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  • स्टार्क के तूफान में उड़ी बांग्लादेशी टीम, हार के बाद कप्तान शांतो बोले- विदेशों में और टेस्ट खेलने की जरूरत

    स्टार्क के तूफान में उड़ी बांग्लादेशी टीम, हार के बाद कप्तान शांतो बोले- विदेशों में और टेस्ट खेलने की जरूरत


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिली करारी हार के बाद बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो निराश नजर आए। मैके में खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश को महज दो दिन के भीतर पारी और 51 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। बांग्लादेश ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी।

    शांतो ने मैच के बाद माना कि बांग्लादेश ने इस मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम की क्षमता और अनुभव की तारीफ करते हुए कहा कि कंगारू खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में अपना जज्बा दिखाया। उनके मुताबिक बांग्लादेश के लिए यह मुकाबला सीखने का महत्वपूर्ण अवसर है और विदेशों में मुश्किल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव आगे टीम के काम आएगा।

    मैके टेस्ट में बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। पहली पारी में टीम सिर्फ 64 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 210 रन बनाकर 146 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में भी बांग्लादेश के बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके और पूरी टीम 95 रन पर सिमट गई। कप्तान शांतो ने दूसरी पारी में 31 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे।

    हालांकि बांग्लादेश के गेंदबाजों ने मुकाबले में कुछ शानदार प्रदर्शन जरूर किया। शोरिफुल इस्लाम ने पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट हासिल किए। उनका यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी गेंदबाज के शानदार प्रदर्शनों में शामिल रहा। शांतो ने शोरिफुल के साथ तस्कीन अहमद और हसन महमूद की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिच पर बल्लेबाजी करना दोनों टीमों के लिए मुश्किल था और उनके गेंदबाजों ने परिस्थितियों का अच्छी तरह इस्तेमाल किया।

    कप्तान शांतो ने मैके की परिस्थितियों को डार्विन से अलग बताया। उनके मुताबिक यहां हवा में ज्यादा बाउंस और स्विंग था जिससे बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। हालांकि उनका मानना है कि अगर बांग्लादेश को टेस्ट क्रिकेट में आगे बढ़ना है तो खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालना होगा। इस दौरे से टीम को इसी दिशा में महत्वपूर्ण अनुभव मिला है।

    शांतो ने विदेशों में अधिक टेस्ट खेलने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि अगर बांग्लादेश को हर साल ऑस्ट्रेलिया जैसी परिस्थितियों में खेलने का मौका मिले तो टीम के खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। उन्होंने लंबे अंतराल के बाद विदेश दौरे पर सिर्फ दो टेस्ट खेलने को पर्याप्त नहीं माना। उनके मुताबिक लगातार मुश्किल परिस्थितियों में खेलने से ही टीम अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार सकती है।

    बांग्लादेश के कप्तान ने हार के बावजूद टीम के जज्बे को सकारात्मक बताया। पहले टेस्ट में मिली ऐतिहासिक जीत ने दिखाया कि टीम में क्षमता है लेकिन दूसरे टेस्ट के प्रदर्शन ने यह भी साफ कर दिया कि विदेशों में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बांग्लादेश को अभी काफी मेहनत करनी होगी। सीरीज 1-1 से बराबर होने के साथ ही दोनों टीमों के लिए यह दौरा अलग-अलग सबक छोड़ गया।

  • हार के बाद कंगारुओं का पलटवार, बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर कमिंस बोले- खिलाड़ियों ने शानदार जवाब दिया

    हार के बाद कंगारुओं का पलटवार, बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर कमिंस बोले- खिलाड़ियों ने शानदार जवाब दिया

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जोरदार वापसी करते हुए पारी और 51 रन से शानदार जीत दर्ज की। मैके में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई और मैच महज दो दिन में खत्म हो गया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। पहले टेस्ट में डार्विन के मैदान पर मिली 9 विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पर सवाल उठ रहे थे लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम ने गेंदबाजी और फील्डिंग में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया।

    मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टीम की वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह कई चीजें सही नहीं हुई थीं लेकिन मैके में टीम ने दो दिनों तक शानदार क्रिकेट खेला। कमिंस के मुताबिक टीम को इस तरह की वापसी की जरूरत थी और खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके इसका जवाब दिया। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने खास तौर पर टीम की शुरुआती गेंदबाजी को जीत की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि मुकाबले के शुरुआती एक-दो घंटे में अगर टीम को अच्छी शुरुआत मिल जाती है तो उससे पूरे मैच की दिशा तय हो सकती है।

    दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पहली पारी में महज 64 रन पर समेट दिया। मिचेल स्टार्क ने कहर बरपाते हुए 6 विकेट अपने नाम किए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 210 रन बनाए और 146 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कैमरून ग्रीन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि स्टीव स्मिथ ने 42 और नाथन लियोन ने 32 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए शोरिफुल इस्लाम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 7 विकेट हासिल किए लेकिन उनकी टीम को बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।

    दूसरी पारी में भी बांग्लादेश की कहानी नहीं बदली। पूरी टीम 38.3 ओवर में सिर्फ 95 रन पर ढेर हो गई। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 31 रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे। बाकी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके। मिचेल स्टार्क ने दूसरी पारी में भी 4 विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट पूरे किए। पैट कमिंस और नाथन लियोन ने भी 3-3 विकेट झटके।

    कमिंस ने इस दौरान कैमरून ग्रीन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ग्रीन ने मुश्किल स्थिति में टीम की पारी को संभाला और उनकी 67 रन की पारी से उन्हें काफी आत्मविश्वास मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का मानना है कि ग्रीन के अंदर टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है और आगे उनके पास काफी क्रिकेट है।

    यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि टेस्ट मैच महज दो दिन और 750 गेंदों में समाप्त हो गया। डार्विन में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मैके में जिस अंदाज में पलटवार किया उससे टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। अब सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

  • 9 विकेट की हार का ऑस्ट्रेलिया ने लिया हिसाब, बांग्लादेश 95 रन पर ढेर; दूसरे टेस्ट में पारी से मिली करारी शिकस्त

    9 विकेट की हार का ऑस्ट्रेलिया ने लिया हिसाब, बांग्लादेश 95 रन पर ढेर; दूसरे टेस्ट में पारी से मिली करारी शिकस्त


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार वापसी करते हुए पहले टेस्ट में मिली हार का करारा जवाब दे दिया है। साउथ मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को दूसरे ही दिन पारी और 51 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर इतिहास रचा था लेकिन दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जबरदस्त पलटवार किया और बांग्लादेश को पूरे मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

    दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 165 रन से आगे शुरू की। टीम की पहली पारी 210 रन पर समाप्त हुई। कैमरन ग्रीन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि स्टीव स्मिथ ने 42 और नाथन लियोन ने 32 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश के खिलाफ 146 रन की बड़ी बढ़त मिली। बांग्लादेश की ओर से शोरिफुल इस्लाम सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 7 विकेट अपने नाम किए।

    इसके बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी शुरू हुई तो ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पूरी टीम 38.3 ओवर में सिर्फ 95 रन पर ढेर हो गई। बांग्लादेश की पारी दूसरे दिन तीसरे सत्र की तीसरी गेंद पर समाप्त हुई और इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 51 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 31 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा योगदान दिया। मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 10 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

    ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई एक बार फिर मिचेल स्टार्क ने की। स्टार्क ने दूसरी पारी में 4 विकेट चटकाए जबकि पैट कमिंस और नाथन लियोन ने 3-3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया। इससे पहले बांग्लादेश की पहली पारी भी केवल 64 रन पर सिमट गई थी और स्टार्क ने उस पारी में 6 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी।

    इस मुकाबले में मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरी सीरीज में भी स्टार्क का प्रदर्शन शानदार रहा। पहले टेस्ट में उन्होंने 2 विकेट लिए थे जबकि दूसरे मुकाबले में 10 विकेट झटककर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के चलते स्टार्क को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी मिला।

    डार्विन में मिली हार ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बेहद निराशाजनक रही थी क्योंकि यह अपने घरेलू मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ उसकी पहली टेस्ट हार थी। उस मुकाबले में 9 विकेट से मिली हार के बाद टीम की आलोचना हुई थी। लेकिन साउथ मैके टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया और बांग्लादेश को संभलने का अवसर तक नहीं दिया। खास बात यह रही कि बांग्लादेश लगातार दूसरी पारी में भी 100 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। इस शानदार जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज बराबर कर ली और पहले टेस्ट की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया।

  • शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क का ऐतिहासिक कमाल, हेराथ को पीछे छोड़ा और कपिल देव के क्लब में पहुंचे

    शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क का ऐतिहासिक कमाल, हेराथ को पीछे छोड़ा और कपिल देव के क्लब में पहुंचे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में अपने शानदार करियर का एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क ने इतिहास रच दिया। इस विकेट के साथ उनके टेस्ट क्रिकेट में 434 विकेट पूरे हो गए और वह टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए। स्टार्क ने इस मामले में श्रीलंका के महान स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया है। मैच शुरू होने से पहले स्टार्क और हेराथ दोनों के नाम 433 टेस्ट विकेट थे।

    बांग्लादेश की पहली पारी के नौवें ओवर में स्टार्क ने शादमान इस्लाम को अपनी गेंद पर आउट किया। नाथन लायन ने उनका कैच पकड़ा और इसी विकेट के साथ स्टार्क के नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। 36 साल के स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खब्बू गेंदबाज हैं। उनके नाम 434 विकेट हो चुके हैं जबकि रंगना हेराथ ने अपने टेस्ट करियर में 433 विकेट हासिल किए थे।

    स्टार्क की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 434 विकेट के आंकड़े तक पहुंचते ही उन्होंने भारत के महान कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव की भी बराबरी कर ली। कपिल देव ने 1978 से 1994 के बीच 131 टेस्ट मैच खेलकर 434 विकेट लिए थे। स्टार्क ने यह आंकड़ा अपने 106वें टेस्ट मैच में हासिल किया है। इस तरह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में स्टार्क और कपिल देव अब संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं।

    बाएं हाथ के गेंदबाजों की बात करें तो स्टार्क इस सूची में सबसे ऊपर पहुंच चुके हैं। उनके बाद रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम 414 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के डेनियल वेटोरी ने 362 विकेट लिए हैं जबकि श्रीलंका के चामिंडा वास के नाम 355 विकेट हैं। भारत के रवींद्र जडेजा भी 348 टेस्ट विकेट के साथ इस खास सूची में शामिल हैं।

    अब स्टार्क की नजर टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की टॉप-10 सूची पर है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन 439 विकेट के साथ 10वें स्थान पर हैं। स्टार्क के खाते में फिलहाल 434 विकेट हैं। यानी स्टेन को पीछे छोड़कर टॉप-10 में जगह बनाने के लिए स्टार्क को छह और विकेट हासिल करने होंगे। जिस तरह वह लगातार विकेट चटका रहे हैं उसे देखते हुए यह मुकाम भी उनके लिए ज्यादा दूर नजर नहीं आता।

    स्टार्क ने अक्टूबर 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी स्विंग और खतरनाक यॉर्कर के दम पर उन्होंने दुनिया के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में अपनी जगह बनाई। खासकर बड़े टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया की सफलता का अहम हिस्सा रहा है। वह 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे। 2015 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था।

    स्टार्क उन चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने वनडे विश्व कप टी20 विश्व कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता है। वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने 130 वनडे इंटरनेशनल मुकाबलों में 23.58 की औसत से 247 विकेट हासिल किए हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका शानदार सफर अब भी जारी है।

    शादमान इस्लाम का विकेट स्टार्क के लिए सिर्फ एक और विकेट नहीं था बल्कि यह उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया। रंगना हेराथ को पीछे छोड़कर टेस्ट के सबसे सफल खब्बू गेंदबाज बनने के बाद अब उनकी निगाहें डेल स्टेन के 439 विकेट पर हैं। अगर स्टार्क छह और विकेट हासिल कर लेते हैं तो टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक टॉप-10 गेंदबाजों में उनका नाम भी दर्ज हो जाएगा।

  • IPL 2027 में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के खेलने पर सस्पेंस, मैकडोनाल्ड के बयान से मची हलचल

    IPL 2027 में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के खेलने पर सस्पेंस, मैकडोनाल्ड के बयान से मची हलचल


    नई दिल्ली । आईपीएल 2027 के शुरू होने से काफी पहले ही ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड के बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। दरअसल अगले साल ऑस्ट्रेलियाई टीम का इंटरनेशनल शेड्यूल बेहद व्यस्त रहने वाला है और इसी वजह से टीम के प्रमुख टेस्ट खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने को लेकर मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं। हालांकि मैकडोनाल्ड ने यह साफ नहीं किया है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आईपीएल 2027 से पूरी तरह बाहर रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि खिलाड़ियों की फिटनेस, वर्कलोड और इंटरनेशनल प्रतिबद्धताओं को देखते हुए अलग-अलग फैसले लिए जा सकते हैं।

