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  • PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात

    PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात


    मेरठ ।
    क्रांति की धरती मेरठ (Meerut.) एक बार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) रविवार को मेरठ के 135 मिनट के प्रवास के दौरान ‘नमो भारत’ (RRTS) और ‘मेरठ मेट्रो’ (Meerut Metro) की बड़ी सौगात देंगे। यह न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर परिवहन तकनीक का एक अनूठा उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जा रही इस परियोजना की कई ऐसी विशेषताएं हैं जो इसे देश के अन्य शहरों से अलग बनाती हैं।

    भारत में पहली बार एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैक पर ‘नमो भारत’ (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और ‘मेरठ मेट्रो’ का संचालन होगा। मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में से एक होगी, जिसकी डिजाइन स्पीड 135 किमी/घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 120 किमी/घंटा तक हो सकती है। साहिबाबाद से मेरठ के बीच का सफर अब मिनटों में तय होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच की दूरी का अहसास खत्म हो जाएगा। नमो भारत और मेट्रो के स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं जैसे—प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSDs), हाई-स्पीड वाईफाई और स्मार्ट टिकटिंग से लैस किया गया है।


    सीएम योगी ने किया निरीक्षण

    उद्घाटन कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने मेरठ पहुंचकर रैपिड के प्रोजेक्ट साइट शताब्दीनगर, मेरठ साउथ स्टेशन और कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। दोनों स्टेशनों का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने जनसभा स्थल पर अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा। Xइस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात और बुनियादी ढांचे के इतिहास में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) यानी ‘रैपिड मेट्रो’ के नए खंड का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।


    जनसभा और संबोधन

    उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग 50 मिनट के इस भाषण में वह मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भविष्य के विजन को साझा करेंगे। मेरठ आगमन से लेकर प्रस्थान तक प्रधानमंत्री 105 मिनट मेरठ की धरती पर रहेंगे, जो शहर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है।


    रूट डायवर्जन

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मेरठ में रविवार को रूट डायवर्जन रहेगा। सुबह छह से शाम छह बजे तक दिल्ली-देहरादून हाइवे पर गाजियाबाद-मेरठ के बीच वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहन चलते रहेंगे। मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को हापुड़ होकर गाजियाबाद भेजा जाएगा। एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट पर रखा गया है।


    मेरठ से दिल्ली जाने वाले वाहन

    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन दिल्ली रोड नहीं जाएंगे। सभी वाहन मेरठ शहर से मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल से एनएच-58 से होकर काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए जा सकेंगे।
    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से दिल्ली जा सकेगे।


    दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन

    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए मेरठ शहर आ सकेंगे।
    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड से बिजली बंबा चौराहे से मेरठ शहर में आ सकेंगे।
    – मेरठ से दिल्ली आने/जाने वाले वाहन परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर मे प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
    – यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाएं एंव एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेगी।
    – मोदीनगर से मेरठ की ओर भी कोई भी वाहन नहीं आने दिया जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से जाएंगे।
    – एनएच-58 पर परतापुर इंटरचेंज से मोदीनगर-दिल्ली की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से आएंगे-जाएंगे।


    एटीएस और एसटीएफ समेत इंटेलिजेंस यूनिट अलर्ट

    एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट किया गया है। सुरक्षा का पूरा जिम्मा एसपीजी ने संभाला हुआ है। लोकल इनपुट को लेकर टीम और स्थानीय पुलिस अलर्ट है। सभास्थल के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस की निगरानी में रखा जाएगा।

  • दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में लगी भीषण आगपति-पत्नी और बेटी की जलकर मौत

    दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में लगी भीषण आगपति-पत्नी और बेटी की जलकर मौत


    नई दिल्ली । दिल्ली के बाहरी इलाके के आदर्श नगर में स्थित दिल्ली मेट्रो के स्टाफ क्वार्टर में एक भयंकर आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्य जलकर मर गए। यह दर्दनाक घटना बीती रात 2:39 बजे हुईजब दमकल विभाग को सूचना मिली कि डीएमआरसी के स्टाफ क्वार्टर में आग लग गई है। तुरंत बाद दमकल की छह गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईंलेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दमकल विभाग के अनुसारआग पांचवीं मंजिल पर लगी थी। जब उनकी टीम ने आग बुझाई और अंदर प्रवेश कियातो उन्होंने तीन जले हुए शव पाए।
    मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय38 वर्षीय नीलम और उनकी 10 वर्षीय बेटी जान्हवी के रूप में हुई है। परिवार के अन्य सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति मौके पर नहीं थाऔर यह तीनों एक कमरे में सो रहे थे जब यह दुर्घटना हुई।दमकल विभाग ने आग के कारणों के बारे में जानकारी दी है कि यह घरेलू सामान में आग लगने की सूचना थीलेकिन आग के स्रोत और कारण की पूरी जांच अभी की जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी हैऔर फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके।

