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  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के शुरुआती दो दिनों में जहां कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली, वहीं अब मौसम विभाग ने 28 मई से लगातार तीन दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत मानी जा रही है। विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। टीकमगढ़ में रात के समय भी तापमान अधिक बना रहने की संभावना है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर में भी तीव्र लू का असर रहने की चेतावनी दी गई है। राजधानी भोपाल में भी हीटवेव चलने के आसार हैं।

    मंगलवार को प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री और नौगांव में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री, श्योपुर में 44.4 डिग्री तथा गुना में 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री, जबकि सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    भोपाल में पिछले 14 वर्षों में सात बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी नौतपा की शुरुआत में हल्की बारिश हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    मौसम विभाग ने बुधवार के लिए छह जिलों—निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं 19 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट और 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में तेज गर्मी का असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर बनी रहेगी। हालांकि 29 मई से आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

    एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत इस बार तेज गर्मी के बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हो रही है। सोमवार को प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में कहीं ओले गिरे तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम का यही रुख मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल ने राज्य के 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में हवा की रफ्तार सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश के आसार हैं।

    वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों—इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा—में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि सिस्टम के असर से कुछ स्थानों पर बदलाव हो सकता है।

    प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच कई शहरों में गर्मी भी बनी हुई है। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरे दिन सबसे अधिक रहा। इसके अलावा खरगोन में 43 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, मंडला में 41.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, बैतूल में 40.7 डिग्री, रतलाम में 40.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.2 डिग्री और शाजापुर में 40.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    दूसरी ओर, खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी से भी कम है। दतिया में 34.8 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 34.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री और भोपाल में 40.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    सोमवार को रीवा और आगर-मालवा जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पास से गुजर रही दो ट्रफ लाइनों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कहीं ओलावृष्टि तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। 8 मई तक प्रदेश में ऐसे ही मौसम के बने रहने का अनुमान है।

  • मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और दो ट्रफ के असर से एक बार फिर मौसम बदला है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को धूप खिली, लेकिन इसके बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    लो प्रेशर और ट्रफ का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। इन प्राकृतिक सिस्टम के प्रभाव से फरवरी में चौथी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा।

    दिन में धूप, शाम को बदला मौसम

    सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदल गया। जबलपुर, रीवा और सीधी में बारिश हुई। रात में मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।

    फरवरी में बार-बार बारिश का असर
    फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में दो बार बारिश और ओले गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सर्वे भी कराया। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश भीगा, और 19-21 फरवरी को भी मौसम का असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हुआ है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव

    बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, लेकिन रात में हल्की गर्मी बनी रही। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर रहा।

  • MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

    MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और मावठा गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश और ओले गिर रहे हैं। वहीं 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

    आज यानी मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा, विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कई जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।

    आने वाले तीन दिनों के मौसम की बात करें तो 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहेगा।5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

    वहीं 6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा छाए रहने की संभावना है।लगातार बदलते मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं लोगों को भी ठंड, कोहरे और बारिश से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

  • MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड

    MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और साफ आसमान के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन बनी हुई है। प्रदेश में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान मंदसौर में दर्ज किया गया जहां न्यूनतम पारा गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मंदसौर के अलावा शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी मैहर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। ठंड का असर सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है बल्कि भोपाल इंदौर ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी इसकी चपेट में हैं। इन शहरों में रात का तापमान तेजी से गिरा है और दिन में भी ठंडक बनी हुई है जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया जहां विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और सुबह के समय वाहनों की रफ्तार थमी रही। कई जगह स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी और मैहर जिलों में कोल्ड वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने के लिए घरों में ही रहने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ठंड से सर्दी खांसी बुखार और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक ठंड और तेज पड़ सकती है। रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है जबकि ठंडी हवाओं के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना रहेगा। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है जिसके प्रभाव से 20 और 21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छा सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या मावठा हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों और बारिश के चलते तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और ठंड से कुछ हद तक राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश में शीतलहर का असर जारी है और लोगों को अगले कुछ दिन और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।

  • ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड

    ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड


    नई दिल्ली! मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में शीतलहर का असर महसूस हो रहा है। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के 20 से अधिक जिले सुबह कोहरे की चपेट में हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर से कड़ाके की ठंड शुरू होगी। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहेगा।

