Tag: Military Conflict

  • म्यांमार के रखाइन में बाजार के पास हवाई हमला, 49 लोगों की मौत, 58 घायल; 22 की हालत गंभीर

    म्यांमार के रखाइन में बाजार के पास हवाई हमला, 49 लोगों की मौत, 58 घायल; 22 की हालत गंभीर

    नई दिल्ली। म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य में स्थानीय बाजार के पास हुए हवाई हमले में कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई, जबकि 58 अन्य घायल बताए गए हैं। क्याउक्ताव टाउनशिप में सोमवार दोपहर हुए इस हमले में बाजार में सामान बेच रहे व्यापारी, खरीदारी करने पहुंचे लोग और राहगीर भी चपेट में आ गए। घायलों में 22 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, हताहतों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

    अराकान आर्मी की ओर से मंगलवार तड़के जारी बयान के मुताबिक, सोमवार दोपहर एक लड़ाकू विमान ने क्याउक्ताव टाउनशिप में स्थित स्थानीय बाजार के पास दो बम गिराए। संगठन के अनुसार, हमले में 49 लोगों की मौत हुई और 58 लोग घायल हुए। घायलों में 22 की स्थिति गंभीर बताई गई है। रखाइन में बचाव कार्य से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी वाई हुन आंग ने भी घटनास्थल पर मौजूद बचावकर्मियों के हवाले से हताहतों की संख्या की पुष्टि की। हमले के बाद प्रभावित इलाके में बचाव और राहत से जुड़े प्रयास किए गए।

    क्याउक्ताव टाउनशिप म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य में स्थित है और इस क्षेत्र पर शक्तिशाली जातीय सशस्त्र संगठन अराकान आर्मी का नियंत्रण है। यह इलाका मांडले से करीब 340 किलोमीटर पश्चिम में है। हमले की चपेट में आया बाजार पूरे रखाइन राज्य के प्रमुख थोक केंद्रों में शामिल बताया गया है। यहां अलग-अलग इलाकों से व्यापारी और खरीदार पहुंचते थे। बचाव कार्य से जुड़े अधिकारी वाई हुन आंग ने इस हमले को रखाइन में हुए सबसे घातक हवाई हमलों में से एक बताया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    हमले के बाद अराकान आर्मी ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जल्द प्रभावी जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इस घटना को म्यांमार में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच हुई एक बड़ी हिंसक घटना के तौर पर बताया गया है। क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और सशस्त्र संगठनों के बीच संघर्ष के कारण आम लोगों की सुरक्षा लगातार प्रभावित होती रही है। बाजार जैसे सार्वजनिक स्थान पर हमले के कारण बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

    म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को सेना द्वारा आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद से संघर्ष जारी है। सैन्य शासन के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद कई लोकतंत्र समर्थक समूहों ने हथियार उठा लिए थे। इसके बाद सेना और विभिन्न विद्रोही संगठनों के बीच संघर्ष तेज हुआ। देश के कई हिस्सों में हवाई हमलों और सशस्त्र झड़पों की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी जारी संघर्ष के बीच पश्चिमी रखाइन राज्य के क्याउक्ताव टाउनशिप में बाजार के पास हुए इस हवाई हमले में 49 लोगों की मौत और 58 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

  • ट्रंप का दावा: अमेरिकी हमलों में ईरान की नौसेना और वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह नष्ट, अभियान अभी जारी

    ट्रंप का दावा: अमेरिकी हमलों में ईरान की नौसेना और वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह नष्ट, अभियान अभी जारी


    नई दिल्ली । वाशिंगटन से रवाना होते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को इतनी भयंकर क्षति पहुँचाई है कि अब वहां कुछ भी सुरक्षित नहीं बचा है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान की नौसेना की पूरी क्षमता और उसकी वायु रक्षा प्रणाली अब पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

    ट्रंप के अनुसार अमेरिकी हमलों ने ईरानी एयरबेस, नौसैनिक जहाजों और रडार सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता भी इस अभियान में प्रभावित हुए हैं, जिससे नेतृत्व संकट उत्पन्न हो गया है। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अमेरिकी सेना की ताकत और कार्यक्षमता की तारीफ करते हुए इसे विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना बताया।

    दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने कुछ महत्वपूर्ण ईरानी ठिकानों को जानबूझकर सुरक्षित छोड़ दिया है। उनके अनुसार, यदि अमेरिका चाहे तो केवल एक घंटे में उन बचे हुए ठिकानों को भी पूरी तरह से नष्ट कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई ईरान के लिए अपने देश को फिर से खड़ा करना लगभग असंभव बना देगी।

    ट्रंप ने यह साफ किया कि अमेरिकी हमले केवल जवाबी कार्रवाई नहीं थे, बल्कि ईरान की सैन्य क्षमता को जड़ से समाप्त करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थे। उनके अनुसार ईरान की नौसेना के अधिकांश जहाज अब समुद्र की गहराई में डूब चुके हैं और वायुसेना भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है। इस बयान से स्पष्ट होता है कि अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से पंगु बनाने की पूरी योजना बनाई है।

    पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिकी कार्रवाई अब रोक दी जाएगी। ट्रंप ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि अभियान अभी जारी है और सेना आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा संदेश है कि अमेरिका की सुरक्षा से खिलवाड़ भारी पड़ेगा। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिसे अमेरिका ने पहले कभी नहीं देखा।

    विश्व के रक्षा विशेषज्ञ और राजनेता अब ट्रंप के इस दावे पर बहस कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और सैन्य पटल पर हलचल मचा दी है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि ईरान इस विनाशकारी दावे और सैन्य क्षति के बारे में क्या प्रतिक्रिया देता है।