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  • विधान परिषद चुनाव 2026: बीजेपी ने बिहार और यूपी की 10 सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार, दरभंगा से सर्वेश कुमार और आगरा से हरि किशोर तिवारी को टिकट

    विधान परिषद चुनाव 2026: बीजेपी ने बिहार और यूपी की 10 सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार, दरभंगा से सर्वेश कुमार और आगरा से हरि किशोर तिवारी को टिकट


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने दोनों राज्यों की कुल 10 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इनमें बिहार की चार और उत्तर प्रदेश की छह सीटें शामिल हैं। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों को स्वीकृति प्रदान की है। घोषित सूची में दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी, पटना शिक्षक सीट से नवल किशोर यादव और वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के लिए स्नातक और शिक्षक वर्ग से जुड़े प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है।

    बिहार में विधान परिषद की चार सीटों पर चुनाव होना है। बीजेपी ने कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एन.के. यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार को टिकट दिया गया है। वहीं, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। इस तरह बिहार की चारों सीटों के लिए पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। सूची में दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है।

    उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की छह सीटों के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रमोद मिश्रा को टिकट दिया है, जबकि आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी चुनाव लड़ेंगे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश की छह सीटों में तीन शिक्षक और तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। बीजेपी ने सभी सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप देते हुए सूची जारी कर दी है।

    बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही दोनों राज्यों में इन सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में राज्य में हो रहे विधान परिषद चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी ने अपनी सूची में दोनों राज्यों की सभी 10 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। बिहार में कोशी, दरभंगा, पटना और तिरहुत निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में वाराणसी, आगरा, गोरखपुर-फैजाबाद, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की गई है।

  • कर्नाटक MLC चुनाव के बाद सियासी हलचल, BJP विधायकों की होगी मंदिर में कसम

    कर्नाटक MLC चुनाव के बाद सियासी हलचल, BJP विधायकों की होगी मंदिर में कसम


    नई दिल्ली । कर्नाटक में हाल ही में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ही पार्टी के विधायकों पर निगरानी और आंतरिक जांच के लिए एक अनोखा कदम उठाने का फैसला किया है।

    सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेतृत्व ने तय किया है कि पार्टी के सभी विधायकों को कर्नाटक के प्रसिद्ध धर्मस्थल मंदिर ले जाया जाएगा, जहां उन्हें भगवान शिव के समक्ष शपथ दिलाई जाएगी। इस शपथ प्रक्रिया का उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन विधायकों ने पार्टी के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग की थी।

    पार्टी के भीतर मचे इस राजनीतिक संकट के बाद नेतृत्व का मानना है कि यह कदम संगठन में एकजुटता बनाए रखने और अंदरूनी असंतोष को उजागर करने में मदद करेगा। बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी की जा सकती है और इसके लिए शीर्ष स्तर पर बैठक के बाद तारीखों का ऐलान किया जाएगा।

    धर्मस्थल मंदिर, जिसे कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है, अपने ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। लगभग 800 साल पुराने इस मंदिर को धार्मिक सद्भाव का प्रतीक भी माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    हाल ही में हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि भाजपा को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं उसकी सहयोगी जेडीएस इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी। इसी चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण विपक्षी खेमे को नुकसान उठाना पड़ा और परिणाम अप्रत्याशित रूप से बदल गए।

    इसी घटना के बाद अब भाजपा संगठन अपने भीतर अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह की राजनीतिक असहमति और क्रॉस वोटिंग को रोका जा सके।