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  • NEET UG-2026 में सीट छोड़ने पर 2 लाख की एग्जिट पेनल्टी हटाने की मांग, जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

    NEET UG-2026 में सीट छोड़ने पर 2 लाख की एग्जिट पेनल्टी हटाने की मांग, जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

    मध्य प्रदेश: में NEET UG-2026 की एमबीबीएस काउंसलिंग में आवंटित सीट छोड़ने पर लगाई गई 2 लाख रुपये की एग्जिट पेनल्टी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पटवारी ने सरकार से इस पेनल्टी को वापस लेने और विद्यार्थियों से पहले ही वसूली जा चुकी अतिरिक्त राशि लौटाने की मांग की है।

    पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि 3 सितंबर 2026 के राउंड-2 नोटिस में सीट छोड़ने पर 2 लाख रुपये की एग्जिट पेनल्टी का प्रावधान किया गया। उनके अनुसार यह व्यवस्था पहले जारी की गई रूल बुक के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि रूल बुक में राउंड-2 तक आवंटित सीट छोड़ने की स्थिति में केवल प्रवेश शुल्क देय होने की जानकारी दी गई थी। विद्यार्थियों ने इसी नियम पुस्तिका के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।

    पटवारी ने कहा कि उसी समय ऑल इंडिया एमसीसी सहित अन्य राज्यों की मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रियाएं भी चल रही थीं। एमसीसी के राउंड-2 सीट आवंटन का कार्यक्रम 11 सितंबर को होना था, जबकि मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने फ्री एग्जिट की अंतिम तारीख 3 और 4 सितंबर निर्धारित कर दी थी।

    उनके अनुसार इस समय-सीमा के कारण विद्यार्थियों को एमसीसी के राउंड-2 परिणाम और सीट अपग्रेड होने की संभावनाओं की जानकारी मिले बिना ही मध्य प्रदेश में मिली सीट को छोड़ने या उसे बनाए रखने का अंतिम निर्णय लेना पड़ा। पटवारी ने इसे विद्यार्थियों के लिए परेशानी वाली स्थिति बताते हुए काउंसलिंग प्रक्रिया में नियमों की स्पष्टता की आवश्यकता पर जोर दिया।

    पटवारी ने यह भी कहा कि 2 लाख रुपये की एग्जिट पेनल्टी अन्य काउंसलिंग व्यवस्थाओं की तुलना में अधिक है। उनके अनुसार एमसीसी की व्यवस्था में अधिकतम 10 हजार रुपये तक का नुकसान होता है। उन्होंने मांग की कि काउंसलिंग के पहले राउंड से ही सभी नियम स्पष्ट रूप से विद्यार्थियों के सामने रखे जाने चाहिए।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसके बीच में नियमों में बदलाव विद्यार्थियों के लिए परेशानी पैदा करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि NEET UG की पुनः परीक्षा और काउंसलिंग में हुई देरी से विद्यार्थी पहले ही प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सीट छोड़ने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला प्रावधान उनके लिए आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ा सकता है।

    पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि 2 लाख रुपये की एग्जिट पेनल्टी को वापस लेने के साथ इसे स्थगित किया जाए। उन्होंने कहा कि 3 अगस्त 2026 की रूल बुक में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों की देयता केवल प्रवेश शुल्क तक सीमित रखी जानी चाहिए।

    उन्होंने पहले से वसूली गई अतिरिक्त राशि विद्यार्थियों को वापस करने की मांग भी की। इसके अलावा राउंड-2 की प्रक्रिया पूरी होने से पहले आवंटित सीट छोड़ने के लिए विद्यार्थियों को उचित समय-सीमा उपलब्ध कराने की बात कही।

    पटवारी ने भविष्य में काउंसलिंग प्रक्रिया के बीच विद्यार्थियों को प्रभावित करने वाले नियमों में बदलाव नहीं करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी है। उनका कहना है कि काउंसलिंग से जुड़े सभी नियम प्रक्रिया शुरू होने से पहले स्पष्ट होने चाहिए, ताकि विद्यार्थी उपलब्ध विकल्पों और अलग-अलग काउंसलिंग के परिणामों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले सकें।

  • एमबीबीएस अभ्यर्थियों के लिए एम्स कल्याणी में निकली 84 पदों पर भर्ती, जानिए योग्यता, चयन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

    एमबीबीएस अभ्यर्थियों के लिए एम्स कल्याणी में निकली 84 पदों पर भर्ती, जानिए योग्यता, चयन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

    नई दिल्ली । सरकारी मेडिकल संस्थान में नौकरी की तैयारी कर रहे एमबीबीएस अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) कल्याणी ने जूनियर रेजिडेंट (गैर-शैक्षणिक) के 84 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद 24 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया कार्यकाल आधारित होगी और चयनित अभ्यर्थियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

    जारी भर्ती अधिसूचना के अनुसार कुल 84 रिक्तियों में विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें अनारक्षित वर्ग के लिए 34, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 8, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 23, अनुसूचित जाति के लिए 13 और अनुसूचित जनजाति के लिए 6 पद शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवारों को अंतिम तिथि की शाम 5 बजे तक अपना आवेदन सफलतापूर्वक जमा करना होगा।

    भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से मान्यता प्राप्त संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी ने अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी कर ली हो और उसके पास इंटर्नशिप पूर्ण होने का प्रमाणपत्र उपलब्ध होना चाहिए। किसी भी राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण भी आवश्यक शर्तों में शामिल है। जिन अभ्यर्थियों ने पहले दो बार जूनियर रेजिडेंसी पूरी कर ली है, उन्हें इस भर्ती प्रक्रिया में पात्र नहीं माना जाएगा।

    अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 33 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर होगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले सभी पात्रता शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है।

    चयन प्रक्रिया में सबसे पहले आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन दोनों चरणों में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार लिखित परीक्षा 8 सितंबर को एम्स कल्याणी परिसर में आयोजित की जाएगी, जबकि साक्षात्कार की तिथि बाद में अलग से घोषित की जाएगी।

    चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के लेवल-10 के अनुसार वेतन मिलेगा। इसके साथ 5,400 रुपये ग्रेड पे तथा अन्य निर्धारित भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। आवेदन शुल्क सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 1,000 रुपये तथा एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 500 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है।

    सरकारी मेडिकल संस्थानों में कार्य करने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। ऐसे उम्मीदवार जो निर्धारित योग्यता रखते हैं, वे समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।