Tag: Milk price hike

  • धार्मिक भावनाओं का हवाला देकर उठी दुकानें बंद कराने की मांग, दूध के बढ़ते दामों पर भी जताई नाराजगी

    धार्मिक भावनाओं का हवाला देकर उठी दुकानें बंद कराने की मांग, दूध के बढ़ते दामों पर भी जताई नाराजगी


    जबलपुर । जबलपुर में देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों के नाम पर संचालित मांस और मछली की दुकानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू धधार्मिकर्म सेना ने ऐसी दुकानों के नाम पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े नामों का इस्तेमाल मांस और मछली की दुकानों के लिए किया जाना उचित नहीं है। इस मुद्दे को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दुकानों के नाम बदलवाने के साथ ही दूध की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग भी उठाई गई।

    हिंदू धर्म सेना के अध्यक्ष नीरज राजपूत ने कहा कि शहर के घंटाघर सहित कई इलाकों में मांस और मछली बेचने वाली दुकानों के नाम देवी-देवताओं और पवित्र प्रतीकों से जुड़े हुए हैं। संगठन के मुताबिक ऐसे नामों से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। ज्ञापन में घंटाघर क्षेत्र की शुभ नॉनवेज दुकान और एक अन्य स्थान पर संचालित लक्ष्मी चिकन दुकान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। संगठन ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने की मांग की है।

    संगठन की मांग है कि शहर में ऐसी सभी दुकानों की सूची तैयार कराई जाए जिनके नाम धार्मिक मान्यताओं और देवी-देवताओं से जुड़े हैं। इसके बाद संबंधित दुकान संचालकों को नोटिस जारी कर नाम बदलने के लिए कहा जाए। हिंदू धर्म सेना का कहना है कि भविष्य में मांस और मटन की दुकानों के नाम रखने के दौरान भी धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। संगठन ने प्रशासन से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है जिससे आगे इस तरह के विवाद की स्थिति पैदा न हो।

    ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने चेतावनी भी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो हिंदू धर्म सेना खुद कदम उठाने के लिए मजबूर होगी। हालांकि संगठन की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। अब इस मामले में प्रशासन क्या रुख अपनाता है इस पर सभी की नजर रहेगी।

    ज्ञापन में केवल दुकानों के नाम का मुद्दा ही नहीं उठाया गया बल्कि आम लोगों से जुड़ी एक दूसरी समस्या पर भी ध्यान दिलाया गया। संगठन ने दूध की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से दाम नियंत्रित करने की मांग की। नीरज राजपूत ने कहा कि दूध के दाम अचानक बढ़ने से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। दूध रोजमर्रा की जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने का असर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी पर पड़ता है।

    संगठन का कहना है कि दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है। इसलिए प्रशासन को इस दिशा में भी जरूरी कदम उठाने चाहिए। हिंदू धर्म सेना ने मांग की है कि दूध के दामों की समीक्षा कर आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। अब जबलपुर प्रशासन के सामने एक ही ज्ञापन के जरिए धार्मिक भावनाओं और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़े दो मुद्दे रखे गए हैं। इन मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है।

  • दूध हुआ और महंगा: अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाई कीमतें, जानिए नया रेट

    दूध हुआ और महंगा: अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाई कीमतें, जानिए नया रेट


    नई दिल्ली। महंगाई का असर एक बार फिर आम जनता की रसोई पर साफ दिखाई देने लगा है। अमूल के बाद अब प्रमुख डेयरी ब्रांड Mother Dairy ने भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने 14 मई 2026 से पूरे दिल्ली-एनसीआर और अन्य बाजारों में दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है।

    कंपनी के अनुसार, यह निर्णय बढ़ती उत्पादन लागत और किसानों से दूध खरीदने की बढ़ी हुई कीमतों को संतुलित करने के लिए लिया गया है। पिछले एक साल में दूध उत्पादन की लागत में लगभग 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर कंपनियों के खर्चों पर पड़ा है।

    नई दरों के बाद अब उपभोक्ताओं को फुल क्रीम दूध के लिए 72 रुपये प्रति लीटर चुकाने होंगे, जबकि टोंड दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, गाय के दूध की कीमत भी बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। डबल टोंड दूध 54 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध रहेगा।

    कंपनी ने बताया कि वह अपने कुल रेवेन्यू का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे किसानों को भुगतान करती है। ऐसे में जब कच्चे दूध की खरीद कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका असर अंतिम उत्पाद की कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक हो जाता है।

    Mother Dairy का कहना है कि यह मूल्य वृद्धि केवल आंशिक है और उपभोक्ताओं पर बोझ को न्यूनतम रखने की कोशिश की गई है। कंपनी प्रतिदिन दिल्ली-एनसीआर में लाखों लीटर दूध की आपूर्ति करती है, जिससे यह बदलाव बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा।

    गौरतलब है कि इसी समय देश की एक और बड़ी डेयरी कंपनी Amul ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। दोनों प्रमुख ब्रांडों द्वारा एक साथ कीमतें बढ़ाने से बाजार में दूध महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर घरेलू बजट और महंगाई पर पड़ने की संभावना है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पशु आहार, ईंधन, पैकेजिंग सामग्री और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत ने डेयरी सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया है। यही कारण है कि कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुई हैं।

    दूसरी ओर, उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव चिंता का विषय बन गया है क्योंकि दूध रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा है और इसकी कीमत बढ़ने से मासिक खर्च में सीधा इजाफा होता है।

    कुल मिलाकर, Mother Dairy और Amul दोनों के फैसलों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में डेयरी उत्पादों की कीमतें और महंगी हो सकती हैं।