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  • विश्व कप फाइनल से पहले बदला गोल्डन बूट का गणित, मेसी को खिताब के लिए करना होगा बड़ा कमाल

    विश्व कप फाइनल से पहले बदला गोल्डन बूट का गणित, मेसी को खिताब के लिए करना होगा बड़ा कमाल


    नई दिल्ली ।
    फीफा विश्व कप 2026 अपने अंतिम और सबसे रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुका है। रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खेले जाने वाले फाइनल मुकाबले से पहले गोल्डन बूट की दौड़ ने फुटबॉल प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने तीसरे स्थान के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्डन बूट की रेस में बढ़त हासिल कर ली है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लियोनेल मेसी फाइनल में इतिहास रचते हुए इस प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कार पर कब्जा जमा पाएंगे।

    तीसरे स्थान के मुकाबले में एम्बाप्पे ने इंग्लैंड के खिलाफ दो गोल दागकर टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या 10 तक पहुंचा दी। हालांकि फ्रांस को हार का सामना करना पड़ा और टीम का अभियान समाप्त हो गया, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर एम्बाप्पे गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे निकल गए। दूसरी ओर अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी अब तक 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। एम्बाप्पे के खाते में भी 4 असिस्ट दर्ज हैं, जिससे फाइनल से पहले उनकी स्थिति और मजबूत हो गई है।

    एम्बाप्पे ने इस विश्व कप में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपने कुल विश्व कप गोलों की संख्या 22 तक पहुंचा दी। महज 22 विश्व कप मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल करना उनके शानदार प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है। इसके साथ ही वह विश्व कप इतिहास में बिना पेनल्टी के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में भी शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं। एक ही विश्व कप संस्करण में 10 गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी उन्होंने अपना नाम दर्ज करा लिया है।

    अब अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला मेसी के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार केवल गोलों की बराबरी करना उनके लिए पर्याप्त नहीं होगा। गोल्डन बूट के नियमों में पहले गोल, फिर असिस्ट और उसके बाद मैदान पर बिताए गए कुल मिनटों को देखा जाता है। ऐसे में यदि मेसी फाइनल में केवल दो गोल कर 10 गोल तक पहुंचते हैं और अन्य आंकड़े बराबर रहते हैं, तब भी उन्हें बढ़त मिलना आसान नहीं होगा। इसलिए उन्हें स्पष्ट अंतर के साथ आगे निकलने वाला प्रदर्शन करना होगा।

    गणितीय समीकरणों के अनुसार मेसी को गोल्डन बूट जीतने के लिए फाइनल में असाधारण प्रदर्शन करना होगा। उनके सामने सबसे मजबूत संभावना है कि वह कम से कम तीन गोल दागें या फिर दो गोल के साथ एक या उससे अधिक असिस्ट दर्ज करें, जिससे वह गोल और योगदान दोनों में एम्बाप्पे से आगे निकल सकें। मेसी अपने करियर में कई व्यक्तिगत और टीम सम्मान जीत चुके हैं, लेकिन विश्व कप गोल्डन बूट अब भी उनकी उपलब्धियों की सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में स्पेन के खिलाफ होने वाला फाइनल केवल विश्व चैंपियन बनने की लड़ाई नहीं, बल्कि मेसी के लिए अपने करियर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने का भी सुनहरा अवसर होगा।

  • फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री

    फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए इराक को 3 0 से हराकर नॉकआउट राउंड में जगह पक्की कर ली। फिलाडेल्फिया में खेले गए इस मुकाबले में बारिश और खराब मौसम भी खेल का रोमांच कम नहीं कर सके और पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा बना रहा। इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे Kylian Mbappé जिन्होंने दो गोल दागकर टीम को आसान जीत दिलाई।

    मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। एम्बाप्पे ने 14वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद इराक की टीम संभलने की कोशिश करती रही लेकिन फ्रांस का दबाव लगातार बढ़ता गया। दूसरे हाफ में 54वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और गोल कर स्कोर 2 0 कर दिया। यह गोल इराकी डिफेंडर की गलती का फायदा उठाकर किया गया, जिसमें एम्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार और सटीक फिनिशिंग का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    इसके बाद उस्मान डेम्बेले ने तीसरा गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ फ्रांस ने न केवल नॉकआउट राउंड में जगह बनाई बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।

    यह मुकाबला मौसम की वजह से भी चर्चा में रहा। पहले हाफ के बाद तेज बारिश और तूफान की चेतावनी के चलते मैच को करीब दो घंटे तक रोकना पड़ा। मैदान पर पानी भर जाने के कारण खेल दोबारा शुरू कराना चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन ग्राउंड स्टाफ की मेहनत के बाद मैच फिर से शुरू हुआ और फ्रांस ने अपनी लय बनाए रखी।

    इस मुकाबले में एम्बाप्पे के लिए यह और भी खास रहा क्योंकि यह उनका 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर उन्होंने दो गोल कर इसे यादगार बना दिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

    एम्बाप्पे ने इस उपलब्धि के साथ जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली और ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया। अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं जिनके नाम 18 विश्व कप गोल दर्ज हैं।

    इराक की टीम के लिए यह मैच निराशाजनक रहा। टीम के प्रमुख स्ट्राइकर अयमेन हुसैन चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हुए जिससे टीम की आक्रामक क्षमता कमजोर पड़ गई। इराक के लिए यह विश्व कप में सिर्फ दूसरा ही मौका था और इस हार के बाद उनका आगे का सफर काफी मुश्किल हो गया है।

    दूसरी ओर ग्रुप I से नॉर्वे ने भी नॉकआउट में जगह बना ली है। इस ग्रुप में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जिसमें नॉर्वे ने सेनेगल को 3 2 से हराया। नॉर्वे की जीत में एर्लिंग हालैंड ने दो गोल दागे जबकि मार्कस पेडरसन ने एक गोल किया। सेनेगल की ओर से इस्माइला सार ने दोनों गोल किए।

    इस तरह फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है और अब आगे के मुकाबलों में खिताब की दौड़ और भी दिलचस्प हो गई है।