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  • सोनिया गांधी की तबीयत फिर बिगड़ी, गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती, छोटी सर्जरी की तैयारी जारी

    सोनिया गांधी की तबीयत फिर बिगड़ी, गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती, छोटी सर्जरी की तैयारी जारी


    नई दिल्ली । भारतीय राजनीति की वरिष्ठ और अनुभवी नेता Sonia Gandhi की तबीयत एक बार फिर अचानक बिगड़ने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार उन्हें गुरुग्राम स्थित Medanta The Medicity में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि यह भर्ती एक छोटी सर्जिकल प्रक्रिया के लिए की गई है, हालांकि स्वास्थ्य स्थिति को लेकर डॉक्टरों ने अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार Sonia Gandhi लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रही हैं। खासकर श्वसन तंत्र और फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतों के कारण उन्हें समय-समय पर चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता पड़ती रही है। हाल के महीनों में भी उनकी तबीयत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, जिसके चलते उन्हें पहले भी अस्पताल में कुछ समय के लिए भर्ती रहना पड़ा था। इस बार भी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद एहतियात के तौर पर उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

    अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सा टीम किसी भी तरह की लापरवाही से बचते हुए लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। सर्जरी को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और विशेषज्ञों की टीम हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न हो।

    इस बीच उनके परिवार के सदस्य भी अस्पताल में मौजूद हैं और लगातार डॉक्टरों के संपर्क में हैं। परिवार की ओर से उनकी देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है और हर छोटे-बड़े अपडेट पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों और राजनीतिक हलकों में भी चिंता देखी जा रही है, जहां लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

    Sonia Gandhi का भारतीय राजनीति में लंबा और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कई दशकों तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई है और देश की राजनीति में एक मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ऐसे में उनकी तबीयत से जुड़ी हर खबर को गंभीरता से लिया जाता है और देशभर में उनके समर्थक उनके स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते हैं।

    वर्तमान परिस्थितियों में डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आने वाले समय में उनकी सर्जरी और स्वास्थ्य सुधार को लेकर और स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल अस्पताल में उन्हें सुरक्षित वातावरण में रखा गया है और चिकित्सा टीम पूरी सावधानी के साथ उनका उपचार कर रही है ताकि जल्द से जल्द उनकी स्थिति सामान्य हो सके।

  • मेदांता के नाम पर किडनी डोनेशन का झांसा, फर्जी डॉक्टर बन महिला ने मांगे 3 करोड़, साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

    मेदांता के नाम पर किडनी डोनेशन का झांसा, फर्जी डॉक्टर बन महिला ने मांगे 3 करोड़, साइबर ठगी का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली।
    गुरुग्राम में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें एक महिला ने खुद को देश के प्रतिष्ठित मेदांता दी मेडिसिटी अस्पताल की डॉक्टर बताकर लोगों को किडनी डोनेशन के बदले तीन करोड़ रुपये देने का झांसा दिया। आरोपी महिला की पहचान प्रिया संतोष के रूप में हुई है जो सोशल मीडिया फर्जी वेबसाइटों और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों से संपर्क कर रही थी। मेदांता अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय दुरानी की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आरोपी महिला और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि आरोपी महिला ने अस्पताल के नाम और लोगो का अवैध इस्तेमाल कर एक फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। इस वेबसाइट पर दावा किया गया था कि मेदांता अस्पताल को किडनी की सख्त जरूरत है और जो व्यक्ति अपनी किडनी डोनेट करेगा उसे इसके बदले तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी खुद को मेदांता की डॉक्टर बताती थी और फर्जी स्टाफ आईडी भी दिखाती थी।पुलिस के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए जरूरतमंद या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को टारगेट करता था। उन्हें बड़ी रकम का लालच देकर पहले रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पैसे ऐंठे जाते थे और फिर अलग-अलग बहानों से और रकम मांगी जाती थी। इस ठगी का पर्दाफाश तब हुआ जब एक महिला प्रतीक्षा पुजारी इस जाल में फंस गई।

    पीड़िता प्रतीक्षा पुजारी ने बताया कि प्रिया संतोष ने खुद को मेदांता की डॉक्टर बताकर उससे संपर्क किया और किडनी डोनेशन के बदले तीन करोड़ रुपये देने का वादा किया। शुरुआत में उससे पंजीकरण शुल्क के तौर पर आठ हजार रुपये लिए गए। इसके बाद ठगों ने उससे बीस हजार रुपये और जमा करने को कहा। जब महिला को संदेह हुआ तो उसने सीधे मेदांता अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। यहीं से पूरा मामला उजागर हो गया।अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्पष्ट किया कि प्रिया संतोष नाम की कोई भी डॉक्टर मेदांता में कार्यरत नहीं है और न ही अस्पताल किसी प्रकार के किडनी डोनेशन के बदले पैसे देने जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा दिखाई गई स्टाफ आईडी पूरी तरह फर्जी थी और वेबसाइट भी नकली थी।

    मेदांता अस्पताल की ओर से कहा गया है कि यह गिरोह न केवल आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है बल्कि अस्पताल की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और संदिग्ध कॉल वेबसाइट या मैसेज की तुरंत पुलिस को सूचना दें।फिलहाल गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी महिला व उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोग सामने आ सकते हैं।