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  • हरतालिका तीज पर सुहागिनें रखेंगी निर्जला व्रत…. भूलकर भी न करें ये गलतियां

    हरतालिका तीज पर सुहागिनें रखेंगी निर्जला व्रत…. भूलकर भी न करें ये गलतियां


    नई दिल्ली। ह
    रतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का व्रत सुहागिन महिलाओं (Married women) के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं और माता पार्वती (Mother Parvati) तथा भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा करती हैं। कई महिलाएं निर्जला व्रत भी रखती हैं, जिसके कारण पूरे दिन बिना पानी और भोजन के रहना पड़ सकता है। ऐसे में पूजा-पाठ के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

    तीज व्रत को लेकर घर-परिवार में कई तरह की परंपराएं होती हैं। कोई पूरे दिन निर्जला रहती हैं, तो कुछ महिलाएं अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार फलाहार करती हैं। समस्या तब हो सकती है जब व्रत रखने के उत्साह में महिलाएं शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर दें या व्रत खोलते समय अचानक बहुत ज्यादा खाना खा लें।

    इसके अलावा सुबह की तैयारी में बिना कुछ खाए ज्यादा मेहनत करना, पर्याप्त आराम न लेना, पहले से पानी कम पीना और व्रत खत्म होते ही भारी भोजन करना ऐसी आदतें हैं, जिनसे परेशानी हो सकती है तो इस तीज व्रत रखते समय किन आम गलतियों से बचना चाहिए? निर्जला व्रत में किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए और व्रत खोलते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए? आइए जानते हैं।


    व्रत से पहले अचानक पानी पीना बंद न करें

    अगर आप निर्जला व्रत रखने वाली हैं तो एक दिन पहले से ही पानी या तरल पदार्थ लेना कम कर देना सही तरीका नहीं है। शरीर को सामान्य रूप से हाइड्रेट रखना जरूरी है। दिनभर की गर्मी, उमस और आपकी गतिविधि के अनुसार पर्याप्त तरल लेने पर अगले दिन व्रत के दौरान शरीर पर अचानक दबाव कम हो सकता है। हालांकि पानी की कितनी मात्रा आपके लिए उचित है, यह मौसम, उम्र, गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। किसी बीमारी या डॉक्टर की विशेष सलाह होने पर उसी को प्राथमिकता दें।

    व्रत के नाम पर शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

    तीज का व्रत धार्मिक आस्था से जुड़ा है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि तबीयत खराब होने के बावजूद किसी भी कीमत पर व्रत जारी रखा जाए। बहुत ज्यादा कमजोरी, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना, भ्रम, अत्यधिक प्यास या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।


    सुबह से ही बहुत ज्यादा काम करने की गलती

    तीज के दिन पूजा, सजावट, मेहंदी, तैयारियां और घर के कामों के बीच महिलाएं अक्सर खुद के लिए आराम का समय नहीं निकाल पातीं। निर्जला व्रत के दौरान लगातार खड़े रहना या बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करना थकान बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि पूजा की जरूरी तैयारी पहले ही पूरी कर लें। भारी काम परिवार के दूसरे सदस्यों को सौंपें और दिन में बीच-बीच में आराम करें।


    धूप और गर्मी में ज्यादा देर रहने से बचें

    अगर तीज का व्रत निर्जला है तो गर्म मौसम में लंबे समय तक धूप में रहने से परेशानी बढ़ सकती है। शरीर में पानी की कमी का जोखिम बढ़ सकता है और कमजोरी या चक्कर जैसी समस्या हो सकती है। पूजा या किसी धार्मिक कार्यक्रम के लिए बाहर जाना हो तो मौसम को ध्यान में रखें और संभव हो तो ठंडी या छायादार जगह में रहें।


    व्रत खोलते ही भारी खाना न खाएं

    दिनभर के व्रत के बाद सबसे आम गलती होती है कि पूजा खत्म होते ही लोग बहुत ज्यादा खाना खा लेते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद अचानक बहुत तला-भुना या भारी भोजन करने से पेट में असहजता हो सकती है। व्रत खोलते समय धीरे-धीरे और सीमित मात्रा में भोजन लेना बेहतर है। फल, हल्का भोजन या आसानी से पचने वाली चीजों से शुरुआत की जा सकती है। इसके बाद जरूरत के अनुसार सामान्य भोजन लिया जा सकता है।


