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  • रतलाम में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: आधी रात पुलिस का छापा. लाखों की ड्रग्स और हथियार जब्त. 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार

    रतलाम में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: आधी रात पुलिस का छापा. लाखों की ड्रग्स और हथियार जब्त. 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिकलाना में संचालित एक गुप्त एमडी ड्रग मेफेड्रोन फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई आधी रात को की गई. जिसमें भारी मात्रा में तैयार ड्रग्स. कच्चा माल. मशीनरी और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया है।जानकारी के अनुसार. कालूखेड़ा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम चिकलाना में एक मकान के भीतर अवैध रूप से एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जावरा और कालूखेड़ा थाने की संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया। पूरी योजना के साथ पुलिस बल ने रात के समय मकान पर छापा मारा। जब पुलिस टीम अंदर पहुंची तो वहां ड्रग बनाने की पूरी फैक्ट्री सक्रिय हालत में मिली।

    मकान के भीतर बड़ी मात्रा में केमिकल. ड्रग तैयार करने की मशीनें. उपकरण और तैयार एमडी ड्रग्स रखी हुई थीं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स जब्त की हैं. जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक बताई जा रही है। इसके अलावा छापेमारी के दौरान कुछ अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं. जिससे इस नेटवर्क की गंभीरता और आपराधिक पृष्ठभूमि का अंदाजा लगाया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मौके से करीब 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह ड्रग फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी. इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क किन-किन जिलों या राज्यों तक फैला हुआ है।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं. बल्कि अन्य जिलों में भी एमडी ड्रग की सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसपी रतलाम और संबंधित थाना प्रभारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
    फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि ड्रग बनाने का कच्चा माल कहां से आता था. तैयार ड्रग्स की सप्लाई किन-किन जगहों पर की जाती थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन बड़े सरगना हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है और इसे ड्रग माफिया के खिलाफ एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

  • पौधों की नर्सरी में बन रहा था नशे का कारोबार: नारकोटिक्स विभाग ने मारा छापा, 10 करोड़ की MD ड्रग्स बरामद

    पौधों की नर्सरी में बन रहा था नशे का कारोबार: नारकोटिक्स विभाग ने मारा छापा, 10 करोड़ की MD ड्रग्स बरामद


    इंदौर । मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अपराधी इसके बावजूद लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। शनिवार को आगर मालवा में नारकोटिक्स विभाग ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की, जब उन्होंने नर्सरी की आड़ में चल रहे नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस छापे में 10 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की गई।यह कार्रवाई उज्जैन नारकोटिक्स टीम को मिली सूचना पर आधारित थी, जिसमें बताया गया था कि आगर मालवा के आमला क्षेत्र स्थित ‘तीर्थ’ हर्बल फार्म हाउस में नर्सरी के नाम पर नशे का कारोबार चल रहा है। टीम को यह भी जानकारी मिली थी कि वहां पर ड्रग्स की बड़ी खेप आने वाली थी, जिसके बाद टीम ने तड़के चार बजे फार्म हाउस पर छापा मारा।

    नारकोटिक्स विभाग की टीम ने फार्म हाउस में जब जांच की, तो वहां कुछ असामान्य गतिविधियाँ पाई गईं। टीम को वहां नर्सरी के बीच एक पूरी लैब मिली, जहां मेफेड्रोन और अन्य नशीली दवाओं का निर्माण हो रहा था। इस लैब को तुरंत ध्वस्त कर दिया गया और वहां काम कर रहे कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।छापे के दौरान टीम ने कुल 31 किलो 250 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की। इसके अलावा, 600 किलो विभिन्न प्रकार के केमिकल्स, जैसे MDC, MMA, ट्राई थेला माईन, सोडियम कार्बोनेट और लैब की अन्य सामग्री भी बरामद की गई। इस सबका बाजार मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। विभाग का मानना है कि अगर ये ड्रग्स बाजार में पहुंच जाते, तो इसकी कीमत कहीं अधिक हो सकती थी।

    नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक वी एस कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई नशे के कारोबार को रोकने के लिए एक बड़ी सफलता है और इससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके तारों को खंगालने में जुटा है। नशे के कारोबार में इस्तेमाल होने वाली इस तरह की साजिशें न केवल समाज के लिए खतरनाक हैं, बल्कि इससे युवा पीढ़ी का भविष्य भी दांव पर लगता है। हालांकि, इस कार्रवाई ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों को एक नई दिशा दी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे नशे के व्यापारियों में खलबली मच सकती है।