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  • MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता

    MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चिड़ियाघर (Zoo) के बाहर से लापता हुई 18 साल की नवविवाहिता (Newlywed Woman) को पुलिस ने करीब 20 दिन बाद दस्तयाब किया. महिला अपने 21 वर्षीय पति के साथ शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के नरवर से ग्वालियर घूमने आई थी. पति का कहना था कि वह बाइक पार्क करने गया था और पत्नी को चिड़ियाघर के गेट के पास छोड़ गया था. जब वह वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं मिली. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला एक दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर जाती दिखाई दी. अब महिला मिल गई है और उसने पुलिस को बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और उसने एक शख्स से लिफ्ट ली थी. पुलिस अब उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना रही है।

    यह मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है. शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र का रहने वाला 21 वर्षीय युवक अपनी 18 वर्षीय पत्नी को बाइक से ग्वालियर घुमाने और रिश्तेदारों से मिलवाने आया था. पत्नी की इच्छा पर दोनों चिड़ियाघर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि चिड़ियाघर पहुंचने के बाद पति बाइक पार्क करने चला गया. इस दौरान उसने पत्नी को गेट के पास ही छोड़ दिया था. कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो पत्नी वहां मौजूद नहीं थी. उसने आसपास तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला।


    CCTV फुटेज में दूसरे युवक की बाइक पर जाती दिखी महिला

    तलाश के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर वहां से चली गई है. इसके बाद पति अपने चाचा के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी. अचानक पत्नी के गायब होने से वह परेशान था और उसने पुलिस से उसे तलाशने की मांग की. महिला के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. चिड़ियाघर और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

    पति ने फुटेज देखकर पत्नी को पहचाना. उसने बाइक सवार युवक की पहचान अरमान खान के रूप में बताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा भी किया. पति की तरफ से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की थी. मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी, क्योंकि इसमें महिला को एक अन्य युवक के साथ जाते हुए देखा गया था. हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह उस समय स्पष्ट नहीं थी।

    करीब 20 दिन तक तलाश किए जाने के बाद पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर लिया. महिला के मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह रास्ता भटक गई थी. इसके बाद उसने एक व्यक्ति से लिफ्ट मांगी थी और उसके साथ चली गई थी. महिला के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. महिला ने जिस तरह रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है, उसकी परिस्थितियों की विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि महिला अपनी मर्जी से गई थी या उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती हुई थी।


    CSP बोले, न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद होगी कार्रवाई

    सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ाव थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली थी. उसके पति ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. बाद में CCTV फुटेज में महिला एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखाई दी थी. सीएसपी के मुताबिक, महिला को दस्तयाब कर लिया गया है. उसने बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और किसी से लिफ्ट मांगकर चली गई थी. पुलिस उससे और विस्तृत पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि महिला बालिग है. यदि उसे जबरदस्ती नहीं ले जाया गया है, तो वह अपनी मर्जी से जा सकती है. अब न्यायालय में महिला के बयान दर्ज कराए जाएंगे. इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    महिला के मिलने के बाद पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है. पुलिस महिला के बयान, उसके लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों और CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले युवक की भूमिका की जांच करेगी. फिलहाल महिला ने रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है. वहीं, पति ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया था. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. न्यायालय में महिला के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • ट्रेन में आंख लगी तो 10 लाख से भरा बैग गायब, विदिशा में CCTV फुटेज खंगालकर चोर तक पहुंची GRP

    ट्रेन में आंख लगी तो 10 लाख से भरा बैग गायब, विदिशा में CCTV फुटेज खंगालकर चोर तक पहुंची GRP


    भोपाल। ट्रेन में सफर के दौरान थोड़ी सी लापरवाही एक यात्री को भारी पड़ गई। बीना से 10 लाख रुपये लेकर भोपाल जा रहे युवक ने नकदी से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया और उसे नींद आ गई। जब विदिशा रेलवे स्टेशन पर आंख खुली तो बैग गायब था। शिकायत मिलने के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने जांच शुरू की और करीब 200 CCTV कैमरों के फुटेज खंगालते हुए चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मालिक के कहने पर लेने गया था 10 लाख रुपये

