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  • री-NEET UG 2026: किसी के लिए दूसरा मौका, किसी के लिए टूटते सपनों का दर्द

    री-NEET UG 2026: किसी के लिए दूसरा मौका, किसी के लिए टूटते सपनों का दर्द


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में आयोजित री-नीट यूजी 2026 परीक्षा ने एक बार फिर देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की भावनाओं को झकझोर दिया। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा कराई गई इस परीक्षा को लेकर अलग-अलग राज्यों से छात्रों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिनमें उम्मीद, निराशा और राहत—तीनों भावनाएं साफ दिखाई दीं।

    कर्नाटक के मंगलुरु में परीक्षा देने पहुंचे एक छात्र ने बताया कि जब परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया, तो वह खुश था क्योंकि पहली बार में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। उसके अनुसार यह दूसरा मौका उसके लिए एक नई शुरुआत जैसा है और उसने इस बार पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी है।

    वहीं बेंगलुरु के एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे गहरा झटका दिया था। उसने लगभग दो साल की मेहनत इस परीक्षा के लिए लगाई थी और अचानक आए फैसले से वह मानसिक रूप से प्रभावित हुआ। हालांकि समय के साथ उसने खुद को संभाला और दोबारा पूरी मेहनत के साथ तैयारी शुरू की।

    इसी शहर के एक अन्य छात्र ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उसने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण परीक्षा को दोबारा कराना जरूरी था, ताकि सभी छात्रों के साथ न्याय हो सके। हालांकि उसने यह भी माना कि इससे उन छात्रों को नुकसान हुआ, जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की थी और पहले प्रयास में अच्छा प्रदर्शन किया था।

    केरल के तिरुवनंतपुरम से एक छात्र ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक व्यक्ति या कुछ लोगों की गलती का खामियाजा हजारों छात्रों को भुगतना पड़ता है। उसके अनुसार ऐसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं।

    वहीं एक अन्य छात्र ने परीक्षा में अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाने के फैसले का स्वागत किया। उसके अनुसार यह छोटा सा बदलाव भी छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हुआ और उन्हें उत्तर लिखने में थोड़ी राहत मिली।

    अभिभावकों की प्रतिक्रिया भी इस पूरे माहौल को दर्शाती है। चेन्नई के एक अभिभावक राजकुमार ने बताया कि उनके बेटे ने पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन बाद में परीक्षा रद्द हो गई, जिससे उसे मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा। हालांकि उनका बेटा पूरे समय सकारात्मक बना रहा और दोबारा तैयारी में जुटा रहा।

    इसी तरह चेन्नई की ही एक अन्य अभिभावक अम्मू शिबू ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद बच्चों ने दोबारा परीक्षा दी। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया और कहा कि इस बार प्रक्रिया काफी सुचारू और व्यवस्थित रही, जिससे छात्रों और अभिभावकों दोनों को राहत मिली।

    कुल मिलाकर यह परीक्षा सिर्फ एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि यह छात्रों की धैर्य, मानसिक मजबूती और सिस्टम में भरोसे की परीक्षा भी बन गई।

  • NEET-UG री-एग्जाम 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आज, भोपाल-इंदौर समेत प्रदेशभर में हाई अलर्ट

    NEET-UG री-एग्जाम 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आज, भोपाल-इंदौर समेत प्रदेशभर में हाई अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-एग्जाम को लेकर रविवार को मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जा रही है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सतना, खंडवा और अन्य जिलों में हजारों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    भोपाल में 32 परीक्षा केंद्रों पर करीब 13,774 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं, जबकि इंदौर में 14 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। ग्वालियर में लगभग 5 हजार, जबलपुर में 10 हजार, छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना जताई गई है।

    इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है तथा सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की निगरानी में सामग्री केंद्रों तक पहुंचाई गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अभ्यर्थियों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है और इसके लिए अतिरिक्त मशीनों तथा कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

    परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक जांच और फ्रिस्किंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से अतिरिक्त 65 मिनट का समय भी प्रदान किया जाएगा।

    परीक्षा को लेकर ड्रेस कोड का भी सख्ती से पालन कराया जा रहा है। छात्रों को हल्के रंग के साधारण कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, ईयरफोन, बेल्ट, आभूषण, पर्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया के कारण समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

    री-एग्जाम के लिए आने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, गुना और अशोकनगर रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने, परिवहन सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    हालांकि कुछ अभ्यर्थियों को अंतिम समय में परीक्षा केंद्र बदलने जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। मुरैना के एक छात्र का केंद्र ग्वालियर से बदलकर भोपाल कर दिया गया, जिससे उसे अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ी। वहीं कई छात्रों ने पिछले डेढ़ महीने को तनाव और अनिश्चितता से भरा बताया। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों ने मानसिक दबाव बढ़ाया, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने पहुंचे हैं।

