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  • मेरठ में नितिन नवीन-योगी की मौजूदगी में मिशन-2027 पर मंथन, युवाओं से बोले- आप ही विकास यात्रा के असली नायक

    मेरठ में नितिन नवीन-योगी की मौजूदगी में मिशन-2027 पर मंथन, युवाओं से बोले- आप ही विकास यात्रा के असली नायक


    मेरठ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के पहले दिन सोमवार को मेरठ में संगठन और युवाओं से जुड़े कार्यक्रम हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सुभारती विश्वविद्यालय में युवा संवाद के साथ संगठनात्मक बैठकों में बूथ से जिला स्तर तक की तैयारियों की समीक्षा की गई। नितिन नवीन ने युवाओं को विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा के असली नायक युवा हैं।

    नितिन नवीन 21 और 22 सितंबर को मेरठ और सहारनपुर के दौरे पर हैं। इस दौरान वे पार्टी के पदाधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, शक्ति केंद्र संयोजकों और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर रहे हैं। मेरठ में उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कार्यक्रमों में शामिल हुए।

    युवा संवाद में रोजगार और विकास पर बात
    स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के मांगल्य कन्वेंशन सेंटर में आयोजित युवा संवाद में नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों और बेहतर कनेक्टिविटी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी बढ़ने से विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश को बड़ी अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ता बताते हुए उन्होंने युवाओं को इस बदलाव का प्रमुख हिस्सा बताया।

    उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल देश का भविष्य मानना पर्याप्त नहीं है। युवा आज की मौजूदा ताकत हैं और उनकी प्रतिभा का सही दिशा में इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण को गति दे सकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमता को सकारात्मक दिशा में लगाने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

    मेरठ की खेल पहचान का जिक्र
    नितिन नवीन ने मेरठ को खेल नगरी बताते हुए खेल सामग्री के निर्माण में शहर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत से निर्यात होने वाली खेल सामग्री, जिसमें क्रिकेट बैट, हॉकी स्टिक और बैडमिंटन से जुड़ी सामग्री शामिल है, उसमें मेरठ की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत है।

    उन्होंने 250 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहे मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पहला सत्र शुरू हो चुका है और इससे स्थानीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    युवाओं को दिलाए तीन संकल्प
    युवा संवाद के दौरान नितिन नवीन ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब युवा सोचता है तो देश आगे बढ़ता है और जब युवा संकल्प लेता है तो नए युग का निर्माण होता है। इसी क्रम में उन्होंने युवाओं को तीन प्रमुख संकल्प भी दिलाए और अपनी प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग करने की बात कही।

    शहीद स्मारक से शुरू हुआ कार्यक्रम
    नितिन नवीन के मेरठ कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उन्होंने कारगिल स्मृति उपवन और इंडियन नेशनल आर्मी (INA) शहीद स्मारक पर पहुंचकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद युवाओं के साथ रोजगार, स्टार्टअप और विकास से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ। कार्यक्रम में 2,000 से अधिक युवाओं की मौजूदगी रही।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, नमो भारत (रैपिड रेल) और मेरठ मेट्रो जैसी ढांचागत परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाओं से विकास के नए रास्ते खुलते हैं।

    संगठन की जमीनी तैयारियों पर भी मंथन
    मेरठ दौरे का दूसरा प्रमुख हिस्सा संगठनात्मक बैठकें रहीं। नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी के पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की। इसमें चुनावी तैयारियों के साथ बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर पर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के जरिए जमीनी स्थिति की जानकारी लेने पर भी जोर रहा।

    कार्यक्रम स्थल पर नितिन नवीन के स्वागत के लिए बुलडोजर भी लगाए गए। वहीं सुरक्षा और व्यवस्थाओं के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश, निकास, पार्किंग, पेयजल और अन्य इंतजामों की समीक्षा की गई।

