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  • यूपी पुलिस के तीन कर्मियों पर गिरी गाज, कारोबारी ने लगाए हिरासत में मारपीट और 4.72 लाख रुपये लेने के आरोप

    यूपी पुलिस के तीन कर्मियों पर गिरी गाज, कारोबारी ने लगाए हिरासत में मारपीट और 4.72 लाख रुपये लेने के आरोप


    मेरठ । उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर में पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। नोएडा के फर्नीचर कारोबारी शाहिद चौधरी की शिकायत के बाद मेरठ के लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मुजफ्फरनगर के पमनावली चौकी प्रभारी आरिफ अली को भी निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। कारोबारी का आरोप है कि बैंक खाता खुलवाने और फ्रीज खाते को दोबारा चालू कराने के नाम पर उनसे कुल 4.72 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    गौतमबुद्धनगर के गेझा सेक्टर-93 निवासी शाहिद चौधरी फर्नीचर का कारोबार करते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक दो अगस्त को लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार ने दानिश नाम के युवक की शिकायत के आधार पर उन्हें थाने बुलाया था। शाहिद का आरोप है कि थाने में उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें हिरासत में रखकर मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनका आईफोन घड़ी और बेल्ट भी अपने कब्जे में ले ली गई।

    कारोबारी के मुताबिक जब उनके भाई थाने पहुंचे तो उनसे रकम की मांग की गई। शाहिद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि चार अगस्त को 1.20 लाख रुपये शादाब राव के खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 2.80 लाख रुपये नकद दिए गए। उनका दावा है कि रकम मिलने के बाद आईफोन वापस कर दिया गया लेकिन घड़ी और बेल्ट नहीं लौटाई गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगले दिन पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारी को देने के नाम पर सोफा मांगा और इसके लिए तस्वीरें तथा क्यूआर कोड भेजे गए। बाद में दो अन्य खातों में 36-36 हजार रुपये भेजने के लिए कहा गया। कारोबारी के अनुसार इन लेनदेन और बातचीत से संबंधित साक्ष्य उन्होंने अधिकारियों को देने की बात कही है।

    शाहिद ने डीआईजी कलानिधि नैथानी को तीन पन्नों की शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। शिकायत में उन्होंने शादाब राव उर्फ शालू पर भी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर रकम वसूलने का आरोप लगाया है। कारोबारी का दावा है कि शादाब थाने के सामने जनसुविधा केंद्र चलाता है और पुलिसकर्मियों के संपर्क में रहता है। उन्होंने बैंक ट्रांजैक्शन कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों के जरिए आरोपों की जांच कराने की मांग की है।

    मेरठ पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार लिसाड़ी गेट थाने में तैनात उपनिरीक्षक अंकित सागर और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार को साइबर अपराध से जुड़े पीड़ित के साथ अनुचित आचरण करने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले को सौंपी गई है। मामले की जांच सीओ साइबर क्राइम सौम्या अस्थाना को भी दी गई है।

    इस मामले में शुरुआती जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं। डीआईजी के मुताबिक सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने कथित तौर पर पीड़ित से बात किए बिना जांच पूरी कर दी थी। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही या गलत आचरण सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

    शाहिद ने मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में तैनात रहे दरोगा आरिफ अली पर भी आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार उनकी पत्नी का बैंक खाता कथित धोखाधड़ी के मामले में फ्रीज किया गया था। कारोबारी का दावा है कि खाते को दोबारा चालू कराने के नाम पर उनके भाई से एक लाख रुपये लिए गए। उन्होंने इस भुगतान से संबंधित वीडियो साक्ष्य होने की बात भी कही है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी सूरज राय के अनुसार पमनावली चौकी प्रभारी आरिफ अली को निलंबित कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।

    फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी है। कारोबारी की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

  • मंदिर में 13 साल की किशोरी की शादी की चल रही थी तैयारी पुलिस पहुंचते ही मची भगदड़ दूल्हा समेत कई लोग फरार

    मंदिर में 13 साल की किशोरी की शादी की चल रही थी तैयारी पुलिस पहुंचते ही मची भगदड़ दूल्हा समेत कई लोग फरार


