लैमर जगत के सितारों की राधा-कृष्ण भक्ति यात्रा ने बढ़ाई रौनक

    वृंदावन में भक्ति का रंग: ग्लैमर जगत के सितारों की राधा-कृष्ण भक्ति यात्रा ने बढ़ाई रौनक


    नई दिल्ली । चमक-दमक और ग्लैमर की दुनिया छोड़कर कई फिल्मी और टीवी सितारे अब वृंदावन की भक्ति और सादगी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ‘राधे-राधे’ के जयकारे के साथ आध्यात्मिक शांति की तलाश में बड़ी संख्या में लोग ब्रज की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार में तेज़ उछाल देखा जा रहा है।

    कभी फिल्मी पर्दे की चकाचौंध, रेड कार्पेट और करोड़ों के सेट जिनकी पहचान हुआ करते थे, आज वही दुनिया कई कलाकारों को आकर्षित नहीं कर पा रही। हाल के वर्षों में वृंदावन और ब्रजभूमि का आध्यात्मिक माहौल कई सेलेब्रिटीज़ को अपनी ओर खींच रहा है। अब ‘राधे-राधे’ का जयघोष और तुलसी की माला कई कलाकारों की नई पहचान बनती दिख रही है।

    वृंदावन बना आस्था और सुकून का केंद्र
    मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार रोजाना करीब 1 से 1.5 लाख लोग यहां पहुंच रहे हैं। त्योहारों और वीकेंड पर यह आंकड़ा कई गुना बढ़ जाता है। बरसाना, गोवर्धन और बांके बिहारी मंदिर जैसे स्थान अब सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि आत्मिक शांति के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
    एना जयसिंघानी: टीवी की दुनिया से साध्वी जीवन तक
    ग्वालियर की रहने वाली एना जयसिंघानी ने मुंबई में टीवी इंडस्ट्री में पहचान बनाई थी। ‘देखा एक ख्वाब’ और ‘फियर फाइल्स’ जैसे शोज़ से लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्होंने अचानक ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली। उनका कहना है कि वृंदावन आने के बाद उन्हें जीवन की नई दिशा मिली। अब वह भक्ति मार्ग पर चल रही हैं और साध्वी जीवन अपना चुकी हैं।
    अनुष्का शर्मा और आध्यात्मिक जुड़ाव की चर्चा
    बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के भी वृंदावन और प्रेमानंद महाराज से जुड़ाव की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे कई बार आश्रम पहुंची हैं और आध्यात्मिक प्रवचनों से जुड़ी रही हैं।
    अन्य सितारे भी भक्ति में हुए शामिल
    शिल्पा शेट्टी, हेमा मालिनी, मीका सिंह, बादशाह और कुमार सानू जैसे कई कलाकार भी समय-समय पर वृंदावन और संतों के संपर्क में आए हैं। इन मुलाकातों में अधिकांश ने मानसिक शांति और जीवन संतुलन की बात को प्रमुखता दी है।
    प्रेमानंद महाराज का बढ़ता प्रभाव
    वृंदावन के प्रेमानंद महाराज की शिक्षाएं ‘राधा नाम जप’ और सरल जीवन पर आधारित हैं। उनके आश्रम में आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि यहां जीवन की जटिलताओं का समाधान भक्ति और नामस्मरण में बताया जाता है। यही कारण है कि युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में यहां आकर्षित हो रहा है।
    ग्लैमर की दुनिया से भक्ति की ओर बढ़ता यह रुझान केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिकता की बढ़ती तलाश को भी दर्शाता है। वृंदावन अब केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि मानसिक शांति और जीवन संतुलन का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
  • Holi Special Train: जबलपुर से अयोध्या, दिल्ली, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत

    Holi Special Train: जबलपुर से अयोध्या, दिल्ली, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी के लिए दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत


    जबलपुर। रंगों के महापर्व होली पर घर लौटने और धार्मिक स्थलों पर रंगोत्सव मनाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेल ने जबलपुर से दो प्रमुख दिशाओंअयोध्या और दिल्लीके लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। ये दोनों स्पेशल ट्रेनें 2 से 11 मार्च के बीच सप्ताह में एक दिन संचालित होंगी और दो-दो फेरे लगाएंगी। इनके लिए आरक्षण भी शुरू कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    पहली स्पेशल ट्रेन जबलपुर-अयोध्या धाम के बीच चलेगी। ट्रेन क्रमांक 01705 तीन और 10 मार्च को शाम 7.40 बजे जबलपुर जंक्शन से रवाना होगी। यह सिहोरा रोड, कटनी जंक्शन, मैहर, सतना, मानिकपुर, मिर्जापुर और जौनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरते हुए मध्यरात्रि 2.15 बजे प्रयागराज छिवकी, सुबह 7.05 बजे वाराणसी और सुबह 11.25 बजे अयोध्या धाम पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01706 चार और 11 मार्च को दोपहर 1.30 बजे अयोध्या धाम से चलकर अगले दिन सुबह 6.45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में दो सेकेंड एसी, पांच थर्ड एसी, आठ स्लीपर और दो एसएलआरडी कोच रहेंगे।

