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  • नीट यूजी री-एग्जाम 2026 उत्तर प्रदेश में आज, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में

    नीट यूजी री-एग्जाम 2026 उत्तर प्रदेश में आज, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में


    नई दिल्ली । नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को लेकर देशभर में कड़े सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में आज यह महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश के 59 जनपदों में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।

    यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक ही पाली में पेन और पेपर मोड में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोका जा सके।

    राजधानी लखनऊ में ही 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) के अनुसार प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। परीक्षा सामग्री को केंद्र तक पहुंचाने और आंसर शीट को सुरक्षित वापस लाने की जिम्मेदारी विशेष टीम को दी गई है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के साथ स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल हैं।

    परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्वेश्चन पेपर ले जाने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, ताकि हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की सख्त जांच और तलाशी की व्यवस्था भी की गई है।

    सरकार की ओर से छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत किराया छूट दी जा रही है। साथ ही दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

    गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को NEET परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। इसी कारण अब री-एग्जाम कराया जा रहा है, जिसे लेकर छात्रों में उत्साह और प्रशासन में सतर्कता दोनों देखने को मिल रही है।

  • NEET परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा, अब कंप्यूटर पर होगी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

    NEET परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा, अब कंप्यूटर पर होगी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

    नई दिल्ली ।देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। हाल ही में सामने आए पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के बीच सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अब परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित यानी सीबीटी मोड में आयोजित किया जाएगा।

    इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। अब तक नीट परीक्षा ओएमआर शीट आधारित ऑफलाइन मोड में आयोजित होती रही है, जिसमें लाखों छात्र एक साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर पेन-पेपर के जरिए परीक्षा देते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में परीक्षा सुरक्षा और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने इस प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली अपनाने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असामाजिक गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में हुई परीक्षा में कुछ अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतें सामने आने के बाद तत्काल जांच के आदेश दिए गए और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी कीमत पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया जाएगा।

    सरकार ने यह भी घोषणा की है कि पुनः आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शहर चुनने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा भी तय की गई है, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही प्रवेश पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे।

    नीट परीक्षा को लेकर उठाए गए इस नए कदम को शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली न केवल सुरक्षा के लिहाज से बेहतर होगी, बल्कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया भी तेज और अधिक सटीक हो सकेगी। हालांकि, इसके लिए देशभर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि लाखों छात्रों को एक साथ परीक्षा देने के लिए पर्याप्त तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होगी।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की यह प्रक्रिया किसी एक घटना की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रहे सुधारों का हिस्सा है। उद्देश्य केवल इतना है कि देश के प्रतिभाशाली छात्रों को एक निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराई जा सके।

    इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें अगले वर्ष होने वाली नीट परीक्षा पर टिकी हैं, जो नई तकनीकी व्यवस्था के साथ एक नए दौर की शुरुआत कर सकती है।