    इस दुखद घटना ने न केवल उस परिवार को नुकसान पहुँचायाबल्कि समूचे इलाके को भी झकझोर दिया है। लोग इस घटना के कारणों और सुरक्षा के मानकों पर सवाल उठा रहे हैं।यह घटना मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की आवश्यकता को भी उजागर करती है।दमकल विभाग और पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर लगातार जांच कर रहे हैं।

    वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह आग कोई शॉर्ट सर्किट या किसी और तकनीकी कारण से लगी थीया फिर यह कोई और कारण हो सकता है।फिलहालहादसे के बाद आसपास के लोगों और स्थानीय प्रशासन में भी चिंता का माहौल है। इस हादसे ने यह भी दिखाया कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में आग जैसी घटनाओं से बचने के लिए और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत हैविशेष रूप से ऐसी इमारतों में जहां परिवार रहते हैं।

  • MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक

    MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में घनी आबादी वाले क्षेत्र में मेट्रो (Metro) जमीन के नीचे से गुजरेगी। पहले इसे एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated corridor) के रूप में बनाया जाना था। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने रविवार को इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने महाराजा यशवंतराव अस्पताल की नई इमारत की आधारशिला भी रखी।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि इंदौर के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरने वाली 3.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन अब एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय भूमिगत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्ग में बदलाव से होने वाली लगभग 900 करोड़ रुपए की अतिरिक्त अनुमानित लागत राज्य सरकार वहन करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर मेट्रो परियोजना में 31.32 किलोमीटर लंबे मार्ग की परिकल्पना की गई थी, जिसकी प्रस्तावित लागत 7500.8 करोड़ रुपए थी।

    शहर में मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य 2019 से चल रहा है, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इस परियोजना को लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों के लोगों ने व्यावसायिक गतिविधियों में व्यवधान का हवाला देते हुए परियोजना का विरोध किया था।

    मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को राज्य की वित्तीय राजधानी इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमने निर्णय लिया है कि शहर में मेट्रो रेल लाइन के एक महत्वपूर्ण हिस्से का निर्माण अब भूमिगत किया जाएगा। यह निर्णय बेहतर यातायात प्रबंधन, जनसुविधा और शहर के विकास एवं सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मेट्रो परियोजना की लागत में 800-900 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी जिसे राज्य के खजाने से वहन किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि खजराना चौक और रेलवे स्टेशन के बीच 3.3 किलोमीटर का मेट्रो मार्ग भूमिगत चलेगा। यहां पहले एक एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव था। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और इसमें आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित इंदौर महानगर क्षेत्र का विस्तार करने का भी निर्णय लिया गया। यह अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। उन्होंने कहा कि महानगर क्षेत्र में इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों के कुछ हिस्से भी शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर महानगर क्षेत्र को व्यापार, उद्योग और पर्यटन के एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने शहर में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाईएच) की नई इमारत की आधारशिला भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि 773 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस इमारत में 1450 मरीजों के लिए बेड की सुविधा होगी। एमवाईएच राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है।

  • भोपाल में पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर होगी बैठककेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल

    भोपाल में पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर होगी बैठककेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल


    भोपाल । भोपाल में 20 दिसंबर को पांच राज्यों के शहरी विकास की नई योजनाओं पर एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रीमनोहर लाल खट्टरसहित मध्य प्रदेशदिल्लीउत्तर प्रदेशमहाराष्ट्रऔर छत्तीसगढ़ के शहरी विकास मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य इन राज्यों में शहरी विकास के रोडमैप को तैयार करना है और इसके साथ ही विभिन्न शहरी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा करना है।

    बैठक का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया जाएगा। इसमें पांचों राज्य अपने नवाचारोंशहरी विकास योजनाओंऔर केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी चर्चा करेंगे। मध्य प्रदेश की ओर से पीएम आवासलीगेसी वेस्टऔर शहरी विकास योजनाओं पर किए गए कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा।

    इसके अलावाइस बैठक में भूमि विकास नियमों में संशोधनग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास पर भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। खासकर20 दिसंबर से भोपाल में मेट्रो का संचालन आम लोगों के लिए शुरू हो जाएगाजिसका लोकार्पण कार्यक्रम मिंटो हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवसुभाष नगर मेट्रो डिपो या एम्स मेट्रो स्टेशन जाकर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    भोपाल मेट्रो की शुरुआत

    भोपाल मेट्रो के पहले चरण में 7.5 किलोमीटर लंबा ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर शुरू किया जाएगा। यह रूट एम्स मेट्रो स्टेशन से लेकर सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक होगा। इस मेट्रो रूट के शुरू होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच यात्रा समय भी काफी घट जाएगा।सूत्रों के अनुसारप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हो सकते हैं।
    कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश मेट्रो कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा हैऔर इस कार्यक्रम में शहरी विकास के क्षेत्र में नई दिशा निर्धारित की जाएगी।भोपाल में 20 दिसंबर को पांच राज्यों के शहरी विकास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगीजिसमें केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा होगी। साथ हीभोपाल मेट्रो का लोकार्पण भी इसी दिन होगाजो शहर में यात्रा के नए दौर की शुरुआत करेगा।