    पुलिस के मुताबिक, चोरी की यह घटना 6 अक्टूबर की है। फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपये लेने गया था। रकम मिलने के बाद उसने 500-500 रुपये के नोटों की 20 गड्डियां काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया।

    रास्ते में गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान युवक ने रुपयों से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। कुछ देर बाद उसे नींद आ गई। जब ट्रेन विदिशा पहुंची और उसकी नींद खुली, तब तक बैग गायब हो चुका था। काफी तलाश करने के बाद भी बैग नहीं मिला तो उसने विदिशा GRP थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    200 CCTV कैमरों के फुटेज से मिला सुराग

    10 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आने के बाद रेल पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल अंकित जायसवाल के निर्देशन में टीम ने फरियादी के आने-जाने के रास्तों और घटना से जुड़े संभावित स्थानों पर लगे करीब 200 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।

    जांच के दौरान फुटेज में नजर आए संदिग्ध के हुलिए का मिलान रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पहले दर्ज मामलों में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड से किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई और उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

    बैग, नकदी और मोबाइल फोन बरामद

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर काला बैग, 9 लाख 36 हजार रुपये नकद और फरियादी का मोबाइल चार्जर बरामद किया गया। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल करीब 9 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    रेल पुलिस ने यात्रियों को किया सतर्क

    घटना के बाद मध्य प्रदेश रेल पुलिस ने यात्रियों से ट्रेन में सफर के दौरान नकदी और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बैग या कीमती सामान को खुला अथवा खुद से दूर न रखें। सामान को ऐसी जगह रखें, जहां उस पर लगातार नजर बनी रहे। ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दें।

  • CJP के दो पदाधिकारियों का पता नहीं चलने का दावा, दिल्ली पुलिस पर अवैध हिरासत के आरोप

    CJP के दो पदाधिकारियों का पता नहीं चलने का दावा, दिल्ली पुलिस पर अवैध हिरासत के आरोप


    नई दिल्ली।
    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली पुलिस पर अपने दो पदाधिकारियों को हिरासत में लेने के बाद उनके ठिकाने की जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान और सह सचिव बालकृष्णन शुक्ला को रविवार शाम कनॉट प्लेस से हिरासत में लिया गया था। पार्टी का दावा है कि इसके बाद से दोनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इस मामले में पुलिस का पक्ष इन आरोपों से अलग है।

    इस बीच, सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। पार्टी नेताओं के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन की तारीख बताने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। इससे पहले शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था।

    रत्ना सिंह ने पुलिस से मांगी जानकारी

    सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दोनों पदाधिकारियों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान और सह सचिव बालकृष्णन शुक्ला को शाम के समय कनॉट प्लेस से हिरासत में लिया गया था, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

    रत्ना सिंह ने सवाल उठाया कि दोनों को हिरासत में रखने की वजह और उनके ठिकाने की जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से तत्काल यह बताने की मांग की कि दोनों को कहां रखा गया है और उनके मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि कानून से ऊपर उठकर काम करना।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप

    पार्टी के शीर्ष नेताओं में शामिल सौरभ दास ने भी दोनों पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान दोनों को हिरासत में लिया गया और उनके ठिकाने का पता लगाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं। दास के अनुसार, बालकृष्णन के भाई को भी उनकी सुरक्षा की चिंता सता रही है।

    दास ने आरोप लगाया कि दोनों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है। उनका दावा है कि उन्हें न तो परिवार के सदस्यों से बात करने दी जा रही है और न ही अपनी पसंद का वकील उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यदि दोनों के ठिकाने की जानकारी तत्काल नहीं दी गई, तो पार्टी के वकील अदालत में अवमानना याचिका दाखिल करेंगे।

    ये आरोप पार्टी की ओर से लगाए गए हैं। इनके संबंध में पुलिस का विस्तृत पक्ष इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आवश्यक है।

