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  • मोदी जी कह देंगे तो पापा खा लेंगे दवा…. बेटे की भावुक अपील से इमोशनल हुए लोग….

    मोदी जी कह देंगे तो पापा खा लेंगे दवा…. बेटे की भावुक अपील से इमोशनल हुए लोग….


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की एक इंस्टाग्राम स्टोरी (Instagram story) सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इस स्टोरी में एक युवक अपने पिता को लेकर ऐसी अपील करता नजर आता है, जिसने लोगों को मुस्कुराने के साथ-साथ भावुक भी कर दिया।

    वीडियो में युवक हल्के-फुल्के अंदाज में कहता है कि उसके पिता प्रधानमंत्री मोदी के ‘जबरदस्त फैन’ हैं और उनकी हर बात मानते हैं। इसी भरोसे के साथ वह पीएम मोदी से अनुरोध करता है कि वे अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में उसके पिता को खास तौर पर संदेश दें कि पापा, डायबिटीज की दवा समय पर लिया करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।

    युवक की इस अनोखी गुहार को पीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और उस पर लिखा कि युवराज के निवेदन पर मैं उनके पिता से कम चीनी खाने और सेहत का ध्यान रखने की अपील करूंगा। लोग इसे एक बेटे की चिंता और प्रधानमंत्री के प्रति आम लोगों के गहरे जुड़ाव के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। इस स्टोरी से पीएम मोदी का एक अलग, मानवीय पक्ष भी सामने आता है, जहां वे आम नागरिकों की छोटी-छोटी लेकिन दिल से जुड़ी बातों को भी मंच देते हैं।

    पीएम ने दिया मीठा कम योग ज्यादा का संदेश
    पीएम मोदी ने अगली स्टोरी में मीठा कम और योग ज्यादा का भी संदेश दिया। इस स्टोरी में पीएम ने लिखा, अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, अच्छा खाएं, स्वस्थ भोजन करें। साथ ही ज्यादा चीनी के नुकसान, मोटापे के खतरे और योग को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह भी दी गई।

  • भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को दी फफूंद लगी दवा सीनियर डॉक्टर नदारद ओपीडी में इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे इलाज

    भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को दी फफूंद लगी दवा सीनियर डॉक्टर नदारद ओपीडी में इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे इलाज


    भोपाल । भोपाल के जेपी अस्पताल जिला चिकित्सालय में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां शुक्रवार शाम एक मरीज को फफूंद लगी दवा दी गई। यह मामला दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है। मरीज ने दवा लेने से पहले उसे देखा जिससे किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सका। यदि मरीज ने दवा की स्थिति का ध्यान नहीं किया होता तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन सकती थी।

    मरीज सतीष सेन ने बताया कि वे शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पैर में फ्रैक्चर की आशंका के चलते जेपी अस्पताल की आर्थोपेडिक ओपीडी में पहुंचे थे। ओपीडी में उस वक्त कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं थे और इंटर्न डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया। इसके बाद मरीज को एक्स-रे की सिफारिश की गई और दर्द की दवा लिखी गई जो बाद में फफूंद लगी हुई मिली।

    इस घटना ने अस्पताल में चिकित्सा गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज को अगर दवा की स्थिति का पता न चलता तो इसे स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा माना जा सकता था। इसके अलावा सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति ने भी ओपीडी में इलाज के स्तर को प्रभावित किया।

    इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य संगठनों नेप्रशासन से कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचा जासके और मरीजों को बेहतर इलाज और दवाइयां मिल सकें। अस्पताल प्रशासन को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कदम उठाने चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को गुणवत्ता वाली दवाइयां और इलाज मिले।