    आईपीएल 2027 के मार्च के मध्य से मई के अंत तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद जून में संभावित वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल होना है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के पास इंटरनेशनल क्रिकेट से आराम का समय काफी सीमित रह सकता है। अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलियाई टीम को करीब 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं। इस व्यस्त कार्यक्रम में भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भी शामिल है। इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर इंग्लैंड के खिलाफ एक विशेष टेस्ट और फिर एशेज सीरीज भी ऑस्ट्रेलिया के कार्यक्रम का हिस्सा है।

    ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख टेस्ट खिलाड़ियों के लिए आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती हो सकता है। हालांकि एंड्रयू मैकडोनाल्ड का मानना है कि आईपीएल ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के मैनेजमेंट प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बेहतरीन टी20 प्रतियोगिताओं में से एक आईपीएल में अपने प्रमुख खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलने से उन्हें फायदा हो सकता है। लेकिन इसके साथ ही खिलाड़ियों के वर्कलोड और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाना जरूरी होगा।

    ऑस्ट्रेलिया के कई बड़े सितारे फिलहाल आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़े हुए हैं। पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रेविस हेड जैसे खिलाड़ी आईपीएल में अपनी पहचान बना चुके हैं। इसके अलावा जोश इंग्लिस भी लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं। ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलिया के नियमित टेस्ट खिलाड़ी अगले सीजन में अपनी उपलब्धता सीमित करते हैं या टूर्नामेंट से बाहर रहने का फैसला करते हैं तो इसका सीधा असर आईपीएल फ्रेंचाइजियों की रणनीति पर पड़ सकता है। खासकर रिटेंशन और टीम संयोजन को लेकर फ्रेंचाइजियों को पहले से योजना बनानी होगी।

    मैकडोनाल्ड के बयान में सबसे ज्यादा जोर तेज गेंदबाजों के वर्कलोड और रिकवरी पर रहा। ऑस्ट्रेलिया के पास अगले कुछ समय में बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले हैं और टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता कि लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से उसके प्रमुख तेज गेंदबाजों की फिटनेस प्रभावित हो। भारत दौरा, एशेज और वनडे विश्व कप जैसे बड़े लक्ष्य सामने होने के कारण खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम देना ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकता हो सकती है।

    मैकडोनाल्ड ने यह भी संकेत दिया कि देश और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच किसी एक को चुनने का फैसला सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसा नहीं होगा। खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग फैसले लिए जा सकते हैं। अगर किसी खिलाड़ी के लिए आईपीएल उसके वर्कलोड प्लान में फिट बैठता है तो वह टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकता है और अगर ऐसा संभव नहीं होता है तो खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट मिलकर फैसला कर सकते हैं।

    इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी आईपीएल 2027 में नहीं खेलेंगे। मैकडोनाल्ड के बयान से इतना जरूर साफ है कि इस बार खिलाड़ियों की उपलब्धता केवल फ्रेंचाइजी या व्यक्तिगत इच्छा से तय नहीं होगी बल्कि फिटनेस, इंटरनेशनल शेड्यूल और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा। ऐसे में आईपीएल 2027 की नीलामी और रिटेंशन से पहले ऑस्ट्रेलियाई सितारों की उपलब्धता पर सभी फ्रेंचाइजियों की नजरें टिकी रहेंगी।

  • चोट से उबरकर मिचेल स्टार्क की धमाकेदार वापसी तय, दिल्ली कैपिटल्स को मिलेगा बड़ा फायदा

    चोट से उबरकर मिचेल स्टार्क की धमाकेदार वापसी तय, दिल्ली कैपिटल्स को मिलेगा बड़ा फायदा


    नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली खबर सामने आई है, जिसने टीम के खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को प्रतियोगी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई है, जिसके बाद उनके जल्द ही दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने की पूरी संभावना बन गई है। लंबे समय से चोट की समस्या से जूझ रहे स्टार्क को कोहनी और कंधे की परेशानी के कारण इस सीजन के शुरुआती मैचों से बाहर रहना पड़ा था, लेकिन अब उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है और वह जल्द मैदान पर नजर आ सकते हैं।

