Tag: MKD VYOM Incident

  • मिडिल ईस्ट वॉर का खौफनाक असर: ओमान में दो जहाजों पर हमला, 3 भारतीय क्रू मेंबर्स की जान गई; तेल की कीमतों में लगी आग

    मिडिल ईस्ट वॉर का खौफनाक असर: ओमान में दो जहाजों पर हमला, 3 भारतीय क्रू मेंबर्स की जान गई; तेल की कीमतों में लगी आग


    नई दिल्ली :पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब समुद्री व्यापारिक मार्गों के लिए काल बनता जा रहा है। इजरायल-अमेरिका के हमलों और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु के बाद प्रतिशोध की आग में जल रहे ईरान ने ओमान की समुद्री सीमा में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है। इस दुखद घटना में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इस त्रासदी की पुष्टि करते हुए बताया कि ‘एमकेडी व्योम’ MKD VYOM नामक जहाज पर सवार तीन भारतीयों ने अपनी जान गंवा दी है। दूतावास अब ओमान प्रशासन के साथ मिलकर फंसे हुए अन्य भारतीयों को सुरक्षित निकालने के अभियान में जुटा है।

    जानकारी के मुताबिक, ‘एमकेडी व्योम’ पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा था और यह मस्कट तट से लगभग 52 नॉटिकल माइल्स की दूरी पर था, जब इस पर हमला हुआ। टक्कर के बाद जहाज के मुख्य इंजन कक्ष में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे भीषण आग लग गई। ओमान न्यूज एजेंसी के अनुसार, समुद्री सुरक्षा केंद्र के समन्वय से चलाए गए बचाव अभियान में पनामा के टैंकर ‘एमवी सैंड’ की मदद से चालक दल के 21 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इन बचाए गए सदस्यों में 16 भारतीय, चार बांग्लादेशी और एक यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। वर्तमान में ओमान की ‘रॉयल नेवी’ का पोत क्षतिग्रस्त टैंकर की निगरानी कर रहा है ताकि उस क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य जहाजों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।

    यह हमला पिछले दो दिनों में हुई दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में ‘एमवी स्काईलाइट’ नामक तेल टैंकर को भी निशाना बनाया गया था, जिसमें भारत और ईरान के चार चालक सदस्य घायल हुए थे। भारतीय मिशन वर्तमान में उन दो सदस्यों की तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है जो इस हमले के बाद से लापता हैं, जिनमें से एक भारतीय बताया जा रहा है। समंदर में बढ़ते इस खतरे का सीधा असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्ग के प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में 7.6% से 8.6% तक का उछाल आया है, वहीं कतर द्वारा उत्पादन रोके जाने से यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतें 40% तक बढ़ गई हैं।