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  • सीएम विजय ने एमके स्टालिन पर वार, कहा- आपके अपने लोग ही आपकी राजनीति खत्म करेंगे

    सीएम विजय ने एमके स्टालिन पर वार, कहा- आपके अपने लोग ही आपकी राजनीति खत्म करेंगे

    नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर करारा हमला बोला है। टीवीके ने स्पष्ट किया कि स्टालिन को सबसे बड़ा राजनीतिक झटका उनके विरोधियों से नहीं, बल्कि उनके अपने करीबी सहयोगियों और आसपास सक्रिय लोगों से मिलेगा।

    टीवीके की आईटी विंग ने डीएमके (DMK) पर आरोप लगाया कि पार्टी परिवारवाद और सत्ता को केवल अपने ही परिवार तक सीमित रखती है। टीवीके ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन और जनता के समर्थन के माध्यम से सत्ता में आई है, जबकि डीएमके केवल अपने परिवार और करीबी लोगों के लिए सत्ता संरक्षित रखता है।

    सीएम विजय ने स्टालिन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके इर्द-गिर्द मौजूद लोग उन्हें वास्तविक परिस्थितियों और जमीनी सच्चाई से दूर रख रहे हैं। टीवीके ने तंज कसते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो स्टालिन को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जैसा कि उन्होंने कोलाथुर सीट और सत्ता खोने के समय देखा था।

    टीवीके ने अपने बयान में यह भी कहा कि पार्टी केवल राजनीतिक फायदा उठाने वाली स्वार्थी ताकत नहीं है और वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्टालिन का राजनीतिक अंत उनके विरोधियों से नहीं, बल्कि उनके आसपास सक्रिय चापलूसों के समूह से होगा।

    टीवीके के इस बयान पर अभी तक DMK की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान आगामी विधानसभा और स्थानीय चुनावों को लेकर तमिलनाडु में बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

    टीवीके का दावा है कि उनकी पार्टी जनता के व्यापक समर्थन के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है। इसके जरिए वह यह संदेश देना चाहती है कि लोकतांत्रिक सहयोग और जनता की आवाज पर आधारित राजनीति ही टिकाऊ है।

    विश्लेषकों का कहना है कि सीएम विजय का यह हमला केवल पूर्व सीएम स्टालिन पर निशाना नहीं है, बल्कि यह DMK के भीतर सत्ता संघर्ष और नेतृत्व विवाद को उजागर करने की कोशिश भी है। आगामी महीनों में तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर में इसके असर दिख सकते हैं।

    टीवीके ने अपने बयान के अंत में यह भी आगाह किया कि स्टालिन को सही तस्वीर और वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी जा रही है। अगर यही स्थिति जारी रही, तो यह उनके लिए गंभीर राजनीतिक परिणाम ला सकता है।

    इस बयान से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके और DMK के बीच टकराव अब और बढ़ सकता है, और आने वाले समय में दोनों पार्टियों की रणनीतियों और गठबंधनों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

  • संसद में दो-तिहाई बहुमत की तैयारी! डीएमके को NDA में लाने की रणनीति पर तेज हुई हलचल

    संसद में दो-तिहाई बहुमत की तैयारी! डीएमके को NDA में लाने की रणनीति पर तेज हुई हलचल


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में हाल ही में हुए बड़े बदलाव का असर अब राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जहां राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं, वहीं केंद्र की राजनीति में भी नए गठबंधन और रणनीतियों की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की नजर अब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) पर टिक गई है, जिसे संसद में दो-तिहाई बहुमत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

    तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद कांग्रेस और डीएमके के बीच वर्षों पुराना राजनीतिक रिश्ता कमजोर पड़ता नजर आया। बदले राजनीतिक माहौल में कांग्रेस ने नई सत्ता के साथ जाने का फैसला किया, जिससे डीएमके को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इसके बाद डीएमके ने विपक्षी गठबंधन से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसने राष्ट्रीय राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया।

    राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बीजेपी अब डीएमके को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के करीब लाने की संभावनाओं पर काम कर रही है। हालांकि औपचारिक गठबंधन को लेकर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन संसद में मुद्दों के आधार पर समर्थन हासिल करने की रणनीति पर चर्चा तेज बताई जा रही है। माना जा रहा है कि बीजेपी का मुख्य फोकस डीएमके के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के समर्थन पर है, जिससे बड़े संवैधानिक विधेयकों को पारित कराने में मदद मिल सकती है।

    संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक संशोधनों के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। ऐसे में केंद्र सरकार की कोशिश है कि भविष्य में “वन नेशन-वन इलेक्शन”, परिसीमन और न्यायिक सुधार जैसे बड़े प्रस्तावों को बिना किसी बड़ी बाधा के पारित कराया जा सके। इसी वजह से राजनीतिक रणनीतिकार उन दलों के समर्थन की संभावनाएं तलाश रहे हैं, जो औपचारिक रूप से गठबंधन का हिस्सा न होते हुए भी मुद्दों के आधार पर सहयोग दे सकते हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीएमके और बीजेपी की विचारधाराएं कई मुद्दों पर अलग रही हैं, खासकर सनातन धर्म और सांस्कृतिक राजनीति को लेकर। इसके बावजूद वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां दोनों पक्षों को व्यावहारिक राजनीति की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। यह भी याद दिलाया जा रहा है कि अतीत में डीएमके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा रह चुकी है, इसलिए भविष्य में किसी प्रकार के सहयोग की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।

    बीजेपी की रणनीति केवल प्रत्यक्ष गठबंधन तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि पर्दे के पीछे समर्थन जुटाने पर भी जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि डीएमके के सांसद संसद में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का समर्थन करते हैं, तो केंद्र सरकार को अपने बड़े राजनीतिक और संवैधानिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण ताकत मिल सकती है।

    तमिलनाडु की राजनीति में आए इस बदलाव ने राष्ट्रीय स्तर पर नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दिया है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह केवल राजनीतिक चर्चा बनकर रह जाती है या फिर भारतीय राजनीति में एक नया गठबंधन अध्याय शुरू होता है।

  • तमिलनाडु में विजय का सियासी विस्फोट! पाकिस्तान तक गूंजी TVK की जीत, दिग्गजों की हिली कुर्सी

    तमिलनाडु में विजय का सियासी विस्फोट! पाकिस्तान तक गूंजी TVK की जीत, दिग्गजों की हिली कुर्सी


    नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने Vijay Thalapathy ने ऐसा राजनीतिक धमाका किया है, जिसकी चर्चा अब भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान तक में हो रही है। हाल ही में आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति के पुराने समीकरण हिला दिए। सिर्फ दो साल पहले राजनीति में उतरी पार्टी ने 234 में से 108 सीटें जीतकर खुद को राज्य की सबसे ताकतवर राजनीतिक ताकतों में शामिल कर लिया। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई, लेकिन पहली बार चुनाव लड़कर इतना बड़ा प्रदर्शन करना अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

    विजय की इस सफलता ने पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी सुर्खियां बटोरी हैं। पाकिस्तान के चर्चित पत्रकार Rauf Klasra ने एक टीवी चर्चा के दौरान विजय की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार विजय ने राजनीति में आकर उन नेताओं को चुनौती दे दी, जिनके परिवार दशकों से सत्ता में बने हुए थे। रऊफ कलासरा ने खास तौर पर यह कहा कि सिर्फ दो साल में इतना बड़ा जनसमर्थन हासिल करना बेहद बड़ी बात है।

    उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin और उनके राजनीतिक परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि विजय ने ऐसे नेताओं को कड़ी टक्कर दी जिनके पिता और दादा तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पाकिस्तानी पत्रकार ने यह भी कहा कि विजय का नाम लोगों को तेजी से जोड़ता है और उनकी लोकप्रियता किसी बड़े राष्ट्रीय नेता जैसी बनती जा रही है।

    चुनाव परिणामों में TVK ने कई बड़े राजनीतिक दलों को झटका दिया। सत्तारूढ़ DMK को 59 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि AIADMK को 47 सीटें मिलीं। वहीं विजय खुद अपनी दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता, युवा वोटरों का समर्थन और भ्रष्टाचार विरोधी छवि ने TVK को तेजी से मजबूत बनाया।

    फिल्मों में सुपरस्टार की पहचान रखने वाले विजय अब तमिलनाडु की राजनीति में भी बड़े चेहरे के तौर पर उभर चुके हैं। दक्षिण भारत की राजनीति में यह बदलाव आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है।

  • दक्षिण भारत में सियासी भूचाल: तमिलनाडु में TVK का ऐतिहासिक उभार, केरल में कांग्रेस की वापसी, असम में BJP की सत्ता बरकरार; पुडुचेरी में भी NDA आगे

    दक्षिण भारत में सियासी भूचाल: तमिलनाडु में TVK का ऐतिहासिक उभार, केरल में कांग्रेस की वापसी, असम में BJP की सत्ता बरकरार; पुडुचेरी में भी NDA आगे


    नई दिल्ली। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के चार राज्यों तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की 2026 विधानसभा चुनावों की मतगणना ने शुरुआती रुझानों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर दिखाया है। कई दिग्गज दल पीछे होते नजर आ रहे हैं, जबकि नई और क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत स्थिति में उभरकर सामने आई हैं।

    तमिलनाडु में सबसे बड़ा राजनीतिक झटका सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को लगा है। यहां 234 सीटों में से DMK केवल 41 सीटों पर आगे है, जबकि अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर बढ़त बना ली है और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। वहीं अन्नाद्रमुक 63 सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों के बाद चेन्नई स्थित DMK कार्यालय में गतिविधियां शांत पड़ गईं और कई तैयारियां रोक दी गईं।

