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  • कमोडिटी मार्केट में हलचल: तनाव के बीच सोने-चांदी के दाम फिसले

    कमोडिटी मार्केट में हलचल: तनाव के बीच सोने-चांदी के दाम फिसले


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयानों के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आमतौर पर ऐसे हालात में निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं, लेकिन इस बार बाजार में वैसी मजबूती नजर नहीं आई।

    MCX पर गिरावट के साथ खुला सोना-चांदी

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना पिछले बंद भाव 1,49,981 रुपये के मुकाबले 222 रुपये गिरकर 1,49,759 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, 5 मई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1,379 रुपये गिरकर 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। शुरुआती कारोबार में दोनों धातुओं में कमजोरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

    दिनभर उतार-चढ़ाव, स्थिरता नहीं

    दोपहर करीब 12:13 बजे तक सोना 175 रुपये यानी 0.12% गिरकर 1,49,806 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। दिन के दौरान यह 1,50,474 रुपये के उच्चतम स्तर तक गया, जबकि 1,49,201 रुपये तक नीचे भी आया।

    इसी तरह चांदी भी 813 रुपये यानी 0.35% गिरकर 2,32,566 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इंट्रा-डे में चांदी ने 2,35,547 रुपये का उच्चतम और 2,31,503 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ।

    ‘सेफ हेवन’ डिमांड कमजोर क्यों?

    विश्लेषकों का कहना है कि आमतौर पर तनाव के समय सोने-चांदी में निवेश बढ़ता है, लेकिन इस बार “सेफ-हेवन” डिमांड उतनी मजबूत नहीं दिख रही। बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जहां निवेशक स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि कीमतें एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रही हैं।

    चांदी के लिए अहम स्तर

    एमसीएक्स पर चांदी फिलहाल 2,31,000 से 2,33,000 रुपये के दायरे में कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक 2,33,000–2,34,000 रुपये का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है तो कीमतों में तेजी आ सकती है, लेकिन 2,30,000 रुपये के नीचे जाने पर तेज गिरावट देखने को मिल सकती है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिला-जुला रुख

    वैश्विक बाजार में कीमती धातुएं लगभग स्थिर रहीं। COMEX पर गोल्ड 3.36 डॉलर की मामूली गिरावट के साथ 4,681.34 डॉलर पर रहा, जबकि सिल्वर 0.09 डॉलर की बढ़त के साथ 72.94 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। स्पॉट मार्केट में सोना हल्की बढ़त के साथ 4,653 डॉलर पर पहुंचा, जबकि चांदी मामूली गिरावट के साथ 72.78 डॉलर पर रही।

    ईरान-हॉर्मुज तनाव और कच्चे तेल में उछाल

    कीमतों में यह उतार-चढ़ाव उस समय देखने को मिला, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 1.69% बढ़कर 111.63 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 3% से ज्यादा चढ़कर 116.56 डॉलर तक पहुंच गया।

    बाजार की नजर आगे क्या?

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी नीतियां ही तय करेंगी कि सोने-चांदी की दिशा क्या होगी। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और हर बड़े अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।

  • मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट

    मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय बाजार पर असर, BSE Sensex में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही बाजार दबाव में नजर आया और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। सुबह करीब 9:19 बजे BSE Sensex 963 अंक यानी लगभग 1.25 प्रतिशत गिरकर 75,899 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 303 अंक यानी करीब 1.27 प्रतिशत फिसलकर 23,563 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला।

    कई सेक्टरों में दिखा भारी दबाव
    शुरुआती कारोबार में बाजार के लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट देखी गई। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। निवेशकों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हुए कई सेक्टरों में मुनाफावसूली की। इस वजह से बाजार का मूड नकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
    केवल लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट का असर देखा गया। Nifty Midcap 100 इंडेक्स करीब 1,070 अंक यानी 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,390 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty Smallcap 100 इंडेक्स लगभग 286 अंक यानी 1.75 प्रतिशत गिरकर 16,127 पर पहुंच गया। इससे साफ है कि बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक स्तर पर देखने को मिला।

    सेंसेक्स के कई बड़े शेयरों में गिरावट
    सेंसेक्स पैक के कई बड़े शेयर शुरुआती कारोबार में नुकसान में दिखाई दिए। इनमें प्रमुख रूप से Mahindra & Mahindra, Tata Steel, ICICI Bank, Titan Company, Larsen & Toubro, Maruti Suzuki, Bajaj Finance, State Bank of India, Axis Bank, Infosys और HDFC Bank जैसे शेयर शामिल रहे। दूसरी ओर आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जहां Tech Mahindra और HCLTech हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

    एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत
    वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले हैं। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजार जैसे Nikkei 225, Shanghai Composite, Hang Seng Index और KOSPI भी गिरावट के साथ खुले। वहीं अमेरिका में भी पिछला कारोबारी सत्र कमजोर रहा, जहां Dow Jones Industrial Average लाल निशान में बंद हुआ था। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

    कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
    बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी भी है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक Brent Crude लगभग 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था, जबकि WTI Crude भी करीब 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी बना हुआ है। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 6,267.31 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार को कुछ सहारा देते हुए लगभग 4,965.53 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में गिरावट का रुख बना रहा।