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति का इंतजार

    सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोमवार को कहा कि पार्टी दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की तारीख पूछ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द तारीख तय करेगी। रांका के मुताबिक, अनुमति मिलने पर पार्टी 24 घंटे के भीतर निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन के लिए जुटेगी।

    उन्होंने राजधानी में पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली को जिस तरह बंद किया गया है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उनके अनुसार, इससे लोगों और कारोबारियों को परेशानी हो रही है, जबकि त्योहारों का समय भी नजदीक है। उन्होंने सवाल किया कि प्रदर्शन के लिए कोई निर्धारित स्थान क्यों नहीं दिया जा रहा है।

    ‘अब पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा’

    सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शन के लिए जगह नहीं दी गई, तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा।

    दीपके ने आशंका जताई कि मौजूदा हालात जारी रहने पर एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जब देश से लोकतंत्र को ही हटा दिया जाए। वहीं, सौरभ दास ने कहा कि सरकार का जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाने का फैसला उन्हें मंजूर नहीं है और पार्टी इसे मनमाना मानती है।

    दादी के निधन के बाद दीपके की हिरासत पर भी विवाद

    शनिवार को दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया था। कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया। दादी के निधन की खबर मिलने के बाद वह अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर रवाना हो गए थे।

    दीपके ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनकी दादी की मौत की सूचना मिलने के बाद भी उन्हें रिश्तेदार को फोन करने के लिए मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया। उन्होंने पुलिस पर असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया था।

    दिल्ली पुलिस ने आरोपों से किया इनकार

    दिल्ली पुलिस ने दीपके के आरोपों से अलग पक्ष रखा है। पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडियो फुटेज दिखाते हुए कहा कि दीपके को उनकी दादी के निधन और अंतिम संस्कार के समय की जानकारी समय पर और संवेदनशीलता के साथ दी गई थी।

    पुलिस के अनुसार, दीपके को परिवार से फोन पर बात करने का विकल्प दिया गया था। इसके अलावा अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गृह नगर जाने हेतु प्रशासनिक और यात्रा संबंधी सहायता की पेशकश भी की गई थी। पुलिस का दावा है कि दीपके ने इस पेशकश को स्वीकार नहीं किया।

    इस तरह, सीजेपी जहां अपने दो पदाधिकारियों के ठिकाने और हिरासत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं दीपके की हिरासत के मामले में दिल्ली पुलिस ने पार्टी के आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है।

  • प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचा मेरठ का परिवार, बेटे प्रिंस की फोटो लेकर मां ने लगाई वापसी की गुहार

    प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचा मेरठ का परिवार, बेटे प्रिंस की फोटो लेकर मां ने लगाई वापसी की गुहार


    नई दिल्ली: मेरठ का एक परिवार सोमवार को लापता बेटे प्रिंस की तलाश में वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर पहुंचा। नेत्रपाल अपनी पत्नी पूनम के साथ बेटे की फोटो हाथ में लेकर उसकी वापसी की गुहार लगाते नजर आए। परिजनों के मुताबिक, प्रिंस नीट परीक्षा देने के बाद 8 मई 2024 को अपने माता-पिता के साथ वृंदावन आया था। अगले दिन लाइन में लगने के बाद 10 मई को उसे एकांतिक वार्ता के लिए पास मिला। वार्ता के लिए प्रिंस अकेला आश्रम के अंदर गया, लेकिन इसके बाद वह बाहर नहीं आया। परिवार का कहना है कि उन्होंने आश्रम के साधकों से इसकी जानकारी मांगी, लेकिन प्रिंस का पता नहीं चल सका।

