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  • मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर

    मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील इलाहाबाद HC ने की रद्द, कहा- कानून सबसे ऊपर


    नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिगों के विवाह से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ की व्यवस्थाएं बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों से ऊपर नहीं हो सकतीं। अदालत ने कहा कि देश में विवाह की न्यूनतम आयु से संबंधित कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

    जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में भले ही यौवन (प्यूबर्टी) को विवाह योग्य आयु माना गया हो, लेकिन यह प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम और पॉक्सो कानून के प्रभाव को समाप्त नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी कहा कि पॉक्सो अधिनियम बच्चों के साथ यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी में रखता है और किसी भी व्यक्तिगत कानून के आधार पर इससे छूट नहीं दी जा सकती।

    बुलंदशहर की घटना से जुड़ा मामला
    यह टिप्पणी अदालत ने रूबी और अन्य 18 लोगों की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है, जहां 16 वर्षीय मुस्लिम किशोरी का बाल विवाह रुकवाने पहुंची पुलिस और चाइल्डलाइन की रेस्क्यू टीम पर हमला करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप याचिकाकर्ताओं पर है।

    याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि शरिया कानून के अनुसार लड़की के यौवन प्राप्त करने के बाद, जिसे सामान्यतः 15 वर्ष माना जाता है, उसका विवाह कराया जा सकता है। उनका कहना था कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 उनके व्यक्तिगत कानून पर लागू नहीं होता।

    हाईकोर्ट ने दलील को किया खारिज
    अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि यदि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के विवाह को वैध माना जाए, तो वैवाहिक संबंधों के चलते पॉक्सो अधिनियम का सीधा उल्लंघन होगा। इसलिए किसी भी व्यक्तिगत कानून के आधार पर बाल विवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता।

    खंडपीठ ने माना कि इस विषय पर विभिन्न उच्च न्यायालयों के अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं, लेकिन उसने केरल हाईकोर्ट के उस मत से सहमति जताई, जिसमें कहा गया है कि कोई भी पर्सनल लॉ बाल विवाह पर लगे कानूनी प्रतिबंध को समाप्त नहीं कर सकता।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया उल्लेख
    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2025 के एक आदेश का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 संसद में लंबित रहने के दौरान इस विषय पर कुछ कानूनी प्रश्न उठे थे। हालांकि, 17वीं लोकसभा के भंग होने के साथ ही यह विधेयक स्वतः समाप्त हो गया और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।

    एफआईआर रद्द करने से किया इनकार
    अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि मामले में नाबालिग के परिजनों और अन्य लोगों द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है। साथ ही पुलिस और चाइल्डलाइन की टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने, उनके साथ अभद्रता और हमला करने के आरोपों की विस्तृत जांच आवश्यक है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को दिए अपने आदेश में एफआईआर रद्द करने से इनकार करते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।

  • MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित

    MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की (Minor Tribal Girl) के साथ गैंगरेप का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड पर जब पीड़िता होटल ढूंढ रही थी तब दो युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। वहां पहले से मौजूद एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर फरार हो गए। सुबह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।


    रात 12 बजे की घटना

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 12 बजे की है। लड़की अपने किसी जानने वाले के साथ बस स्टैंड आई थी। जब वह व्यक्ति चला गया तो लड़की रात गुजारने के लिए किसी होटल या लॉज को ढूंढने लगी। इसी बीच 2 लड़के वहां आए।


    लड़की के साथ मारपीट, किया अगवा; गैंगरेप

    आरोपी लड़कों ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। उस कमरे में पहले से ही एक और लड़का मौजूद था। वहां इन तीनों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी लड़की को पीटकर वहां से भाग गए।


    पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए बनाई 10 टीमें

    सुबह होते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। छतरपुर के सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।


    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपियों पर घोषित किया इनाम

    पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए ईनाम घोषित किया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। दावा किया है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला

    मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के महेश्वर निवासी मोनालिसा भोंसले के विवाह प्रकरण ने राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज कर दी है। फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के परिवार से मुलाकात की और उनकी शादी को “सुनियोजित लव जिहाद” का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मिश्रा ने बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी उनके सामने रखेंगे।

    मोनालिसा के परिवार का कहना है कि वह अभी नाबालिग हैं। उनके चाचा विजय भोंसले के अनुसार मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी दिखाया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी कहा कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का भी इस्तेमाल करता था।

    मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से देखेगा। मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम युवती को फंसाने का सुनियोजित तरीका है। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था, जिसका विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया।

    उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यह विवाह वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, जबकि कोई अन्य राज्य क्यों नहीं चुना गया। मिश्रा ने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती, तो क्या इसे इसी तरह प्रचारित किया जाता।

    मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उनकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार ने कहा कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में अपमान का सामना करना पड़ रहा है।

    फिल्म निर्देशक मिश्रा का कहना है कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि मोनालिसा का फंसाया जाना किसी संकल्पित स्क्रिप्ट की तरह किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई।

  • MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

    MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

    दमोह। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह जिले (Damoh district) से हत्या की

    Damoh

    खौफनाक वारदात का मामला सामने आया है, यहां एक शख्स ने हथौड़े से 15-20 वार कर नाबालिग (Minor) का सिर फोड़ दिया और उसकी नृशंस हत्या कर दी। आरोप है कि सिर फोड़ने के बाद आरोपी शख्स ने ना केवल नाबालिग का खून पिया, बल्कि उसका भेजा निकालकर भी खाया। इस वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है। वारदात की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। आरोपी अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल की सजा भी काट चुका है

    यह वारदात दमोह जिले में देहात थाना क्षेत्र में भाई दूज पर बहन के घर जा रहे एक नाबालिग के साथ हुई। इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा भाईदूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आ रहा था, लेकिन बहन के घर पहुंचने से पहले ही यहां गांव में रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने भरत के सिर पर पहले रॉड से हमला किया, फिर इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया है।


    कजिन बोला- उसने मेरे सामने भाई का भेजा खाया

    इस दौरान भरत के साथ मौजूद मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि हम रास्ते में पहुंचे ही थे कि आरोपी ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, मैं तो किसी तरह बच गया, लेकिन आरोपी ने मेरे सामने भरत की हत्या कर दी और उसका मांस (भेजा) खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया।


    वारदात के बाद आरोपी भागकर खेतों में छुपा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा और जाकर खेतों में छिप गया। ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी करते हुए उसे दबोचा। हालांकि आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। आरोपी की पहचान गुड्डा पटेल के रूप में हुई है।


    आरोपी ने 20 साल पहले की थी पत्नी की हत्या

    ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी गांव में ही घूमता रहता था और 20 साल पहले उसने अपनी पत्नी की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल की सजा काट चुका है और 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। आरोपी के घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है, और उसका बेटा उससे अलग रहकर खेती करता है।

    मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर वारदात की वजह जानने की कोशिश की जा रही है।

  • भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में नाबालिग का फर्जी आवेदन पकड़ा गया उम्र छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन खारिज

    भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में नाबालिग का फर्जी आवेदन पकड़ा गया उम्र छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन खारिज


    भोपाल । भोपाल में एक नाबालिग द्वारा पासपोर्ट आवेदन में उम्र छिपाने का मामला सामने आया है। विदेश यात्रा की जल्दी में आवेदक ने जानबूझकर अपनी जन्मतिथि में बदलाव किया था ताकि वह वयस्क दिखे और पासपोर्ट प्राप्त कर सके। भोपाल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय RPO की दस्तावेज सत्यापन में यह मामला सामने आया। जांच के दौरान आवेदक की वास्तविक उम्र 16 वर्ष पाई गई और जन्मतिथि में हेरफेर करने की पुष्टि हुई जिसके बाद आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया गया।

