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  • मॉनसून सत्र का समापन, हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित संसद; लोकसभा एक मिनट, राज्यसभा एक घंटे चली

    मॉनसून सत्र का समापन, हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित संसद; लोकसभा एक मिनट, राज्यसभा एक घंटे चली


    नई दिल्ली । 
    संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार को हंगामे और नारेबाजी के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के साथ ही सत्र का औपचारिक समापन हो गया। सत्र के आखिरी दिन दोनों सदनों में राजनीतिक गतिरोध का असर साफ दिखाई दिया।

    लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के कुछ ही देर बाद भारी हंगामे के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। अंतिम दिन सदन की कार्यवाही लगभग एक मिनट ही चल सकी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेता सदन में मौजूद रहे।

    राज्यसभा में हालांकि लोकसभा की तुलना में अधिक समय तक कार्यवाही चली। उच्च सदन में करीब एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और विधायी कामकाज हुआ। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खान और खनिज संबंधी संशोधन विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए सदन में पेश किया।

    विधेयक पर चर्चा के बाद राज्यसभा ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी के साथ मॉनसून सत्र का समापन हो गया।

    सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। खड़गे ने कहा कि वह इस विषय को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते, लेकिन उन्हें अपने साथ अछूत जैसा व्यवहार किए जाने और अपमानित महसूस होने की बात कही।

    खड़गे ने कहा कि वह लंबे समय से संसद के सदस्य हैं और अनुसूचित जाति से आते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में किसी के सामने मदद या सुरक्षा के लिए इस तरह की गुहार नहीं लगाई और उनमें परिस्थितियों का सामना करने की ताकत है।

    खड़गे के आरोपों पर राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब दिया। नड्डा ने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो यह बेहद दुखद है और भारतीय जनता पार्टी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच कराने का भरोसा भी दिया।

    नड्डा ने कहा कि इस तरह की गतिविधि पूरे देश के लिए अफसोस की बात है और पार्टी इसकी निंदा करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित घटना की जांच की जाएगी और पार्टी स्तर पर भी मामले को देखा जाएगा।

    मॉनसून सत्र के अंतिम दिन सदनों की कार्यवाही का सीमित रहना विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जारी टकराव को भी दर्शाता है। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही स्थगन और राज्यसभा में विधायी कामकाज के बाद हंगामे के कारण कार्यवाही रोकना सत्र के अंतिम दिन की प्रमुख घटनाएं रहीं।

    दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के साथ ही संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हो गया। अंतिम दिन हुए घटनाक्रम में विधायी कामकाज के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी प्रमुखता से सामने आए।

  • चुटकी भर सेंधा नमक से मिलेगा राहत जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका

    चुटकी भर सेंधा नमक से मिलेगा राहत जानें इसके फायदे और सेवन का तरीका


    नई दिल्ली । नमक का प्रयोग हर भारतीय रसोई में आम है और बिना नमक के भोजन अक्सर बेस्वाद सा लगता है। आयोडीन नमक का सेवन तो अधिकांश घरों में होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राकृतिक रूप से मिलने वाला सेंधा नमक  शरीर के लिए कई फायदे प्रदान कर सकता है? यह नमक न केवल स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग होता है बल्कि इसमें कई खनिज और लवण पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। सेंधा नमक प्राकृतिक रूप से मिलता है और इसमें आयोडीन नमक के मुकाबले कम नमकीनता होती है। यह हल्का गुलाबी रंग का होता है लेकिन कभी-कभी सफेद भी हो सकता है। सेंधा नमक में सोडियम क्लोराइड कैल्शियम पोटैशियम मैग्नीशियम ब्रोमाइन और फ्लोराइन जैसे खनिज होते हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

    सेंधा नमक के फायदेपाचन में सहायता

    अगर पाचन में कोई समस्या हो या पेट में खराबी हो तो सेंधा नमक का सेवन मददगार साबित हो सकता है। यह पाचन रस के निर्माण को बढ़ावा देता है जिससे भोजन बेहतर तरीके से पचता है और पेट में किसी तरह का गड़बड़ नहीं होती। यह विशेष रूप से तब उपयोगी है जब पाचन अग्नि कमजोर हो।

    सर्दी जुकाम और खांसी

    सेंधा नमक सर्दी जुकाम और खांसी में भी राहत देता है। यह शरीर के भीतर जमा कफ को तोड़ने में मदद करता है। इसके सेवन के लिए सेंधा नमक को हल्दी या अदरक के साथ लिया जा सकता है जो जुकाम और खांसी को कम करने में सहायक है।

    सूजन में आराम

    अगर शरीर के किसी हिस्से में सूजन हो तो सेंधा नमक उसके लिए भी लाभकारी हो सकता है। यह अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद करता है और बाहरी सूजन के लिए सेंधा नमक के पानी से सेंकाई की जा सकती है।

    बीपी और रक्त संचार में सुधार

    बीपी के मरीजों के लिए सेंधा नमक सीमित मात्रा में फायदेमंद हो सकता है। यदि सही मात्रा में सेवन किया जाए तो यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है जिससे दिल की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है।

    दांतों का स्वास्थ्य

    अगर मसूड़ों में सूजन खून आना या दांतों से जुड़ी कोई परेशानी हो तो सेंधा नमक का उपयोग लाभकारी हो सकता है। आप इसे हल्दी और सरसों के तेल के साथ मिलाकर मसूड़ों पर मालिश कर सकते हैं जिससे सूजन कम होगी और खून आना भी बंद हो सकता है।

    सेंधा नमक का सेवन करने का तरीका

    सेंधा नमक का सेवन सामान्य नमक की तुलना में थोड़ी कम मात्रा में करना चाहिए। इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में जोड़ा जा सकता है जैसे सलाद में सब्जियों में या फिर उबले हुए पानी में। एक चुटकी सेंधा नमक को पानी में डालकर पिया जा सकता है जो शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने में मदद करता है।

    कौन लोग सेंधा नमक का सेवन नहीं करें

    हालांकि सेंधा नमक कई लाभ प्रदान करता है लेकिन कुछ लोगों के लिए इसका सेवन सुरक्षित नहीं हो सकता। गर्भवती महिलाओं थायरायड के मरीजों और किडनी की समस्या से ग्रस्त मरीजों को सेंधा नमक से परहेज करना चाहिए। सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है जो थायरायड और किडनी के मरीजों के लिए ठीक नहीं है। गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन की जरूरत होती है जो इस नमक में कम होता है। सेंधा नमक एक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है जो कई प्रकार की परेशानियों से राहत दिला सकता है। हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और कुछ विशेष स्थितियों में इससे बचना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी चीज़ का अत्यधिक सेवन शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।