    पूनम ने बताया कि प्रिंस के वापस नहीं आने के बाद परिवार ने मामले की शिकायत मथुरा पुलिस से भी की थी। इसके बावजूद अब तक बेटे का पता नहीं चला है। परिजन लगातार मेरठ और वृंदावन के बीच आ-जा रहे हैं और उसकी तलाश कर रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि जिस तरह अनुज और मयंक की सकुशल बरामदगी हुई, उसी तरह उनका बेटा प्रिंस भी उन्हें मिल सकता है। इसी उम्मीद के साथ परिवार आश्रम के बाहर पहुंचा और लोगों से बेटे की वापसी में मदद की गुहार लगाई।

    वहीं, झारखंड से 17 वर्षीय एक किशोर भी बिना बताए वृंदावन पहुंच गया और प्रेमानंद महाराज के केलि कुंज आश्रम में जाकर संत से दीक्षा लेने की इच्छा जताई। किशोर की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए आश्रम प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे सुरक्षित रमणरेती पुलिस चौकी ले गई और उसके परिजनों से संपर्क किया। आश्रम के बाहर पिछले कुछ दिनों से लापता बच्चों के परिजनों के पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।

    सोमवार को प्रिंस की तलाश में आश्रम पहुंचे मेरठ के परिवार को बाहर मौजूद भक्तों की भीड़ से नोकझोंक का सामना भी करना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस ने अभद्रता करने के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया। पिछले दो दिनों से आश्रम के बाहर इसी तरह का माहौल बना हुआ है। इस बीच संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चैनल चलाने वाले एक पत्रकार का पुतला भी फूंका। भक्तों का आरोप है कि पत्रकार संत की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। संत के दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद सामने आ रही खबरों को लेकर भक्तों में आक्रोश बताया गया है।

    आश्रम से जुड़े विवाद के बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा फलाहारी ने भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दो गुटों में बंटे आश्रम के शिष्य परिकर की ओर से प्रचार के लिए पैसे देकर एक मशहूर हस्ती को आश्रम बुलाया गया था। उन्होंने आश्रम से जुड़े लोगों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मेरठ का परिवार अपने बेटे प्रिंस की तलाश में आश्रम पहुंचा और उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद जताई।

  • Kedarnath : बासुकीताल ट्रेक पर गया पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल लापता… दो जवान भी शामिल

    Kedarnath : बासुकीताल ट्रेक पर गया पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल लापता… दो जवान भी शामिल


    रुद्रप्रयाग।
    केदारनाथ (Kedarnath)- बासुकीताल ट्रेक (Vasuki Taal Trek) पर गए पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल लापता हो गया। इनमें दो पीएसी जवान (Two PAC personnel) भी शामिल हैं। दल से संपर्क टूटने के बाद मंगलवार को रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है। इनमें से एक ट्रेकर के परिजन यशवंत सिंह चौहान (Yashwant Singh Chauhan) ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) को सूचना दी कि उनका भाई प्रवेश चौहान अपने पांच साथियों के साथ 25 सितंबर को केदारनाथ-बासुकीताल ट्रेक पर गए थे। दल की योजना ओडिन कॉल होते हुए गंगोत्री पहुंचने की थी। परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस नियंत्रण कक्ष और वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर को अवगत कराया गया। साथ ही 40वीं वाहिनी पीएसी से समन्वय स्थापित किया गया।


    कौन-कौन हैं लापता

    लापता ट्रेकर्स में अमित फर्सवाण (40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार), नवीन रावत (40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग), प्रवेश चौहान (फॉरेस्टर, उत्तरकाशी), विवेक (निवासी जग्गी बगवान) और संजय सिंह रावत (पशुपालन विभाग केदारनाथ) शामिल हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने खोजबीन शुरू कर दी है। हेलीकॉप्टर से भी सर्च अभियान चलाया गया किन्तु कम दृश्यता से अभियान स्थगित करना पड़ा।


