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  • UNGA से पहले ट्रंप-ममदानी की ग्रेसी मैन्शन में मुलाकात, एक घंटे चली बैठक, जाने क्‍या हुई चर्चा ?

    UNGA से पहले ट्रंप-ममदानी की ग्रेसी मैन्शन में मुलाकात, एक घंटे चली बैठक, जाने क्‍या हुई चर्चा ?


    नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात की। दोनों की बैठक ममदानी के आधिकारिक आवास ग्रेसी मैन्शन में करीब एक घंटे चली। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत की और न्यूयॉर्क में आवास तथा शहर को कामकाजी वर्ग के लिए अधिक किफायती बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानकारी दी।

    ट्रंप ने ग्रेसी मैन्शन पहुंचने के बाद न्यूयॉर्क के मेयर के आधिकारिक आवास से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि इस इमारत में उन्होंने पहले भी कई मेयरों के साथ समय बिताया है और यहां कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं। UNGA के लिए दुनिया के कई नेता इस समय न्यूयॉर्क में मौजूद हैं और ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले हैं।

    क्वींस में 12 हजार घर और 30 हजार नौकरियों पर चर्चा

    बैठक में न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में Sunnyside Yards के संभावित पुनर्विकास पर विशेष चर्चा हुई। ममदानी के मुताबिक इस परियोजना से करीब 12 हजार घर और 30 हजार नौकरियां पैदा हो सकती हैं। दोनों पक्षों ने इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए न्यूयॉर्क सिटी हॉल और व्हाइट हाउस की हाउसिंग तथा ऑपरेशंस टीमों के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई।

    ट्रंप ने कहा कि Sunnyside Yards का विकास लंबे समय से चर्चा में है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संघीय स्तर पर मंजूरी और फंडिंग की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित विकास में कम और मध्यम आय वाले लोगों के लिए पर्याप्त आवास शामिल होना चाहिए।

    महंगाई और शहर को किफायती बनाने पर भी बात

    मुलाकात के दौरान न्यूयॉर्क में बढ़ती जीवन-यापन लागत और कामकाजी वर्ग के लिए शहर को अधिक किफायती बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। ममदानी ने कहा कि उनका फोकस न्यूयॉर्कवासियों के लिए रहने का खर्च कम करने और ज्यादा आवास उपलब्ध कराने पर है।

    ममदानी ने मुलाकात के बाद कहा कि ट्रंप के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन वह शहर के लोगों को राहत दिलाने की दिशा में काम करने वाले सभी पक्षों के साथ बातचीत जारी रखेंगे। उन्होंने बैठक को उपयोगी बताया और कहा कि दोनों पक्षों के बीच आवास से जुड़े मुद्दों पर आगे भी बातचीत होगी।

    ट्रंप और ममदानी की तीसरी आमने-सामने मुलाकात

    ग्रेसी मैन्शन में हुई यह मुलाकात ट्रंप और ममदानी की तीसरी आमने-सामने बैठक थी और पहली बार दोनों न्यूयॉर्क में मिले। इससे पहले नवंबर 2025 में ममदानी ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी। इसके बाद फरवरी में भी ममदानी ने वॉशिंगटन जाकर ट्रंप के साथ न्यूयॉर्क में आवास विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी।

    इस बार की बैठक में दोनों नेताओं ने अपने मतभेदों के बावजूद न्यूयॉर्क से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर बातचीत जारी रखने पर जोर दिया। ट्रंप ने ममदानी के साथ मीडिया के सामने सकारात्मक लहजे में बात की और न्यूयॉर्क के लिए उनके काम करने की उम्मीद जताई।

  • ट्रंप से न्यूयॉर्क में मिलेंगे जेलेंस्की, फोन पर बातचीत के बाद बोले- यह मुलाकात बहुत कुछ बदल सकती है

    ट्रंप से न्यूयॉर्क में मिलेंगे जेलेंस्की, फोन पर बातचीत के बाद बोले- यह मुलाकात बहुत कुछ बदल सकती है


    नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। बातचीत के बाद जेलेंस्की ने इसे अहम बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति की दिशा में कई जरूरी कदमों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही ट्रंप से न्यूयॉर्क में मुलाकात करेंगे। जेलेंस्की के मुताबिक, यह बैठक मौजूदा हालात में काफी कुछ बदल सकती है और इस समय मजबूत कूटनीतिक गतिविधियां चल रही हैं।