    प्रदेशभर में प्रशासन, पुलिस और परीक्षा एजेंसियों की निगरानी में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

  • NEET एग्जाम रद्द होने से बवाल, छात्रों की पीड़ा आई सामने-“डिप्रेशन का इलाज करने वाले खुद डिप्रेशन में

    NEET एग्जाम रद्द होने से बवाल, छात्रों की पीड़ा आई सामने-“डिप्रेशन का इलाज करने वाले खुद डिप्रेशन में


    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतों के बाद रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया है। इस फैसले ने देशभर के करीब 22 लाख छात्रों को सीधे प्रभावित किया है।

    परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से केवल इसी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, लेकिन बार-बार होने वाले बदलाव और अनिश्चितता ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया है।

    इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जिस परीक्षा के जरिए उनकी योग्यता तय होती है, उसी को आयोजित करने वाली एजेंसी की पारदर्शिता पर बार-बार सवाल उठना चिंता का विषय है।

    NEET-UG जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर यह स्थिति छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार बदलते फैसलों और दोबारा परीक्षा के निर्णय से उनका मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को कमजोर करती हैं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े करती हैं। अभ्यर्थी अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

    फिलहाल, दोबारा परीक्षा की नई तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन छात्रों की नजरें अब आगे के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं।

  • नीट यूजी परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच के आदेश से हड़कंप, जल्द घोषित होगी नई परीक्षा तिथि

    नीट यूजी परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच के आदेश से हड़कंप, जल्द घोषित होगी नई परीक्षा तिथि


    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक नीट यूजी को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों को प्रभावित किया है। परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, हालांकि नई तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

    यह परीक्षा देशभर में एमबीबीएस और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द किए जाने का मुख्य कारण पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं, जिनकी पुष्टि के लिए विस्तृत जांच शुरू की गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा के कुछ प्रश्नों और सामग्री के लीक होने की शिकायतें सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद जांच एजेंसियों को मामले की जानकारी भेजी गई और सभी तथ्यों की समीक्षा की गई। जांच रिपोर्ट और शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर यह पाया गया कि वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जिससे इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती थी।

    इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है और अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके।

    इस फैसले के बाद छात्रों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ परीक्षा रद्द होने से निराशा है, वहीं दूसरी ओर यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि दोबारा परीक्षा अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी।

    परीक्षा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके आवेदन विवरण और परीक्षा केंद्र मान्य रहेंगे। इसके अलावा किसी भी अभ्यर्थी से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले जमा की गई फीस से जुड़े नियमों पर भी विचार किया जा रहा है।

    नई परीक्षा की तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक रूप से की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी सूचनाएं भी नए शेड्यूल के अनुसार जारी की जाएंगी। प्राधिकरण ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से दूर रहें।

    इस पूरे घटनाक्रम ने देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी था।

    अब सभी की नजरें आगामी जांच और नई परीक्षा कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे विवाद के बाद एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।

  • NEET UG 2026: इंदौर में 23 हजार स्टूडेंट्स की परीक्षा आज, 57 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और खास इंतज़ाम

    NEET UG 2026: इंदौर में 23 हजार स्टूडेंट्स की परीक्षा आज, 57 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और खास इंतज़ाम


    नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET (UG) 2026 आज रविवार, 3 मई को इंदौर में आयोजित की जा रही है। इस बार जिले में कुल 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23,160 परीक्षार्थी अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए परीक्षा देंगे। पिछले साल आई व्यवस्थागत चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त तैयारियां की हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
    परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए आईसीटीएसएल की विशेष बस सेवा सुबह 9 बजे से शुरू की गई है, जो शहर के प्रमुख बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से संचालित हो रही हैं। चार प्रमुख रूट तय किए गए हैं सांवेर, आईआईटी सिमरोल, आईआईएम और महू ताकि छात्रों को समय पर उनके केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। परीक्षा समाप्ति के बाद शाम 5 बजे से वापसी के लिए भी बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
    स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। सभी केंद्रों पर मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, जबकि पांच प्रमुख केंद्रों पर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
    बिजली आपूर्ति को लेकर भी इस बार खास तैयारी की गई है। यदि किसी केंद्र पर बिजली बाधित होती है, तो तत्काल जनरेटर बैकअप उपलब्ध रहेगा। अभिभावकों के लिए केंद्रों के बाहर टेंट और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें गर्मी में राहत मिल सके।
    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ते लगातार मैदान में रहेंगे और समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।
    गौरतलब है कि पिछले वर्ष खराब मौसम, तेज आंधी और बिजली कटौती के कारण कई परीक्षार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्हीं अनुभवों से सीख लेते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत और सख्त बनाया है।
    जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर ध्यान न दें। यह परीक्षा न केवल उनके करियर, बल्कि उनके सपनों की दिशा तय करने वाली है और इस बार इंदौर पूरी तैयारी के साथ इसके लिए तैयार है।