    द्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी सीट कोलाथुर से पीछे बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी के भीतर चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर टीवीके  कार्यकर्ताओं में कोयंबटूर सहित कई शहरों में जश्न का माहौल देखा गया।

    केरल में कांग्रेस की बड़ी वापसी
    केरल में 140 सीटों के रुझानों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 93 सीटों पर आगे है, जबकि सीपीआई(एम)  के नेतृत्व वाला LDF 44 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। यह रुझान राज्य में सत्ता परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत कई मंत्री पीछे चल रहे हैं।कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे “बदलाव की लहर” बताया और कहा कि मतदाताओं ने नई राजनीतिक दिशा चुनी है।

    असम में फिर BJP की मजबूत पकड़
    असम की 126 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (BJP) 95 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी जालुकबारी सीट से आगे हैं, जबकि अधिकांश मंत्री भी मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं। गुवाहाटी में BJP कार्यालय में जश्न की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

    पुडुचेरी में भी NDA की बढ़त
    पुडुचेरी की 30 सीटों में से भाजपा गठबंधन 22 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस गठबंधन 6 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी अपनी सीट पर मिश्रित स्थिति में हैं।

    विजय और TVK का राजनीतिक उभार
    टीवीके प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री अब बड़ा फैक्टर बनती दिख रही है। शुरुआती रुझानों में उनकी पार्टी सबसे आगे चल रही है, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बन गया है।

    कुल मिलाकर तस्वीर
    शुरुआती रुझानों ने साफ संकेत दिया है कि दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जहां तमिलनाडु में नया राजनीतिक उभार दिख रहा है, वहीं केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत और असम में मौजूदा सरकार की पकड़ मजबूत नजर आ रही है। हालांकि अंतिम नतीजों के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी

  • रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर भावुक संदेश धनुष ने लिखा थलाइवा मेरे लिए प्रेरणा स्टालिन बोले चार्म उम्र से आगे

    रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर भावुक संदेश धनुष ने लिखा थलाइवा मेरे लिए प्रेरणा स्टालिन बोले चार्म उम्र से आगे


    नई दिल्ली । सुपरस्टार रजनीकांत ने बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन धूमधाम से मनायाऔर इस मौके पर उनके फैंस से लेकर तमिल फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। रजनीकांत की उम्र बढ़ी हैलेकिन उनकी स्टारडम और लोकप्रियता अब भी बरकरार हैजो उन्हें आज भी अपराजेय बनाती है।

    इस खास मौके पर रजनीकांत के पूर्व दामाद और अभिनेता धनुष ने सोशल मीडिया पर बेहद स्नेहपूर्ण और भावुक संदेश साझा किया। धनुष ने लिखा”हैप्पी बर्थडे थलाइवा इस सरल संदेश में कई इमोजी जोड़कर उन्होंने रजनीकांत के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया। धनुष ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर रजनीकांत को अपनी प्रेरणा और आदर्श बताया हैऔर उनके साथ रिश्ते में बदलाव के बावजूद उनका स्नेह और सम्मान आज भी वैसा ही है।

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी रजनीकांत को जन्मदिन की बधाई दी और एक पोस्ट के साथ लिखा रजनीकांत का ऐसा चार्म है जो उम्र से ज्यादा चमकता है स्टालिन ने रजनीकांत की लंबी सफलता और उनके प्रति जनता के प्यार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा”उनकी जीत का झंडा यूं ही लोगों के प्यार से लहराता रहे।

    रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर फिल्म इंडस्ट्री ने भी उन्हें विशेष सम्मान दिया। फिल्म निर्माता और अभिनेता एस.जे. सूर्या ने रजनीकांत के 50 साल के फिल्मी करियर की यादगार झलकियों के साथ एक वीडियो साझा कियाजबकि अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने रजनीकांत के साथ अपनी पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उन्हें भारतीय सिनेमा का इकलौता सुपरस्टार बताया।

    रजनीकांत इन दिनों फिल्मी दुनिया में काफी सक्रिय हैं। हाल ही में उन्हें 2024 की फिल्म वेट्टैयान में देखा गयाऔर इसके अलावा उन्होंने अपनी बेटी ऐश्वर्या के निर्देशन में बनी फिल्म लाल सलाम में भी एक महत्वपूर्ण कैमियो किया। 2025 में वे कुली फिल्म में भी दिखाई देंगेऔर फिलहाल वे अपनी बहुचर्चित फिल्म जेलर के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके अलावारजनीकांत कमल हासन की एक नई फिल्म में भी नजर आने वाले हैं।रजनीकांत का प्रभाव और स्टारडम आज भी युवा सितारों को कड़ी टक्कर देता हैऔर उनके फैंस हमेशा कहते हैं रजनीकांत इज़ एटरनल