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  • ईरान ने खाड़ी देशों और तेल जहाजों को भी निशाना बनाया, आईडीएफ प्रवक्ता ने जताया गंभीर खतरा

    ईरान ने खाड़ी देशों और तेल जहाजों को भी निशाना बनाया, आईडीएफ प्रवक्ता ने जताया गंभीर खतरा


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष से पूरे इलाके में तनाव चरम पर है। इस बीच इजरायल डिफेंस फोर्स आईडीएफ के प्रवक्ता बीजी एफी डेफ्रिन ने आईएएनएस को हालात की गंभीरता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालिया संघर्ष का मुख्य मकसद ईरान की न्यूक्लियर और मिसाइल क्षमताओं को नियंत्रित करना है।

    आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा हमने दो हफ्ते पहले इजरायल पर संभावित खतरे को हटाने के लिए कार्रवाई की। ईरान ने वर्षों से अपनी न्यूक्लियर क्षमता विकसित की है और जून में किए गए हमले के बाद वे इसे फिर से शुरू कर रहे थे। उनका प्रयास यह था कि न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को जमीन के नीचे छिपाया जाए ताकि इजरायल और अमेरिका के बमों से बचा जा सके। यह हमारे लिए गंभीर खतरा है।

    एफी डेफ्रिन ने ईरान के मिसाइल प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार ईरान हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बना रहा था जिनकी रेंज 2 000 से 3 000 किलोमीटर तक थी। इन मिसाइलों का उद्देश्य इजरायल पर हमला करना था। वे महीने में सैकड़ों हथियार तैयार करने की योजना बना रहे थे और यह स्तर हमारे लिए बर्दाश्त के बाहर था उन्होंने कहा।

    प्रवक्ता ने कहा कि अब ईरान ने खाड़ी देशों और कमर्शियल तेल जहाजों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वे अपने पुराने मित्र देशों ओमान यूएई बहरीन और सऊदी अरब पर हमला कर रहे हैं जिन्होंने ईरान के साथ कभी बुरा नहीं किया। इनके हमले मिलिट्री टारगेट पर नहीं बल्कि सिविलियन टारगेट जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा पर हो रहे हैं। यह केवल उनकी असली प्रवृत्ति दिखाता है।

    एफी डेफ्रिन ने जोर देकर कहा कि आईडीएफ इस स्थिति को गंभीरता से देख रहा है। पड़ोसी देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं और यह इतिहास का एक मौका है। हमारा लक्ष्य पूरे इलाके में स्थायी शांति बनाना है। ईरान केवल इजरायल के लिए खतरा नहीं है बल्कि यह एक क्षेत्रीय समस्या है जिसे सुलझाना जरूरी है।

    आईडीएफ प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया यह स्पष्ट करती है कि इजरायल ईरानी न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रमों साथ ही उनके बढ़ते आक्रामक रवैये को लेकर सतर्क है। साथ ही खाड़ी देशों और वैश्विक तेल परिवहन पर ईरानी हमलों को गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

    इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया में तनाव और सुरक्षा खतरे केवल द्विपक्षीय नहीं हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। आईडीएफ के अनुसार इलाके में शांति बनाए रखना और पड़ोसी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब उनकी प्राथमिकता बन गई है।

  • रूस ने यूक्रेन पर फिर ढाया कहर; पावरग्रिड पर मिसाइलों से हमला

    रूस ने यूक्रेन पर फिर ढाया कहर; पावरग्रिड पर मिसाइलों से हमला

    कीव । रूस ने यूक्रेन पर एक और हमला बोला है। चार दिनों के अंदर यह यूक्रेन पर चौथा बड़ा ड्रोन हमला है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस बार भी पावर ग्रिड पर निशाना लगाया गया। इन हमलों से अमेरिका द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बंद कराने के प्रयासों को भी ठेस पहुंची है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच करीब चार साल से युद्ध जारी है।

    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि रूस ने करीब 300 ड्रोन, 18 बैलेस्टिक मिसाइल और सात क्रूज मिसाइल से हमला बोला है। रात भर चला यह हमला आठ क्षेत्रों पर हुआ। इसमें उत्तर पूर्व खारकीव में एक मेल डिपो में चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा कीव क्षेत्र में सैकड़ों घर अंधेरे में डूब गए। यूक्रेन की राजधानी में इन दिनों भीषण ठंड पड़ रही है। यहां पर दिन का तापमान माइनस 12 डिग्री सेल्सियस है।

    गलियां बर्फ से ढंकी हुई हैं और जेनरेटरों के शोर से शहर का बुरा हाल है।

    कई आवासीय भवनों को नुकसान
    स्थानीय अधिकारियों मुताबिक रूसी हमलों में यूक्रेन के खारकीव क्षेत्र में, 10 लोग घायल हुए। वहीं, दक्षिणी शहर ओडेसा में, छह लोग घायल हुए। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख ओलेह किपर ने कहा कि हमलों ने एनर्जी ग्रिड, एक अस्पताल, एक किंडरगार्टन, एक शैक्षिक संस्थान और कई आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचाया। रूसी हमलों ने भीषण ठंड में यूक्रेनी नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। रूस द्वारा पावर ग्रिड पर हमले से बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। रूस चाहता है कि यूक्रेनी नागरिकों की मुश्किलें बढ़ाकर वह युद्ध में बढ़त हासिल कर ले। वहीं यूक्रेनी अधिकारियों ने इस रणनीति को सर्दी को हथियार बनाने की रणनीति बताया है।

    चार दिन पहले भी निशाना
    चार दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइल से बड़ा हमला किया था। इस युद्ध में सिर्फ दूसरी बार ऐसा हुआ जब ताकतवर हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया।

    पश्चिमी यू्क्रेन पर हुए इस हमले के जरिए रूस ने यू्क्रेन के नाटो सहयोगियों को यह संदेश देने की कोशिश की कि पीछे हटने वाला नहीं है। सोमवार को ही अमेरिका ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह युद्ध को गैरजरूरी ढंग से भड़का रहा है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस कोशिश में जुटे हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बंद हो जाए।