    कालिंदी पास पर रेस्क्यू पूरा, 67 ट्रेकर्स निकाले

    उत्तरकाशी। कालिंदी पास और ओडिन कॉल क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के बीच फंसे 139 पर्वतारोही, ट्रेकर्स और सहयोगी स्टाफ की सुरक्षित वापसी के लिए मंगलवार को रेस्क्यू अभियान चलाया गया। दूसरे दिन भी 27 पर्वतारोही, ट्रेकरों और पोर्टर्स को हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ मंगलवार दोपहर तक तक यह अभियान पूरा हो गया है। दूसरी ओर क्षेत्र में पर्वतारोहण अभियानों पर गए 72 पर्वतारोहियों और ट्रेकरों ने अभियान जारी रखने का निश्चय किया है।

    उनका कहना है कि वे स्वयं वापस लौट जाएंगे। अभियान में अब तक कुल 67 सदस्यों को हेलीकॉप्टरों से निकाला जा चुका है। इनमें ओडिन कॉल पास से 29, जोगिन वन से आठ, सतोपंथ से 08, कालिंदी पास से 19 और वासुकीताल से तीन लोग शामिल हैं। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। बता दें कि गत सप्ताह बारिश-बर्फबारी से 139 ट्रेकर फंस गए थे।


    सुरक्षित निकाले गए 27 ट्रेकर्स

    सोमवार को पहले दिन 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। मौसम अनुकूल न होने पर अभियान रोकना पड़ा। मंगलवार को मौसम साफ होने पर सुबह से फिर अभियान शुरू किया गया। इस दौरान कालिंदी पास से आठ, जोगिन वन से आठ और सतोपंथ पीक बेस कैंप से नौ ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित हर्षिल लाया गया। वासुकीताल क्षेत्र से दो आर्मी पोर्टर्स को भी रेस्क्यू किया गया।

  • निजी यात्रा पर गए इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लापता… नेपाल बाढ़ के बाद से नहीं हो रहा संपर्क

    निजी यात्रा पर गए इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लापता… नेपाल बाढ़ के बाद से नहीं हो रहा संपर्क


    नई दिल्ली।
    इंफोसिस (Infosys) ने शुक्रवार को बताया कि उसकी सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज (Infosys Public Services) के प्रमुख लैक्स गोपीसेट्टी (Lax Gopisetty) नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद से संपर्क में नहीं हैं। इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज, सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी इंफोसिस की सहायक कंपनी है। यह कंपनी मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा के सरकारी क्षेत्र के लिए काम करती है।

    इंफोसिस ने बताया कि गोपीसेट्टी निजी यात्रा पर इस इलाके में गए थे। कंपनी ने कहा कि इस समय उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता उनकी सुरक्षा और सेहत सुनिश्चित करना है। इंफोसिस ने एक बयान में कहा, हम पुष्टि कर सकते हैं कि हमारे सहयोगी लैक्स गोपिसेट्टी फिलहाल संपर्क में नहीं हैं, जो निजी यात्रा पर इस इलाके में गए थे।

    कंपनी ने आगे कहा कि वह संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी जुटा रही है। साथ ही गोपीसेट्टी से संपर्क करने की कोशिश भी की जा रही है। इंफोसिस ने यह भी कहा कि वह गोपीसेट्टी के परिवार के लगातार संपर्क में है। कंपनी इस मुश्किल समय में परिवार को हर जरूरी मदद दे रही है।

    इंफोसिस ने कहा, हम परिवार के लगातार संपर्क में हैं और इस मुश्किल समय में हर जरूरी मदद दे रहे हैं। हमारी संवेदनाएं लैक्स और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। कंपनी ने कहा कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ और इसमें हुई लोगों की मौत से उसे बहुत दुख हुआ है।


    फंसे हुए भारतीयों को लेकर एमईए ने क्या कहा?

    विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय अब भी लापता हैं। वहीं, 400 अन्य भारतीय चीन की तरफ फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत काठमांडू को इस स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है।

    एमईए ने बताया कि चीन की तरफ फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 21 भारतीय शुक्रवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचे। ये लोग एक दिन पहले नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से काठमांडू पहुंचे थे।


    गोपीसेट्टी क्या काम करते हैं?

    इंफोसिस की वेबसाइट पर दी गई उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, गोपीसेट्टी सरकारी क्षेत्र के संगठनों को रणनीति, तकनीक, कामकाज और बदलाव से जुड़े मामलों में सलाह देते हैं। इसका मकसद सरकारी एजेंसियों के काम और लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करना है। वह कंपनी की रणनीति और उसे लागू करने के काम की भी देखरेख करते हैं, ताकि तय उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।

    इस पद पर आने से पहले गोपीसेट्टी इंफोसिस में ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट थे। वह बिजनेस एप्लीकेशंस और डिजिटल वर्कस्पेस सर्विस के प्रमुख भी थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका, यूरोप और एशिया में इस काम का विस्तार किया।

    इंफोसिस में शामिल होने से पहले गोपिसेट्टी एक्सेंचर में प्रबंध निदेशक थे। वहां उन्होंने उत्तर अमेरिका में कंपनी के हेल्थ एंड पब्लिक सर्विसेज कारोबार के एक हिस्से का नेतृत्व किया। इंफोसिस की वेबसाइट के मुताबिक, गोपीसेट्टी ने बियरिंगपॉइंट, आईबीएम, पीडब्ल्यूसी और एचसीएल में भी तेजी से बढ़ते कारोबार और सेवाओं को खड़ा किया है।

  • ‘सबकी जान खतरे में है…’ नेपाल हादसे के बीच भोपाल के एक परिवार की बढ़ी चिंता, 24 घंटे से चार सदस्य लापता

    ‘सबकी जान खतरे में है…’ नेपाल हादसे के बीच भोपाल के एक परिवार की बढ़ी चिंता, 24 घंटे से चार सदस्य लापता


    भोपाल। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। इस आपदा के बीच भोपाल से भी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर की रहने वाली देविका अधिकारी के परिवार के चार सदस्य नेपाल हादसे के बाद से संपर्क से बाहर हैं। इनमें उनके बड़े भाई, छोटे भाई और दोनों भाभियां शामिल हैं।

    देविका अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद चारों से कोई संपर्क नहीं हो सका है। इस दौरान परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

    आखिरी बातचीत में कहा- ‘सबकी जान खतरे में है’

    देविका के मुताबिक, परिवार की आखिरी बार बड़े भाई से बातचीत हुई थी। उस समय उन्होंने बताया था कि ‘सबकी जान खतरे में है’ और वे लोग जान बचाने के लिए पहाड़ पर जाकर छिपे हुए हैं।

    परिवार के अनुसार, बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चों का ध्यान रखने की बात भी कही थी। इसके बाद से ही चारों का फोन संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार अब नेपाल में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन से मिलने वाली जानकारी का इंतजार कर रहा है।

    सरकार ने जारी की हेल्पलाइन

    नेपाल में लगातार बिगड़ते हालात के बीच भोपाल के नेपाली समाज और लापता लोगों के परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने नेपाल में फंसे लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26772005 और व्हाट्सऐप नंबर 9818963273 जारी किया है।

    परिजन इन नंबरों पर संपर्क कर नेपाल में फंसे या लापता लोगों से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं।

    392 लोगों की मौत, 1500 से ज्यादा लापता

    नेपाल में बाढ़ के बाद आई भीषण तबाही में अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद 290 भारतीय नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश की जा रही है।

    नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण सड़क और संपर्क व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ में 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। इससे कई इलाकों का एक-दूसरे से संपर्क टूट गया है और राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।

    नेपाल की इस आपदा के बीच अब भोपाल समेत मध्य प्रदेश के उन परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है, जिनके अपने लोग वहां फंसे हुए हैं या जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

  • नेपाल में आई तबाही के बाद भोपाल के 29 लोग लापता…. गोसाईकुंडा तीर्थ गए थे घूमने

    नेपाल में आई तबाही के बाद भोपाल के 29 लोग लापता…. गोसाईकुंडा तीर्थ गए थे घूमने


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) का एक परिवार और उनसे जुड़े कुल 29 लोग नेपाल (Nepal) में अचानक आई भीषण बाढ़ (Devastating floods) के बाद से लापता हैं। परिवार की एक महिला ने उनके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये सभी लोग जोड़े से नेपाल के रसुवा जिले में स्थित गोसाईकुंडा तीर्थ (Gosaikunda Pilgrimage) में घूमने गए थे। इसी दौरान वहां आई इस बाढ़ में फंस गए।