    दूसरी स्पेशल ट्रेन जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन दिल्ली के लिए चलाई जाएगी। ट्रेन क्रमांक 01701 दो और नौ मार्च को रात 8.20 बजे जबलपुर से रवाना होगी। यह कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा, मथुरा और कोशी कला होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 01702 तीन और 10 मार्च को अपराह्न 3.45 बजे निजामुद्दीन से चलकर अगले दिन सुबह 9.30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। 24 कोच वाली इस ट्रेन में चार जनरल, नौ स्लीपर, छह थर्ड एसी, दो सेकेंड एसी और एक फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा।

    होली के दौरान मथुरा और काशी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह ट्रेनें बड़ी सुविधा साबित होंगी। नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है, ऐसे में इन स्पेशल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा। अयोध्या स्पेशल ट्रेन के मिर्जापुर ठहराव से विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा रीवा-भोपाल-दानापुर रूट पर भी विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रानी कमलापति से रीवा और दानापुर के लिए सुपरफास्ट एवं स्पेशल ट्रेनों की तिथियां घोषित कर दी गई हैं, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश-बिहार के बीच यात्रा करने वालों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।

    रेल प्रशासन का मानना है कि इन स्पेशल ट्रेनों से न केवल त्योहार के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। होली के रंगों के बीच सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। यात्रियों से समय पर आरक्षण कराने और निर्धारित समय-सारिणी की जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है।

  • मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी

    मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी


    नई दिल्ली । नए साल के आगमन पर उत्तर प्रदेश में जगह-जगह रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं. लेकिन ऐसे ही एक प्रोग्राम को लेकर मथुरा में माहौल गरमा गया. साधु-संत इसको लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे और कार्यक्रम रद्द करने की मांग करने लगे. इस बाबत उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखा और आंदोलन की चेतावनी भी दी. आखिरकार, साधु-संतों की धमकी व विरोध के चलते सनी लियोन का प्रोग्राम अब कैंसिल हो गया है. आइये जानते हैं पूरा मामला..
    दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने नए साल पर मथुरा में आयोजित होने वाले सनी लियोन के कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने होटल ललिता ग्रैंड और होटल द ट्रक में होने वाले इस आयोजन को ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश बताया था.
    सोमवार को साधु-संतों ने ‘जिंदाबाद-मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को तुरंत निरस्त करने की मांग की. दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर कहा कि यह दिव्य गोलोक भूमि योग, साधना और भजन की है. यहां फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी. संतों का तर्क था कि ऐसी अभिनेत्री, जो पोर्न फिल्मों से जुड़ी रही हों, उनका ब्रज में आना धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आयोजकों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी. फिलहाल, ये पूरा विवाद गहरा गया है और पुलिस भी अलर्ट हो गई है. मंगलवार को कन्फर्म किया गया कि सनी लियोन का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया है.
  • कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी के मामले में केस दर्ज

    कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी के मामले में केस दर्ज


    मथुरा: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लड़कियों के चरित्र को लेकर की गई विवादित टिप्पणियों के मामले में CJM कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर परिवाद दर्ज कर दिया है, जिससे अब उनके खिलाफ आधिकारिक केस चलेगा।

    यह मामला अक्टूबर 2025 का है, जब अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने बेटियों के बारे में आपत्तिजनक बातें कही थीं, जैसे कि आजकल बेटियों की शादी 25 साल में होती है और तब तक वह कई जगह “मुंह मार चुकी” होती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने सफाई दी और कहा कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं।

    इस मामले में ‘अखिल भारत हिंदू महासभा’ की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने याचिका दायर की थी। सीजेएम उत्सव राज गौरव ने याचिका स्वीकार करते हुए परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।

    अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को होगी, जिसमें याचिकाकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत द्वारा फैसला और सजा सुनाई जाएगी।