    सुबह के समय ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायसेन, शाजापुर, देवास, सीहोर, गुना, अशोकनगर और विदिशा में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा।

    सबसे ठंडा पचमढ़ी, पारा 5.8 डिग्री
    शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, यहां तापमान 7 डिग्री तक गिरा।

    20 से अधिक जिलों में कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई।

    भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बढ़ेगी ठंड
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा। यह सिस्टम आगे बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट और तेज ठंड ला सकता है। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत पर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 252 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से बह रही हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश पर भी देखा जा रहा है।

    कोहरे से ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित
    दिल्ली से प्रदेश में आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग कोहरा के कारण प्रभावित हो रही है। खासकर मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जन शताब्दी जैसी ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं। मालवा एक्सप्रेस भोपाल में 5 से 6 घंटे तक देरी से पहुंच रही है।

    जनवरी में कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड
    इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी के रिकॉर्ड टूटे हैं। जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भोपाल में इस साल ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में प्रदेश में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आती है।

    एमपी के बड़े शहरों में ठंड का ट्रेंड
    भोपाल में जनवरी में रात का तापमान 0.6 डिग्री तक पहुंच चुका है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और भोपाल में दिन में भी ठंड का असर रहता है। पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर और जनवरी में सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड और कोहरा सामान्य है।

  • इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी

    इंदौर में सर्द हवाओं से ठिठुरन अगले हफ्ते तक कोहरे और कड़ाके की ठंड का सामना करेंगे शहरवासी


    इंदौर । इंदौर में इन दिनों सर्द हवाओं और घने कोहरे ने शहरवासियों को ठिठुरन का अहसास करा दिया है। रविवार की सुबह भी कोहरे ने इंदौर को अपनी चपेट में लिया और शनिवार को भी कोहरा छाया हुआ था जिसके कारण दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई थी। इस घने कोहरे के कारण इंदौर एयरपोर्ट से दो दर्जन उड़ानें प्रभावित हुईं।

    उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण शहरवासियों को दिन और रात दोनों समय ठंडक का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में अगले एक हफ्ते तक कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। 4 से 6 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है।

    वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इंदौर में नमी आ रही है और उत्तरी हवाओं की वजह से ठंडक का असर दिन में भी महसूस हो रहा है। हालांकि तीन दिन बाद हवाओं का रुख पश्चिमी होने से तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। 10 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बनेगा जिसके प्रभाव से इंदौर का तापमान बढ़ सकता है।

    शुक्रवार रात तीन बजे से शनिवार सुबह 4.30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा और इस दौरान दृश्यता 100 मीटर तक सिमट गई। दिन में धूप भी बहुत कम समय के लिए निकली और अधिकांश समय बादल छाए रहे। शनिवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था।भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक इंदौर में शीतलता बरकरार रहेगी। रविवार तक कोहरे का असर जारी रहेगा और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

  • उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी

    उत्तर भारत में सर्दी की मार, कोहरे और बर्फबारी से जीवन प्रभावित, शीतलहर के कारण अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत के कई हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दिल्ली उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और अन्य मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर ने दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश

    दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में इस समय घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री सेल्सियस के आसपास है जबकि अधिकतम तापमान 16-18 डिग्री तक पहुँच रहा है। कोहरे की वजह से हवाई और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है कई उड़ानें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा यूपी के लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यूपी के लगभग 30 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है और 4-6 जनवरी तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है।

    पंजाब और हरियाणा

    पंजाब और हरियाणा में भी घना कोहरा और शीतलहर जारी है। यहां विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीतलहर की स्थिति को 6 जनवरी तक जारी रहने का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान इन क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे जा चुका है और ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश

    जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। गुलमर्ग सोनमर्ग पहलगाम और अन्य ऊपरी इलाकों में नए साल के मौके पर ताजा बर्फबारी हुई है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में ‘चिल्लई कलां’ के दौरान कड़ाके की ठंड ने तापमान को और नीचे गिरा दिया है लेकिन पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली रोहतांग पास लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है जिससे ठंड का असर बढ़ा है लेकिन पर्यटकों की भीड़ बनी हुई है।