    महिला ने बताया कि परिवार के एक सदस्य से जो आखिरी बार बात हुई थी, उसमें उन्होंने कहा था कि हम लोग एक मकान की छत पर खड़े हुए हैं, लेकिन हमारा बचना मुश्किल है, आप लोग हमारे बच्चों को देख लेना, आप उनकी देखभाल करना।

    नेपाल में लापता हुए 29 सदस्यों की जानकारी देते हुए परिवार की महिला देवकी अधिकारी ने बताया, ‘मेरे जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी, दीदी-जीजाजी को मिलाकर कुल 29 लोग वहां गए हैं। ये सभी लोग जोड़े से वहां एक तीर्थ की यात्रा करने गए हैं, जहां पर पूर्णिमा पर दर्शन करने जाते हैं।’


    खाना अधूरा छोड़कर भागे, सामान भी नहीं उठाया

    महिला ने बताया कि ये लोग बुधवार को जब निकले थे, तो वहां ऐसी कोई आशंका नहीं थी, कि आगे जाकर कोई खतरा हो सकता है। लेकिन आगे जाकर जब वे खाना खाने के लिए रुके थे, वहां उन्हें पता चला कि पीछे से कोई बाढ़ आ रही है, जिसमें जान का खतरा है। जिसके बाद वे जल्दबाजी में अधूरा खाना छोड़कर उठे और अपनी बस व सामान को छोड़कर वहां से भागे, और जैसे-तैसे पास में स्थिति पहाड़ पर चढ़कर वहां बने एक मकान की छत पर जाकर रूके।’


    ‘आधा घर डूब चुका है, अब हम लोग नहीं बचेंगे’

    महिला ने आगे कहा कि ‘वहां पहुंचकर उन्हें लगा था कि शायद वो बच जाएंगे। लेकिन जब ऐसा होना मुश्किल लगा तो उनमें से एक रिश्तेदार में घर पर फोन लगाकर पूरा घटनाक्रम बताया और कहा कि हमारी बस तो चली गई है और हम फिलहाल छत पर आकर रूके हैं, लेकिन अब हमारी जान को भी खतरा है। उन्होंने बताया कि ‘आधा घर डूब चुका है, और अब हम लोग नहीं बच पाएंगे। हमारे बच्चों को देख लेना’, महिला ने कहा, ‘बस उनके मुंह से इतना ही निकला था, कि फिर बगैर फोन कटे ही सामने से आवाज आना बंद हो गई।’


    बुधवार सुबह हुई बात के बाद कोई संपर्क नहीं हो पाया

    महिला ने बताया कि यह बात उनसे कल सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई थी और अब 24 घंटे से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी वहां गए किसी भी व्यक्ति से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। महिला ने कहा, ‘जिस बस से वो लोग गए थे उसका भी कुछ पता नहीं है और उन 29 लोगों का भी फिलहाल कुछ पता नहीं चला है। एक की भी बॉडी अबतक नहीं मिली है।’


    बच्चों का रो रोकर बुरा हाल, सरकार से मांगी मदद

    महिला के अनुसार वहां गए सभी लोग आपस में परिचित थे और सभी कहीं ना कहीं एक-दूसरे के रिश्ते में लगते थे। उधर उनके लापता होने के बाद सभी के बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, कोई ससुराल में है तो कोई नौकरी करने गया हुआ है और वे सभी अपने माता-पिता के लिए परेशान हो रहे हैं। महिला ने सरकार से उन लोगों का पता लगाने में मदद करने की गुहार लगाई है।

  • ट्रेकिंग पर गए इंदौर निवासी अद्वैत की तलाश में जुटी बेंगलुरु पुलिस, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