    यह मामला तब उजागर हुआ जब पासपोर्ट आवेदन की प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आवेदक की उम्र संबंधित दस्तावेजों में असंगति दिखाई दी। इसके बाद अधिकारियों ने आवेदक से स्कूल प्रमाण पत्र और शैक्षणिक रिकॉर्ड मांगे जिनसे यह साफ हो गया कि जन्मतिथि जानबूझकर बदली गई थी। दस्तावेज़ों में ये बदलाव यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए थे कि आवेदक वयस्क दिखे और उसकी विदेश यात्रा की प्रक्रिया पूरी हो सके।

    पासपोर्ट कार्यालय ने नाबालिग होने की पुष्टि होते ही आवेदन को खारिज कर दिया क्योंकि नाबालिगों के लिए पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया में माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति और सहमति अनिवार्य होती है। बिना इन दस्तावेजों के आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मामला सामने आने के बाद किशोरी ने पुलिस को सूचना न देने की विनती की लेकिन अधिकारियों ने उसे सख्त चेतावनी दी और भविष्य में ऐसी गलती न करने की सलाह दी। साथ ही उसे निर्देश दिए गए कि वह स्कूल की मार्कशीट और आधार कार्ड में जन्मतिथि को सही करवाए। इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने मामले की फाइल औपचारिक रूप से बंद कर दी।

    इसके अलावा एक और मामला सामने आया जिसमें एक आवेदक ने अदालत में चल रहे मामले की जानकारी छिपाई थी। पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर होने पर आवेदक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। आवेदक ने अदालत से अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC प्राप्त कर प्रस्तुत किया जिसके बाद उसकी आवेदन प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया गया।

    भोपाल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी गलत जानकारी या महत्वपूर्ण विवरण छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन को तुरंत निरस्त किया जा सकता है। साथ ही ऐसे मामलों का असर भविष्य में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। अधिकारियों ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे पासपोर्ट आवेदन करते समय सही और प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ पूरी जानकारी प्रस्तुत करें। यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है और आवेदन रद्द होने के साथ ही गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

  • उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

    उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति


    उज्जैन । उज्जैन के महिदपुर रोड पर बुधवार को एक बड़ी घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। यहां के एक आटो चालक द्वारा एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आटो चालक के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लियालेकिन इसके बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया।

    आरोपित आटो चालक जुबेर मंसूरी को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। संगठन ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद हिंसक भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानों में आग लगा दी। इसके साथ ही संगठन ने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग कीजिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    घटना का विवरण

    पुलिस के अनुसारजुबेर मंसूरी नामक आटो चालक नियमित रूप से नाबालिगों को कोचिंग सेंटर ले जाता था। बुधवार को उसने एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हिंदूवादी संगठन के लोग आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले करने से पहले उसे जमकर पीट भी चुके थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल में 20 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलेजिनमें से 12 महिलाएं महिदपुर क्षेत्र की थीं और बाकी आठ आसपास के क्षेत्रों से थीं।

    हिंसा और प्रदर्शन
    घटना के बाद गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और महिदपुर रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित का जुलूस निकालने और उसके मकान को तोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गईजिससे इलाके में भारी नुकसान हुआ। पुलिस ने तत्काल स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस के कड़े प्रयासों के बाद ही आरोपित का जुलूस निकाला गया और भारी भीड़ के बीच पुलिस ने उसे बचा लिया।

    पुलिस का बयान और जांच

    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। उन्होंने कहा“हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। हमने आरोपित को एक दिन की रिमांड पर लिया है और उसके मोबाइल से बरामद वीडियो की जांच की जा रही है।” पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहालइलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    यह घटना न केवल नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के कारण चिंता का विषय हैबल्कि इसके बाद का हिंसा और तोड़फोड़ का सिलसिला भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस को इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा तैनात करनी पड़ीऔर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना यह दर्शाती है कि समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने की आवश्यकता हैखासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर।