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  • मिर्जापुर में गंगा में कूदी महिला 14 घंटे बाद 35 किलोमीटर दूर चुनार घाट पर मछुआरों को जीवित मिली

    मिर्जापुर में गंगा में कूदी महिला 14 घंटे बाद 35 किलोमीटर दूर चुनार घाट पर मछुआरों को जीवित मिली

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में गंगा में कूदी एक महिला को करीब 14 घंटे बाद जीवित बरामद कर लिया गया। महिला मंगलवार शाम शास्त्री पुल से गंगा में कूदी थी। पूरी रात तेज धारा में बहने के बाद वह शास्त्री पुल से करीब 35 किलोमीटर दूर चुनार घाट के पास पहुंच गई। बुधवार सुबह गंगा में मछली पकड़ रहे मछुआरों की नजर महिला पर पड़ी। उन्होंने उसे पानी से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। महिला की हालत खराब होने पर चिकित्सकीय उपचार कराया गया। बाद में पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस के अनुसार कछवां के बरैनी गांव निवासी 38 वर्षीय सुनीता साहनी की शादी करीब 18 वर्ष पहले कटरा के छोटी बसही मोहल्ला निवासी सूर्यबली से हुई थी। सूर्यबली गुजरात के जामनगर में काम करता है। बताया गया कि सुनीता किसी बात को लेकर नाराज थी और मंगलवार शाम उसने शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी तलाश की गई, लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका।

    इसके बाद गंगा की तेज धारा महिला को बहाकर चुनार की ओर ले गई। बुधवार सुबह करीब सात बजे चुनार घाट पर गणेश साहनी, रामबाबू साहनी और रंजीत साहनी गंगा में मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पानी में एक महिला को बहते हुए देखा। मछुआरों ने उसे बाहर निकाला और पुलिस को घटना की सूचना दी।

    नदी से निकाले जाने के बाद महिला की हालत खराब थी। उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टर को बुलाकर उपचार कराया गया। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। होश में आने पर महिला ने पुलिस को घटना के संबंध में जानकारी दी और बताया कि वह पति की एक बात से आहत होकर घर से निकली थी।

    महिला के अनुसार मंगलवार शाम करीब चार बजे उसने अपने पति को फोन कर दवा खरीदने के लिए पैसे भेजने को कहा था। उसके मुताबिक पति ने पैसे भेजने से इनकार कर दिया और उससे कहा, “मेरा तुमसे कोई मतलब नहीं, जाकर मर जाओ।” महिला ने बताया कि पति की इस बात से आहत होकर वह घर से निकल गई और शास्त्री पुल पर पहुंचकर गंगा में छलांग लगा दी।

    पुलिस की पूछताछ में महिला का अपनी सास के साथ विवाद होने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार महिला ने अपने बयान में पति की बात से आहत होकर गंगा में छलांग लगाने की जानकारी दी है। महिला के जीवित मिलने के बाद पुलिस और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली।

    चुनार कोतवाल विजयशंकर सिंह के अनुसार मंगलवार शाम एक महिला के शास्त्री पुल से गंगा में कूदने की सूचना मिली थी। महिला अगले दिन चुनार घाट के पास मिली। उपचार के बाद उसकी हालत ठीक बताई गई और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। महिला के शास्त्री पुल से चुनार तक पहुंचने की दूरी करीब 35 किलोमीटर बताई गई है। गंगा की तेज धारा में कई घंटे बहने के बाद महिला का जीवित मिलना इस घटना का प्रमुख पहलू रहा।

  • ‘शूरवीर’ गाने पर बढ़ा विवाद, दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दाखिल; ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से हटाने की मांग

    ‘शूरवीर’ गाने पर बढ़ा विवाद, दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दाखिल; ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से हटाने की मांग

    नई दिल्ली । मिर्जापुर: द मूवी के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म के क्लाइमेक्स में इस्तेमाल किए गए इस गाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में अदालत से फिल्म के क्लाइमेक्स से इस गाने को हटाने या इसकी जगह कोई दूसरा ट्रैक इस्तेमाल करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह गाना महाराणा प्रताप की वीरता को समर्पित है, ऐसे में इसे फिल्म में गैंगस्टर और अपराधी किरदारों के साथ दिखाना गलत है। प्रशांत कुमार सिंह की ओर से दाखिल की गई PIL में कहा गया है कि ‘शूरवीर’ गीत मूल रूप से राजस्थान के महान योद्धा महाराणा प्रताप की वीरता और उनके गौरव को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया था।

    इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में इसी गीत का इस्तेमाल काल्पनिक गैंगस्टरों और अपराधियों को दिखाने वाले सीन में किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे गीत के मूल भाव और सांस्कृतिक महत्व का गलत अर्थ निकल सकता है। उनका तर्क है कि एक ऐतिहासिक और राष्ट्रीय नायक को समर्पित गीत को अपराध और गैंग संस्कृति से जोड़कर दिखाना सही नहीं है।

    ‘सांस्कृतिक को पहुंच सकता है नुकसान’

    याचिका में ये भी कहा गया है कि फिल्म में अपराधियों के सीन के साथ इस गाने का इस्तेमाल राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा सकता है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, अगर ऐसे गीतों को उनके मूल संदर्भ से हटकर इस्तेमाल किया जाता है, तो लोगों के बीच ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर गलत मैसेज जाएगा।

    PIL में अदालत से सिर्फ फिल्म के क्लाइमेक्स से गाना हटाने की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि भविष्य के लिए भी कुछ दिशानिर्देश बनाने की अपील की गई है। इस याचिका में कहा गया है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अहम लोगों से जुड़े गानों और प्रतीकों का इस्तेमाल इस तरह न हो, जिससे उनका संबंध अपराध या गलत तरह की गतिविधियों से जुड़ता हुआ दिखाई दे।

    राजेंद्र राठौड़ ने भी जताई थी आपत्ति

    दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दाखिल होने से एक दिन पहले राजस्थान के वरिष्ठ बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने ‘शूरवीर’ गीत को फिल्म से हटाने की मांग करते हुए सेंट्रल फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष को पत्र लिखा था। राठौड़ ने अपने पत्र को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को समर्पित इस गीत को फिल्म में गैंगस्टर और आपराधिक किरदारों के साथ जोड़कर दिखाना ठीक नहीं है।

    ‘शूरवीर और गैंगस्टर के मूल्यों में अंतर’

    राठौड़ ने अपने लेटर में कहा कि शूरवीर और गैंगस्टर के कैरेक्टर और उनके मूल्यों में जमीन-आसमान का अंतर है। उनके मुताबिक वीरता, त्याग, स्वाभिमान और अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपराध, हिंसा और गैंग संस्कृति से जोड़कर दिखाना गलत है। उन्होंने CBFC से मांग की कि फिल्म से ‘शूरवीर’ गाने को हटाया जाए और आगे किसी भी ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े गानों, प्रतीकों और चीजों के ऐसे इस्तेमाल की अनुमति न दी जाए, जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

    अब अदालत के फैसले पर नजर

    फिलहाल, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद अदालत तक पहुंच चुका है। एक तरफ याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, वहीं इस पूरे मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट के रुख पर नजर रहेगी। फिल्म के क्लाइमेक्स से गाना हटेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला अदालत के आदेश के बाद ही साफ होगा।

  • 'मिर्जापुर: द मूवी' ने दूसरे दिन मचाया धमाल, 'टॉक्सिक' और 'इरुमुडी' की कमाई में भी दिखी रफ्तार

    'मिर्जापुर: द मूवी' ने दूसरे दिन मचाया धमाल, 'टॉक्सिक' और 'इरुमुडी' की कमाई में भी दिखी रफ्तार

    नई दिल्ली । बॉक्स ऑफिस पर इस वक्त एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। कई बड़ी और बिग बजट फिल्मों के साथ कुछ कम बजट वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा दिखा रही हैं। इस लिस्ट में ‘हनुमान अंश’, ‘टॉक्सिक’, ‘इरुमुडी’ और अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ भी शामिल हो गई है। थिएटर में रिलीज होते ही ये फिल्में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगी में हैं। ऐसे में इन फिल्मों का वीकेंड पर क्या हाल रहा आइए जानते हैं। शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर सिनेमाघरों में मौजूद इन फिल्मों के बीच जमकर भिड़ंत हुई। तो चलिए देखते हैं किसने कितना कमाया…

    ‘मिर्जापुर’ ने दो दिनों में ही काटा बवाल

    ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा दिखाना शुरू कर दिया है। फिल्म में इस बार पुराने कैरेक्टर्स की वापसी हुई है। वहीं, कई नए कलाकार भी फिल्म में नजर आ रहे हैं। फिल्म ने पहले दिन बंपर कमाई करने के बाद दूसरे दिन तो कहर ही ढाह दिया है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ओपनिंग डे पर 25.75 करोड़ रुपये कमाए। वहीं, शनिवार को इसने अपना डे वन का रिकॉर्ड ही ब्रेक कर दिया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दूसरे दिन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने 31.00 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 56.75 करोड़ हो गया है। वहीं, वर्ल्डवाइड फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 78.45 करोड़ हो गया है।

    शनिवार को ‘टॉक्सिक’ ने बढ़ाई रफ्तार

    साउथ सुपरस्टार यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ को रिलीज हुए आज 11 दिन हो गए हैं। ‘टॉक्सिक’ ने ओपनिंग डे पर तो 101.10 करोड़ की बंपर कमाई के साथ अपना खाता खोला था। दूसरे दिन से इसके कलेक्शन में काफी गिरावट देखने को मिली। फिल्म में यश की एक्टिंग की काफी तारीफ हो रही है। हालांकि, मूवी को निगेटिव रिव्यू का भी सामना करना पड़ रहा है। पहले हफ्ते यश की फिल्म ने 239.30 करोड़ की कमाई की। शुरुआती ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘टॉक्सिक’ ने जहां शुक्रवार को 1.75 करोड़ की नेट कमाई की। वहीं, शनिवार को इसने 2.04 करोड़ कमाए। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 243.09 करोड़ हो गया है। वहीं, वर्ल्डवाइड फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 333.45 करोड़ हो गया है।

    वीकेंड पर दिखाया कमाल

    रवि तेजा का फिल्म ‘इरुमुडी’ ने बॉक्स ऑफिस पर दो हफ्ते पूरे कर लिया है। ‘इरुमुडी’ ने ओपनिंग डे पर 15.30 करोड़ रुपये के साथ ओपनिंग की थी। फिल्म ने फर्स्ट वीक 92.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। वहीं, दूसरे हफ्ते इसने 57.60 करोड़ रुपये की कमाई की है। शुरुआती ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इरुमुडी’ ने 15वें दिन 4.90 करोड़ रुपये कमाए। ऐसे में 16वें दिन यानी शनिवार को भी 4.90 करोड़ रुपये की कमाई हुई। भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई अब 159.55 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, इससे दुनिया भर में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 201.30 करोड़ रुपये हो गया है।

  • ओटीटी के बाद थिएटर में मचेगा मिर्जापुर का भौकाल! सेंसर बोर्ड ने लगाई A मुहर, 3 घंटे 17 मिनट चलेगी फिल्म

    ओटीटी के बाद थिएटर में मचेगा मिर्जापुर का भौकाल! सेंसर बोर्ड ने लगाई A मुहर, 3 घंटे 17 मिनट चलेगी फिल्म


    नई दिल्ली । ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान और जबरदस्त फैन फॉलोइंग बना चुकी मिर्जापुर अब बड़े पर्दे पर अपना भौकाल दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। मिर्जापुर द मूवी की रिलीज का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए अब एक बड़ी खबर सामने आई है। फिल्म सेंसर बोर्ड की परीक्षा पास कर चुकी है और इसे A सर्टिफिकेट दिया गया है। इसके साथ ही फिल्म के रनटाइम की जानकारी भी सामने आ गई है। फिल्म आगामी 4 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है और इसकी लंबी अवधि को देखते हुए साफ है कि मेकर्स ने कहानी को बड़े पर्दे के हिसाब से काफी विस्तार दिया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक 29 अगस्त को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी CBFC ने मिर्जापुर द मूवी को सर्टिफिकेट जारी किया। सेंसर बोर्ड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार फिल्म की कुल अवधि 197.19 मिनट है। यानी दर्शकों को सिनेमाघरों में लगभग 3 घंटे 17 मिनट 19 सेकंड तक मिर्जापुर की दुनिया में डूबे रहने का मौका मिलेगा। इतनी लंबी अवधि की वजह से फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। खास बात यह है कि फिल्म को A सर्टिफिकेट मिला है जिसका मतलब है कि इसे केवल वयस्क दर्शक ही सिनेमाघरों में देख सकेंगे।

    मिर्जापुर की पहचान ही इसकी बेबाक भाषा हिंसक घटनाओं और दमदार किरदारों के कारण बनी है। वेब सीरीज के पिछले सीजनों में दर्शकों ने कालीन भैया गुड्डू पंडित और दूसरे किरदारों के बीच सत्ता संघर्ष बदले और खूनखराबे की कहानी देखी है। ऐसे में फिल्म को A सर्टिफिकेट मिलना बहुत ज्यादा चौंकाने वाला नहीं है। सेंसर बोर्ड के इस सर्टिफिकेशन के बाद यह संकेत भी मिल रहा है कि फिल्म में मिर्जापुर की वही पुरानी तीखी भाषा और जबरदस्त हिंसक अंदाज देखने को मिल सकता है जिसके लिए यह फ्रेंचाइजी जानी जाती है।

    मिर्जापुर द मूवी को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त बज बना हुआ है। वेब सीरीज की लोकप्रियता ने फिल्म के लिए मजबूत आधार तैयार कर दिया है और अब इसकी थिएटर रिलीज को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बड़े पर्दे पर मिर्जापुर की कहानी किस मोड़ पर पहुंचेगी और दर्शकों को कौन सा नया ट्विस्ट देखने को मिलेगा। लंबे रनटाइम के साथ फिल्म में कहानी को विस्तार देने की पूरी गुंजाइश नजर आ रही है।

    मिर्जापुर के प्रशंसकों के लिए 4 सितंबर का दिन खास होने वाला है। ओटीटी पर धमाल मचाने के बाद अब यही किरदार बड़े पर्दे पर अपनी ताकत दिखाने पहुंचेंगे। A सर्टिफिकेट और 3 घंटे 17 मिनट से ज्यादा की अवधि ने फिल्म को रिलीज से पहले ही चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मिर्जापुर द मूवी सिनेमाघरों में दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा भौकाल कायम करती है।

  • दिव्येंदु शर्मा का बयान: इंडस्ट्री में संघर्ष ही देता है असली पहचान, मेहनत से बनता है कलाकार मजबूत

    दिव्येंदु शर्मा का बयान: इंडस्ट्री में संघर्ष ही देता है असली पहचान, मेहनत से बनता है कलाकार मजबूत


    नई दिल्ली /मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने अपने करियर और अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे प्रोजेक्ट्स से लोकप्रियता हासिल करने वाले दिव्येंदु का मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए संघर्ष केवल एक पड़ाव नहीं बल्कि एक जरूरी प्रक्रिया है, जो उसे भीतर से मजबूत बनाती है और उसके अभिनय को निखारती है।

    दिव्येंदु शर्मा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि करियर की शुरुआत बिना किसी सपोर्ट के करना एक कठिन लेकिन जरूरी अनुभव होता है। उनके अनुसार, जब कोई कलाकार शून्य से शुरुआत करता है, तो वह हर छोटे अवसर को सीखने और आगे बढ़ने का जरिया बनाता है। यही अनुभव आगे चलकर उसके काम में गहराई और परिपक्वता लाता है।

    अभिनेता का मानना है कि इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहने के लिए सिर्फ टैलेंट ही नहीं बल्कि लगातार सीखने और खुद को चुनौती देने की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनने की कोशिश करते हैं जिनमें उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का मौका मिले, ताकि वह खुद को बार-बार नए रूप में ढाल सकें और अपने अभिनय को और बेहतर बना सकें।

    दिव्येंदु ने यह भी स्वीकार किया कि बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन यदि इरादा मजबूत हो तो रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसके लिए वह खुद को भाग्यशाली और आभारी महसूस करते हैं, क्योंकि दर्शकों ने उनके काम को पहचान और प्यार दिया है।

    उन्होंने उन उभरते कलाकारों का भी जिक्र किया जो अभी अपने अवसर का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, हर दिन खुद को याद दिलाना जरूरी है कि जो भी सफलता मिली है वह एक लंबे संघर्ष का परिणाम है और इसे बनाए रखने के लिए निरंतर मेहनत करनी होती है।

    दिव्येंदु शर्मा जल्द ही एक नए बड़े प्रोजेक्ट में नजर आने वाले हैं, जिसमें वह कई नामी कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करेंगे। यह फिल्म उनकी अभिनय यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो उनके करियर को एक नए स्तर पर ले जा सकती है।