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  • ट्रंप ने ईरानी तेल और खार्ग द्वीप पर कब्जे की दी धमकी, यूरेनियम ऑपरेशन के दिए संकेत

    ट्रंप ने ईरानी तेल और खार्ग द्वीप पर कब्जे की दी धमकी, यूरेनियम ऑपरेशन के दिए संकेत

    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर फिर से गंभीर बयान दिया है। खार्ग द्वीप को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका वहां कब्जा कर सकता है और ईरान का तेल हासिल करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। फाइनेंशियल टाइम्स के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “सच कहूं तो, मेरी सबसे पसंदीदा चीज़ ईरान का तेल लेना है।”

    कूटनीति और बातचीत

    ट्रंप के बयान ऐसे समय में आए हैं जब इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि ईरान के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बातचीत दोनों चल रही हैं, जिसमें पाकिस्तानी दूतों के माध्यम से संवाद भी शामिल है। ट्रंप ने कहा कि ये वार्ताएं अपेक्षाकृत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

    यूरेनियम ऑपरेशन की योजना

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप ईरान से लगभग 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए एक सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं। यह एक जटिल और जोखिम भरा मिशन होगा, जिसमें अमेरिकी सेना को देश के अंदर कई दिन या उससे अधिक समय तक रहना पड़ सकता है।
    अधिकारियों ने यह भी बताया कि ट्रंप ने अभी तक इस अभियान के आदेश पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन आम तौर पर वे इसे सकारात्मक रूप से देख रहे हैं ताकि ईरान को परमाणु हथियार निर्माण से रोका जा सके।

    होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर

    ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पाकिस्तान के झंडे वाले तेल टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी है और इन्हें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इस व्यवस्था को ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ ने मंजूरी दी है। ट्रंप ने कहा, “कल सुबह से हमें होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते तेल से भरे 20 बड़े जहाज़ मिलेंगे।”

    खार्ग द्वीप पर सैन्य तैयारी

    ट्रंप ने कहा कि ईरान की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और अमेरिका इसे आसानी से अपने कब्ज़े में ले सकता है। पेंटागन ने पहले ही 10,000 प्रशिक्षित सैनिकों की तैनाती का आदेश दे दिया है। शुक्रवार को लगभग 3,500 सैनिक इस क्षेत्र में पहुंचे और 2,200 अन्य मरीन रास्ते में हैं। 82वीं एयरबोर्न डिवीज़न के हजारों सैनिक भी तैनात किए जा रहे हैं।

    सैन्य विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि खार्ग द्वीप पर कोई भी हमला बेहद जोखिम भरा होगा। इससे अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का खतरा बढ़ सकता है और संघर्ष लंबा खिंच सकता है। साथ ही, यह दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक को भी खतरे में डाल सकता है।

  • Israel ने ईरान के प्रमुख इलाकों में एयर स्ट्राइक की, तेहरान, करज और इस्फहान प्रभावित

    Israel ने ईरान के प्रमुख इलाकों में एयर स्ट्राइक की, तेहरान, करज और इस्फहान प्रभावित

     

    नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में कम से कम दो धमाकों की आवाज सुनी गई। एयर स्ट्राइक का असर राजधानी के आसपास के इलाकों शहर-ए-रे और कर्ज पर भी पड़ा। साथ ही, दक्षिणी ईरान के ऐतिहासिक शहर इस्फहान में भी एयर स्ट्राइक की खबर है। जल्द ही, इन हमलों में किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने इन हमलों की पुष्टि की और कहा कि यह स्ट्राइक ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक सरकार के ठिकानों को असर बनाने के लिए की गई है।
    IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि उनका हमला बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के सात इलाकों को खाली करने के नोटिस के साथ जारी है। इन इलाकों में हिजबुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से हमले होंगे। अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च से इजरायल के हमलों में लेबनान में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इस हफ़्ते की शुरुआत में, IDF ने दावा किया कि उसने ईरान के बासिज इंटेलिजेंस चीफ इस्माइल अहमदी और एक अन्य सीनियर अधिकारी को मार गिराया।
    इससे पहले केवल जांच चल रही थी, लेकिन अब इजरायल ने इस बात की पुष्टि कर दी है। IDF ने बताया कि तेहरान के बीचों-बीच बासिज यूनिट के सीनियर कमांडर गुलाम रेजा सुलेमानी सहित कई सीनियर अधिकारियों को भी हवाई हमले में फंसाया गया।

    इजरायली के अनुसार, अहमदी ने इस साल की शुरुआत में ईरान में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन प्रदर्शनकारियों में हजारों लोगों की मौत हुई, और इजरायल का दावा है कि अहमदी इसमें शामिल था।

    आंकड़ों के अनुसार, इजरायली इन हमलों के माध्यम से ईरानी सत्ता पर अधिकारियों की पकड़ को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। हाल के हमलों में कई बड़े ईरानी अधिकारी मारे गए हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं।

    ईरानी अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के एयर स्ट्राइक यह संकेत देते हैं कि इजरायल अब केवल सीमांत या मध्य पूर्व तक ही सीमित नहीं रहना चाहता है, बल्कि वह ईरान के आंतरिक सुरक्षा आयाम और इंटेलिजेंस नेटवर्क को भी प्रभावित बना रहा है।

    विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई मध्य पूर्व की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के आंकड़ों से गंभीर है। यदि तनाव इसी तरह बढ़ता है, तो यह सीधे तौर पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और सैन्य रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।

    इस बीच, ईरानी मीडिया ने केवल धमाकों की पुष्टि की है लेकिन हमले के प्रभाव और हताहतों की जानकारी साझा नहीं की है। इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अभी भी स्थिति की पूरी संभावनाओं का आकलन कर रहा है।

    संक्षेप में, इजरायल के हमले यह दबाव हैं कि मध्य पूर्व में संघर्ष अब सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि ईरान के मुख्य शहरों और वरिष्ठ अधिकारियों तक फैल चुका है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीतिक संतुलन पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।