    सिर्फ चाय-कॉफी के भरोसे न रहें

    जो महिलाएं निर्जला व्रत नहीं रखतीं, उनके लिए भी दिनभर केवल चाय या कॉफी लेते रहना अच्छा विकल्प नहीं है। व्रत में फलाहार करने वाली महिलाएं अपने लिए पौष्टिक और संतुलित विकल्प चुन सकती हैं। फल, दूध या दही जैसे खाद्य पदार्थ और घर में प्रचलित फलाहारी भोजन अपनी जरूरत के अनुसार लिया जा सकता है। अत्यधिक मीठे या बहुत तले हुए फलाहारी स्नैक्स को ही पूरे दिन का भोजन बना लेना संतुलित विकल्प नहीं है।


    दवाइयों को लेकर लापरवाही न करें

    अगर आप रोजाना कोई जरूरी दवा लेती हैं तो व्रत के कारण उसे अपने मन से बंद या समय में बदलाव न करें। कुछ दवाओं का भोजन या पानी के साथ लेना जरूरी हो सकता है। ऐसी स्थिति में व्रत रखने से पहले डॉक्टर से बात करें और दवा के समय या व्रत की पद्धति को लेकर उचित सलाह लें। धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी को नजरअंदाज करना सही नहीं है।


    इस तीज रखें आस्था के साथ सेहत का भी ध्यान

    तीज के दिन सजना-संवरना, पूजा करना और परिवार के साथ त्योहार मनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि आप स्वस्थ रहें। व्रत से पहले शरीर को सामान्य रूप से हाइड्रेट रखें, जरूरत से ज्यादा मेहनत से बचें। तबीयत खराब होने पर लक्षणों को नजरअंदाज न करें और व्रत खोलते समय भोजन धीरे-धीरे लें। आस्था के साथ सावधानी भी जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ रहकर ही त्योहार की खुशी पूरी तरह महसूस की जा सकती है।

  • हरमनप्रीत कौर ने बताई भूलें, मुंबई इंडियंस की जीत WPL 2026 में आखिरी ओवर तक फिसली

    हरमनप्रीत कौर ने बताई भूलें, मुंबई इंडियंस की जीत WPL 2026 में आखिरी ओवर तक फिसली

    नई दिल्ली। WPL 2026 के पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हाथों रोमांचक हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने 20 ओवरों में 154 रन बनाए, लेकिन आरसीबी की मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी ने खेल का रुख बदल दिया। आरसीबी ने सिर्फ 65 रन पर पांच अहम विकेट खो दिए थे, और उस समय मैच मुंबई के पक्ष में दिखाई दे रहा था।

    लेकिन नादिन डि क्लार्क ने शानदार खेल दिखाया और टीम को अंतिम ओवर तक बनाए रखा। उनका आत्मविश्वास और पारी ने रोमांचक मोड़ ला दिया।

    18 रन, आखिरी ओवर और मुंबई की चूक

    मैच के निर्णायक अंतिम ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे। मुंबई इंडियंस ने यह ओवर नेट सेवियर ब्रंट को सौंपा। शुरुआती दो गेंदों में ब्रंट ने अच्छी नियंत्रण वाली गेंदें फेंकी, जिससे मुंबई की जीत लगभग तय लग रही थी। लेकिन इसके बाद उनकी लाइन और लेंथ लड़खड़ा गई, और नादिन ने लगातार चौके और छक्के जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी।

    हरमनप्रीत कौर ने स्वीकार की गेंदबाजी में चूक

    हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम को नादिन डि क्लार्क की क्षमताओं का पहले से अंदाजा था, लेकिन अंतिम ओवर में गेंदबाजी सटीक नहीं रही। उन्होंने माना कि मुंबई ने नादिन को दो-तीन अवसर दिए, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह भुनाया। हरमनप्रीत ने कहा, “सिर्फ एक सही गेंद डाली जाती तो नतीजा मुंबई के पक्ष में हो सकता था।”

    टीम की सीख और आगे की तैयारी

    हरमनप्रीत कौर ने यह भी कहा कि WPL में ऐसे करीबी मुकाबले आम हैं और टीम इस हार से सीख लेकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रहने और दबाव में सही निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    इस रोमांचक शुरुआत से यह साफ हो गया है कि WPL 2026 में हर मैच दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और निर्णायक साबित होगा। मुंबई इंडियंस अब अपनी अगली चुनौती के लिए तैयारी में जुट जाएगी, जबकि आरसीबी ने जीत के साथ आत्मविश्वास बढ़ाया।