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मेरठ में बाल विवाह का एक गंभीर मामला सामने आया है। मेडिकल थाना क्षेत्र के शेरगढ़ी इलाके में एक मंदिर में 13 साल की किशोरी की 20 साल के युवक से शादी कराई जा रही थी। मंदिर में शादी की रस्में चल रही थीं और दोनों पक्षों के लोग भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान किसी ने पुलिस को नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई और दूल्हा समेत दोनों पक्षों के कई लोग मौके से भाग गए।

    पुलिस को यह सूचना डायल 112 के जरिए मिली थी। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और टीम को मंदिर भेजा गया। पुलिसकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो वहां शादी की रस्में चल रही थीं। बताया गया कि लड़की की उम्र महज 13 साल है। वहीं जिस युवक से उसकी शादी कराई जा रही थी उसकी उम्र 20 साल बताई गई। पुलिस के पहुंचते ही शादी का कार्यक्रम रोक दिया गया।

    मौके पर पुलिस को आखिर में किशोरी और उसकी मां ही मिलीं। दूल्हा और उसके परिवार के लोग वहां से जा चुके थे। लड़की पक्ष के भी कई लोग पुलिस को देखकर मौके से निकल गए। पुलिस किशोरी और उसकी मां को अपने साथ चौकी लेकर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान किशोरी की उम्र से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की पड़ताल की गई। उम्र की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने किशोरी को बाल कल्याण समिति यानी CWC के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल बाल कल्याण समिति की ओर से किशोरी की काउंसलिंग कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अब पुलिस इस मामले में कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 13 साल की बच्ची की शादी कराने का फैसला किसने लिया था। शादी में कौन कौन लोग शामिल थे और दूल्हा कौन है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि लड़की के परिवार और युवक के परिवार के बीच शादी को लेकर क्या बातचीत हुई थी। पुलिस के पहुंचते ही दूल्हा और कई लोगों के मौके से भाग जाने को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

    सीओ सिविल लाइन दीक्षा के मुताबिक पुलिस को डायल 112 के माध्यम से नाबालिग बच्ची की शादी कराए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और शादी को रुकवा दिया गया। बच्ची के नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। फिलहाल उसकी काउंसलिंग की जा रही है।

    बाल विवाह बच्चों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। मेरठ की इस घटना में समय रहते सूचना मिलने और पुलिस के मौके पर पहुंचने से किशोरी की शादी रुक गई। अब पुलिस की जांच से यह साफ होगा कि इस शादी की तैयारी किसने कराई थी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।

  • कांवड़ यात्रा के लिए सख्त नियम: 12 फीट से ऊंचा डीजे नहीं, अश्लील और भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध

    कांवड़ यात्रा के लिए सख्त नियम: 12 फीट से ऊंचा डीजे नहीं, अश्लील और भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध


    मेरठ। सावन की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए मेरठ पुलिस ने डीजे संचालकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में 50 से अधिक डीजे संचालकों को स्पष्ट किया गया कि यात्रा के दौरान शासन और जिला प्रशासन के सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

    पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले किसी भी डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। साथ ही ध्वनि का स्तर भी निर्धारित मानकों के भीतर रखना होगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    भड़काऊ और अश्लील गानों पर रोक
    प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान डीजे पर अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ गीत और ऑडियो सामग्री बजाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे गाने, जो धार्मिक या सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

    तय रूट पर ही चलेंगे डीजे वाहन
    पुलिस ने निर्देश दिया है कि डीजे वाहन किसी भी स्थिति में सड़क पर जाम या यातायात बाधित नहीं करेंगे। सभी वाहन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही संचालित होंगे। बिना अनुमति रूट बदलने या मनमाने तरीके से वाहन चलाने की इजाजत नहीं होगी।

    आपात स्थिति में तुरंत दें सूचना
    डीजे संचालकों से कहा गया है कि यात्रा के दौरान यदि कोई दुर्घटना, आपात स्थिति या अप्रिय घटना होती है तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की भी अपील की।