    छात्रों में दिखा उत्साह
    सुभारती विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नितिन नवीन के कार्यक्रम को लेकर विद्यार्थियों में भी उत्साह दिखाई दिया। युवा संवाद में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही।

    औघड़नाथ मंदिर जाएंगे, आज मेरठ में प्रवास
    नितिन नवीन मेरठ में औघड़नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे और सोमवार रात मेरठ में प्रवास करेंगे। इसके बाद 22 सितंबर को वे सहारनपुर के लिए रवाना होंगे। वहां भाजपा के एक कार्यकर्ता के घर भोजन करने के बाद पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और जिलास्तरीय संगठन के पदाधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद शाकंभरी देवी के दर्शन कर दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।

    इस तरह दो दिन के दौरे में मेरठ से सहारनपुर तक संगठन की जमीनी सक्रियता, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व की बैठकें प्रस्तावित हैं।

  • YouTube गेम का ऐसा चढ़ा खुमार कि घर छोड़कर निकल पड़े बच्चे, फार्महाउस के पास बनाया सीक्रेट ठिकाना

    YouTube गेम का ऐसा चढ़ा खुमार कि घर छोड़कर निकल पड़े बच्चे, फार्महाउस के पास बनाया सीक्रेट ठिकाना


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मेरठ में बच्चों के बीच ऑनलाइन वीडियो और गेमिंग कंटेंट के बढ़ते असर का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो मासूम बच्चों ने YouTube पर सीक्रेट हाउस गेम से जुड़ा वीडियो देखा और उससे इतने प्रभावित हुए कि खुद भी 24 घंटे तक छिपे रहने का चैलेंज पूरा करने निकल पड़े। दोनों बच्चे अचानक घर से गायब हो गए तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और मिशन शक्ति की टीम ने तेजी से तलाश शुरू की और करीब दो घंटे के भीतर दोनों बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिवार के हवाले कर दिया।

    यह मामला मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र का है। बताया गया कि बी ब्लॉक कॉलोनी में रहने वाले 11 और 7 साल के दो बच्चे रविवार दोपहर अचानक घर से निकल गए। शुरुआत में परिजनों को लगा कि दोनों बच्चे आसपास खेल रहे होंगे लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो चिंता बढ़ने लगी। परिवार के लोगों ने आसपास के घरों में पूछताछ की और रिश्तेदारों के यहां भी जानकारी जुटाई लेकिन बच्चों का कहीं पता नहीं चला। आखिरकार मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    पुलिस के लिए यह मामला गंभीर था क्योंकि दोनों बच्चे काफी कम उम्र के थे और उनके अचानक गायब होने से परिवार बेहद परेशान था। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चों की तलाश शुरू की। मिशन शक्ति की टीम को भी खोजबीन में लगाया गया। लगातार तलाश के बाद टीम को दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए। पुलिस के अनुसार बच्चे किसी अनहोनी का शिकार नहीं हुए थे बल्कि उन्होंने खुद ही घर से निकलकर छिपने की योजना बनाई थी।

    पूछताछ में जो बात सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया। बच्चों ने बताया कि उन्होंने YouTube पर सीक्रेट हाउस गेम और 24 घंटे तक छिपे रहने से जुड़ा गेमिंग कंटेंट देखा था। वीडियो देखने के बाद उनके मन में भी ऐसा ही चैलेंज करने का विचार आया। दोनों ने तय किया कि वे घर से दूर जाकर अपना एक गुप्त ठिकाना बनाएंगे और 24 घंटे तक वहीं छिपे रहेंगे। इसी योजना के तहत दोनों घर से निकल पड़े।

    पुलिस के मुताबिक बच्चों ने एक फार्महाउस के पास सुनसान जगह को अपना ठिकाना बनाया था। उनका इरादा वहां 24 घंटे तक छिपे रहने का था ताकि वे वीडियो में देखे गए चैलेंज को पूरा कर सकें। बच्चों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके अचानक गायब होने से परिवार किस कदर परेशान हो जाएगा और उन्हें खोजने के लिए पुलिस तक को सक्रिय होना पड़ेगा।

    करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और मिशन शक्ति की टीम ने दोनों बच्चों को खोज निकाला। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद उन्हें परिवार के हवाले कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने भी बच्चों से बातचीत कर उन्हें समझाया कि इंटरनेट या वीडियो में दिखाई जाने वाली हर गतिविधि को वास्तविक जीवन में दोहराना सुरक्षित नहीं होता।

    यह घटना एक बार फिर बच्चों द्वारा मोबाइल और ऑनलाइन कंटेंट देखने पर निगरानी की जरूरत को सामने लाती है। इंटरनेट पर कई तरह के गेमिंग वीडियो और चैलेंज मौजूद हैं जिन्हें बच्चे मनोरंजन या खेल समझकर दोहराने की कोशिश कर सकते हैं। कम उम्र में बच्चे वीडियो में दिखने वाले खतरे और वास्तविक जीवन के जोखिम के बीच अंतर को पूरी तरह नहीं समझ पाते। ऐसे में अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के ऑनलाइन कंटेंट पर नजर रखें और उन्हें यह समझाएं कि किसी भी वायरल गेम या चैलेंज को बिना सोचे समझे आजमाना खतरनाक हो सकता है।

    मेरठ की यह घटना भले ही सुखद अंत तक पहुंच गई क्योंकि दोनों बच्चे समय रहते सुरक्षित मिल गए लेकिन इसने परिवारों के लिए एक बड़ा संदेश जरूर छोड़ा है। कुछ घंटों के एक ऑनलाइन वीडियो ने दो बच्चों को 24 घंटे तक घर से दूर छिपने की योजना बनाने के लिए प्रेरित कर दिया और परिवार की चिंता बढ़ा दी।

  • मेरठ में कांवड़ियों पर CM योगी ने बरसाए फूल, शिवभक्तों ने लगाए ‘बोल बम’ के जयकारे

    मेरठ में कांवड़ियों पर CM योगी ने बरसाए फूल, शिवभक्तों ने लगाए ‘बोल बम’ के जयकारे


    मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान शनिवार को मेरठ में शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दुल्हैडा चुंगी पहुंचे और हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कांवड़ मार्ग पर उत्साह का माहौल बन गया और शिवभक्तों ने ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए।

    भगवा रंग में सजे कांवड़ मार्ग पर जब फूलों की बारिश हुई तो पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। मुख्यमंत्री करीब 30 मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।

    पुष्पवर्षा के बाद हिंडन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए CM
    कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार से शोभित विश्वविद्यालय स्थित हेलीपैड के लिए रवाना हुए। यहां से उनका हेलिकॉप्टर गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यातायात, सुरक्षा और मार्गों की निगरानी को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।

    कांवड़ मार्ग पर चाक-चौबंद रही सुरक्षा
    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए शोभित विश्वविद्यालय के हेलीपैड से लेकर दुल्हैडा चुंगी तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के साथ कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार मॉनिटर किया गया। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय रहीं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती।

    मंच के सामने काफी देर उड़ता रहा ड्रोन, पुलिस में मचा हड़कंप
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान उस समय सुरक्षा को लेकर हलचल मच गई, जब मंच के सामने आसमान में एक ड्रोन काफी देर तक उड़ता दिखाई दिया। कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं थी।

    ड्रोन नजर आने के बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उसके संचालक की तलाश शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और ड्रोन ऑपरेटर की पहचान करने का प्रयास किया गया। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर लगे माइक से घोषणा कराई गई कि ड्रोन उड़ाने वाला व्यक्ति तत्काल उसे नीचे उतार ले। घोषणा के कुछ देर बाद ड्रोन को नीचे उतार लिया गया।

  • मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त

    मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त


    मेरठ। कांवड़ यात्रा सिर्फ भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि रिश्तों में समर्पण, सेवा और जिम्मेदारी का भी संदेश देती है। मेरठ में इस बार दो शिवभक्त अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा के कारण श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। एक युवक अपनी 75 वर्षीय नानी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहा है, जबकि दूसरा बैग में गंगाजल सुरक्षित रखकर पैदल अपने गांव की ओर बढ़ रहा है।

    बैग में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा
    मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरेंद्र (27) वर्तमान में दिल्ली के राजनगर में अपने इंजीनियर भाई के साथ रहते हैं। वह 10 जुलाई को ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे और 11 जुलाई से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की।

    धीरेंद्र ने गंगाजल को बैग में सुरक्षित रखा है और चरणबद्ध तरीके से यात्रा पूरी कर रहे हैं। पहले दिन उन्होंने 4 किलोमीटर, दूसरे दिन 18 किलोमीटर और तीसरे दिन 15 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद वह प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह उनकी हरिद्वार से गंगाजल लाने की लगातार तीसरी कांवड़ यात्रा है।

    कांवड़ में नानी को बैठाकर निभा रहे सेवा का धर्म
    नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरौला गांव निवासी हिमांशु चौहान अपनी 75 वर्षीय नानी रूपरानी को कांवड़ के एक पलड़े में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहे हैं। उनके साथ मौसेरे भाई प्रिंस राघव, बहन लक्ष्मी और परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा में शामिल हैं।

    हिमांशु ने 19 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की। कांवड़ के एक हिस्से में करीब 45 किलोग्राम वजन की उनकी नानी बैठी हैं, जबकि दूसरे हिस्से में 55 लीटर गंगाजल से भरे कलश रखे गए हैं। लगभग एक क्विंटल वजन वाली इस कांवड़ को हिमांशु और प्रिंस राघव बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    श्रद्धालुओं ने किया जोरदार स्वागत
    यात्रा के दौरान हिमांशु की बहन लक्ष्मी लगातार पंखे से दोनों भाइयों और अपनी नानी को हवा करती रहती हैं। मेरठ के पल्लवपुरम पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इन शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया। सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का यह अनोखा संगम कांवड़ यात्रा में लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।

  • तपती धूप में शहीद को नमन: सियाचिन के वीर कैप्टन प्रताप सिंह की याद में मेरठ में सेना ने बांटा शरबत

    तपती धूप में शहीद को नमन: सियाचिन के वीर कैप्टन प्रताप सिंह की याद में मेरठ में सेना ने बांटा शरबत



    मेरठ। मेरठ में 43 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच सेना के जवानों ने सियाचिन के वीर शहीद कैप्टन प्रताप सिंह को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी। बसंतर रेजीमेंट के जवानों ने सड़क पर राहगीरों को शरबत पिलाकर न सिर्फ लोगों की प्यास बुझाई, बल्कि शहीद के बलिदान को भी याद किया। इस दौरान लोगों ने सेना के इस मानवीय और प्रेरणादायक प्रयास की जमकर सराहना की।

    26 मई 1988 को सियाचिन ग्लेशियर के बाना पोस्ट पर तैनात कैप्टन प्रताप सिंह ने दुश्मन की घुसपैठ को नाकाम करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ऑपरेशन के दौरान हुए माइंस ब्लास्ट में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक साहस दिखाते हुए दुश्मन की मदद के लिए लगाई गई रस्सी की सीढ़ी को काट दिया, जिससे घुसपैठ पूरी तरह विफल हो गई। उनकी इसी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

    सेना के जवानों ने कहा कि शहीद सिर्फ इतिहास नहीं होते, बल्कि वे हर जवान और हर नागरिक के लिए प्रेरणा होते हैं। इसी भावना के तहत जवानों ने आम लोगों के बीच जाकर सेवा का संदेश दिया और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान सड़क से गुजर रहे लोग भी रुके और जवानों के साथ शहीद को नमन किया।