    ट्रेकिंग पर गए इंदौर निवासी अद्वैत की तलाश में जुटी बेंगलुरु पुलिस, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

    नई दिल्ली । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित शिवगंगे पहाड़ियों से मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी एक युवक के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। लापता युवक की पहचान 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु के बेगुर क्षेत्र में रहकर एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने घने पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान प्रारंभ कर दिया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, अद्वैत उपाध्याय ने शुक्रवार को सुबह ट्रेकिंग पर जाने से पूर्व अपनी मंगेतर को अपनी इस यात्रा की जानकारी दी थी। इसके बाद उसने आवागमन के लिए एक दुपहिया वाहन किराए पर लिया और शिवगंगे पहाड़ी की तलहटी में पहुंचा। सुबह लगभग साढ़े छह बजे उसने अपना वाहन पार्क किया और पहाड़ी की ओर चढ़ना शुरू किया। तलहटी के समीप स्थापित सीसीटीवी कैमरों में उसे अकेले पहाड़ी की ओर जाते हुए देखा गया है।

    पहाड़ी पर चढ़ने के कुछ समय बाद से ही अद्वैत का कोई संपर्क नहीं हो सका है और उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। लंबे समय तक सुराग न मिलने पर परिजनों ने किसी अनहोनी या राहजनी की आशंका व्यक्त की है। परिजनों को संदेह है कि सुनसान इलाका होने के कारण किसी आपराधिक तत्व ने उसे निशाना बनाया हो सकता है।

    घटना के संबंध में कडुगोडी पुलिस थाने में औपचारिक गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिवगंगे की कठिन और दुर्गम पहाड़ियों में पुलिसकर्मियों की विशेष टीमों के साथ डॉग स्क्वायड को भी तैनात किया गया है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दुर्घटना, राहजनी और अपहरण समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन छानबीन कर रही है।

    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी कर्नाटक पुलिस के संपर्क में हैं। मध्य प्रदेश में अद्वैत के परिवारजन और रिश्तेदार उसकी सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। राज्य के गृह विभाग द्वारा भी इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि तलाशी अभियान में तेजी लाई जा सके।

    बेंगलुरु पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों और पर्यटकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग जुटाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। प्रशासन ने जल्द ही स्थिति स्पष्ट होने और युवक को सुरक्षित ढूंढ निकालने का आश्वासन दिया है।

  • लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    नई दिल्ली । 80 के दशक के प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता राज किरण के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की खबर एक बार फिर चर्चा में है। 23 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सका है कि सौ से अधिक फिल्मों में काम कर चुके यह अभिनेता इस समय कहां हैं। वर्ष 1975 में 26 साल की उम्र में कागज की नाव फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने कर्ज और अर्थ जैसी यादगार फिल्मों में काम किया था। वर्ष 1980 में उनकी आठ फिल्में प्रदर्शित हुई थीं, जिससे वे उस दौर के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हो गए थे।

    वर्ष 1990 के दशक में काम न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण अभिनेता मानसिक तनाव का शिकार हो गए थे। पारिवारिक समस्याओं और वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। डिप्रेशन के कारण उन्होंने उस दौर में बन रही कई बड़ी फिल्मों की शूटिंग बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए, जहां उनके टैक्सी चलाने और बाद में मुंबई के एक मेंटल अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अस्पताल से बाहर आने के बाद भी जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला, तो वे पुनः विदेश चले गए।

    वर्ष 2011 में जब दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर ने अमेरिका यात्रा के दौरान उनके भाई से संपर्क किया, तब यह बात सामने आई थी कि वे अटलांटा के एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। हालांकि, अभिनेता के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि वे खुद कई सालों से उनकी तलाश कर रहे हैं। वर्तमान में भी निजी जांचकर्ताओं और उद्योग से जुड़े लोगों द्वारा उनकी खोज जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई आधिकारिक सुराग नहीं मिल पाया है। 80 के दशक का यह स्थापित कलाकार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक बना हुआ है।