    ट्रंप से बातचीत को बताया अहम

    जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप के साथ हुई बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान न्यूयॉर्क में आमने-सामने मुलाकात करने पर सहमति बनी है।

    जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा समय में कूटनीतिक स्तर पर गतिविधियां तेज हैं और दोनों पक्ष शांति से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने के रास्ते तलाश रहे हैं।

    अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कीव दौरे का किया जिक्र

    यूक्रेनी राष्ट्रपति ने हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कीव दौरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने ट्रंप को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा से अमेरिकी पक्ष को यूक्रेन के जमीनी हालात को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला।

    जेलेंस्की के अनुसार, इस दौरान सुरक्षा और शांति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए यूक्रेनी और अमेरिकी टीमें मिलकर काम कर रही हैं।

    शांति का रास्ता तलाशना यूक्रेन की पहली प्राथमिकता

    जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लिए शांति का रास्ता तलाशना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि तनाव कम करने और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए कई प्रस्तावों पर काम किया जा रहा है।

    इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की टीम अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है और देश इस दिशा में कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।

    लिंडसे ग्राहम विधेयक को कानून बनाने पर ट्रंप को धन्यवाद

    बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने लिंडसे ग्राहम विधेयक को कानून का रूप देने के लिए भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि शांति स्थापित की जानी चाहिए।

    यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन संकट के दौरान यूक्रेन का समर्थन करने वाले वैश्विक सहयोगियों और मदद के लिए आगे आने वाले लोगों को भी धन्यवाद दिया।

    अब इस बातचीत के बाद दोनों नेताओं की न्यूयॉर्क में होने वाली मुलाकात पर नजर है। जेलेंस्की ने जिस तरह इस बैठक को ‘बहुत कुछ बदलने’ वाली मुलाकात बताया है, उससे शांति प्रयासों को लेकर इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक के बाद क्या ठोस कदम सामने आते हैं, यह आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा।

  • ईरान-हूती तनाव के बीच ट्रंप की अरब नेताओं से होगी बैठक, युद्ध की आगे की रणनीति पर होगी चर्चा

    ईरान-हूती तनाव के बीच ट्रंप की अरब नेताओं से होगी बैठक, युद्ध की आगे की रणनीति पर होगी चर्चा


    नई दिल्ली। सऊदी अरब पर हूती हमलों और ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह खाड़ी देशों के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मंगलवार को प्रस्तावित इस बैठक में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के नेता या विदेश मंत्री शामिल हो सकते हैं। बातचीत के केंद्र में ईरान के साथ युद्ध की आगे की रणनीति के साथ खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और युद्ध के बाद की अमेरिकी योजना रह सकती है।

    Axios ने तीन सूत्रों के हवाले से बैठक की जानकारी दी है। संभावित बैठक में सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेता या विदेश मंत्री शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बैठक का अंतिम एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    ईरानी हमलों से खाड़ी देश भी प्रभावित

    ट्रंप की प्रस्तावित बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान के साथ युद्ध के दौरान खाड़ी के उन देशों को भी ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसके अलावा तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात में आई रुकावटों का असर इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ा है।

    ऐसे में अरब नेताओं के साथ बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े मुद्दे भी उठ सकते हैं।

    मक्का के एयरस्पेस तक पहुंचा ड्रोन, सऊदी ने बताया ‘रेड लाइन’

    सऊदी अरब और हूतियों के बीच भी तनाव लगातार बना हुआ है। हाल में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि हूतियों की ओर से लॉन्च किए गए ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित एयरस्पेस में पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।

    सऊदी गठबंधन ने कहा था कि दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा उसके लिए “रेड लाइन” है। हालांकि, हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने के दावे को खारिज करते हुए इसे झूठ बताया था।

    इस घटनाक्रम के बाद ट्रंप और अरब नेताओं की संभावित बैठक में ईरान युद्ध के साथ हूती गतिविधियों और खाड़ी देशों की सुरक्षा पर चर्चा की संभावना भी जताई जा रही है।