    बिजली लाइनों के नीचे बरतनी होगी सतर्कता
    प्रशासन ने ऊंचे डीजे वाहनों के संचालन के दौरान ओवरहेड बिजली लाइनों के नीचे विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी सतर्क रहने और डीजे वाहनों व उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    डीजे संचालकों के लिए प्रमुख नियम
    – डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी।
    – डीजे की चौड़ाई 10 फीट से ज्यादा नहीं रखी जाएगी।
    – ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा के भीतर रहेगा।
    – अश्लील, आपत्तिजनक और भड़काऊ गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
    – धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ऑडियो सामग्री नहीं बजाई जाएगी।
    – डीजे वाहन यातायात में बाधा नहीं बनेंगे।
    – केवल निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही वाहन संचालित किए जाएंगे।
    – किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस को देनी होगी।
    – हाईटेंशन बिजली लाइनों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य होगा।

    मेरठ पुलिस का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि लाखों कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। प्रशासन ने सभी डीजे संचालकों से नियमों का पालन करते हुए सहयोग करने की अपील की है।

  • KKR विवाद के बाद BJP नेता संगीत सोम को बम से उड़ाने की धमकी, बंगाली भाषा में आया मैसेज

    KKR विवाद के बाद BJP नेता संगीत सोम को बम से उड़ाने की धमकी, बंगाली भाषा में आया मैसेज


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीजेपी नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम को 5 जनवरी 2026 को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी का मैसेज बंगाली भाषा में उनके व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया, और इसमें समाचार चैनल को भी उड़ाने की बात कही गई है। संगीत सोम ने तुरंत मेरठ पुलिस को इसकी जानकारी दी और व्हाट्सएप मैसेज तथा कॉल डिटेल की जानकारी भी दी। इस धमकी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

    संगीत सोम जो बीजेपी के तेजतर्रार नेताओं में शुमार हैं हाल ही में आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर शाहरुख़ खान के खिलाफ बयानबाजी करने की वजह से चर्चा में थे। बीजेपी नेता ने शाहरुख़ खान पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करके देश के खिलाफ गद्दारी की है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी और बाद में KKR ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया था।

    शिकायत में क्या कहा गया

    संगीत सोम ने पुलिस को दिए गए अपनी शिकायत में बताया कि सुबह करीब 8 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक बंगाली भाषा में धमकी भरा मैसेज आया। इस मैसेज में उन्हें और एक न्यूज चैनल को बम से उड़ाने की बात की गई। साथ ही फोन कॉल डिटेल भी पुलिस को भेजी गई ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।

    पुलिस का मानना है कि यह धमकी संभवतः संगीत सोम के हालिया बांग्लादेशी खिलाड़ी के खिलाफ बयान के बाद दी गई है। उन्होंने आईपीएल टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने पर शाहरुख़ खान को गद्दार करार दिया था। इसके बाद उनके समर्थकों में गुस्सा देखा जा रहा था और इसी बीच उन्हें धमकी मिल गई।

    क्या था KKR विवाद

    संगीत सोम ने आरोप लगाया था कि शाहरुख़ खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को अपनी आईपीएल टीम में शामिल करके भारतीय क्रिकेट का अपमान किया है। उन्होंने यह भी कहा था कि देश में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और विरोध बढ़ा जिसके बाद KKR ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया था।

    इस बयानबाजी के बाद संगीत सोम के समर्थक और विरोधी दोनों ही सक्रिय हो गए थे। वहीं, इस विवाद के बाद उन्हें धमकी मिलने का मामला सामने आया है, जिससे यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है।

    पुलिस जांच की शुरुआत

    मेरठ पुलिस ने संगीत सोम की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह धमकी कैसे और क्यों दी गई इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

    संगीत सोम का बयान

    संगीत सोम ने इस धमकी के बाद किसी भी प्रकार की चिंता जाहिर नहीं की है। उनका कहना है कि इस तरह की धमकियों से उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और वे देश के हित में हमेशा अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास उन्हें डराने के बजाय और ज्यादा मजबूती से काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    समर्थकों का गुस्सा
    संगीत सोम को मिली धमकी के बाद उनके समर्थकों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। वे इसे उनके खिलाफ साजिश के रूप में देख रहे हैं और इसका विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने इस घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    अभी तक पुलिस की प्रतिक्रिया
    मेरठ पुलिस से अभी तक किसी आधिकारिक बयान की जानकारी नहीं मिली है लेकिन सूत्रों के मुताबिक पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी की पहचान होने पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।