    स्टार्क की चोट की शुरुआत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के दौरान हुई थी, जहां उन्होंने लगातार पांच टेस्ट मैच खेले थे और अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया था। इसके बावजूद उनके कंधे और कोहनी में धीरे-धीरे दर्द बढ़ता गया, जिसने बाद में उनकी फिटनेस पर असर डाला। इसके बाद उन्हें रिकवरी और रिहैब प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिसके कारण वह आईपीएल के शुरुआती चरण में उपलब्ध नहीं हो पाए। उनकी अनुपस्थिति का असर दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी पर साफ नजर आया और टीम को कई मुकाबलों में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

    इस दौरान सोशल मीडिया पर उनके आईपीएल में न खेलने को लेकर कई तरह की चर्चाएं और आलोचनाएं भी देखने को मिलीं, लेकिन स्टार्क ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह फिट होने के बाद ही मैदान में वापसी करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी चोट टीम के लिए शुरुआती मैचों में चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रही है, लेकिन उनका लक्ष्य पूरी तरह स्वस्थ होकर टीम को योगदान देना है।

    अब जब उन्हें आधिकारिक रूप से मंजूरी मिल गई है, तो उनके जल्द ही टीम से जुड़ने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतर सकते हैं, जिससे दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी को बड़ा फायदा मिलेगा। उनकी वापसी से टीम की पेस अटैक को मजबूती मिलेगी और डेथ ओवर्स में रन रोकने की क्षमता भी बेहतर होगी।

    वर्तमान में दिल्ली कैपिटल्स ने अपने प्रदर्शन में संतुलन बनाए रखा है, लेकिन टीम को लगातार जीत की जरूरत है ताकि प्लेऑफ की दौड़ में मजबूत स्थिति बनाई जा सके। ऐसे में मिचेल स्टार्क की वापसी टीम के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। उनकी अनुभव और गेंदबाजी कौशल विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

    टीम प्रबंधन भी स्टार्क की वापसी को लेकर बेहद उत्साहित है और उम्मीद कर रहा है कि उनके आने से गेंदबाजी आक्रमण में स्थिरता और धार दोनों बढ़ेंगी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्टार्क कब पूरी तरह मैदान पर उतरते हैं और अपने प्रदर्शन से टीम को कितनी मजबूती प्रदान करते हैं।

  • जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा

    जोफ्रा आर्चर का पांच विकेट हॉल बेकार ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे एशेज टेस्ट में कसा शिकंजा


    नई दिल्ली । तीसरे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट लिए। हालांकि इस गेंदबाजी प्रदर्शन के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी और इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।

    एडिलेड में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही लेकिन एलेक्स कैरी 106 और उस्मान ख्वाजा 82 की शानदार पारियों ने ऑस्ट्रेलिया को 371 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। इस बीच मिचेल स्टार्क 54 और जोश इंग्लिस 32 ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जिससे इंग्लैंड की टीम को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।

    इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर ने मैच के दूसरे दिन जबरदस्त गेंदबाजी की और पांच विकेट हॉल लिया लेकिन इसके बावजूद इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा करने में मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा ब्रायडन कार्स और विल जैक्स ने भी 2-2 विकेट हासिल किए लेकिन इंग्लैंड की टीम ने जल्द ही अपने सभी विकेट गंवा दिए और 371 रनों के स्कोर पर आउट हो गई।

    इंग्लैंड के लिए अब संघर्ष और भी बढ़ गया क्योंकि पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए उनकी शुरुआत खराब रही। 37 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की स्थिति और भी नाजुक हो गई। इंग्लैंड ने अगले 5 रनों में 2 और विकेट खो दिए जिससे उनकी पारी पर संकट मंडराता दिख रहा है।

    इस सीरीज में इंग्लैंड पहले ही दो मैच हार चुका है और यदि वे इस टेस्ट मैच में भी हार जाते हैं तो वे एशेज ट्रॉफी हारने के कगार पर पहुंच जाएंगे। इस स्थिति में इंग्लैंड के लिए सीरीज को बचाने के लिए इस मैच में दमदार वापसी करना आवश्यक होगा। हालांकि दो मुकाबले अभी बाकी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पास 3-0 की बढ़त के साथ एशेज ट्रॉफी की ओर कदम बढ़ाए हुए हैं।