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  • सुप्रीम कोर्ट में सरकार के जवाब से पहले विजय शाह का भावुक संदेश कहा सेना और समाज के प्रति कोई दुर्भावना नहीं

    सुप्रीम कोर्ट में सरकार के जवाब से पहले विजय शाह का भावुक संदेश कहा सेना और समाज के प्रति कोई दुर्भावना नहीं

    मध्यप्रदेश / कर्नल सोफिया को लेकर दिए विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके शब्द किसी महिला अधिकारी भारतीय सेना या किसी समाज के अपमान के उद्देश्य से नहीं थे बल्कि वे देशभक्ति के उत्साह और आवेश में निकल गए थे।

    विजय शाह ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार क्षमा याचना की है और आज एक बार फिर अंतकरण से माफी मांग रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक होती है और इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में वाणी पर पूर्ण नियंत्रण रहेगा और ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।

    उन्होंने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि एक छोटी सी त्रुटि से इतना बड़ा विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने भारतीय सेना के प्रति अपने सम्मान को दोहराते हुए कहा कि सेना के लिए उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है और रहेगा।

    यह विवाद पिछले साल 11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में दिए गए भाषण से शुरू हुआ था। एक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए मंत्री विजय शाह ने ऐसा बयान दिया जिसे लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई। विपक्षी दलों के साथ साथ पूर्व सैन्य अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने बयान को आपत्तिजनक बताया।

    मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा जहां मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति को लेकर मध्यप्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करना है। कोर्ट ने पहले ही राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। अब 9 फरवरी को इस मामले में अहम सुनवाई प्रस्तावित है।सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क दिया जा सकता है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख इस मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का भी रहा है।

    विजय शाह मामले की जांच एसआईटी कर रही है जिसमें प्रमोद वर्मा कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी अतिरिक्त समय की मांग कर चुकी है। इसी बीच मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस संबंध में दिल्ली पहुंचे हैं।सूत्र बताते हैं कि सरकार ने इस मामले में पार्टी नेतृत्व के साथ साथ अटॉर्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी कानूनी सलाह ली है। संभावना है कि 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदुओं पर सुनवाई होगी जबकि 11 फरवरी को अन्य पहलुओं पर विचार किया जा सकता है।

  • कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को फटकारा मंत्री विजय शाह की माफी पर उठाए सवाल

    कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को फटकारा मंत्री विजय शाह की माफी पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने नाराजगी जताई कि एसआईटी ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने 19 अगस्त 2025 से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का सख्त रुख

    CJI सूर्यकांत ने कहा कि एसआईटी ने पूरी जांच कर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश राज्य सरकार को भेजी थी।

    अब तक लंबित निर्णय के चलते कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं हो सकी।

    खुफिया विभाग के डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती से कोर्ट ने मामले के अन्य पहलुओं पर ध्यान रखने के निर्देश दिए।

    विजय शाह की माफी पर सवाल

    मंत्री की ओर से माफी पेश करने का दावा किया गया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में कोई माफीनामा मौजूद नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी को मगरमच्छ के आंसू बताते हुए इसे कानूनी राहत से अलग करार दिया।

    ऑनलाइन माफी पर भी कोर्ट ने असंतोष जताया और स्पष्ट किया कि ऐसे कदमों से कार्रवाई से राहत नहीं मिल सकती।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश

    मध्य प्रदेश सरकार को अभी तुरंत कार्रवाई करने और एसआईटी की सिफारिशों के मुताबिक मंजूरी देने का निर्देश।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब लंबित मामलों में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।