    कोहरा और ठंड की चुनौती

    उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लखनऊ समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। घना कोहरा और शीतलहर का प्रभाव कृषि ट्रांसपोर्ट और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ा है और इससे बचने के लिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई खास राहत की उम्मीद नहीं जताई गई है इसलिए उत्तर भारत के लोग खासकर यात्री और स्कूलों के छात्र अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें।

  • MP में कड़ाके की ठंड इंदौर में पारा 4.5°C 10 साल में सबसे कम तापमान शीतलहर का असर

    MP में कड़ाके की ठंड इंदौर में पारा 4.5°C 10 साल में सबसे कम तापमान शीतलहर का असर


    इंदौर। मध्यप्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बुधवार-गुरुवार की रात को तापमान फिर से 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। खासकर इंदौर जो आम तौर पर ठंडे शहरों में आता है इस बार पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5°C दर्ज किया गया जो पिछले 10 सालों में सबसे कम तापमान है। वहीं पचमढ़ी में तापमान 4.8°C रहा। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी ठंड का असर दिखा जैसे भोपाल 6.6°C ग्वालियर 9.2°C उज्जैन8.2°C और जबलपुर 8.5°C । मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा।

    ठंड की वजह क्या है

    मौसम विभाग का कहना है कि जेट स्ट्रीम का प्रभाव इस ठंड का मुख्य कारण है। यह तेज हवा 12 किमी की ऊंचाई पर 222 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में यह हवा ठंड को और बढ़ा रही है। इसके अलावा बर्फीली हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्यप्रदेश में ठंड की स्थिति को और तीव्र कर रहा है। बुधवार को भोपाल इंदौर राजगढ़ शाजापुर सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया।

    पिछले कुछ वर्षों में सर्दी का रिकॉर्ड

    इस साल नवंबर में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ा। भोपाल में नवंबर की शीतलहर ने 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ा जबकि इंदौर में 25 सालों में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी। दिसंबर में भी यह सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। इस साल के सर्दी के मौसम में सबसे कम तापमान 5.2°C दर्ज किया गया।

    दिसंबर में सर्दी का ट्रेंड

    मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड सबसे ज्यादा होती है। इन महीनों में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं जिससे तापमान में गिरावट आती है। इस बार ला नीना का प्रभाव भी सर्दी को बढ़ा रहा है। यह स्थिति ऐसे मौसम सिस्टम्स के कारण है जो पश्चिमी विक्षोभ के रूप में सक्रिय रहते हैं। इन सिस्टम्स के कारण मावठा यानी हल्की सर्दी की बारिश भी होती है जिससे ठंड और तेज हो जाती है।

    किस क्षेत्र में ज्यादा सर्दी रहेगी

    इस बार सर्दी का असर ग्वालियर चंबल और उज्जैन संभाग में अधिक रहेगा जहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। भोपाल सीहोर और विदिशा में भी ठंड का असर ज्यादा रहेगा। सागर संभाग निवाड़ी छतरपुर टीकमगढ़ पन्ना और रीवा में तेज ठंड रहेगी। जबलपुर और इंदौर के इलाके भी शीतलहर के असर में रहेंगे।

    ठंड का असर कब तक रहेगा

    मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर के अंत तक सर्दी का असर बना रहेगा। 20-22 दिन तक कोल्ड वेव चलने की संभावना है और जनवरी में यह ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय रहने से सर्दी में और भी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही बर्फीली हवाएं और ला नीना का असर इस ठंड को लंबा खींच सकता है।

    मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में सर्दी

    भोपाल में अब तक 3.1°C तापमान का रिकॉर्ड सबसे कम रहा है। 1966 में यह तापमान दर्ज किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में भी दिसंबर में सर्दी ने अपने रिकॉर्ड तोड़े हैं। इंदौर में भी 25 सालों बाद इतनी कड़ी ठंड पड़ी है। मध्यप्रदेश में इस साल की ठंड ने आमजन को प्रभावित किया है और तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। जेट स्ट्रीम बर्फीली हवाएं और ला नीना जैसे मौसम प्रभाव ठंड को और तीव्र बना रहे हैं। इस ठंड का असर दिसंबर के अंत तक और बढ़ने की संभावना है जिससे ग्वालियर भोपाल उज्जैन सागर इंदौर जैसे इलाकों में ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना है।