    युद्ध खत्म होने के बाद की योजना पर भी नजर

    Axios के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ युद्ध के बाद की रणनीति पर भी काम कर रहा है। ट्रंप और उनकी वरिष्ठ टीम इस योजना को तैयार कर रही है और इसे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

    ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि युद्ध अब खत्म होने के करीब है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान समझौता करना चाहता है और अमेरिका को ईरानी पक्ष की ओर से सीधे इस संबंध में संदेश मिला है।

    हालांकि, इन बयानों के बीच युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन की अंतिम रणनीति अभी स्पष्ट नहीं है।

    विदेश विभाग ने भेजे शुरुआती निमंत्रण

    अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को संभावित बैठक के लिए शुरुआती निमंत्रण भेजे हैं। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। एक सूत्र के मुताबिक, बैठक में अन्य अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं को भी शामिल किया जा सकता है।

    इससे बैठक का दायरा केवल GCC देशों तक सीमित रहने के बजाय व्यापक क्षेत्रीय बातचीत का रूप ले सकता है। हालांकि, अंतिम भागीदारी और एजेंडा की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

    नेतन्याहू भी ट्रंप से मिलने की कोशिश में

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में ट्रंप से मुलाकात करना चाहते हैं। हालांकि, एक इजरायली सूत्र के अनुसार दोनों नेताओं की बैठक अभी तय नहीं हुई है।

    पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप ने आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने गाजा में शांति को लेकर अपनी योजना का ड्राफ्ट उनके सामने रखा था। करीब एक सप्ताह बाद योजना सार्वजनिक की गई थी और उसके कुछ समय बाद युद्ध खत्म करने को लेकर एक समझौता हुआ था।

    अब सबकी नजर न्यूयॉर्क बैठक पर

    इस बार फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप और खाड़ी देशों के नेताओं की प्रस्तावित बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब ईरान युद्ध और हूती हमलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है।

    बैठक का अंतिम एजेंडा सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अमेरिका ईरान के साथ जारी संघर्ष, हूती खतरे और खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर कौन से मुद्दे प्राथमिकता से उठाता है। फिलहाल बातचीत में युद्ध के अगले कदम के साथ संघर्ष खत्म होने की स्थिति में अमेरिकी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

  • अभिजीत दीपके से मिलने पहुंचे शिंदे सेना के नेता, आंदोलन की सराहना की, सुरक्षा देने की भी उठाई मांग

    अभिजीत दीपके से मिलने पहुंचे शिंदे सेना के नेता, आंदोलन की सराहना की, सुरक्षा देने की भी उठाई मांग


    नई दिल्ली। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से मिलने नेताओं का सिलसिला जारी है। गुरुवार को शिवसेना (शिंदे गुट) के विधान परिषद सदस्य (MLC) बच्चू कडू ने छत्रपति संभाजीनगर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और उनके आंदोलन की सराहना की। इससे पहले राज्य सरकार में मंत्री संजय शिरसाट भी दीपके और उनके परिवार से मिल चुके हैं।

    बच्चू कडू ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल या सरकार के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक आंदोलनकारी के तौर पर अभिजीत दीपके से मिलने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं यहां एक आंदोलनकारी के रूप में दूसरे आंदोलनकारी से मिलने आया हूं।” उन्होंने जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन के लिए दीपके को बधाई भी दी।

    धमकियों पर जताई चिंता
    अभिजीत दीपके को कथित तौर पर मिल रही धमकियों के सवाल पर बच्चू कडू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उन लोगों से बात करनी चाहिए जो ऐसी धमकियां दे रहे हैं और अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है और इसे अपराध नहीं माना जाना चाहिए।

    संजय शिरसाट ने भी की थी मुलाकात
    इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने भी दीपके के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने क्षेत्र के निवासी अभिजीत दीपके पर गर्व है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। शिरसाट ने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करेंगे।

    आंदोलन की खुलकर की तारीफ
    संजय शिरसाट ने बताया कि अभिजीत दीपके को अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में पढ़ाई के बाद नौकरी का अवसर मिला था, लेकिन उन्होंने छात्रों के हितों के लिए काम करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि दीपके ने किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं को लेकर आंदोलन किया और उनकी सफलता में समाज के व्यापक समर्थन की बड़ी भूमिका रही। मंत्री ने यह भी कहा कि आंदोलन के बाद छात्रों की प्रमुख मांगों पर कार्रवाई हुई और इस पहल ने राज्य ही नहीं, देशभर में चर्चा बटोरी।

  • नई रिपोर्ट का दावा: चेतावनियों के बावजूद जेफ्री एपस्टीन से 30 से अधिक बार मिले थे बिल गेट्स

    नई रिपोर्ट का दावा: चेतावनियों के बावजूद जेफ्री एपस्टीन से 30 से अधिक बार मिले थे बिल गेट्स


    नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और दिवंगत फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन के संबंधों को लेकर एक नई समीक्षा रिपोर्ट में कई अहम दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स और उनकी परोपकारी संस्था गेट्स फाउंडेशन के अधिकारियों ने वर्ष 2011 से 2014 के बीच एपस्टीन से 30 से अधिक मुलाकातें की थीं। यह भी कहा गया है कि संस्था के कुछ कर्मचारियों ने इन बैठकों से प्रतिष्ठा को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन इसके बावजूद संपर्क बना रहा।

    30 से ज्यादा बैठकों का उल्लेख
    लॉ फर्म विल्मरहेल (WilmerHale) द्वारा तैयार समीक्षा रिपोर्ट के तीन पन्नों का सारांश मंगलवार को जारी किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2014 के बीच हुई करीब 30 बैठकों में से कई एपस्टीन के मैनहट्टन स्थित टाउनहाउस में आयोजित हुईं, जबकि एक बैठक गेट्स फाउंडेशन के कैंपस में भी हुई थी।

    अवैध गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला
    रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि गेट्स फाउंडेशन ने एपस्टीन को कोई भुगतान किया था या किसी अवैध गतिविधि में शामिल था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मुख्य रूप से एक संभावित ग्लोबल हेल्थ फंड बनाने पर चर्चा हुई थी, जो बाद में कभी अस्तित्व में नहीं आ सका। इसके अलावा, एपस्टीन के एक सहयोगी द्वारा संचालित इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट को दिए गए वित्तीय सहयोग पर भी बातचीत होने का उल्लेख किया गया है।

    बिल गेट्स ने माना था फैसला गलत था
    रिपोर्ट में बिल गेट्स पर एपस्टीन के यौन अपराधों में किसी तरह की संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया गया है। गेट्स पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्हें नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण की जानकारी नहीं थी। हाल ही में एक संसदीय समिति के समक्ष गेट्स ने स्वीकार किया था कि एपस्टीन से मुलाकात करना उनके जीवन के फैसलों में “एक बड़ी गलती” थी।

    स्टाफ की आपत्तियों के बावजूद जारी रहा संपर्क
    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों ने कानूनी जोखिम और संस्था की साख पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई थी। इसके बावजूद 2012 में एपस्टीन ने बिल गेट्स की मुलाकात इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के प्रमुख तेर्जे रोड-लार्सन से कराई। इसके बाद फाउंडेशन ने पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए इस संस्था को वित्तीय सहायता दी। बाद में विवाद बढ़ने पर 2020 में तेर्जे रोड-लार्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

    फाउंडेशन ने मजबूत किए निगरानी तंत्र
    यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में वॉरेन बफेट ने अपने वार्षिक दान में गेट्स फाउंडेशन को शामिल नहीं किया। इस बीच फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क सुजमैन ने कहा कि बोर्ड ने जोखिम प्रबंधन और जांच प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए नए कदमों को मंजूरी दी है। उनके अनुसार संस्था का कार्य सहयोगियों के भरोसे और पारदर्शिता पर आधारित है।

    एपस्टीन फाइल्स में भी आया था नाम
    अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए एपस्टीन फाइल्स में टेक्नोलॉजी, वित्त और राजनीति जगत की कई चर्चित हस्तियों के साथ बिल गेट्स का नाम भी दर्ज है। गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन को जुलाई 2019 में नाबालिगों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले ही जेल में उसकी मौत हो गई थी, जिसे अधिकारियों ने आत्महत्या बताया था।

  • मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले CM योगी, बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे, आर्थिक सहायता का किया ऐलान

    मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले CM योगी, बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे, आर्थिक सहायता का किया ऐलान


    गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ छात्रा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार को हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    लापरवाही पर भी होगी कार्रवाई
    मुख्यमंत्री ने मामले की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस अधिकारियों को अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाने का निर्देश भी दिया।

    पीड़ित परिवार के लिए राहत पैकेज
    मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

    इसके अलावा उन्होंने मृतका के पिता और परिवार के एक अन्य पात्र सदस्य को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण के साथ वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे


    कोलंबो।
    कूटनीतिक (Diplomatic) और जन-केंद्रित गतिविधियों के तहत, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (Vice President CP Radhakrishnan) 19 अप्रैल से श्रीलंका के दो दिवसीय दौरे (Sri Lanka two-day Visit) पर रहेंगे। यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति की श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात होगी। साथ ही वे भारतीय मूल के तमिल समुदाय से भी जुड़ेंगे।


    भारतीय मूल के 15 लाख तमिलों को संबोधित करेंगे

    यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। वह श्रीलंका निवासी करीब 15 लाख भारतीय मूल के तमिलों को संबोधित कर उनसे चर्चा भी करेंगे।


    क्या रहेगा उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम?

    श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के अनुसार, उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या और विपक्ष के नेता से मुलाकात के साथ-साथ श्रीलंकाई तमिल दलों और भारतीय मूल के तमिल राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शामिल है। झा ने कहा, उपराष्ट्रपति श्रीलंकाई विपक्ष के नेता से भी मिलेंगे।

  • MP: गुना में युवक की पीट-पीटकर हत्या… पूर्व प्रेमिका से मिलने पहुंचा था…

    MP: गुना में युवक की पीट-पीटकर हत्या… पूर्व प्रेमिका से मिलने पहुंचा था…


    गुना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना (Guna) के चांचौड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना घटी जहां एक शादीशुदा युवक (Married Young Man.) अपनी विवाहित प्रेमिका (Married Girlfriend) से मिलने उसके गांव गया था। वहां उसको महिला के ससुराल वालों ने देख लिया और बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इससे युवक बुरी तरह जख्मी हो गया। उसको गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।


    पूर्व जनपद अध्यक्ष के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या

    गुना के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के कोन्याकला गांव में पूर्व जनपद अध्यक्ष के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी कृष्णगोपाल मीना निवासी तुलसीखेड़ी ने शिकायत में बताया है कि वह अपने दोस्त गिरीश मीना (32) के साथ अल्टो कार से कोन्याकला गांव पहुंचे थे। गिरीश अपनी एक महिला परिचित से मिलने स्कूल के पास गया था। इस दौरान कृष्णगोपाल कार में ही बैठा रहा।


    पीड़ित की इलाज के दौरान मौत

    इसी बीच गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गिरीश को पकड़कर गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में गिरीश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से निकल गया और परिजनों को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद गिरीश को गंभीर हालत में अस्पताल ले जहां उसका इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


    पुलिस ने दर्ज किया केस

    डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए रखवा लिया गया है। पुलिस ने कृष्णगोपाल मीणा की रिपोर्ट पर आरोपी चंदू, रामविलास, मनीष और गोविंद मीणा के खिलाफ धारा 103(1), 296(ए) और बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


    दोनों शादीशुदा

    गिरीश की शादी हो चुकी है। वह जिस महिला से मिलने गया था। वह भी शादीशुदा है। दोनों स्कूल के पास मिल रहे थे तभी महिला के ससुराल वालों ने देख लिया। शादी से पहले से दोनों की पहचान थी। इंचार्ज थाना प्रभारी SI अरविन्द गौड़ ने बताया कि युवक की हत्या का मामला सामने आया है।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी गांव से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगी हुई है।


    घर में बांधकर हत्या का आरोप

    थाना प्रभारी ने बताया है कि जांच में सामने आया है कि युवक और युवती एक दूसरे को जानते थे। पीड़ित कई बार मिलने के लिए आ चुका था। मृतक युवक अपने दोस्त के साथ महिला से मिलने पहुंचा था। इस वारदात को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम में गठित करके आरोपियों की तलाश की जा रही है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे घर में बांधकर पीट-पीटकर उसकी हत्या की है। आरोपी पहले भी कई बार मृतक को धमकी दे चुके थे।