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  • सन टीवी नेटवर्क के कमजोर नतीजे: तिमाही मुनाफा 37% लुढ़का, स्टॉक में तेज गिरावट

    सन टीवी नेटवर्क के कमजोर नतीजे: तिमाही मुनाफा 37% लुढ़का, स्टॉक में तेज गिरावट


    नई दिल्ली । भारत की प्रमुख क्षेत्रीय मीडिया कंपनियों में शामिल सन टीवी नेटवर्क को वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कमजोर वित्तीय प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। कंपनी के ताजा नतीजों के अनुसार, जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान उसका शुद्ध लाभ 37.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 232.02 करोड़ रुपये पर आ गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 370.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस गिरावट ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

    कंपनी के प्रदर्शन में केवल मुनाफे की ही नहीं बल्कि राजस्व की भी कमी देखने को मिली है। इस तिमाही में सन टीवी नेटवर्क का कुल रेवेन्यू 882.51 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 941.81 करोड़ रुपये था। यानी रेवेन्यू में भी सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कारोबार के प्रमुख संकेतकों में यह कमजोरी ऐसे समय आई है जब मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर पहले से ही प्रतिस्पर्धा और बदलते उपभोक्ता व्यवहार की चुनौतियों से जूझ रहा है।

    ऑपरेटिंग प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का EBITDA भी दबाव में रहा। इस तिमाही में EBITDA 8.9 प्रतिशत घटकर 390.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन भी पिछले वर्ष के 45.5 प्रतिशत से घटकर 44.3 प्रतिशत रह गया। यह संकेत देता है कि कंपनी की लाभप्रदता पर लागत और अन्य वित्तीय दबावों का असर पड़ा है।

    कंपनी ने अपने नतीजों में बताया कि मुनाफे में आई गिरावट के पीछे कुछ असाधारण और गैर-आवर्ती कारण भी जिम्मेदार रहे हैं। इनमें म्यूचुअल फंड निवेश पर मार्क-टू-मार्केट प्रोविजन और रेडियो निवेश से जुड़े एक संस्थान में हुए नुकसान शामिल हैं। इसके अलावा पिछले वर्ष की समान तिमाही में प्राप्त ब्याज आय का इस बार अनुपस्थित रहना भी अन्य आय में कमी का कारण बना, जिससे कुल लाभ पर असर पड़ा।

    हालांकि कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी ने अपने मुख्य कारोबार को स्थिर बताया है। प्रबंधन के अनुसार, चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों के बावजूद कंपनी का कोर बिजनेस मजबूत स्थिति में बना हुआ है। विशेष रूप से घरेलू सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में वृद्धि दर्ज की गई है, जो वित्त वर्ष 2026 में 9.7 प्रतिशत बढ़कर 1,891.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि लंबी अवधि में कंपनी का मुख्य राजस्व मॉडल अभी भी स्थिरता बनाए हुए है।

    बाजार में इस कमजोर प्रदर्शन का असर भी साफ दिखाई दिया, जहां कंपनी के शेयरों में शुक्रवार को 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने कमजोर तिमाही परिणामों के बाद सतर्क रुख अपनाया, जिससे स्टॉक पर दबाव बढ़ गया।

    सन टीवी नेटवर्क, जो भारत की सबसे बड़ी क्षेत्रीय टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों में से एक है, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बांग्ला, मराठी और हिंदी भाषाओं में अपने चैनल संचालित करती है। इसके अलावा कंपनी रेडियो, ओटीटी प्लेटफॉर्म और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है। कंपनी की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर काव्या मारन हैं, जो इसके प्रमुख प्रमोटर कलानिधि मारन की पुत्री हैं।

  • घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके

    घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके


    नई दिल्ली। 31 दिसंबर, बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूती का माहौल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 200 अंकों की तेजी के साथ 84,870 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का निफ्टी 70 अंक चढ़कर 26,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी में वैश्विक संकेत मिले-जुले रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी का बड़ा योगदान रहा।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि निफ्टी-50 के 40 शेयरों ने तेजी दिखाई। सेक्टोरल स्तर पर एनएसई के प्रमुख इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। विशेष रूप से मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों पर केंद्रित रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई सकारात्मक बनी।

    वैश्विक बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई अवकाश के कारण बंद रहे। पिछले कारोबारी सत्र में कोस्पी 0.15 फीसदी और निक्केई 0.37 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स लगभग 1.01 फीसदी की गिरावट के साथ 25,592 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.07 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,962 पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया, जहां 30 दिसंबर को डाउ जोंस 0.20 फीसदी, नैस्डेक 0.24 फीसदी और एसएंडपी 500 लगभग 0.14 फीसदी गिरकर बंद हुए।

    घरेलू स्तर पर बाजार को सबसे बड़ा सहारा घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs से मिला। 29 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 3,844 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 6,159 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। दिसंबर महीने में अब तक FIIs लगभग 30,752 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 72,860 करोड़ रुपये का निवेश किया है। नवंबर में भी यही रुझान देखने को मिला था जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी ज्यादा रही।इससे पहले, 30 दिसंबर को बाजार लगभग सपाट कारोबार में रहा। सेंसेक्स 20 अंक गिरकर 84,675 पर और निफ्टी मामूली कमजोरी के साथ 25,938 पर बंद हुआ। उस दिन ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, जबकि मीडिया और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली।

    विश्लेषकों का कहना है कि साल के आखिरी कारोबारी सत्रों में घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत रहना आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।कुल मिलाकर, 2025 के आखिरी कारोबारी हफ्ते में घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों प्रमुख स्तरों पर मजबूती के साथ बंद हुए। मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने निवेशकों को सबसे ज्यादा लाभ दिया, जिससे साल के अंत में बाजार में उत्साह बना रहा।