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  • री-नीट में समान अंक के बावजूद अलग मिली AIR, जानिए कैसे एनटीए के टाई-ब्रेकिंग नियम ने तय की आर्यन और पांशुल की रैंक

    री-नीट में समान अंक के बावजूद अलग मिली AIR, जानिए कैसे एनटीए के टाई-ब्रेकिंग नियम ने तय की आर्यन और पांशुल की रैंक

    नई दिल्ली । री-नीट परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल चर्चा का केंद्र बन गए हैं। दोनों अभ्यर्थियों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए, लेकिन इसके बावजूद मेरिट सूची में आर्यन गुप्ता को ऑल इंडिया रैंक-1 और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 प्रदान की गई। समान अंक होने के बावजूद अलग-अलग रैंक मिलने से अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसी स्थिति में रैंक किस आधार पर तय की जाती है।

    दरअसल, मेडिकल प्रवेश परीक्षा में केवल कुल अंक ही अंतिम रैंक का आधार नहीं होते। जब दो या अधिक अभ्यर्थियों के कुल अंक समान होते हैं, तब एनटीए की निर्धारित टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया लागू की जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मेरिट तय करना होता है। इसी नियम के कारण समान अंक होने के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों की ऑल इंडिया रैंक अलग-अलग निर्धारित की गई।

    टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया के पहले चरण में अभ्यर्थियों के बायोलॉजी विषय के अंक देखे जाते हैं। इसमें बॉटनी और जूलॉजी दोनों के संयुक्त प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। जिस उम्मीदवार के बायोलॉजी में अधिक अंक होते हैं, उसे बेहतर रैंक दी जाती है। यदि इस स्तर पर भी दोनों के अंक समान हों, तो अगले चरण में केमिस्ट्री के अंकों की तुलना की जाती है। यदि केमिस्ट्री में भी बराबरी बनी रहती है, तब फिजिक्स के अंकों के आधार पर रैंक तय की जाती है।

    यदि तीनों प्रमुख विषयों में भी दोनों अभ्यर्थियों का प्रदर्शन समान हो, तो आगे उत्तर देने के पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है। इसमें सही और गलत उत्तरों के अनुपात को देखा जाता है। जिस अभ्यर्थी ने अपेक्षाकृत कम गलत उत्तर दिए होते हैं या जिसका गलत उत्तरों का अनुपात बेहतर होता है, उसे मेरिट सूची में प्राथमिकता दी जाती है। यह व्यवस्था परीक्षा की गुणवत्ता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

    इसके बाद भी यदि बराबरी बनी रहती है, तो अंतिम निर्णय एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे। यही कारण है कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी उम्मीदवारों की रैंक हमेशा एक जैसी नहीं होती।

    आर्यन गुप्ता और पांशुल बंसल के मामले में भी यही प्रक्रिया लागू की गई। दोनों के कुल अंक 715 रहे, लेकिन विषयवार प्रदर्शन और टाई-ब्रेकिंग के शुरुआती चरणों में आर्यन गुप्ता का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। इसी आधार पर उन्हें ऑल इंडिया रैंक-1 और पांशुल बंसल को ऑल इंडिया रैंक-2 प्रदान की गई। यह निर्णय निर्धारित नियमों के अनुसार लिया गया और मेरिट सूची उसी आधार पर तैयार की गई।

    गौरतलब है कि पहले समान अंक की स्थिति में अभ्यर्थियों की आयु को भी रैंक निर्धारण का आधार बनाया जाता था। अधिक आयु वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती थी। हालांकि बाद में इस नियम को लेकर विवाद सामने आने के बाद इसे समाप्त कर दिया गया। वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह विषयवार प्रदर्शन और निर्धारित टाई-ब्रेकिंग प्रक्रिया पर आधारित है, जिससे मेरिट सूची अधिक पारदर्शी और समान अवसर के सिद्धांत के अनुरूप तैयार की जा सके।

  • यूपी आईटीआई में बिना परीक्षा मिलेगा दाखिला, 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवाओं के लिए शुरू हुई ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

    यूपी आईटीआई में बिना परीक्षा मिलेगा दाखिला, 8वीं, 10वीं और 12वीं पास युवाओं के लिए शुरू हुई ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसर तलाश रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई में वर्ष 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इस बार भी उम्मीदवारों को किसी लिखित प्रवेश परीक्षा से नहीं गुजरना होगा। छात्रों का चयन उनकी पिछली कक्षा के अंकों के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट सूची के माध्यम से किया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में 8वीं, 10वीं और 12वीं पास छात्र अपनी योग्यता के अनुसार विभिन्न तकनीकी ट्रेड में प्रवेश ले सकते हैं। इन संस्थानों में युवाओं को रोजगार से जुड़े व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं, जिससे वे कम समय में तकनीकी कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, प्लंबर, वायरमैन, टर्नर, ड्राफ्ट्समैन और कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट जैसे कई ट्रेड उपलब्ध हैं।

    उत्तर प्रदेश में आईटीआई प्रवेश और प्रशिक्षण व्यवस्था का संचालन राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी), लखनऊ द्वारा किया जाता है। यह संस्था सरकारी और निजी दोनों तरह के आईटीआई संस्थानों की निगरानी करती है। इसके अलावा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत संचालित संस्थान भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं।

    वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 4 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है और इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ही अपना पंजीकरण कराना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

    आईटीआई प्रवेश के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी। उम्मीदवारों का चयन संबंधित ट्रेड और पाठ्यक्रम की योग्यता के अनुसार 8वीं, 10वीं या 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। किसी भी प्रकार की लिखित प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। मेरिट सूची जारी होने के बाद उपलब्ध सीटों के आधार पर काउंसलिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    आवेदक सरकारी आईटीआई, निजी आईटीआई या दोनों विकल्पों के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम आयु सीमा तय नहीं की गई है। अधिकांश तकनीकी ट्रेड के लिए 10वीं पास होना आवश्यक है, जबकि कुछ शुरुआती स्तर के ट्रेड में 8वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

    प्रवेश के लिए उम्मीदवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। दस्तावेज सत्यापन के समय वैध निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, श्रेणी संबंधी जानकारी, फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे।

    आवेदन शुल्क के रूप में सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 250 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन जमा करने और शुल्क भुगतान के बाद उम्मीदवारों को फॉर्म में सुधार के लिए 48 घंटे की अवधि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    प्रवेश प्रक्रिया में पहले ऑनलाइन पंजीकरण, मोबाइल सत्यापन, आवेदन फॉर्म भरना, दस्तावेज अपलोड करना और शुल्क भुगतान जैसे चरण पूरे किए जाएंगे। इसके बाद योग्यता परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची जारी होगी। सीट उपलब्धता के अनुसार कई चरणों में काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जिससे पहले चरण में सीट नहीं पाने वाले उम्मीदवारों को आगे के अवसर मिल सकें।

    आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया में राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण व्यवस्था भी लागू होगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के तहत लाभ मिलेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले पात्रता, शुल्क और अन्य जरूरी जानकारियों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार जरूर कर लें, क्योंकि नियमों में समय-समय पर बदलाव संभव हैं।